विशेष सखोल पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रमातील कर्तव्यात कसूर केल्याप्रकरणी सहाय्यक मतदार नोंदणी अधिकारी निलंबित विशेष सखोल पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रमातील कर्तव्यात कसूर केल्याप्रकरणी सहाय्यक मतदार नोंदणी अधिकारी निलंबित भारत निवडणूक आयोगाच्या निर्देशानुसार सुरू असलेल्या विशेष सखोल पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रमांतर्गत श्री. गोपाळ चौधरी, गटशिक्षणाधिकारी, पंचायत समिती वसई यांची 132 नालासोपारा विधानसभा मतदारसंघासाठी सहाय्यक मतदार नोंदणी अधिकारी (Assistant Electoral Registration Officer – AERO) म्हणून नियुक्ती करण्यात आली होती. मात्र, नियुक्तीनंतर त्यांनी कोणतीही पूर्वसूचना अथवा सक्षम प्राधिकाऱ्याची परवानगी न घेता आपल्या कर्तव्यावर गैरहजर राहून विशेष सखोल पुनरीक्षण कार्यक्रमातील कोणतेही कामकाज केले नाही. तसेच SIR कार्यक्रमातील कामात हलगर्जीपणा, दुर्लक्ष, कामात टाळाटाळ व कर्तव्यात कसूर केल्यामुळे संबंधित विधानसभा मतदारसंघातील निवडणूक विषयक कामकाजावर प्रतिकूल परिणाम होऊन काम अपूर्ण राहिले. या बाबीची गंभीर दखल घेऊन मा. जिल्हाधिकारी तथा जिल्हा निवडणूक अधिकारी, पालघर यांनी संबंधित अधिकाऱ्याविरुद्ध लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 नियमांनुसार शिस्तभंगाची कार्यवाही करत त्यांना तात्काळ निलंबित करण्याबाबत मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिल्हा परिषद पालघर याना निर्देश देण्यात आलेले आहेत त्यानुसार निलबनाचे आदेश मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिल्हा परिषद पालघर यांचे कडून काढण्यात येत आहेत. विशेष सखोल पुनरीक्षण कार्यक्रम हा भारत निवडणूक आयोगाचा अत्यंत महत्त्वाचा आणि कालबद्ध कार्यक्रम असून, या कामात कोणत्याही प्रकारचा हलगर्जीपणा, निष्काळजीपणा, कामात टाळाटाळ अथवा कर्तव्यात कसूर खपवून घेतली जाणार नाही. अशा प्रकारच्या प्रकरणांमध्ये संबंधित अधिकारी व कर्मचाऱ्यांविरुद्ध नियमानुसार शिस्तभंगाची कठोर कारवाई करण्यात येईल, असा इशारा जिल्हा प्रशासनाने दिला आहे. — जिल्हाधिकारी तथा जिल्हा निवडणूक अधिकारी, पालघर
विशेष सखोल पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रमातील कर्तव्यात कसूर केल्याप्रकरणी सहाय्यक मतदार नोंदणी अधिकारी निलंबित विशेष सखोल पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रमातील कर्तव्यात कसूर केल्याप्रकरणी सहाय्यक मतदार नोंदणी अधिकारी निलंबित भारत निवडणूक आयोगाच्या निर्देशानुसार सुरू असलेल्या विशेष सखोल पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रमांतर्गत श्री. गोपाळ चौधरी, गटशिक्षणाधिकारी, पंचायत समिती वसई यांची 132 नालासोपारा विधानसभा मतदारसंघासाठी सहाय्यक मतदार नोंदणी अधिकारी (Assistant Electoral Registration Officer – AERO) म्हणून नियुक्ती करण्यात आली होती. मात्र, नियुक्तीनंतर त्यांनी कोणतीही पूर्वसूचना अथवा सक्षम प्राधिकाऱ्याची परवानगी न घेता आपल्या कर्तव्यावर गैरहजर राहून विशेष सखोल पुनरीक्षण कार्यक्रमातील कोणतेही कामकाज केले नाही. तसेच SIR कार्यक्रमातील कामात हलगर्जीपणा, दुर्लक्ष, कामात टाळाटाळ व कर्तव्यात कसूर केल्यामुळे संबंधित विधानसभा मतदारसंघातील निवडणूक विषयक कामकाजावर प्रतिकूल परिणाम होऊन काम अपूर्ण राहिले. या बाबीची गंभीर दखल घेऊन मा. जिल्हाधिकारी तथा जिल्हा निवडणूक अधिकारी, पालघर यांनी संबंधित अधिकाऱ्याविरुद्ध लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 नियमांनुसार शिस्तभंगाची कार्यवाही करत त्यांना तात्काळ निलंबित करण्याबाबत मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिल्हा परिषद पालघर याना