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chitraw ke, महेश शर्मा पानी।के।खेत।को, नष्ट करदिया,प I।jayda।ke।Karan chitraw कुदरा टोला के पास महेश शर्मा का बड़ा खेत, बारिश की वर्षा के कारण सब नष्ट हो चुका

9 hrs ago
user_Durgesh Ashirwar
Durgesh Ashirwar
Singer जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
9 hrs ago

chitraw ke, महेश शर्मा पानी।के।खेत।को, नष्ट करदिया,प I।jayda।ke।Karan chitraw कुदरा टोला के पास महेश शर्मा का बड़ा खेत, बारिश की वर्षा के कारण सब नष्ट हो चुका

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *_43 साल पुरानी 11 हजार केवी लाइन टूटी,आदिवासी मजदूर की मौत_* *_मेंटेनेन्स व रखरखाव पर गंभीर सवाल_* उमरिया /दो वक्त की रोटी के लिए खेत में पसीना बहा रहा आदिवासी मजदूर क्या जानता था कि सिर के ऊपर दौड़ रही 11 हजार केवी की तार ही उसकी मौत की वजह बन जायेगी। अचानक तार टूटी,करंट बरसा और गरीब की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई।जिसने भी यह खौफनाक मंजर देखा,उसकी आंखें नम और दिल दहल उठा।_ _चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम रोझिन में हलफल नदी के बगल से रविवार सुबह करीब 11:30 बजे दर्दनाक हादसे में आदिवासी युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।हादसे के बाद गांव में मातम है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।ग्रामीणों के मुताबिक रोझिन गांव से गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन वर्ष 1983 में स्थापित हुई थी,यानी करीब 43 वर्ष पुरानी है।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी इस लाइन में समय-समय पर मेंटेनेंस के दौरान तारों में जोड़ लगाए जाते रहे,जिसके चलते लाइन पर कई जगह जोड़ बन गए हैं।ग्रामीणों का दावा है कि घटना वाले दिन भी 11 हजार केवी लाइन का एक जोड़ टूट गया और उसी दौरान दुर्भाग्य से उसके नीचे कृषि कार्य कर रहा आदिवासी मजदूर चपेट में आ गया और दर्दनाक मौत हुई है।हादसे का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा,लेकिन ग्रामीणों द्वारा लाइन की जर्जर स्थिति और बार-बार और जगह जगह किए गए जोड़ को लेकर लगाए जा रहे आरोप विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं,यदि जांच में यह सामने आता है कि लाइन की स्थिति पहले से खराब थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई,तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर विभागीय लापरवाही का मामला माना जाएगा।_ _घटना की सूचना मिलते ही चंदिया पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में ली है,और शव को पोस्टमार्टम के लिए चंदिया ले गई है।पीएम की कार्रवाई उपरांत शव परिजनों को सौंपा जाएगा।ग्रामीणों की मांग है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर ग्रामीणों के बारम्बार शिकायत के बाद भी 43 साल पुरानी विद्युत लाइन को सुरक्षित रखने पूरी तरह बदला क्यों नहीं गया?आपको बता दे हलफल नदी के ऊपर कई खेत ऐसे है,जो 11 हजार केवी के बिल्कुल नीचे है और यहाँ 11 हजार विद्युत लाइन बहुत नीचे से गुजरी है,जो अभी अभी जान माल के लिए खतरनाक साबित हो सकते है।_
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    *_43 साल पुरानी 11 हजार केवी लाइन टूटी,आदिवासी मजदूर की मौत_*
*_मेंटेनेन्स व रखरखाव पर गंभीर सवाल_*
उमरिया /दो वक्त की रोटी के लिए खेत में पसीना बहा रहा आदिवासी मजदूर क्या जानता था कि सिर के ऊपर दौड़ रही 11 हजार केवी की तार ही उसकी मौत की वजह बन जायेगी। अचानक तार टूटी,करंट बरसा और गरीब की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई।जिसने भी यह खौफनाक मंजर देखा,उसकी आंखें नम और दिल दहल उठा।_
_चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम रोझिन में हलफल नदी के बगल से रविवार सुबह करीब 11:30 बजे दर्दनाक हादसे में आदिवासी युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई।हादसे के बाद गांव में मातम है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।ग्रामीणों के मुताबिक रोझिन गांव से गुजर रही 11 हजार केवी विद्युत लाइन वर्ष 1983 में स्थापित हुई थी,यानी करीब 43 वर्ष पुरानी है।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी इस लाइन में समय-समय पर मेंटेनेंस के दौरान तारों में जोड़ लगाए जाते रहे,जिसके चलते लाइन पर कई जगह जोड़ बन गए हैं।ग्रामीणों का दावा है कि घटना वाले दिन भी 11 हजार केवी लाइन का एक जोड़ टूट गया और उसी दौरान दुर्भाग्य से उसके नीचे कृषि कार्य कर रहा आदिवासी मजदूर चपेट में आ गया और दर्दनाक मौत हुई है।हादसे का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा,लेकिन ग्रामीणों द्वारा लाइन की जर्जर स्थिति और बार-बार और जगह जगह किए गए जोड़ को लेकर लगाए जा रहे आरोप विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं,यदि जांच में यह सामने आता है कि लाइन की स्थिति पहले से खराब थी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई,तो यह केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर विभागीय लापरवाही का मामला माना जाएगा।_
