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Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : Road Line Area (dimensions) : 0.06 Hactare Expected Price : 600000 Property Type : Agricultural / Farm Land road se laga hua

13 hrs ago
user_Lokeshvar Prasad Jhariya
Lokeshvar Prasad Jhariya
शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : Road Line Area (dimensions) : 0.06 Hactare Expected Price : 600000 Property Type : Agricultural / Farm Land road se laga hua

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि केमिकल मुक्त खेती ही नेचुरल फार्मिंग की प्राथमिकता है। यह उनके द्वारा कृषि क्षेत्र में अपनाई जाने वाली नीतियों और दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें प्राकृतिक और रसायन-मुक्त खेती को सर्वोच्च महत्व दिया जा रहा है।
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    मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा कि केमिकल मुक्त खेती ही नेचुरल फार्मिंग की प्राथमिकता है। यह उनके द्वारा कृषि क्षेत्र में अपनाई जाने वाली नीतियों और दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें प्राकृतिक और रसायन-मुक्त खेती को सर्वोच्च महत्व दिया जा रहा है।
    user_बाल्मीकि यादव
    बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पड़रिया कला गांव में सोमवार सुबह छुही (सफेद मिट्टी) की खदान धंसने से एक महिला मजदूर की दुखद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ मजदूर खदान में मिट्टी निकालने का काम कर रहे थे, तभी खदान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। इस हादसे में ममता बाई नामक महिला मजदूर मलबे के नीचे दब गईं, जबकि वहां मौजूद अन्य मजदूर जान बचाकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबी महिला को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी गई थी। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। मौके पर शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार आर.पी. मार्को, थाना प्रभारी अनुराग जामदार सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग का अमला मौजूद रहा। प्रशासन ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खदान का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और क्या इसके लिए वैध अनुमति ली गई थी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
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    डिंडोरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र स्थित पड़रिया कला गांव में सोमवार सुबह छुही (सफेद मिट्टी) की खदान धंसने से एक महिला मजदूर की दुखद मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ मजदूर खदान में मिट्टी निकालने का काम कर रहे थे, तभी खदान का एक हिस्सा अचानक भरभराकर धंस गया। इस हादसे में ममता बाई नामक महिला मजदूर मलबे के नीचे दब गईं, जबकि वहां मौजूद अन्य मजदूर जान बचाकर भागने में सफल रहे।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मलबे में दबी महिला को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा पहुंचाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी गई थी। रेस्क्यू अभियान के दौरान किसी अन्य मजदूर के मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं हुई। मौके पर शहपुरा एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा, तहसीलदार आर.पी. मार्को, थाना प्रभारी अनुराग जामदार सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग का अमला मौजूद रहा।

प्रशासन ने अब इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि खदान का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा था और क्या इसके लिए वैध अनुमति ली गई थी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
    user_Pradeep singh Rajput
    Pradeep singh Rajput
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।
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    डिंडोरी जिले के समनापुर में ग्राम पंचायत समनापुर के वार्ड क्रमांक 01 में भीषण पेयजल संकट गहरा गया है, जिससे परेशान होकर महिलाओं ने आज जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग की।

