ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’ *सड़क के लिए तरस रहा बांधा टोला, 181 की शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत* *ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’* उमरिया जिले के जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पलझा के बांधा टोला में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव में आने-जाने के लिए मौजूद रास्ता इतना खराब है कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। रोजगार, बच्चों की पढ़ाई, बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने तक ग्रामीणों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बांधा टोला की सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाले रिश्तेदार भी पहले फोन कर पूछते हैं—“रास्ता कैसा है, हम आ सकते हैं या नहीं?” ग्रामीणों के लिए यह सवाल अब उनकी रोजमर्रा की परेशानी का हिस्सा बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता इतना खराब है कि घर से गेहूं तक आटा चक्की ले जाना मुश्किल हो जाता है। रास्ते में गेहूं गिरने लगता है और उसे सुरक्षित रूप से चक्की तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सहज रूप से होने वाले छोटे-छोटे घरेलू काम भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। 181 पर शिकायत की, फिर शिकायत वापस लेने का आरोप सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शासन की 181 शिकायत सेवा पर अपनी समस्या दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से फोन आया और शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें कथित तौर पर यह कहा गया कि “कंप्लेंट काट दो, इससे कुछ नहीं बनने वाला, चाहे मुख्यमंत्री तक चले जाओ।” हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो यह मामला केवल सड़क की बदहाली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शासकीय शिकायत व्यवस्था में ग्रामीणों के विश्वास और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर शिकायत करें तो कहां करें? ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए 181 जैसी व्यवस्था बनाई है। ऐसे में यदि किसी समस्या की शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को ही उसे वापस लेने के लिए कहा जाए, तो ग्रामीण अपनी परेशानी आखिर किसके सामने रखें? एक ओर शासन गांवों में सड़क, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं के विकास की बात करता है, वहीं दूसरी ओर बांधा टोला के ग्रामीण आज भी चलने लायक रास्ते के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बांधा टोला के रास्ते की जमीनी स्थिति का अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाए और समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा रास्ता चाहिए जिससे वे बिना परेशानी अपने घरों तक आ-जा सकें। इन सवालों के जवाब का इंतजार अब देखना यह है कि बांधा टोला की बदहाल सड़क को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही ग्रामीणों द्वारा 181 शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने के लगाए गए आरोपों की जांच होगी या नहीं। क्या बांधा टोला की सड़क का स्थायी समाधान होगा? 181 पर दर्ज शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? क्या ग्रामीणों से शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया था? यदि आरोप सही हैं तो शिकायत वापस लेने के लिए दबाव क्यों बनाया गया? इन सवालों के जवाब अब संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से अपेक्षित हैं। बांधा टोला के ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—उन्हें आश्वासन नहीं, ऐसा रास्ता चाहिए जिस पर वे अपने बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के साथ सुरक्षित रूप से आ-जा सकें।
ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’ *सड़क के लिए तरस रहा बांधा टोला, 181 की शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत* *ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’* उमरिया जिले के जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पलझा के बांधा टोला में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव में आने-जाने के लिए मौजूद रास्ता इतना खराब है कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। रोजगार, बच्चों की पढ़ाई, बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने तक ग्रामीणों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बांधा टोला की सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाले रिश्तेदार भी पहले फोन कर पूछते हैं—“रास्ता कैसा है, हम आ सकते हैं या नहीं?” ग्रामीणों के लिए यह सवाल अब उनकी रोजमर्रा की परेशानी का हिस्सा बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता इतना खराब है कि घर से गेहूं तक आटा चक्की ले जाना मुश्किल हो जाता है। रास्ते में गेहूं गिरने लगता है और