_घटना की सूचना मिलते ही चंदिया पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में ली है,और शव को पोस्टमार्टम के लिए चंदिया ले गई है।पीएम की कार्रवाई उपरांत शव परिजनों को सौंपा जाएगा।ग्रामीणों की मांग है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर ग्रामीणों के बारम्बार शिकायत के बाद भी 43 साल पुरानी विद्युत लाइन को सुरक्षित रखने पूरी तरह बदला क्यों नहीं गया?आपको बता दे हलफल नदी के ऊपर कई खेत ऐसे है,जो 11 हजार केवी के बिल्कुल नीचे है और यहाँ 11 हजार विद्युत लाइन बहुत नीचे से गुजरी है,जो अभी अभी जान माल के लिए खतरनाक साबित हो सकते है।_
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बांधवगढ़ किले में 12 किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचे श्रद्धालु: जन्माष्टमी पर राम दरबार में दिव्यराज सिंह ने की पूजा, जंगल में हाथियों से गस्त बांधवगढ़ किले में 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु: जन्माष्टमी पर राम दरबार में दिव्यराज सिंह ने की पूजा, जंगल में हाथियों से गस्त मध्य प्रदेश 4 सितंबर 2026 उमरिया में जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के किले में आस्था का संगम दिखा। साल में एक दिन खुलने वाले राम दरबार के दर्शन के लिए करीब 8 हजार श्रद्धालु जंगल के रास्ते 12 किमी पैदल चलकर किले तक पहुंचे। उन्होंने भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के दर्शन कर पूजा की। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मध्य प्रदेश पुलिस और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के करीब 400 कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर तैनात थे। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जंगल में हाथियों की मदद से लगातार गश्त भी की गई। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रीवा राजघराने के वंशज और सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह भी बांधवगढ़ किले पहुंचे। उन्होंने राम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की विधि-विधान से पूजा की। दिव्यराज सिंह ने बताया कि बघेल परिवार का बांधवगढ़ से करीब 13वीं सदी से रिश्ता रहा है। बांधवाधीश मंदिर सदियों से आस्था का केंद्र है और यहां पूजा की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जन्माष्टमी का मेला कई दिनों तक लगता था, लेकिन जंगल की स्थिति को देखते हुए अब इसे सीमित कर दिया गया है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग की व्यवस्थाओं की तारीफ की। साथ ही, मंदिर की पुरानी परंपरा के हिसाब से हर साल पुताई और सजावट कराने की मांग भी की। रीवा से करीब 200 किलोमीटर दूर बांधवगढ़ आने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'यह मेरा घर है, घर कभी दूर नहीं लगता।' बांधवगढ़ के घने जंगल और पहाड़ियों के बीच बना यह राम दरबार श्रद्धालुओं के लिए खास आस्था का केंद्र है। साल के 364 दिन यहां आम लोगों के आने पर रोक रहती है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार रहता है और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग भगवान के दर्शन करने आते हैं। मंदिर के पुजारी संजय गौतम ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस दौरान भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और भगवान हनुमान के दर्शन होते हैं। मंदिर काफी प्राचीन है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि पुलिस, राजस्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीमें सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। सभी प्रमुख प्वाइंटों पर जवान लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं ने अनुशासन और आस्था के साथ दर्शन किए। दिनभर बांधवगढ़ किले का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
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    बांधवगढ़ किले में 12 किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचे श्रद्धालु: जन्माष्टमी पर राम दरबार में दिव्यराज सिंह ने की पूजा, जंगल में हाथियों से गस्त
बांधवगढ़ किले में 12 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालु: जन्माष्टमी पर राम दरबार में दिव्यराज सिंह ने की पूजा, जंगल में हाथियों से गस्त 
मध्य प्रदेश 4 सितंबर 2026
उमरिया में जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के किले में आस्था का संगम दिखा। साल में एक दिन खुलने वाले राम दरबार के दर्शन के लिए करीब 8 हजार श्रद्धालु जंगल के रास्ते 12 किमी पैदल चलकर किले तक पहुंचे। उन्होंने भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के दर्शन कर पूजा की।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। मध्य प्रदेश पुलिस और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के करीब 400 कर्मचारी अलग-अलग जगहों पर तैनात थे। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जंगल में हाथियों की मदद से लगातार गश्त भी की गई।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रीवा राजघराने के वंशज और सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह भी बांधवगढ़ किले पहुंचे। उन्होंने राम दरबार में भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की विधि-विधान से पूजा की।
