शहडोल में 08 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा के पत्रों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विभागों में ऐसी शिकायतें लंबित हैं, उनके संबंधित अधिकारी स्वयं इनकी निगरानी करें और शिकायतों के निराकरण से संबंधित जवाब एल-1 अधिकारियों के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड न रहे। उन्होंने उन विभागों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में प्रगति लाने और 'ए' श्रेणी में आने के लिए कार्य करने का निर्देश दिया, जो वर्तमान में 'सी' या 'डी' श्रेणी में हैं। साथ ही, उन्होंने लगातार 'सी' एवं 'डी' श्रेणी में रहने वाले विभागों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। जिन विभागों में शिकायतों की संख्या कम है, वहां शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनीषा पाण्डेय, प्रभारी एसडीएम सोहागपुर सुश्री अर्चना मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
शहडोल में 08 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में सीएम हेल्पलाइन और समय-सीमा के पत्रों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में 100 दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन विभागों में ऐसी शिकायतें लंबित हैं, उनके संबंधित अधिकारी स्वयं इनकी निगरानी करें और शिकायतों के निराकरण से संबंधित जवाब एल-1 अधिकारियों के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं। कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी शिकायत अनअटेंडेड न रहे। उन्होंने उन विभागों को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में प्रगति लाने और 'ए' श्रेणी में आने के लिए कार्य करने का निर्देश दिया, जो वर्तमान में 'सी' या 'डी' श्रेणी में हैं। साथ ही, उन्होंने लगातार 'सी' एवं 'डी' श्रेणी में रहने वाले विभागों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए। जिन विभागों में शिकायतों की संख्या कम है, वहां शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, श्रीमती मिनीषा पाण्डेय, प्रभारी एसडीएम सोहागपुर सुश्री अर्चना मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- शहडोल जिले की निवासी आशा साहाने ने बताया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अपना खाता खुलवाया है। इस योजना के कारण उन्हें पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ है, जिससे उनके लिए आर्थिक लेन-देन करना काफी आसान हो गया है। आशा साहाने ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद व्यक्त किया।1
- उमरिया जिले में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी ने अपने स्थापना दिवस के अवसर पर नशामुक्ति के प्रति जन जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली का आयोजन किया। यह रैली शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी, जिसका उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना था।1
- उमरिया जिले के पाली थाना अंतर्गत घुनघुटी चौकी क्षेत्र में, पुलिस ने पशु तस्करी के आरोप में एक ट्रक को पकड़ा है। यह ट्रक नागालैंड पासिंग था और पशुओं की अवैध तस्करी कर उनका परिवहन कर रहा था।1
- अनूपपुर नगर के बस स्टैंड स्थित सुलभ कांप्लेक्स में शनिवार शाम एक मृत नवजात शिशु बालक बरामद किया गया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिलने पर उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति के नेतृत्व में पुलिस दल घटनास्थल पर पहुंचा और अज्ञात नवजात शिशु के शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने तत्काल बच्चे की मां और अन्य संबंधित आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन शुरू की, लेकिन फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने शव को जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखवाया था। पहचान स्थापित न होने के कारण, रविवार दोपहर को पुलिस ने ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से नवजात शिशु बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद, नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय और स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से, सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में जेसीबी से गड्ढा खोदकर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। इस दौरान कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव, पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी, और अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल, महेश प्रसाद रौतेल, गोपाल प्रसाद राठौर उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति में मृत शिशु के शव को कफन से ढका गया, फूल और अगरबत्ती अर्पित किए गए, और सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। पुलिस अभी भी नवजात को जन्म देने वाली अज्ञात महिला और अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से निरंतर तलाश कर रही है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलती है तो तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचित करें।1
- कटनी जिले के बड़वारा स्थित महानदी में एक युवक की डूबने से मौत हो गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्षेत्र में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं का आखिर जिम्मेदार कौन है।1
- शहडोल में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक की।1
- सतना जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत कुम्हारी के एक ढाबे में देर रात मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। इस वारदात के दौरान ढाबा संचालक के साथ शुभम सिंह राठौर भी मौजूद थे।1
- पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी मैहर पहुंच गए हैं, जहाँ वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है।1
- सीधी जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेड़रा में एक जमीनी विवाद अब गंभीर रूप लेता दिख रहा है। रविवार को आनंद बैगा के घर में कथित तौर पर गाय का मांस और हड्डियां फेंके जाने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि सोमवार सुबह इस घटना का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में घर के आसपास हड्डियां फेंके जाने का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। पीड़ित आनंद बैगा, जो जगदीश बैगा (दद्दु) के पुत्र हैं, ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग लंबे समय से उनकी जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं। इसी जमीनी विवाद के चलते पहले भी कई बार विवाद और कहासुनी की घटनाएं हो चुकी हैं। आनंद बैगा के अनुसार, रविवार को उनके घर के आंगन और आसपास मांस तथा हड्डियां फेंकी गई थीं, जिसकी शिकायत उन्होंने तत्काल पुलिस से की थी। हालांकि, पुलिस को सूचना देने और शिकायत दर्ज कराने के बावजूद सोमवार सुबह फिर से हड्डियां फेंकी गईं। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और गांव में चर्चा तथा तनाव का माहौल पैदा कर रहा है। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज की जाती है और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। परिवार ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3