सदियों से धर्म नगरी के रूप में विख्यात हरिद्वार का तीर्थत्व अब 'कलिकाल' में नष्ट होता जा रहा है। पिछले चार दशकों में हुई नई बसावट के कारण घाटों, मंदिरों और धर्मशालाओं की इस शांत नगरी का चरित्र पूरी तरह बदल गया है। अब धर्म, अध्यात्म और कर्मकांड की यह नगरी मौज-मस्ती का केंद्र बनती जा रही है, जिसे स्थानीय और बाहरी लोग 'समय के परिवर्तन' के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। एक वक्त था जब हरिद्वार आकर व्यसन या मौज-मस्ती के बारे में सोचना भी पाप समझा जाता था, लेकिन अब लोग यहाँ केवल मौज-मस्ती के उद्देश्य से आने लगे हैं। इस प्रवृत्ति के लिए दिल्ली और हरियाणा से आने वाले लोग हरिद्वार में कुख्यात हो चुके हैं। इसी बदलते स्वरूप की एक बानगी हाल ही में देखने को मिली, जब वीआईपी घाट पर गंगा किनारे एक संस्था के सम्मेलन में भजन लहरी के स्थान पर महिला नृत्यांगनाओं से द्विअर्थी फिल्मी गीत गवाए गए। इन गानों पर मासूम किसान नेताओं ने प्रसन्न होकर खूब नोट लुटाए। सम्मेलन की समाप्ति पर सभी 'हर-हर गंगे' का उद्घोष करते हुए वापस लौट गए।
सदियों से धर्म नगरी के रूप में विख्यात हरिद्वार का तीर्थत्व अब 'कलिकाल' में नष्ट होता जा रहा है। पिछले चार दशकों में हुई नई बसावट के कारण घाटों, मंदिरों और धर्मशालाओं की इस शांत नगरी का चरित्र पूरी तरह बदल गया है। अब धर्म, अध्यात्म और कर्मकांड की यह नगरी मौज-मस्ती का केंद्र बनती जा रही है, जिसे स्थानीय और बाहरी लोग 'समय के परिवर्तन' के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। एक वक्त था जब हरिद्वार आकर व्यसन या मौज-मस्ती के बारे में सोचना भी पाप समझा जाता था, लेकिन अब लोग यहाँ केवल मौज-मस्ती के उद्देश्य से आने लगे हैं। इस प्रवृत्ति के लिए दिल्ली और हरियाणा से आने वाले लोग हरिद्वार में कुख्यात हो चुके हैं। इसी बदलते स्वरूप की एक बानगी हाल ही में देखने को मिली, जब वीआईपी घाट पर गंगा किनारे एक संस्था के सम्मेलन में भजन लहरी के स्थान पर महिला नृत्यांगनाओं से द्विअर्थी फिल्मी गीत गवाए गए। इन गानों पर मासूम किसान नेताओं ने प्रसन्न होकर खूब नोट लुटाए। सम्मेलन की समाप्ति पर सभी 'हर-हर गंगे' का उद्घोष करते हुए वापस लौट गए।
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के ज्वालापुर में, हिंदू क्रांति दल ने एक हिंदू बहुमूल्य क्षेत्र में नमाज़ पढ़ने को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान ज्वालापुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ज्वालापुर फाटक पर बैरीकेट लगाए और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।1
- भारतीय किसान यूनियन (बेदी) ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को किसानों, मजदूरों और आमजन की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन राष्ट्रीय सलाहकार दाताराम चौहान, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नसीर अहमद और जिलाध्यक्ष आलिम अंसारी के नेतृत्व में दिया गया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जो सभी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। ज्ञापन में संगठन ने 10 प्रमुख मांगें उठाई हैं, जिनमें किसानों का लंबित गन्ना भुगतान जल्द कराना और प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाना शामिल है। इसके साथ ही, किसानों को खाद एवं कृषि दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती बंद करने तथा उद्योगों को प्राथमिकता देने के नाम पर गांवों की बिजली प्रभावित न करने की मांग की गई है। स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए, ग्राम गाडोवाली में बढ़ते नशे और सट्टे (खाईबाड़ी) के अवैध कारोबार पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा जनता के फोन न उठाने और समस्याओं की अनदेखी पर जवाबदेही तय करने का मुद्दा भी उठाया गया है। बहादराबाद के पृथ्वीराज चौहान चौक से पनचक्की एवं रघुनाथ मॉल तक दोनों ओर खड़े रहने वाले भारी वाहनों पर कार्रवाई कर जाम की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। संगठन ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि अधिकारी केवल मीडिया में बयान और फोटो तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष मो. माजिद, तालिब अली, जावेद, राव गुलजार, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष राव अमजद, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष मो. आज़म, राव नौसाद सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। इसी के साथ, उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्गों पर भी घने काले बादल छाए हुए हैं, जिससे स्थिति गंभीर दिख रही है। सभी भक्तों और यात्रियों से अपनी सुरक्षा के प्रति विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है, और बच्चों का भी विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। गंगा तट पर स्नान करते समय जंजीर पकड़कर सावधानी से स्नान करने को कहा गया है, साथ ही यह सूचना दूसरों तक भी पहुंचाने का आह्वान किया गया है। जुलाई महीने में ज़बरदस्त बारिश आने की संभावना भी जताई गई है, इसलिए सभी यात्री भक्तों को इस समय चारधाम की यात्रा कम से कम करने का सुझाव दिया गया है। ॐ नमो नारायण।1