दिव्यराज सिंह ने बताया कि बघेल परिवार का बांधवगढ़ से करीब 13वीं सदी से रिश्ता रहा है। बांधवाधीश मंदिर सदियों से आस्था का केंद्र है और यहां पूजा की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जन्माष्टमी का मेला कई दिनों तक लगता था, लेकिन जंगल की स्थिति को देखते हुए अब इसे सीमित कर दिया गया है।
उन्होंने प्रशासन और वन विभाग की व्यवस्थाओं की तारीफ की। साथ ही, मंदिर की पुरानी परंपरा के हिसाब से हर साल पुताई और सजावट कराने की मांग भी की। रीवा से करीब 200 किलोमीटर दूर बांधवगढ़ आने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'यह मेरा घर है, घर कभी दूर नहीं लगता।'
बांधवगढ़ के घने जंगल और पहाड़ियों के बीच बना यह राम दरबार श्रद्धालुओं के लिए खास आस्था का केंद्र है। साल के 364 दिन यहां आम लोगों के आने पर रोक रहती है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी का बेसब्री से इंतजार रहता है और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग भगवान के दर्शन करने आते हैं।
मंदिर के पुजारी संजय गौतम ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस दौरान भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और भगवान हनुमान के दर्शन होते हैं। मंदिर काफी प्राचीन है और हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक शर्मा ने बताया कि पुलिस, राजस्व और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीमें सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं। सभी प्रमुख प्वाइंटों पर जवान लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो। बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं ने अनुशासन और आस्था के साथ दर्शन किए। दिनभर बांधवगढ़ किले का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • humko bahut pareshani beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh beohari khatkhariya tola mudariya rod
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    humko bahut pareshani beohari khatkhariya tola mudariya rod Madhya Pradesh 
beohari khatkhariya tola mudariya rod
    user_Sanjay kol
    Sanjay kol
    Video Conferencing Service Provider ब्योहारी, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’ *सड़क के लिए तरस रहा बांधा टोला, 181 की शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत* *ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’* उमरिया जिले के जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पलझा के बांधा टोला में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव में आने-जाने के लिए मौजूद रास्ता इतना खराब है कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। रोजगार, बच्चों की पढ़ाई, बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने तक ग्रामीणों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बांधा टोला की सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाले रिश्तेदार भी पहले फोन कर पूछते हैं—“रास्ता कैसा है, हम आ सकते हैं या नहीं?” ग्रामीणों के लिए यह सवाल अब उनकी रोजमर्रा की परेशानी का हिस्सा बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता इतना खराब है कि घर से गेहूं तक आटा चक्की ले जाना मुश्किल हो जाता है। रास्ते में गेहूं गिरने लगता है और उसे सुरक्षित रूप से चक्की तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सहज रूप से होने वाले छोटे-छोटे घरेलू काम भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। 181 पर शिकायत की, फिर शिकायत वापस लेने का आरोप सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शासन की 181 शिकायत सेवा पर अपनी समस्या दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से फोन आया और शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें कथित तौर पर यह कहा गया कि “कंप्लेंट काट दो, इससे कुछ नहीं बनने वाला, चाहे मुख्यमंत्री तक चले जाओ।” हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो यह मामला केवल सड़क की बदहाली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शासकीय शिकायत व्यवस्था में ग्रामीणों के विश्वास और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर शिकायत करें तो कहां करें? ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए 181 जैसी व्यवस्था बनाई है। ऐसे में यदि किसी समस्या की शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को ही उसे वापस लेने के लिए कहा जाए, तो ग्रामीण अपनी परेशानी आखिर किसके सामने रखें? एक ओर शासन गांवों में सड़क, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं के विकास की बात करता है, वहीं दूसरी ओर बांधा टोला के ग्रामीण आज भी चलने लायक रास्ते के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बांधा टोला के रास्ते की जमीनी स्थिति का अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाए और समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा रास्ता चाहिए जिससे वे बिना परेशानी अपने घरों तक आ-जा सकें। इन सवालों के जवाब का इंतजार अब देखना यह है कि बांधा टोला की बदहाल सड़क को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही ग्रामीणों द्वारा 181 शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने के लगाए गए आरोपों की जांच होगी या नहीं। क्या बांधा टोला की सड़क का स्थायी समाधान होगा? 181 पर दर्ज शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? क्या ग्रामीणों से शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया था? यदि आरोप सही हैं तो शिकायत वापस लेने के लिए दबाव क्यों बनाया गया? इन सवालों के जवाब अब संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से अपेक्षित हैं। बांधा टोला के ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—उन्हें आश्वासन नहीं, ऐसा रास्ता चाहिए जिस पर वे अपने बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के साथ सुरक्षित रूप से आ-जा सकें।
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    ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’
*सड़क के लिए तरस रहा बांधा टोला, 181 की शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत*
*ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’*
उमरिया जिले के जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पलझा के बांधा टोला में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव में आने-जाने के लिए मौजूद रास्ता इतना खराब है कि बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। रोजगार, बच्चों की पढ़ाई, बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने तक ग्रामीणों को इसी बदहाल रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है।
बांधा टोला की सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां आने वाले रिश्तेदार भी पहले फोन कर पूछते हैं—“रास्ता कैसा है, हम आ सकते हैं या नहीं?” ग्रामीणों के लिए यह सवाल अब उनकी रोजमर्रा की परेशानी का हिस्सा बन चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता इतना खराब है कि घर से गेहूं तक आटा चक्की ले जाना मुश्किल हो जाता है। रास्ते में गेहूं गिरने लगता है और उसे सुरक्षित रूप से चक्की तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में सहज रूप से होने वाले छोटे-छोटे घरेलू काम भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
181 पर शिकायत की, फिर शिकायत वापस लेने का आरोप
सड़क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शासन की 181 शिकायत सेवा पर अपनी समस्या दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव की ओर से फोन आया और शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया।
ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें कथित तौर पर यह कहा गया कि “कंप्लेंट काट दो, इससे कुछ नहीं बनने वाला, चाहे मुख्यमंत्री तक चले जाओ।”
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं तो यह मामला केवल सड़क की बदहाली तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शासकीय शिकायत व्यवस्था में ग्रामीणों के विश्वास और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
आखिर शिकायत करें तो कहां करें?
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए 181 जैसी व्यवस्था बनाई है। ऐसे में यदि किसी समस्या की शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को ही उसे वापस लेने के लिए कहा जाए, तो ग्रामीण अपनी परेशानी आखिर किसके सामने रखें?
एक ओर शासन गांवों में सड़क, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं के विकास की बात करता है, वहीं दूसरी ओर बांधा टोला के ग्रामीण आज भी चलने लायक रास्ते के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि बांधा टोला के रास्ते की जमीनी स्थिति का अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण किया जाए और समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा रास्ता चाहिए जिससे वे बिना परेशानी अपने घरों तक आ-जा सकें।
इन सवालों के जवाब का इंतजार
अब देखना यह है कि बांधा टोला की बदहाल सड़क को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। साथ ही ग्रामीणों द्वारा 181 शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाए जाने के लगाए गए आरोपों की जांच होगी या नहीं।
क्या बांधा टोला की सड़क का स्थायी समाधान होगा?
181 पर दर्ज शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई?
क्या ग्रामीणों से शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया था?
यदि आरोप सही हैं तो शिकायत वापस लेने के लिए दबाव क्यों बनाया गया?