प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वार्ड में पीने के पानी की स्थिति अत्यंत खराब है और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसके कारण आज भी वार्डवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के ठेकेदार और पीएचई विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की योजनाओं के बावजूद भी वार्डवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उनका यह भी कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वार्ड में जल्द ही नियमित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी। अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर पेयजल संकट का समाधान कब तक और कैसे करते हैं।
    user_लखन बर्मन
    लखन बर्मन
    पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
    18 hrs ago
  • कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में डिडौंरी जिले के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के अंतर्गत आज रविवार को नर्मदा डैम घाट पर विशेष संडे स्विमिंग का आयोजन किया गया। 5 मई से 5 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस जैसी अन्य गतिविधियां भी शामिल थीं, जिसमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना को विकसित करना है, जिससे सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक एवं शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। स्विमिंग प्रशिक्षण sderf के जवानों द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में खेल और युवा कल्याण विभाग से खेल अधिकारी, जिला खेल प्रशिक्षण, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौकसे, श्री जागेश्वर, पदवार सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल राजकुमार, श्रीमती अनीता मार्शल आर्ट, एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते, सुश्री सुनीता तथा अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का विशेष सहयोग रहा। कलेक्टर ने इस विशेष आयोजन की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इसी तरह की गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाएं, ताकि नगर के लोगों को खेल गतिविधियों से स्वस्थ रहने की प्रेरणा मिलती रहे। उन्होंने नर्मदा तट के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस गतिविधि से मिली ऊर्जा और प्रेरणा का जिक्र करते हुए जिले वासियों से अगले रविवार को और अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।
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    कलेक्टर श्रीमती अंजू भदौरिया के मार्गदर्शन में डिडौंरी जिले के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा "ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण आरोह-2026" के अंतर्गत आज रविवार को नर्मदा डैम घाट पर विशेष संडे स्विमिंग का आयोजन किया गया। 5 मई से 5 जून तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में एरोबिक्स, योग और सामूहिक फिटनेस जैसी अन्य गतिविधियां भी शामिल थीं, जिसमें बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारजनों और स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य, अनुशासन और सामुदायिक सहभागिता की भावना को विकसित करना है, जिससे सभी बच्चे, खिलाड़ी और आमजन मानसिक एवं शारीरिक सद्भावना से परिपूर्ण होकर स्वस्थ जीवन का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। स्विमिंग प्रशिक्षण sderf के जवानों द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में खेल और युवा कल्याण विभाग से खेल अधिकारी, जिला खेल प्रशिक्षण, ब्लॉक समन्वयक मोहम्मद अहमद खान, डॉ संतोष परस्ते, श्री मिथिलेश झरिया, श्री मनोज चौकसे, श्री जागेश्वर, पदवार सीआरपी कुशवाहा, श्री चेतराम अहिरवार, आरती सोंधिया, श्रीमती सुनीता, लक्ष्मी बनावल राजकुमार, श्रीमती अनीता मार्शल आर्ट, एरोबिक प्रशिक्षक श्री आदर्श परस्ते, सुश्री सुनीता तथा अन्य प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों का विशेष सहयोग रहा। कलेक्टर ने इस विशेष आयोजन की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को इसी तरह की गतिविधियां निरंतर आयोजित की जाएं, ताकि नगर के लोगों को खेल गतिविधियों से स्वस्थ रहने की प्रेरणा मिलती रहे। उन्होंने नर्मदा तट के प्राकृतिक एवं सकारात्मक वातावरण में आयोजित इस गतिविधि से मिली ऊर्जा और प्रेरणा का जिक्र करते हुए जिले वासियों से अगले रविवार को और अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।
    user_Neeraj rajak
    Neeraj rajak
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • अनूपपुर जिले के बिजुरी स्थित प्राथमिक चिकित्सालय परिसर में दोपहर लगभग 2 बजे एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल की डिक्की से ₹50,000 की चोरी हो गई। अज्ञात चोर ने पहले आराम से इलाके की रेकी की और फिर मौका पाकर बाइक की डिक्की से रुपये निकालकर फरार हो गया। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि मोटरसाइकिल की डिक्की नकदी या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने के लिए एक सुरक्षित स्थान नहीं है। ऐसी थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी आर्थिक हानि हो सकती है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि वे बाइक की डिक्की में अधिक नकदी न रखें और जरूरी दस्तावेज व कीमती सामान अपने साथ रखें। अस्पताल, बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इसके अतिरिक्त, किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है, क्योंकि अपराधी अक्सर ऐसी लापरवाही के मौकों की तलाश में रहते हैं।
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    अनूपपुर जिले के बिजुरी स्थित प्राथमिक चिकित्सालय परिसर में दोपहर लगभग 2 बजे एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल की डिक्की से ₹50,000 की चोरी हो गई। अज्ञात चोर ने पहले आराम से इलाके की रेकी की और फिर मौका पाकर बाइक की डिक्की से रुपये निकालकर फरार हो गया।

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि मोटरसाइकिल की डिक्की नकदी या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखने के लिए एक सुरक्षित स्थान नहीं है। ऐसी थोड़ी सी लापरवाही से बड़ी आर्थिक हानि हो सकती है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि वे बाइक की डिक्की में अधिक नकदी न रखें और जरूरी दस्तावेज व कीमती सामान अपने साथ रखें। अस्पताल, बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है। इसके अतिरिक्त, किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने को कहा गया है, क्योंकि अपराधी अक्सर ऐसी लापरवाही के मौकों की तलाश में रहते हैं।
    user_AZMAT KHAN
    AZMAT KHAN
    Newspaper advertising department सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
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    Post by पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल को यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटने की रणनीति, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता तथा व्यवहारिक दक्षता (सॉफ्ट स्किल्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि जिले के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व जैसे विशाल आयोजन के लिए पुलिस बल को अधिक सक्षम, सतर्क और दक्ष बनाना है। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सिंहस्थ महापर्व में संभावित चुनौतियों तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीष द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी सहित जिले के कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर डिंडौरी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण अभियान का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में यह प्रशिक्षण अभियान शुरू किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल को यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपदा से निपटने की रणनीति, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सहायता तथा व्यवहारिक दक्षता (सॉफ्ट स्किल्स) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की जा रही है। पुलिस विभाग द्वारा यह प्रशिक्षण टीओटी (ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स) मॉडल के तहत चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि जिले के सभी पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिल सके। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ महापर्व जैसे विशाल आयोजन के लिए पुलिस बल को अधिक सक्षम, सतर्क और दक्ष बनाना है।

इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और सिंहस्थ महापर्व में संभावित चुनौतियों तथा उनके प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की। अभियान के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अमित वर्मा, एसडीओपी डिंडौरी सतीष द्विवेदी, थाना प्रभारी कोतवाली दुर्गा प्रसाद नगपुरे, प्रभारी रक्षित निरीक्षक कुंवर सिंह ओलाडी सहित जिले के कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_NILMANI CHOUDHARY
    NILMANI CHOUDHARY
    Farmer डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि UCC को लागू करने से पहले पूरे प्रदेश के नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे।
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    मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि UCC को लागू करने से पहले पूरे प्रदेश के नागरिकों से सुझाव लिए जाएंगे।
    user_बाल्मीकि यादव
    बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र से पुलिस की कथित 'पहचान चूक' का एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और डिजिटल वेरिफिकेशन के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुढार के प्रतिष्ठित नागरिक श्री सत्यजीत शुक्ला के निवास पर बुढार थाना पुलिस की एक टीम अचानक पहुँच गई। पुलिस ने परिवार को बताया कि श्री सत्यजीत शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई पुराना आपराधिक मामला लंबित है और वे उसी सिलसिले में पूछताछ तथा कार्रवाई के लिए आए हैं। पुलिस की इस अप्रत्याशित दस्तक से पूरा परिवार हैरान और भारी मानसिक तनाव में आ गया। इस विकट परिस्थिति में श्री सत्यजीत शुक्ला के पुत्र विकास शुक्ला ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल पूरी पुलिसिया कार्रवाई की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। कैमरे की मौजूदगी और विकास शुक्ला द्वारा पूछे गए तीखे, तथ्यात्मक और कानूनी सवालों के बाद पुलिस टीम असमंजस में पड़ गई। जब विकास शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों से संबंधित मामले के पुख्ता अभिलेख, केस डायरी और पहचान संबंधी ठोस दस्तावेज मांगे, तब जाकर पुलिसिया तंत्र ने अपनी फाइलें दोबारा जाँचीं। गहन पूछताछ, दस्तावेजों के मिलान और वीडियो ग्राफ़ी के साक्ष्य के सामने आखिरकार बुढार पुलिस को अपनी तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक स्वीकार करनी पड़ी। पुलिस ने माना कि उन्हें जिस व्यक्ति की तलाश थी, वह कोई और था और यह भारी भ्रम नाम तथा उपनाम (सत्यजीत शुक्ला) की समानता के कारण उत्पन्न हुआ था। बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए स्पष्ट किया कि इस पीड़ित परिवार के श्री सत्यजीत शुक्ला के नाम पर बुढार थाने में ऐसा कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई लंबित है। इसके बाद पुलिस ने परिवार को आश्वस्त किया और वहाँ से लौट गई। हालाँकि, पुलिस की 'सॉरी' के साथ मामला खत्म होने के बावजूद, पत्रकारों और समाजसेवियों ने इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था से कुछ सीधे और कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सिर्फ नाम की समानता किसी को भी संदिग्ध बना देगी और क्या शाहडोल पुलिस के पास किसी के घर दबिश देने से पहले 'मल्टी-लेवल वेरिफिकेशन' (जैसे पिता का नाम, उम्र, हुलिया, पता और आधार/पहचान पत्र का मिलान) की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही, इस गरिमापूर्ण परिवार को पुलिस के घर पहुँचने से जो मानसिक आघात और सामाजिक असहजता झेलनी पड़ी, उसकी भरपाई कौन करेगा, इस पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह भी पूछा गया कि यदि जागरूक युवा विकास शुक्ला ने पूरी सजगता से वीडियो रिकॉर्डिंग न की होती और तीखे सवाल न पूछे होते, तो क्या पुलिस अपनी गलती इतनी आसानी से मानती या फिर किसी निर्दोष को थाने के चक्कर काटने पड़ते। इस घटना के बाद पीड़ित शुक्ला परिवार और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आधुनिक पुलिसिंग के इस दौर में, जहाँ डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीएनएस जैसी प्रणालियाँ मौजूद हैं, वहाँ इस तरह की मानवीय और प्रक्रियात्मक त्रुटियां असहनीय हैं। नागरिकों ने भविष्य में बुढार या पूरे शहडोल संभाग में किसी भी अन्य निर्दोष नागरिक के मौलिक अधिकारों, सम्मान और मानसिक शांति के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा रिकॉर्ड के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की है।
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    मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढार थाना क्षेत्र से पुलिस की कथित 'पहचान चूक' का एक संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और डिजिटल वेरिफिकेशन के दावों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुढार के प्रतिष्ठित नागरिक श्री सत्यजीत शुक्ला के निवास पर बुढार थाना पुलिस की एक टीम अचानक पहुँच गई। पुलिस ने परिवार को बताया कि श्री सत्यजीत शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी का कोई पुराना आपराधिक मामला लंबित है और वे उसी सिलसिले में पूछताछ तथा कार्रवाई के लिए आए हैं। पुलिस की इस अप्रत्याशित दस्तक से पूरा परिवार हैरान और भारी मानसिक तनाव में आ गया।