निर्देश देण्यात आलेले आहेत त्यानुसार निलबनाचे आदेश मुख्य कार्यकारी अधिकारी,जिल्हा परिषद पालघर यांचे कडून काढण्यात येत आहेत. विशेष सखोल पुनरीक्षण कार्यक्रम हा भारत निवडणूक आयोगाचा अत्यंत महत्त्वाचा आणि कालबद्ध कार्यक्रम असून, या कामात कोणत्याही प्रकारचा हलगर्जीपणा, निष्काळजीपणा, कामात टाळाटाळ अथवा कर्तव्यात कसूर खपवून घेतली जाणार नाही. अशा प्रकारच्या प्रकरणांमध्ये संबंधित अधिकारी व कर्मचाऱ्यांविरुद्ध नियमानुसार शिस्तभंगाची कठोर कारवाई करण्यात येईल, असा इशारा जिल्हा प्रशासनाने दिला आहे. — जिल्हाधिकारी तथा जिल्हा निवडणूक अधिकारी, पालघर
- Post by Aleem Inamdar1
- रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की मुंबई: देशभर में छात्र मुद्दों को लेकर बढ़ती भावनाओं के बीच रिज़वी कॉलेज ने एक अलग और जिम्मेदार पहल करते हुए छात्रों को कॉलेज परिसर के भीतर शांतिपूर्ण हस्ताक्षर अभियान और लिखित विरोध-पत्र के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर दिया। कॉलेज ने छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय उन्हें संविधानसम्मत, सुरक्षित और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया, जहां वे अपनी चिंताओं को व्यक्त कर सकें और साथ ही उनकी सुरक्षा, गरिमा तथा शैक्षणिक वातावरण भी सुरक्षित रहे। संस्थान का मानना है कि लोकतंत्र और अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं तथा शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि छात्रों को नैतिकता और संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखना भी सिखाना है। रिज़वी एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स की निदेशक एडवोकेट रुबीना अख्तर हसन रिज़वी ने कहा, "मैं सम्मानजनक विरोध में विश्वास रखती हूं। गाली-गलौज, व्यक्तिगत आरोप या अपमानजनक भाषा न तो नैतिक है और न ही हमारे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के मूल्यों के अनुरूप। सरकार की नीतियों से मतभेद हो सकते हैं और मुस्लिम समुदाय की भावनाएं भी कुछ मुद्दों पर आहत हो सकती हैं, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत अपमान करना उचित नहीं है। असहमति भी गरिमा के साथ व्यक्त की जानी चाहिए।" उन्होंने कहा, "सड़क पर प्रदर्शन की इच्छा को शांतिपूर्ण दिशा देने के लिए मैंने छात्रों से संस्थान के भीतर ही विरोध-पत्र लिखवाया और उस पर हस्ताक्षर करवाए। एक वकील होने के नाते मेरी पहली जिम्मेदारी अपने संस्थान, शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा करना है। नेतृत्व का अर्थ अपने लोगों की रक्षा करते हुए उनकी आवाज़ को उचित मंच देना है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने विरोध को रोका नहीं, बल्कि उसका तरीका बदला। हर छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें यह भी सिखाए कि इस अधिकार का उपयोग सम्मान, अनुशासन और गरिमा के साथ कैसे किया जाए।" एडवोकेट रुबीना रिज़वी ने कहा कि उनके संस्थानों में नैतिकता और संस्कार सर्वोपरि हैं। "यदि कुछ छात्र कहीं और भी विरोध में शामिल हुए होंगे तो मुझे विश्वास है कि उन्होंने भी शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से अपनी बात रखी होगी। हम अपने छात्रों को किसी का अपमान करना या आक्रामक होना नहीं सिखाते, बल्कि जिम्मेदार, सम्मानजनक और साहसी नागरिक बनना सिखाते हैं।" उन्होंने इस पहल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं हमारे सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के प्रत्येक सदस्य का हृदय से धन्यवाद करती हूं। आपके सहयोग से छात्रों को शांतिपूर्ण, नैतिक और लोकतांत्रिक वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर मिला।" उन्होंने छात्रों की भी सराहना करते हुए कहा, "मुझे अपने छात्रों पर गर्व है कि उन्होंने यह साबित किया कि मजबूत विचार बिना नफरत के भी व्यक्त किए जा सकते हैं, असहमति बिना असम्मान के भी हो सकती है और लोकतंत्र अनुशासन एवं गरिमा से और मजबूत बनता है। उन्होंने दिखाया कि उकसावे से अधिक ताकत कलम में होती है।" रिज़वी कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की है। यह पहल संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नेतृत्व और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।1
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- चांद पर फिर जाग उठा चंद्रयान-2! वैज्ञानिकों का दावा—'हम अभी जिंदा हैं', दुनिया हैरान। नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत का चंद्रयान-2 लैंडर एक बार फिर सक्रिय हो गया है और उसने सिग्नल भेजे हैं। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे और पूरी दुनिया हैरान रह गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधिकारिक तौर पर इस तरह की किसी नई उपलब्धि की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए गए दावों को बिना पुष्टि के सच मानना उचित नहीं होगा। यदि भविष्य में इस संबंध में ISRO की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी की जाती है, तो वह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। 'आपकी जंग' की अपील: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। सत्यापित जानकारी ही समाज को सही दिशा देती है।1
- 🚨 छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग, NCP नेता फैज़ अंसारी ने CM फडणवीस को लिखा पत्र। महाराष्ट्र में हालिया छात्र आंदोलनों में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR और आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग अब तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के जोगेश्वरी (पूर्व) तालुका अध्यक्ष फैज़ रईस अंसारी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर छात्रों पर दर्ज सभी FIR और कानूनी कार्रवाई तत्काल वापस लेने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त किया जाना चाहिए, ताकि उनकी शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। इस पूरे मामले की जानकारी और पत्र की मुख्य बातें जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखें।1
- संसद में गरमाया माहौल! अमित शाह के संजय सिंह के पास पहुंचते ही बढ़ा सियासी तापमान, स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में एक बार फिर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन की कार्यवाही के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्षी सांसद संजय सिंह की ओर बढ़े, जिसके बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया। इस दौरान सभापति की ओर से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई और कार्यवाही कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल में चलती रही। संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार टकराव जारी है। विरोध, नारेबाजी और तीखी बहस के बीच यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- चंद्रशेखर आज़ाद बोले – मुझे 15 मिनट की जगह सिर्फ 5 मिनट बोलने दिया गया! | संसद में हंगामा 🚨 लोकसभा की कार्यवाही के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि उन्हें पूरा समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 15 मिनट के बजाय उन्हें केवल कुछ मिनट ही बोलने का अवसर मिला। इस वीडियो में जानिए उनके बयान की मुख्य बातें और सदन में हुई चर्चा1