उसे सुरक्षित रूप से चक्की तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सहज रूप से होने वाले छोटे-छोटे घरेलू काम भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। 181 पर शिकायत की, फिर शिकायत वापस लेने का आरोप सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शासन की 181 शिकायत सेवा पर अपनी समस्या दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से फोन आया और शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें कथित तौर पर यह कहा गया कि “कंप्लेंट काट दो, इससे कुछ नहीं बनने वाला, चाहे मुख्यमंत्री तक चले जाओ।” हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो यह मामला केवल सड़क की बदहाली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शासकीय शिकायत व्यवस्था में ग्रामीणों के विश्वास और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर शिकायत करें तो कहां करें? ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए 181 जैसी व्यवस्था बनाई है। ऐसे में यदि किसी समस्या की शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को ही उसे वापस लेने के लिए कहा जाए, तो ग्रामीण अपनी परेशानी आखिर किसके सामने
रखें? एक ओर शासन गांवों में सड़क, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं के विकास की बात करता है, वहीं दूसरी ओर बांधा टोला के ग्रामीण आज भी चलने लायक रास्ते के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बांधा टोला के रास्ते की जमीनी स्थिति का अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाए और समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा रास्ता चाहिए जिससे वे बिना परेशानी अपने घरों तक आ-जा सकें। इन सवालों के जवाब का इंतजार अब देखना यह है कि बांधा टोला की बदहाल सड़क को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही ग्रामीणों द्वारा 181 शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने के लगाए गए आरोपों की जांच होगी या नहीं। क्या बांधा टोला की सड़क का स्थायी समाधान होगा? 181 पर दर्ज शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? क्या ग्रामीणों से शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया था? यदि आरोप सही हैं तो शिकायत वापस लेने के लिए दबाव क्यों बनाया गया? इन सवालों के जवाब अब संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से अपेक्षित हैं। बांधा टोला के ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—उन्हें आश्वासन नहीं, ऐसा रास्ता चाहिए जिस पर वे अपने बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के साथ सुरक्षित रूप से आ-जा सकें।
- बांधवगढ़ किले में 12 किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचे श्रद्धालु: जन्माष्टमी पर राम दरबार में दिव्यराज सिंह ने की पूजा, जंगल में हाथियों से गस्त बांधवगढ़ किले में 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु: जन्माष्टमी पर राम दरबार में दिव्यराज सिंह ने की पूजा, जंगल में हाथियों से गस्त मध्य प्रदेश 4 सितंबर 2026 उमरिया में जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के किले में आस्था का संगम दिखा। साल में एक दिन खुलने वाले राम दरबार के दर्शन के लिए करीब 8 हजार श्रद्धालु जंगल के रास्ते 12 किमी पैदल चलकर किले तक पहुंचे। उन्होंने भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के दर्शन कर पूजा की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मध्य प्रदेश पुलिस और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के करीब 400 कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर तैनात थे। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जंगल में हाथियों की मदद से लगातार गश्त भी की गई। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रीवा राजघराने के वंशज और सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह भी बांधवगढ़ किले पहुंचे। उन्होंने राम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की विधि-विधान से पूजा की। दिव्यराज सिंह ने बताया कि बघेल परिवार का बांधवगढ़ से करीब 13वीं सदी से रिश्ता रहा है। बांधवाधीश मंदिर सदियों से आस्था का केंद्र है और यहां पूजा की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जन्माष्टमी का मेला कई दिनों तक लगता था, लेकिन जंगल की स्थिति को देखते हुए अब इसे सीमित कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग की व्यवस्थाओं की तारीफ की। साथ ही, मंदिर की पुरानी परंपरा के हिसाब से हर साल पुताई और सजावट कराने की मांग भी की। रीवा से करीब 200 किलोमीटर दूर बांधवगढ़ आने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'यह मेरा घर है, घर कभी दूर नहीं लगता।' बांधवगढ़ के घने जंगल और पहाड़ियों के बीच बना यह राम दरबार श्रद्धालुओं के लिए खास आस्था का केंद्र है। साल के 364 दिन यहां आम लोगों के आने पर रोक रहती है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार रहता है और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग भगवान के दर्शन करने आते हैं। मंदिर के पुजारी संजय गौतम ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस दौरान भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और भगवान हनुमान के दर्शन होते हैं। मंदिर काफी प्राचीन है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि पुलिस, राजस्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीमें सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। सभी प्रमुख प्वाइंटों पर जवान लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं ने अनुशासन और आस्था के साथ दर्शन किए। दिनभर बांधवगढ़ किले का वातावरण भक्तिमय बना रहा।2