इस विकट परिस्थिति में श्री सत्यजीत शुक्ला के पुत्र विकास शुक्ला ने घबराने के बजाय सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल पूरी पुलिसिया कार्रवाई की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। कैमरे की मौजूदगी और विकास शुक्ला द्वारा पूछे गए तीखे, तथ्यात्मक और कानूनी सवालों के बाद पुलिस टीम असमंजस में पड़ गई। जब विकास शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों से संबंधित मामले के पुख्ता अभिलेख, केस डायरी और पहचान संबंधी ठोस दस्तावेज मांगे, तब जाकर पुलिसिया तंत्र ने अपनी फाइलें दोबारा जाँचीं। गहन पूछताछ, दस्तावेजों के मिलान और वीडियो ग्राफ़ी के साक्ष्य के सामने आखिरकार बुढार पुलिस को अपनी तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक स्वीकार करनी पड़ी। पुलिस ने माना कि उन्हें जिस व्यक्ति की तलाश थी, वह कोई और था और यह भारी भ्रम नाम तथा उपनाम (सत्यजीत शुक्ला) की समानता के कारण उत्पन्न हुआ था। बाद में पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए स्पष्ट किया कि इस पीड़ित परिवार के श्री सत्यजीत शुक्ला के नाम पर बुढार थाने में ऐसा कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं है और न ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई लंबित है। इसके बाद पुलिस ने परिवार को आश्वस्त किया और वहाँ से लौट गई।

हालाँकि, पुलिस की 'सॉरी' के साथ मामला खत्म होने के बावजूद, पत्रकारों और समाजसेवियों ने इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था से कुछ सीधे और कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या सिर्फ नाम की समानता किसी को भी संदिग्ध बना देगी और क्या शाहडोल पुलिस के पास किसी के घर दबिश देने से पहले 'मल्टी-लेवल वेरिफिकेशन' (जैसे पिता का नाम, उम्र, हुलिया, पता और आधार/पहचान पत्र का मिलान) की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके साथ ही, इस गरिमापूर्ण परिवार को पुलिस के घर पहुँचने से जो मानसिक आघात और सामाजिक असहजता झेलनी पड़ी, उसकी भरपाई कौन करेगा, इस पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। यह भी पूछा गया कि यदि जागरूक युवा विकास शुक्ला ने पूरी सजगता से वीडियो रिकॉर्डिंग न की होती और तीखे सवाल न पूछे होते, तो क्या पुलिस अपनी गलती इतनी आसानी से मानती या फिर किसी निर्दोष को थाने के चक्कर काटने पड़ते। इस घटना के बाद पीड़ित शुक्ला परिवार और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय प्रशासनिक समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि आधुनिक पुलिसिंग के इस दौर में, जहाँ डिजिटल रिकॉर्ड और सीसीटीएनएस जैसी प्रणालियाँ मौजूद हैं, वहाँ इस तरह की मानवीय और प्रक्रियात्मक त्रुटियां असहनीय हैं। नागरिकों ने भविष्य में बुढार या पूरे शहडोल संभाग में किसी भी अन्य निर्दोष नागरिक के मौलिक अधिकारों, सम्मान और मानसिक शांति के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा रिकॉर्ड के शत-प्रतिशत सत्यापन की मांग की है।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Astrologer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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