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मुहर्रम के अवसर पर हसपुरा थाना परिसर में शांति समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
Prem Singh
मुहर्रम के अवसर पर हसपुरा थाना परिसर में शांति समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
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- रफीगंज-गोह मुख्य मार्ग पर भाम मोड़ के समीप शनिवार सुबह एक पिकअप वाहन और मुर्गी लदे टेंपो के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई, जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही रफीगंज थाना अध्यक्ष शंभू कुमार, एएसआई राकेश राय, पीटीसी विपिन यादव और डायल 112 की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एम्बुलेंस चालक अर्जुन बैठा और रविंद्र कुमार भी एम्बुलेंस लेकर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को रफीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉ. लालजी यादव ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया। दुर्घटना में पिकअप वाहन पर सवार औरंगाबाद जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धंधवा गांव निवासी मोहम्मद नान्हु के 22 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अजीज और टेंपो में सवार अरवल जिले के कलेर थाना क्षेत्र के हृदयचक गांव निवासी मोहम्मद इसरार उर्फ हेरु खान के 20 वर्षीय पुत्र मोहम्मद भोला की मौत हो गई। घायलों की पहचान अरवल जिले के कलेर थाना क्षेत्र के हृदयचक गांव निवासी चंगेज खान के पुत्र मोहम्मद अदनान तथा मेहंदिया थाना क्षेत्र के नारायण बिगहा गांव निवासी भगवान यादव के 33 वर्षीय पुत्र पिंटू कुमार उर्फ मंटू कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन संख्या BR-45G-4654 पर सवार तीन लोग धंधवा से गोह की ओर गाय लेकर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे मुर्गी लदे टेंपो संख्या BR-22PA-3477 से उसकी सीधी टक्कर हो गई। दुर्घटना के बाद पिकअप पर सवार दो अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। थाना अध्यक्ष शंभू कुमार ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- पटना के बांकीपुर क्षेत्र के यारपुर का हाल देखकर ऐसा लगता है कि यह जगह पटना शहर में शामिल ही नहीं है, मानो इसे अलग करके रखा गया हो। जनसुराज द्वारा सामने लाई गई इस स्थिति के साथ पटना उपचुनाव 2026 का भी जिक्र किया गया है, जो इस क्षेत्र की दुर्दशा पर प्रकाश डालता है।1
- जगदीशपुर फिजिकल अकादमी द्वारा बिहार पुलिस में चयनित हुए 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह के अवसर पर कई लोग उपस्थित थे।1
- भरत तिवारी की मृत्यु के उपरांत, उनकी बड़ी बहन ने बेलोटी घर में हुई बातचीत के दौरान एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उनके इस बयान को लेकर अब व्यापक चर्चा हो रही है।1
- भोजपुर के बिलौटी गांव में भरत तिवारी की मौत के मामले ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। इस घटना पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भरत तिवारी ने सरेंडर कर दिया था, तो उसे गोली क्यों मारी गई? चौबे ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए एक उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अश्विनी चौबे ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक युवक की मौत का मामला नहीं है, बल्कि कानून के राज और पुलिस की जवाबदेही से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरेंडर के बाद किसी को गोली मारना लोकतंत्र और कानून, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। चौबे ने यह भी मांग की कि यदि पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करने और सच्चाई सामने लाने का अल्टीमेटम भी दिया है। उनके इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिख रहा है, क्योंकि सत्ता पक्ष के भीतर से ही पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल, भरत तिवारी की मौत के मामले में परिजनों, ग्रामीणों और विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से लगातार निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और न्याय की मांग की जा रही है।2
- भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ मामले की जांच अब उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के बाद पूरे बिहार की निगाहें इस जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। यह न्यायिक जांच अब इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।1
- नीट परीक्षा से ठीक पहले पूरे भारत में टेलीग्राम चैनलों पर प्रतिबंध लगाए जाने का मुद्दा सामने आया है। अभिषेक कुमार ईमीडिया ने इस संबंध में यह सवाल उठाया है कि आखिर पूरे देश में नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम चैनलों को क्यों प्रतिबंधित किया गया है।1
- बिहार के आरा जिले के शाहपुर प्रखंड में भरत तिवारी का एक एनकाउंटर हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था, क्योंकि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उन्हें गोली मार दी गई। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने आरा-बक्सर हाईवे 922 पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। स्थानीय लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों को सजा और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भरत तिवारी समाज सेवा से जुड़े हुए थे और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहे थे।1
- पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।1