- chitraw ke, महेश शर्मा पानी।के।खेत।को, नष्ट करदिया,प I।jayda।ke।Karan chitraw कुदरा टोला के पास महेश शर्मा का बड़ा खेत, बारिश की वर्षा के कारण सब नष्ट हो चुका1
- *कांग्रेस ने पैदल मार्च एवं जनआंदोलन कर जर्जर सड़कों के खिलाफ जताया विरोध* *15 दिवस में सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर इंदिरा चौक में धरने की चेतावनी* पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार:-शहडोल शहर की बदहाल एवं जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में शनिवार को जोरदार पैदल मार्च एवं जनआंदोलन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सड़क की दुर्दशा के प्रति प्रशासन एवं नगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया तथा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को लंबे समय से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन हजारों नागरिकों, राहगीरों, वाहन चालकों एवं स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इस मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों एवं व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दुकानों के सामने आवागमन बाधित होने से ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही एवं जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहरवासियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना समुचित कार्ययोजना के शुरू करना और सड़क को खोदकर लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार नगरपालिका के संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच की जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस आम जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। अजय अवस्थी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर यदि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को सुगम एवं आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदिरा चौक में टेंट लगाकर व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आम नागरिकों को सड़क की समस्या से स्थायी राहत नहीं मिल जाती। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ कर समय-सीमा निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके। उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की। पैदल मार्च मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे,जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा,नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय,जिला महासचिव जितेन्द्र सिंह, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी,सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन,ब्लाक अध्यक्ष प्रीतम दास सोनी, युवाकाँग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, युवाकाँग्रेस अभिषेक शुक्ला, पार्षद पूर्णेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार गुप्ता,विवेक तिवारी,पार्षद हीरालाल प्रजापति, पार्षद दानिश अहमद,पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौधरी,मानू भाई, कमलेश यादव गोलू,साकिर फारूकी, इकबाल खान,अशोक तिवारी, धनु बर्मन,वरुण पाल, शोभराज नागपाल, अकरम खान, पंकज सिंह (राकी), खालिद शाहिद,सुशील, विनय, आरिफ रहमान , गोलू,मज़हर ,पप्पू , परवेज,जाहिर, माया सोंधिया, राहुल सोंधिया, गोविंद प्रजापती जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। *कांग्रेस ने पैदल मार्च एवं जनआंदोलन कर जर्जर सड़कों के खिलाफ जताया विरोध* *15 दिवस में सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर इंदिरा चौक में धरने की चेतावनी* पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार:-शहडोल शहर की बदहाल एवं जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में शनिवार को जोरदार पैदल मार्च एवं जनआंदोलन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सड़क की दुर्दशा के प्रति प्रशासन एवं नगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया तथा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को लंबे समय से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन हजारों नागरिकों, राहगीरों, वाहन चालकों एवं स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इस मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों एवं व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दुकानों के सामने आवागमन बाधित होने से ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही एवं जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहरवासियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना समुचित कार्ययोजना के शुरू करना और सड़क को खोदकर लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार नगरपालिका के संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच की जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस आम जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। अजय अवस्थी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर यदि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को सुगम एवं आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदिरा चौक में टेंट लगाकर व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आम नागरिकों को सड़क की समस्या से स्थायी राहत नहीं मिल जाती। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ कर समय-सीमा निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके। उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की। पैदल मार्च मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे,जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा,नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय,जिला महासचिव जितेन्द्र सिंह, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी,सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन,ब्लाक अध्यक्ष प्रीतम दास सोनी, युवाकाँग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, युवाकाँग्रेस अभिषेक शुक्ला, पार्षद पूर्णेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार गुप्ता,विवेक तिवारी,पार्षद हीरालाल प्रजापति, पार्षद दानिश अहमद,पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौधरी,मानू भाई, कमलेश यादव गोलू,साकिर फारूकी, इकबाल खान,अशोक तिवारी, धनु बर्मन,वरुण पाल, शोभराज नागपाल, अकरम खान, पंकज सिंह (राकी), खालिद शाहिद,सुशील, विनय, आरिफ रहमान , गोलू,मज़हर ,पप्पू , परवेज,जाहिर, माया सोंधिया, राहुल सोंधिया, गोविंद प्रजापती जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।1
- कटनी नगर//- सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं का लिया जायजा.... दाधिकांदोत्सव शोभायात्रा को लेकर पुलिस ने किया रूट निरीक्षण सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं का लिया जायजा कटनी। 6 सितंबर को आयोजित होने वाली दाधिकांदोत्सव शोभायात्रा को लेकर कटनी पुलिस ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा के निर्धारित मार्ग का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली राखी पाण्डेय, यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप सिंह, थाना प्रभारी कुठला अखिलेश दाहिया सहित पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस बल ने पूरे शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों, यातायात व्यवस्था तथा संभावित भीड़ वाले क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया गया। अधिकारियों ने शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, यातायात को सुचारु बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश संबंधित पुलिसकर्मियों को दिए। पुलिस द्वारा शोभायात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़1
- चाईना से बनके भारत आ रहा सफेद ज़हर....देखिये प्लास्टिक से बने नकली मायो सफेद चटनी *चाईना से बनके भारत आ रहा सफेद ज़हर....देखिये प्लास्टिक से बने नकली मायो सफेद चटनी का असर, आपके दिल ,गुर्दे और लीवर पे कैसे अटैक कर रहा है, जो आप अपने बच्चों को बड़े चाव से बर्गर,पिज़्ज़ा और मोमोज़ में खिला रहे हो...पूरा वीडियो देखना*1
- जवाहर लाल चित्रव खेत। मेढ़ नष्ट होगया।है। बरसा के।कारण। ग्राम पंचायत चित्रम थाना तहसील जैसीनगर जिलाशहडोल मध्य प्रदेश। कुदरतोला घटना। यह खेत। जबरा हर।लाल।खेत। नष्ट हुआ।है2
- यह गड्ढा रीवा से शहडोल मार्ग में सेमरा चौराहा का है जिस पर किसी भी समय कोई अप्रिय घटना हो सकती है सारा दिन इसी रास्ते से एमपी आरडीसी के ठेकेदार के डंपर गिट्टी लेकर जयसिंहनगर की तरफ जाते हैं लेकिन किसी ने इस भयानक जानलेवा गढ़े को पाटने की जरूरत नहीं महसूस की और मजे की बात तो यह है इसी रास्ते से अनूविभागीय अधिकारी का नियमित आना-जाना भी होता है क्या प्रशासन व ठेकेदार किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहे हैं क्या ?1
- नेपाल में चमत्कार- 11 दिन बाद मलबे से 60 वर्षीय महिला जिंदा बरामद नेपाल में चमत्कार- 11 दिन बाद मलबे से 60 वर्षीय महिला जिंदा बरामद रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला1
- सागर मध्य प्रदेश में जहरीली शराब की मौत पर डॉक्टर मोहन यादव जी हुए सख्त उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा प्रभारी मंत्री को जहरीली शराब कांड की जांच करने के लिए आदेश दिया गया है जिन लोगों की मृत्यु हुई है उसका मुझे भारी दुख है जहरीली शराब कांड के दोषियों को माफ नहीं किया जाएगाl सीएम डॉक्टर मोहन यादव मुकेश कुमार दुबे संवाददाता रिपोर्टर जिला उमरिया मध्य प्रदेश l सागर मध्य प्रदेश में हुई जहरीली शराब का कांड को लेकर मुख्यमंत्री जी बहुत सख्त हुए है उनके द्वारा कहा गया कि शराब कांड की जांच की जाएगी एवम् दोषियों को छोड़ नहीं जाएगाl कड़ी सजा दी जाएगी l प्रभारी मंत्री को जहरीली शराब कांड की जांच कर उन्हें जल्दी रिपोर्ट देने को कहा है l1