- देहरादून पुलिस ने नशा और अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान के तहत ऋषिकेश में बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने एक महिला सहित दो अवैध शराब तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से कुल 142 टेट्रा पैक अवैध देशी शराब बरामद की गई, जिसमें एक महिला के पास से 52 टेट्रा पैक और दूसरे आरोपी से 90 टेट्रा पैक मिले। दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर रुड़की के युवा चिकित्सक डॉ. अर्पित सैनी को चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सराहा गया है। उन्होंने अपनी योग्यता, सेवा भाव और मरीजों के प्रति समर्पण के कारण बहुत ही कम समय में लोगों के बीच अपनी एक विशेष पहचान बनाई है। डॉ. सैनी वैलनगिरी हील्स नर्सिंग होम, रुड़की में वरिष्ठ चिकित्सक के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें चिकित्सा जगत का एक प्रतिभाशाली नाम माना जाता है। डॉ. अर्पित सैनी ने MBBS और MD (इंटरनल मेडिसिन एंड क्रिटिकल केयर) में गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं, जो उनके ज्ञान, मेहनत और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, थायराइड, पेट संबंधी रोग, छाती की बीमारियां तथा दिमाग और नसों से जुड़ी जटिल समस्याओं के उपचार में विशेष अनुभव हासिल है। इलाके के मरीजों का कहना है कि डॉ. अर्पित सैनी केवल बीमारी का सटीक निदान और उपचार ही नहीं करते, बल्कि मरीजों के साथ उनका व्यवहार भी बेहद सहज, संवेदनशील और भरोसा दिलाने वाला होता है। उनकी देखरेख में वैलनगिरी हील्स नर्सिंग होम में मरीजों को 24 घंटे जनरल मेडिसिन और क्रिटिकल केयर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।1
- हरिद्वार में माँ गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसके बावजूद कि मानसून में देरी हो रही है।1
- पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के अंतर्गत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रानीपुर के नेतृत्व में पुलिस टीमें लगातार नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं। इसी क्रम में, 02.07.2026 की रात्रि में, रानीपुर पुलिस टीम ने रैश ड्राइविंग और ड्रिंक एंड ड्राइव वाहन चालकों के विरुद्ध एक सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, फाउण्ड्री गेट मध्य मार्ग से एक ई-रिक्शा चालक रविन्द्र सैनी, पुत्र तारा चंद सैनी, निवासी बिष्णुलोक कॉलोनी, कोतवाली रानीपुर, जनपद हरिद्वार, को नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। पुलिस टीम द्वारा चालक रविन्द्र सैनी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके खिलाफ धारा 185 एमवी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए उसके ई-रिक्शा को जब्त (सीज) कर लिया गया। इस पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राहुल थापा, कांस्टेबल रविन्द्र बिष्ट और कांस्टेबल मंजीत राणा शामिल रहे।1
- सदियों से धर्म नगरी के रूप में विख्यात हरिद्वार का तीर्थत्व अब 'कलिकाल' में नष्ट होता जा रहा है। पिछले चार दशकों में हुई नई बसावट के कारण घाटों, मंदिरों और धर्मशालाओं की इस शांत नगरी का चरित्र पूरी तरह बदल गया है। अब धर्म, अध्यात्म और कर्मकांड की यह नगरी मौज-मस्ती का केंद्र बनती जा रही है, जिसे स्थानीय और बाहरी लोग 'समय के परिवर्तन' के रूप में स्वीकार कर रहे हैं। एक वक्त था जब हरिद्वार आकर व्यसन या मौज-मस्ती के बारे में सोचना भी पाप समझा जाता था, लेकिन अब लोग यहाँ केवल मौज-मस्ती के उद्देश्य से आने लगे हैं। इस प्रवृत्ति के लिए दिल्ली और हरियाणा से आने वाले लोग हरिद्वार में कुख्यात हो चुके हैं। इसी बदलते स्वरूप की एक बानगी हाल ही में देखने को मिली, जब वीआईपी घाट पर गंगा किनारे एक संस्था के सम्मेलन में भजन लहरी के स्थान पर महिला नृत्यांगनाओं से द्विअर्थी फिल्मी गीत गवाए गए। इन गानों पर मासूम किसान नेताओं ने प्रसन्न होकर खूब नोट लुटाए। सम्मेलन की समाप्ति पर सभी 'हर-हर गंगे' का उद्घोष करते हुए वापस लौट गए।1