इन सवालों के जवाब अब संबंधित अधिकारियों और ग्राम पंचायत से अपेक्षित हैं।
बांधा टोला के ग्रामीणों की मांग बिल्कुल स्पष्ट है—उन्हें आश्वासन नहीं, ऐसा रास्ता चाहिए जिस पर वे अपने बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के साथ सुरक्षित रूप से आ-जा सकें।
    user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
    अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
    Lawyer Bandhogarh, Umaria•
    23 hrs ago
  • आस्था के मंदिर में जुआरियों का जमावड़ा? गणेश मंदिर के अंदर जुए का VIDEO वायरल, उठे सवाल उमरिया तपस गुप्ता भगवान गणेश की पूजा और आस्था के लिए बनाए गए मंदिर में अगर ताश के पत्ते सज जाएं तो सवाल उठना लाजिमी है। उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोयलारी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो को गांव के तालाब के पास स्थित गणेश मंदिर का बताया जा रहा है, जिसमें दिन के समय कुछ लोग मंदिर के अंदर कथित तौर पर जुआ खेलते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो ने धार्मिक स्थल की मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में मंदिर के अंदर कुछ लोग एक जगह बैठे दिखाई देते हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वहां जुआ खेला जा रहा था। यदि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा सही है तो यह केवल जुआ खेलने का मामला नहीं, बल्कि आस्था के केंद्र की गरिमा से जुड़ा गंभीर सवाल भी है। जहां श्रद्धालु भगवान गणेश के सामने माथा टेकते हैं, वहां कथित तौर पर जुए की महफिल सजने का दावा लोगों को हैरान कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर धार्मिक स्थल के भीतर दिनदहाड़े ऐसी गतिविधियां चलने की बात सामने कैसे आई। वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। वीडियो कब का है, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और वास्तव में वहां जुआ खेला जा रहा था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले को लेकर चंदिया थाना प्रभारी विजय सिंह पतेले से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी। धार्मिक स्थलों को श्रद्धा, शांति और आस्था का केंद्र माना जाता है। ऐसे में मंदिर परिसर से जुड़ा यह कथित वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि यदि आरोप सही हैं तो मंदिर की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं की रक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने कोयलारी गांव के गणेश मंदिर को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच करती है या मामला सोशल मीडिया की चर्चाओं तक ही सीमित रहता है।
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    आस्था के मंदिर में जुआरियों का जमावड़ा? गणेश मंदिर के अंदर जुए का VIDEO वायरल, उठे सवाल
उमरिया तपस गुप्ता 
भगवान गणेश की पूजा और आस्था के लिए बनाए गए मंदिर में अगर ताश के पत्ते सज जाएं तो सवाल उठना लाजिमी है। उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम कोयलारी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो को गांव के तालाब के पास स्थित गणेश मंदिर का बताया जा रहा है, जिसमें दिन के समय कुछ लोग मंदिर के अंदर कथित तौर पर जुआ खेलते हुए नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो ने धार्मिक स्थल की मर्यादा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में मंदिर के अंदर कुछ लोग एक जगह बैठे दिखाई देते हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वहां जुआ खेला जा रहा था। यदि वायरल वीडियो में किया जा रहा दावा सही है तो यह केवल जुआ खेलने का मामला नहीं, बल्कि आस्था के केंद्र की गरिमा से जुड़ा गंभीर सवाल भी है।
जहां श्रद्धालु भगवान गणेश के सामने माथा टेकते हैं, वहां कथित तौर पर जुए की महफिल सजने का दावा लोगों को हैरान कर रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर धार्मिक स्थल के भीतर दिनदहाड़े ऐसी गतिविधियां चलने की बात सामने कैसे आई।
वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। वीडियो कब का है, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और वास्तव में वहां जुआ खेला जा रहा था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को लेकर चंदिया थाना प्रभारी विजय सिंह पतेले से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।
धार्मिक स्थलों को श्रद्धा, शांति और आस्था का केंद्र माना जाता है। ऐसे में मंदिर परिसर से जुड़ा यह कथित वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि यदि आरोप सही हैं तो मंदिर की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं की रक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने कोयलारी गांव के गणेश मंदिर को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर जांच करती है या मामला सोशल मीडिया की चर्चाओं तक ही सीमित रहता है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • rampal kudratola.chitraw rampal.ka.ghar.ghira.hai.bareesh.ke..ke.karan.gram.post.chitraw.kudra.tola.ghatna.
