सहारनपुर में एक रेलवे कर्मचारी ने अंबेडकर स्टेडियम के कुश्ती कोच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का दावा है कि कोच उनके सरकारी क्वार्टर में एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिला था। विरोध करने पर कर्मचारी को तमंचा दिखाकर धमकाया गया और बाद में जान से मारने की धमकियां भी मिलीं। पीड़ित ने शनिवार दोपहर एसएसपी से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रेलवे में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत निखिल खाजियान ने बताया कि यह घटना लगभग तीन-चार महीने पुरानी है। शादी के बाद वे करीब एक महीने तक अपने सरकारी क्वार्टर से बाहर थे। जब वे ड्यूटी पर लौटे और क्वार्टर पहुंचे, तो उन्हें मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ मिला। दीवार फांदकर अंदर जाने पर निखिल को एक युवक और एक युवती आपत्तिजनक स्थिति में मिले। निखिल के अनुसार, जब उन्होंने दोनों से उनकी पहचान पूछी, तो युवक ने कथित तौर पर उन्हें तमंचा दिखाकर धमकाया और घटना के बारे में किसी को न बताने की चेतावनी दी। पीड़ित ने यह भी बताया कि दोनों के क्वार्टर से निकलते समय उन्होंने मोबाइल से फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे, जो उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं। साथी कर्मचारियों की मदद से निखिल ने युवक की पहचान शहर के अंबेडकर स्टेडियम में कुश्ती कोच के रूप में की, और युवती उसकी छात्रा निकली। निखिल का आरोप है कि यह जानकारी स्टेडियम तक पहुंचने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें कई बार रास्ते में रोककर धमकियां दी गईं और कहा गया कि उन्होंने कोच को बदनाम किया है। निखिल ने बताया कि उन्होंने पहले सिविल लाइन चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए धमकियां बंद हो गई थीं। हालांकि, पिछले एक महीने से उन्हें फिर से धमकियां मिलनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2 जुलाई की रात चार लोग उनके सरकारी क्वार्टर पर आए, गाली-गलौज की और घटना का जिक्र किसी से करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर चले गए। रेलवे कर्मचारी निखिल खाजियान ने कहा कि लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण वे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे हैं, और उन्हें अपनी ड्यूटी करने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, इस मामले में एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है, प्रकरण की जांच कराई जा रही है, और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर में एक रेलवे कर्मचारी ने अंबेडकर स्टेडियम के कुश्ती कोच पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का दावा है कि कोच उनके सरकारी क्वार्टर में एक छात्रा के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिला था। विरोध करने पर कर्मचारी को तमंचा दिखाकर धमकाया गया और बाद में जान से मारने की धमकियां भी मिलीं। पीड़ित ने शनिवार दोपहर एसएसपी से इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। रेलवे में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत निखिल खाजियान ने बताया कि यह घटना लगभग तीन-चार महीने पुरानी है। शादी के बाद वे करीब एक महीने तक अपने सरकारी क्वार्टर से बाहर थे। जब वे ड्यूटी पर लौटे और क्वार्टर पहुंचे, तो उन्हें मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ मिला। दीवार फांदकर अंदर जाने पर निखिल को एक युवक और एक युवती आपत्तिजनक स्थिति में मिले। निखिल के अनुसार, जब उन्होंने दोनों से उनकी पहचान पूछी, तो युवक ने कथित तौर पर उन्हें तमंचा दिखाकर धमकाया और घटना के बारे में किसी को न बताने की चेतावनी दी। पीड़ित ने यह भी बताया कि दोनों के क्वार्टर से निकलते समय उन्होंने मोबाइल से फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए थे, जो उनके पास सबूत के तौर पर मौजूद हैं। साथी कर्मचारियों की मदद से निखिल ने युवक की पहचान शहर के अंबेडकर स्टेडियम में कुश्ती कोच के रूप में की, और युवती उसकी छात्रा निकली। निखिल का आरोप है कि यह जानकारी स्टेडियम तक पहुंचने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें कई बार रास्ते में