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Sanjay kol
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- जिला सीधी बैंकिंग न्यूज आज करवाही बांध में पानी की बहुत सनसनी garm पंचायत भवन के पास सीधी जिला करवाही की सबसे बड़ी बारिश होने के कारण बांध पे बहुत ज्यादा पानी ग्राम पंचायत भवन के पास का सीन फिर से बारिश होने वाली है वीडियो देखने के लिए मेरे चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करो2
- *सागर नकली शराब मामला: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिए थे सख्त निर्देश, 3 अधिकारी निलंबित, 1 मुख्यालय अटैच* - *सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से हुईं मौतें* - *घटना से संबंधित किसी दोषी को नहीं छोड़ेंगे प्रदेश के मुखिया* - *सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रभावितों से मिले वरिष्ठ अधिकारी* भोपाल/सागर। सागर जिले की बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। उनके निर्देश पर तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही कह दिया था कि इस घटना के लिए दोषी किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि यह घटना सागर जिले के बंडा तहसील के ग्राम गोगरा खुर्द, नौरोज, और पाटन में हुई। इसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सागर के सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन ने उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया है। *सीएम डॉ. यादव ने दिखाई थी सख्ती* घटना को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा था कि मैंने प्रभारी मंत्री एवं अधिकारियों को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की थी और प्रभावित क्षेत्र में तत्काल जांच, राहत एवं उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश के मद्देनजर सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।1
- chitraw ke, महेश शर्मा पानी।के।खेत।को, नष्ट करदिया,प I।jayda।ke।Karan chitraw कुदरा टोला के पास महेश शर्मा का बड़ा खेत, बारिश की वर्षा के कारण सब नष्ट हो चुका1
- सड़क के लिए तरस रहा बांधा टोला, 181 की शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’। सड़क के लिए तरस रहा बांधा टोला, 181 की शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत ग्रामीणों का आरोप—शिकायत वापस लेने के लिए सचिव ने बनाया दबाव, बोले- ‘कहीं भी शिकायत कर लो, कुछ नहीं होगा’ मानपुर-उमरिया। जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पलझा के बांधा टोला में बदहाल सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बरसात के दिनों में स्थिति और विकट हो जाती है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता खराब होने के कारण ग्रामीणों को रोजगार, बच्चों की पढ़ाई, बीमारों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि गांव आने वाले रिश्तेदार भी पहले फोन कर पूछते हैं कि रास्ता चलने लायक है या नहीं। ग्रामीणों के मुताबिक बदहाल रास्ते के कारण छोटे-छोटे घरेलू काम भी मुश्किल हो गए हैं। घर से गेहूं आटा चक्की तक ले जाना तक चुनौती बन जाता है और रास्ते में गेहूं गिरने लगता है। 181 पर शिकायत, फिर वापस लेने का आरोप समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शासन की 181 शिकायत सेवा पर सड़क निर्माण की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद ग्राम पंचायत सचिव की ओर से फोन कर शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया। ग्रामीणों के अनुसार कथित तौर पर उनसे कहा गया कि “कंप्लेंट काट दो, इससे कुछ नहीं बनने वाला, चाहे मुख्यमंत्री तक चले जाओ।” हालांकि इस कथित बातचीत और आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित पंचायत सचिव का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। शिकायत व्यवस्था पर उठे सवाल यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल सड़क की बदहाली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शासन की शिकायत व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होंगे। सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने के लिए 181 जैसी व्यवस्था बनाई है। ऐसे में शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायतकर्ता पर उसे वापस लेने का दबाव बनाए जाने का आरोप गंभीर है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांव में सड़क जैसी मूलभूत सुविधा की समस्या को लेकर शिकायत करने पर भी राहत नहीं मिलती और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव की बात सामने आती है, तो आखिर वे अपनी समस्या लेकर कहां जाएं? जमीनी हकीकत देखने की मांग ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से बांधा टोला पहुंचकर सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि ऐसा रास्ता चाहिए जिस पर बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लेकर लोग सुरक्षित आवागमन कर सकें। अब इन सवालों के जवाब जरूरी - 181 पर दर्ज शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? - बांधा टोला की सड़क के लिए जिम्मेदार विभाग और पंचायत ने क्या कदम उठाए? - क्या ग्रामीणों से शिकायत वापस लेने के लिए कहा गया था? - यदि आरोप सही हैं तो शिकायत वापस लेने का दबाव क्यों बनाया गया? - क्या प्रशासन पूरे मामले की जांच कर ग्रामीणों को वास्तविक राहत देगा? बांधा टोला के ग्रामीणों की मांग साफ है—उन्हें आश्वासन नहीं, चलने लायक सड़क चाहिए। अब देखना यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और 181 पर दर्ज शिकायत का समाधान कब तक होता है।3
- Rewa संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मृत घोषित करने का आरोप, NSUI का धरना Rewa संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मृत घोषित करने का आरोप, NSUI का धरना1
- जवाहर लाल चित्रव खेत। मेढ़ नष्ट होगया।है। बरसा के।कारण। ग्राम पंचायत चित्रम थाना तहसील जैसीनगर जिलाशहडोल मध्य प्रदेश। कुदरतोला घटना। यह खेत। जबरा हर।लाल।खेत। नष्ट हुआ।है2
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