हरिद्वार के बढेड़ी राजपुताना गाँव का वह खेल मैदान, जो कभी बच्चों की किलकारियों और युवाओं के भविष्य की नींव रखता था, अब पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार हो चुका है। स्थिति यह है कि मैदान अब खेलने लायक नहीं रहा, बल्कि कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी और बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मैदान खास तौर पर बच्चों के खेल और ग्रामीण गतिविधियों के लिए विकसित किया गया था, लेकिन अब यह अव्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण बन गया है। न तो इसकी नियमित सफाई हो रही है और न ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस गंभीर स्थिति पर चुप क्यों है, खासकर तब जब सरकार 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत देश को स्वच्छ बनाने का दावा करती है। युवाओं और अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है कि इस वजह से बच्चों की खेल प्रतिभा प्रभावित हो रही है और वे मजबूरी में घरों तक ही सीमित रह गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस खेल मैदान की सफाई करवाने, कूड़ा हटाने और इसे दोबारा खेलने योग्य बनाने की माँग की है, ताकि बच्चों को उनका हक और स्वस्थ वातावरण मिल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर जागेगा या यह खेल मैदान इसी तरह उपेक्षित रहेगा।
हरिद्वार के बढेड़ी राजपुताना गाँव का वह खेल मैदान, जो कभी बच्चों की किलकारियों और युवाओं के भविष्य की नींव रखता था, अब पूरी तरह से उपेक्षा का शिकार हो चुका है। स्थिति यह है कि मैदान अब खेलने लायक नहीं रहा, बल्कि कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी और बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मैदान खास तौर पर बच्चों के खेल और ग्रामीण गतिविधियों के लिए विकसित किया गया था, लेकिन अब यह अव्यवस्था और लापरवाही का उदाहरण बन गया है। न तो इसकी नियमित सफाई हो रही है और न ही प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर जिम्मेदार विभाग इस गंभीर स्थिति पर चुप क्यों है, खासकर तब जब सरकार 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत देश को स्वच्छ बनाने का दावा करती है। युवाओं और अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है कि इस वजह से बच्चों की खेल प्रतिभा प्रभावित हो रही है और वे मजबूरी में घरों तक ही सीमित रह गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस खेल मैदान की सफाई करवाने, कूड़ा हटाने और इसे दोबारा खेलने योग्य बनाने की माँग की है, ताकि बच्चों को उनका हक और स्वस्थ वातावरण मिल सके। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर जागेगा या यह खेल मैदान इसी तरह उपेक्षित रहेगा।
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के पांच वर्ष सफलतापूर्वक पूरे होने के अवसर पर ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। इस कार्यक्रम में राज्यपाल गुरमीत सिंह के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और पिछले पांच वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया गया।1
- लक्सर क्षेत्र के डौसनी गांव में आज सुबह करीब 4:30 बजे मदनपाल नामक व्यक्ति के घर में एक खतरनाक मगरमच्छ घुस गया। घर में हलचल होने पर परिवार के सदस्य जाग गए और मगरमच्छ का तांडव देखकर दहशत में आ गए। अपनी जान बचाने के लिए परिवार को घर की छत पर चढ़ना पड़ा। घटना की सूचना लक्सर वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने मगरमच्छ को सफलतापूर्वक पकड़कर दूर गंगा नदी में छोड़ दिया। इस बचाव अभियान में वन विभाग की टीम के सदस्य गुरजंट सिंह और भोपाल सिंह शामिल रहे। खतरनाक मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद डौसनी गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उन्होंने वन विभाग लक्सर की टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद किया और अपनी खुशी जाहिर की।1
- जय किसान जय जवान।1
- बिजनौर जिले के जहानाबाद ग्राम, पोस्ट दारानगर गंज के जंगल में स्थित बिजली ट्यूबवेलों पर चोरों ने चोरी की एक बड़ी घटना को अंजाम देते हुए पुलिस को सीधी चुनौती दी है। इस घटना में करीब पाँच ट्यूबवेलों से मोटर से कॉपर निकालकर ले जाया गया, जबकि चोरों ने बचा हुआ सारा सामान इधर-उधर फेंक दिया। जिन किसानों के ट्यूबवेलों को निशाना बनाया गया उनमें मोहम्मद शाकिर, गुडविल, बाली, संजय और बोबन शामिल हैं। इस वारदात को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि पुलिस कब तक इन चोरों को गिरफ्तार कर चोरी की गई मोटरें बरामद करती है, जिससे "योगी जी की बात" सही साबित हो सके।1
- उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को ऋषिकेश में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वे बापू ग्राम क्षेत्र के वन भूमि विवाद को सुलझाने और इसे राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें रास्ते में ही रोककर गिरफ्तार कर लिया। बापू ग्राम और मीरानगर दशकों से घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं, जहाँ 70 हजार से अधिक लोग रहते हैं। ये निवासी वन भूमि प्रकरण के कारण अपने अस्तित्व और आशियाने को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वन भूमि के सर्वे और तारबाड़ की कार्रवाई से यहाँ के निवासियों में बेघर होने का डर बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और UKD नेताओं का तर्क है कि वे पिछले कई दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और नगर निगम को नियमित रूप से टैक्स भी दे रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर इस क्षेत्र को राजस्व ग्राम घोषित करना चाहिए, जिससे लोगों को मालिकाना हक मिल सके और वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उल्लेखनीय है कि बापू ग्राम को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर ऋषिकेश में पिछले कई महीनों से 'बापू ग्राम बचाओ संघर्ष समिति' के बैनर तले धरना और महारैली जैसे उग्र प्रदर्शन लगातार जारी हैं।1
- सहारनपुर से सामने आए एक संदेश में देश की जनता का पैसा बर्बाद होने पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की गई है। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है, जिसके कारण जनता का धन व्यर्थ जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे इस वीडियो को देश की जनता के लिए अवश्य साझा करें।1
- देहरादून के पटेलनगर में दून पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वाले 41 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत, पटेलनगर पुलिस ने इन सभी लोगों को हिरासत में लिया, जो सड़क किनारे, खुले स्थानों और वाहनों में शराब पीते हुए पाए गए थे। पूछताछ के बाद, सभी का पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी गई। यह कार्रवाई एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' का एक हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी, हुड़दंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों को 'मयखाना' में बदलने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- राजस्थान दौरे पर निकले नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के काफिले पर अचानक असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद मौजूदा सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। यह मुद्दा उठाया गया है कि अगर जनता द्वारा चुना गया एक सांसद ही सुरक्षित नहीं है, तो सरकार आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगी।1
- हरिद्वार के गंगा घाट पर आयोजित किसान यूनियन महाकुंभ से एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बार बालाओं द्वारा अश्लील डांस करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या इसी तरह से किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। जनता जानना चाह रही है कि इस तरह के कार्यक्रम के लिए किसने अनुमति दी और क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की जाएगी।1