रोककर धमकियां दी गईं और कहा गया कि उन्होंने कोच को बदनाम किया है। निखिल ने बताया कि उन्होंने पहले सिविल लाइन चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए धमकियां बंद हो गई थीं। हालांकि, पिछले एक महीने से उन्हें फिर से धमकियां मिलनी शुरू हो गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2 जुलाई की रात चार लोग उनके सरकारी क्वार्टर पर आए, गाली-गलौज की और घटना का जिक्र किसी से करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर चले गए। रेलवे कर्मचारी निखिल खाजियान ने कहा कि लगातार मिल रही इन धमकियों के कारण वे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे हैं, और उन्हें अपनी ड्यूटी करने में भी कठिनाई महसूस हो रही है। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, इस मामले में एसपी सिटी व्योम बिंदल का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है, प्रकरण की जांच कराई जा रही है, और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- जादूगर बादशाह का भव्य लाइव शो "बादशाह मैजिक वर्ल्ड" यमुनानगर में शुरू हो चुका है। जादूगर बादशाह अपने इस शो के साथ पहली बार यमुनानगर आए हैं। यह शो सौभाग्य रिसोर्ट में 3 जुलाई 2026 से 26 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। जादूगर बादशाह का पूरा पहला मैजिक शो CITY NEWS INDIA पर देखा जा सकता है।1
- सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के गांव गंगदासपुर में उस समय जश्न का माहौल छा गया, जब बीएसएफ के एक सब-इंस्पेक्टर सेवानिवृत्त होकर अपने गांव पहुँचे। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और नोटों की मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया, जिसके बाद रिटायर्ड फौजी देशभक्ति गीतों की धुन पर जमकर थिरके। गांव के लोगों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारों के साथ उनका सम्मान किया। यह भावुक और गर्व से भरा पल अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मुजफ्फरनगर में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई में नई मंडी थाना पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ₹7.5 लाख अनुमानित कीमत की 150 पेटी हरियाणा मार्का अवैध शराब बरामद की है। यह शराब आगामी ग्राम प्रधान चुनाव में अवैध रूप से खपाने के लिए लाई गई थी। इस कार्रवाई के दौरान एक शराब तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। यह संयुक्त कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में की गई। संयुक्त टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी आनंद देव मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर, और आबकारी निरीक्षक अनिल कुमार एवं विकास कुमार ने किया। गुप्त सूचना पर की गई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में यह अवैध शराब बरामद कर आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि बरामद शराब को आगामी ग्राम प्रधान चुनाव में इस्तेमाल करने की तैयारी की जा रही थी। इस खुलासे के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है, जिसमें शराब की खेप के स्रोत और इसे किन लोगों तक पहुँचाया जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध शराब के कारोबार और चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- यमुनानगर जिले के सढोरा में नकटी नदी के पुल के नीचे से मिट्टी हटाने का कार्य सिंचाई विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। यह पहल पार्षद एवं सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन नैब सैनी और नगर पालिका वाइस चेयरमैन दविंद्र सैनी द्वारा सिंचाई विभाग को लिखे गए पत्र के बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने बरसात में पानी के बहाव का रास्ता बनाने और नदी का पानी नगर में प्रवेश करने से रोकने के लिए नदी की सफाई की मांग की थी। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी प्रार्थना की थी। सिंचाई विभाग ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मशीन भेजकर नदी में सफाई का कार्य आरंभ किया है। पूर्व पंच शिवकुमार सैनी, चमन लाल सैनी और जय सिंह ने बताया कि लंबे समय से नदी की सफाई न होने के कारण इसमें अत्यधिक मिट्टी जमा हो गई थी, जिससे हर बरसात में नदी का पानी नगर की ओर मुड़कर लोगों के घरों में घुस जाता था और नुकसान पहुंचाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद नैब सैनी और दविंद्र सैनी (जिन्हें दविंद्र लवली भी कहा गया) इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत रहे। अब उनके प्रयासों से ही नदी की सफाई का कार्य शुरू हो पाया है। लोगों ने इसके लिए पार्षद नैब सैनी और दविंद्र लवली के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- जादूगर बादशाह अपने भव्य लाइव शो "बादशाह मैजिक वर्ल्ड" के साथ पहली बार यमुनानगर आए हैं। यह विश्वस्तरीय शो 3 जुलाई 2026 से 26 जुलाई 2026 तक सौभाग्य रिसोर्ट में आयोजित किया जा रहा है। विधायक ने रिबन काटकर इस मैजिक शो का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर यमुनानगर की मेयर सुमन बहमनी और भूतपूर्व मंत्री कंवरपाल गुज्जर भी मौजूद रहे।1
- मुजफ्फरनगर के थाना नई मण्डी क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की एक संयुक्त टीम ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान में एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से कुल 150 पेटी अवैध शराब बरामद की गई। बरामद शराब में 129 पेटी हरियाणा मार्का देशी शराब तथा 21 पेटी हरियाणा मार्का अंग्रेजी शराब शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 7.5 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे एक अशोक लीलैंड ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- नगर पालिका (नपा) ने आज सतपुड़ा के सढोरा मुख्य बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिससे अस्थाई दुकानदारों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। यह अभियान शनिवार को विशेष बाजार लगने के कारण चलाया गया, जब काफी संख्या में बाहरी दुकानदार भी अपनी अस्थाई दुकानें लगाए हुए थे। अभियान के दौरान, नपा कर्मचारियों ने दुकानों के बाहर रखे सामान और अनेकों अस्थाई दुकानों को हटाया। इस कार्रवाई से प्रभावित अस्थाई दुकानदारों ने नपा पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नगर पालिका प्रशासन अपने चहेते दुकानदारों को कुछ नहीं कहता, जबकि गरीब दुकानदारों पर बेवजह मार डाली जा रही है। स्थानीय आमजन का भी कहना है कि मुख्य बाजार में कई स्थायी दुकानदार पैसे लेकर अपनी दुकान के सामने अस्थाई दुकानें लगवा देते हैं, लेकिन नपा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि नपा सिर्फ गरीब अस्थाई दुकानदारों पर ही कार्रवाई करती है, जबकि मार्केट में मौजूद स्थायी अतिक्रमण और सढोरा नदी में अवैध रूप से किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाती। आमजन ने मांग की है कि नगर पालिका को स्थायी अतिक्रमण और नदी के अवैध अतिक्रमण को भी हटाना चाहिए।1
- हरिद्वार के बढेड़ी राजपुताना गाँव का वह खेल मैदान, जो कभी बच्चों की किलकारियों और युवाओं के भविष्य की नींव रखता था, अब पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार हो चुका है। स्थिति यह है कि मैदान अब खेलने लायक नहीं रहा, बल्कि कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी और बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मैदान खास तौर पर बच्चों के खेल और ग्रामीण गतिविधियों के लिए विकसित किया गया था, लेकिन अब यह अव्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण बन गया है। न तो इसकी नियमित सफाई हो रही है और न ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस गंभीर स्थिति पर चुप क्यों है, खासकर तब जब सरकार 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत देश को स्वच्छ बनाने का दावा करती है। युवाओं और अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है कि इस वजह से बच्चों की खेल प्रतिभा प्रभावित हो रही है और वे मजबूरी में घरों तक ही सीमित रह गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस खेल मैदान की सफाई करवाने, कूड़ा हटाने और इसे दोबारा खेलने योग्य बनाने की माँग की है, ताकि बच्चों को उनका हक और स्वस्थ वातावरण मिल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर जागेगा या यह खेल मैदान इसी तरह उपेक्षित रहेगा।1