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देहरादून के पटेलनगर में दून पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वाले 41 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत, पटेलनगर पुलिस ने इन सभी लोगों को हिरासत में लिया, जो सड़क किनारे, खुले स्थानों और वाहनों में शराब पीते हुए पाए गए थे। पूछताछ के बाद, सभी का पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी गई। यह कार्रवाई एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' का एक हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी, हुड़दंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों को 'मयखाना' में बदलने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
देहरादून के पटेलनगर में दून पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वाले 41 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत, पटेलनगर पुलिस ने इन सभी लोगों को हिरासत में लिया, जो सड़क किनारे, खुले स्थानों और वाहनों में शराब पीते हुए पाए गए थे। पूछताछ के बाद, सभी का पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी गई। यह कार्रवाई एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' का एक हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी, हुड़दंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों को 'मयखाना' में बदलने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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- देहरादून के पटेलनगर में दून पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वाले 41 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत, पटेलनगर पुलिस ने इन सभी लोगों को हिरासत में लिया, जो सड़क किनारे, खुले स्थानों और वाहनों में शराब पीते हुए पाए गए थे। पूछताछ के बाद, सभी का पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी गई। यह कार्रवाई एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' का एक हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी, हुड़दंग और शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाना है। दून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों को 'मयखाना' में बदलने वाले लोगों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- हरिद्वार में माँ गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसके बावजूद कि मानसून में देरी हो रही है।1
- हरिद्वार में नगर निगम के कूड़ा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि निगम द्वारा कूड़ा उठाया जा रहा है, वह सफाई का एक प्रयास है या फिर गंदगी को और अधिक फैलाया जा रहा है, जिससे इलाके में अव्यवस्था बढ़ रही है।1
- भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से गंगोत्री जाने का सौभाग्य मिला है, और लोगों को जीवन में माता गंगा के दर्शन कराने की बात कही गई है। गंगा माता का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है, और आशंका जताई गई है कि जुलाई महीने में हरिद्वार में गंगा माता का जलस्तर और भी बढ़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए, श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा के भीतर प्रवेश न करें, बल्कि बाहर से ही स्नान करें। सभी को सावधानी बरतने और विशेष रूप से बच्चों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, गंदगी न फैलाने और सफाई का विशेष ध्यान रखने पर भी ज़ोर दिया गया है। संदेश में कृष्ण भजन सब्सक्राइब करने और शारदा सिन्हा के गीत साझा करने का आग्रह किया गया है। इसमें दुर्गा माता और भोलेनाथ की जय के उद्घोष के साथ, गंगोत्री में गंगा माता के लाइव दर्शन और सावन महीने में गंगा माता, वैष्णो देवी का भी ज़िक्र है।1
- भारतीय किसान यूनियन (बेदी) ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को किसानों, मजदूरों और आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राष्ट्रीय सलाहकार दाताराम चौहान, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नसीर अहमद और जिलाध्यक्ष आलिम अंसारी के नेतृत्व में दिया गया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जो सभी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। ज्ञापन में संगठन ने 10 प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें किसानों का लंबित गन्ना भुगतान जल्द कराना और प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाना शामिल है। इसके साथ ही, किसानों को खाद एवं कृषि दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती बंद करने तथा उद्योगों को प्राथमिकता देने के नाम पर गांवों की बिजली प्रभावित न करने की मांग की गई है। स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए, ग्राम गाडोवाली में बढ़ते नशे और सट्टे (खाईबाड़ी) के अवैध कारोबार पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता के फोन न उठाने और समस्याओं की अनदेखी पर जवाबदेही तय करने का मुद्दा भी उठाया गया है। बहादराबाद के पृथ्वीराज चौहान चौक से पनचक्की एवं रघुनाथ मॉल तक दोनों ओर खड़े रहने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई कर जाम की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। संगठन ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अधिकारी केवल मीडिया में बयान और फोटो तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मो. माजिद, तालिब अली, जावेद, राव गुलजार, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष राव अमजद, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष मो. आज़म, राव नौसाद सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- कैबिनेट एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी टिहरी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने सेवा, सुशासन और समर्पण के संबंध में सरकार द्वारा किए गए कार्यों को विस्तार से बताया।1
- विकासनगर के टिमली गांव में देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ चीड़ की लकड़ियों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगी सीमेंट बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए लगभग 20 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी लकड़ियां चारों ओर बिखर गईं। गनीमत रही कि हादसे के समय मौके पर कोई राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ट्रक चालक बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और संबंधित विभाग तुरंत मौके पर पहुँचे, जिन्होंने ट्रक को हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस इस हादसे के कारणों की गहन जाँच कर रही है। साथ ही, पहाड़ी और वन क्षेत्रों की सड़कों पर भारी वाहनों के चालकों को विशेष सावधानी बरतने और नियंत्रित गति से वाहन चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- सदियों से धर्म नगरी के रूप में विख्यात हरिद्वार का तीर्थत्व अब 'कलिकाल' में नष्ट होता जा रहा है। पिछले चार दशकों में हुई नई बसावट के कारण घाटों, मंदिरों और धर्मशालाओं की इस शांत नगरी का चरित्र पूरी तरह बदल गया है। अब धर्म, अध्यात्म और कर्मकांड की यह नगरी मौज-मस्ती का केंद्र बनती जा रही है, जिसे स्थानीय और बाहरी लोग 'समय के परिवर्तन' के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। एक वक्त था जब हरिद्वार आकर व्यसन या मौज-मस्ती के बारे में सोचना भी पाप समझा जाता था, लेकिन अब लोग यहाँ केवल मौज-मस्ती के उद्देश्य से आने लगे हैं। इस प्रवृत्ति के लिए दिल्ली और हरियाणा से आने वाले लोग हरिद्वार में कुख्यात हो चुके हैं। इसी बदलते स्वरूप की एक बानगी हाल ही में देखने को मिली, जब वीआईपी घाट पर गंगा किनारे एक संस्था के सम्मेलन में भजन लहरी के स्थान पर महिला नृत्यांगनाओं से द्विअर्थी फिल्मी गीत गवाए गए। इन गानों पर मासूम किसान नेताओं ने प्रसन्न होकर खूब नोट लुटाए। सम्मेलन की समाप्ति पर सभी 'हर-हर गंगे' का उद्घोष करते हुए वापस लौट गए।1