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    rampal kudratola.chitraw
rampal.ka.ghar.ghira.hai.bareesh.ke..ke.karan.gram.post.chitraw.kudra.tola.ghatna.
    user_Durgesh Ashirwar
    Durgesh Ashirwar
    Singer जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *कांग्रेस ने पैदल मार्च एवं जनआंदोलन कर जर्जर सड़कों के खिलाफ जताया विरोध* *15 दिवस में सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर इंदिरा चौक में धरने की चेतावनी* पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार:-शहडोल शहर की बदहाल एवं जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में शनिवार को जोरदार पैदल मार्च एवं जनआंदोलन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सड़क की दुर्दशा के प्रति प्रशासन एवं नगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया तथा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को लंबे समय से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन हजारों नागरिकों, राहगीरों, वाहन चालकों एवं स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इस मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों एवं व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दुकानों के सामने आवागमन बाधित होने से ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही एवं जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहरवासियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना समुचित कार्ययोजना के शुरू करना और सड़क को खोदकर लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार नगरपालिका के संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच की जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस आम जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। अजय अवस्थी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर यदि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को सुगम एवं आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदिरा चौक में टेंट लगाकर व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आम नागरिकों को सड़क की समस्या से स्थायी राहत नहीं मिल जाती। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ कर समय-सीमा निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके। उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की। पैदल मार्च मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे,जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा,नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय,जिला महासचिव जितेन्द्र सिंह, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी,सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन,ब्लाक अध्यक्ष प्रीतम दास सोनी, युवाकाँग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, युवाकाँग्रेस अभिषेक शुक्ला, पार्षद पूर्णेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार गुप्ता,विवेक तिवारी,पार्षद हीरालाल प्रजापति, पार्षद दानिश अहमद,पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौधरी,मानू भाई, कमलेश यादव गोलू,साकिर फारूकी, इकबाल खान,अशोक तिवारी, धनु बर्मन,वरुण पाल, शोभराज नागपाल, अकरम खान, पंकज सिंह (राकी), खालिद शाहिद,सुशील, विनय, आरिफ रहमान , गोलू,मज़हर ,पप्पू , परवेज,जाहिर, माया सोंधिया, राहुल सोंधिया, गोविंद प्रजापती जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। *कांग्रेस ने पैदल मार्च एवं जनआंदोलन कर जर्जर सड़कों के खिलाफ जताया विरोध* *15 दिवस में सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर इंदिरा चौक में धरने की चेतावनी* पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार:-शहडोल शहर की बदहाल एवं जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में शनिवार को जोरदार पैदल मार्च एवं जनआंदोलन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सड़क की दुर्दशा के प्रति प्रशासन एवं नगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया तथा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को लंबे समय से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन हजारों नागरिकों, राहगीरों, वाहन चालकों एवं स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इस मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों एवं व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दुकानों के सामने आवागमन बाधित होने से ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही एवं जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहरवासियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना समुचित कार्ययोजना के शुरू करना और सड़क को खोदकर लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार नगरपालिका के संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच की जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस आम जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। अजय अवस्थी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर यदि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को सुगम एवं आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदिरा चौक में टेंट लगाकर व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आम नागरिकों को सड़क की समस्या से स्थायी राहत नहीं मिल जाती। उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ कर समय-सीमा निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके। उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की। पैदल मार्च मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे,जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा,नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय,जिला महासचिव जितेन्द्र सिंह, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी,सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन,ब्लाक अध्यक्ष प्रीतम दास सोनी, युवाकाँग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, युवाकाँग्रेस अभिषेक शुक्ला, पार्षद पूर्णेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार गुप्ता,विवेक तिवारी,पार्षद हीरालाल प्रजापति, पार्षद दानिश अहमद,पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौधरी,मानू भाई, कमलेश यादव गोलू,साकिर फारूकी, इकबाल खान,अशोक तिवारी, धनु बर्मन,वरुण पाल, शोभराज नागपाल, अकरम खान, पंकज सिंह (राकी), खालिद शाहिद,सुशील, विनय, आरिफ रहमान , गोलू,मज़हर ,पप्पू , परवेज,जाहिर, माया सोंधिया, राहुल सोंधिया, गोविंद प्रजापती जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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    *कांग्रेस ने पैदल मार्च एवं जनआंदोलन कर जर्जर सड़कों के खिलाफ जताया विरोध*


*15 दिवस में सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर इंदिरा चौक में धरने की चेतावनी*

पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार:-शहडोल

शहर की बदहाल एवं जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में शनिवार को जोरदार पैदल मार्च एवं जनआंदोलन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सड़क की दुर्दशा के प्रति प्रशासन एवं नगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया तथा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को लंबे समय से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन हजारों नागरिकों, राहगीरों, वाहन चालकों एवं स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इस मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों एवं व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दुकानों के सामने आवागमन बाधित होने से ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं।

जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही एवं जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहरवासियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना समुचित कार्ययोजना के शुरू करना और सड़क को खोदकर लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार नगरपालिका के संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच की जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस आम जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।

अजय अवस्थी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर यदि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को सुगम एवं आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदिरा चौक में टेंट लगाकर व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आम नागरिकों को सड़क की समस्या से स्थायी राहत नहीं मिल जाती।

उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ कर समय-सीमा निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके।

उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की।

पैदल मार्च मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे,जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा,नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय,जिला महासचिव जितेन्द्र सिंह, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी,सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन,ब्लाक अध्यक्ष प्रीतम दास सोनी, युवाकाँग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, युवाकाँग्रेस अभिषेक शुक्ला, पार्षद पूर्णेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार गुप्ता,विवेक तिवारी,पार्षद हीरालाल प्रजापति, पार्षद दानिश अहमद,पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौधरी,मानू भाई, कमलेश यादव गोलू,साकिर फारूकी, इकबाल खान,अशोक तिवारी, धनु बर्मन,वरुण पाल, शोभराज नागपाल, अकरम खान, पंकज सिंह (राकी), खालिद शाहिद,सुशील, विनय, आरिफ रहमान , गोलू,मज़हर ,पप्पू , परवेज,जाहिर, माया सोंधिया, राहुल सोंधिया, गोविंद प्रजापती जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
*कांग्रेस ने पैदल मार्च एवं जनआंदोलन कर जर्जर सड़कों के खिलाफ जताया विरोध*
*15 दिवस में सड़क को चलने योग्य बनाने की मांग, मांग पूरी नहीं होने पर इंदिरा चौक में धरने की चेतावनी*
पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार:-शहडोल
शहर की बदहाल एवं जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहडोल द्वारा जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी के नेतृत्व में शनिवार को जोरदार पैदल मार्च एवं जनआंदोलन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक पैदल मार्च निकालकर सड़क की दुर्दशा के प्रति प्रशासन एवं नगरपालिका का ध्यान आकर्षित किया तथा आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी ने कहा कि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को लंबे समय से खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन अब तक सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण प्रतिदिन हजारों नागरिकों, राहगीरों, वाहन चालकों एवं स्थानीय निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धूल, गड्ढों और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो गया है तथा दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि सड़क की दुर्दशा का सबसे अधिक खामियाजा इस मार्ग के आसपास रहने वाले नागरिकों एवं व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। दुकानों के सामने आवागमन बाधित होने से ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिसके चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन नजर आ रहे हैं।
जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी ने आरोप लगाया कि नगरपालिका प्रशासन की अदूरदर्शिता, लापरवाही एवं जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहरवासियों को इस परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना समुचित कार्ययोजना के शुरू करना और सड़क को खोदकर लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देना नगरपालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में देरी के लिए जिम्मेदार नगरपालिका के संबंधित इंजीनियर एवं ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच की जानी चाहिए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस आम जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।
अजय अवस्थी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिवस के भीतर यदि नए बस स्टैण्ड से इंदिरा चौक तक की सड़क को सुगम एवं आवागमन योग्य नहीं बनाया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदिरा चौक में टेंट लगाकर व्यापक धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक आम नागरिकों को सड़क की समस्या से स्थायी राहत नहीं मिल जाती।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं नगरपालिका प्रशासन से मांग की कि सड़क निर्माण कार्य को तत्काल प्रारंभ कर समय-सीमा निर्धारित करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी रूप से सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि नागरिकों और व्यापारियों को राहत मिल सके।
उक्त जानकारी जिला काँग्रेस कमेटी शहडोल के मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने प्रदान की।
पैदल मार्च मे मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष अजय अवस्थी, पूर्व जिला अध्यक्ष नीरज द्विवेदी, पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष कुलदीप निगम, वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील खरे,जिला मुख्य प्रवक्ता पीयूष शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष अनुज मिश्रा,नगर अध्यक्ष प्रभात पाण्डेय,जिला महासचिव जितेन्द्र सिंह, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष प्रीतेश द्विवेदी,सेवादल जिलाध्यक्ष प्रमोद जैन,ब्लाक अध्यक्ष प्रीतम दास सोनी, युवाकाँग्रेस जिलाध्यक्ष अनुपम गौतम, युवाकाँग्रेस अभिषेक शुक्ला, पार्षद पूर्णेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार गुप्ता,विवेक तिवारी,पार्षद हीरालाल प्रजापति, पार्षद दानिश अहमद,पूर्व पार्षद ओमप्रकाश चौधरी,मानू भाई, कमलेश यादव गोलू,साकिर फारूकी, इकबाल खान,अशोक तिवारी, धनु बर्मन,वरुण पाल, शोभराज नागपाल, अकरम खान, पंकज सिंह (राकी), खालिद शाहिद,सुशील, विनय, आरिफ रहमान , गोलू,मज़हर ,पप्पू , परवेज,जाहिर, माया सोंधिया, राहुल सोंधिया, गोविंद प्रजापती जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, कांग्रेस कार्यकर्ता, स्थानीय व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • जिला सीधी बैंकिंग न्यूज आज करवाही बांध में पानी की बहुत सनसनी garm पंचायत भवन के पास सीधी जिला करवाही की सबसे बड़ी बारिश होने के कारण बांध पे बहुत ज्यादा पानी ग्राम पंचायत भवन के पास का सीन फिर से बारिश होने वाली है वीडियो देखने के लिए मेरे चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करो
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    जिला सीधी बैंकिंग न्यूज आज करवाही बांध में पानी की बहुत सनसनी garm पंचायत भवन के पास
सीधी जिला करवाही की सबसे बड़ी बारिश होने के कारण बांध पे बहुत ज्यादा पानी ग्राम पंचायत भवन के पास का सीन  फिर से बारिश होने वाली है वीडियो देखने के लिए मेरे चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करो
    user_Satyam tiwari
    Satyam tiwari
    मझौली, सीधी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सागर मध्य प्रदेश में जहरीली शराब की मौत पर डॉक्टर मोहन यादव जी हुए सख्त उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा प्रभारी मंत्री को जहरीली शराब कांड की जांच करने के लिए आदेश दिया गया है जिन लोगों की मृत्यु हुई है उसका मुझे भारी दुख है जहरीली शराब कांड के दोषियों को माफ नहीं किया जाएगाl सीएम डॉक्टर मोहन यादव मुकेश कुमार दुबे संवाददाता रिपोर्टर जिला उमरिया मध्य प्रदेश l सागर मध्य प्रदेश में हुई जहरीली शराब का कांड को लेकर मुख्यमंत्री जी बहुत सख्त हुए है उनके द्वारा कहा गया कि शराब कांड की जांच की जाएगी एवम् दोषियों को छोड़ नहीं जाएगाl कड़ी सजा दी जाएगी l प्रभारी मंत्री को जहरीली शराब कांड की जांच कर उन्हें जल्दी रिपोर्ट देने को कहा है l
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    सागर मध्य प्रदेश में जहरीली शराब की मौत पर  डॉक्टर मोहन यादव जी हुए सख्त उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा प्रभारी मंत्री को जहरीली शराब कांड की जांच करने के लिए आदेश दिया गया है जिन लोगों की मृत्यु हुई है उसका मुझे भारी दुख है जहरीली शराब कांड के दोषियों को माफ नहीं किया जाएगाl सीएम डॉक्टर मोहन यादव
मुकेश कुमार दुबे संवाददाता रिपोर्टर जिला उमरिया मध्य प्रदेश l
सागर मध्य प्रदेश में हुई जहरीली शराब का
कांड को लेकर  मुख्यमंत्री जी बहुत सख्त हुए है उनके द्वारा  कहा गया कि शराब कांड की जांच की जाएगी एवम् दोषियों को छोड़ नहीं जाएगाl  कड़ी सजा दी जाएगी l प्रभारी मंत्री को जहरीली शराब कांड की जांच कर उन्हें जल्दी रिपोर्ट देने को कहा है l
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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