मांडर थाना क्षेत्र स्थित संत अन्ना कान्वेंट स्कूल के पास मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहाँ सवारी से भरी रजनीगंधा बस और दो टर्बो वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हुई। इस हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि बस चालक को हल्की चोटें आई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, एक टर्बो वाहन खराब हो गया था जिसे दूसरा टर्बो वाहन टोचन कर मांडर से बीजुपाड़ा की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान अचानक दोनों टर्बो आपस में टकरा गए। ठीक पीछे से आ रही रजनीगंधा बस अनियंत्रित होकर इन टर्बो वाहनों के पीछे जा भिड़ी, जिससे टक्कर इतनी जोरदार हुई कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद टर्बो चालक एक वाहन को बीच सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मांडर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी हुई है।
मांडर थाना क्षेत्र स्थित संत अन्ना कान्वेंट स्कूल के पास मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहाँ सवारी से भरी रजनीगंधा बस और दो टर्बो वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हुई। इस हादसे में बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जबकि बस चालक को हल्की चोटें आई हैं। मिली जानकारी के अनुसार, एक टर्बो वाहन खराब हो गया था जिसे दूसरा टर्बो वाहन टोचन कर मांडर से बीजुपाड़ा की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान अचानक दोनों टर्बो आपस में टकरा गए। ठीक पीछे से आ रही रजनीगंधा बस अनियंत्रित होकर इन टर्बो वाहनों के पीछे जा भिड़ी, जिससे टक्कर इतनी जोरदार हुई कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद टर्बो चालक एक वाहन को बीच सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मांडर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। पुलिस इस मामले की जाँच में जुटी हुई है।
- रांची में एक बुजुर्ग महिला से चेन स्नैचिंग की घटना सामने आई है। इस वारदात के बाद, 'प्रचण्ड पुलिस' ने 'प्रहार' करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।1
- खूंटी जिले के कर्रा और जरियागढ़ थाना क्षेत्रों में बकरीद पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का मुख्य प्रयोजन आगामी पर्व को लेकर स्थानीय स्तर पर शांति और सद्भाव बनाए रखने पर चर्चा करना था।1
- झारखंड के बालूमाथ की सड़कें अब "मौत का रास्ता" बन चुकी हैं, जहाँ दर्जनों सड़क दुर्घटनाएँ आम हैं। दिन-रात बेलगाम रफ्तार से दौड़ते हाइवा वाहनों के कारण धूल-धक्कड़ से लोग बीमार हो रहे हैं और घंटों जाम से बाज़ार त्रस्त है। जनता की लगातार उठती आवाज़ के बावजूद, जिला प्रशासन के साथ-साथ डीवीसी (DVC) और कोल माइन्स प्रबंधन ने जनता की पीड़ा को गंभीरता से नहीं समझा और न ही कोई ठोस पहल की है। इससे स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे भय के साये में सड़क पार करने को मजबूर हैं, बुजुर्ग घर से निकलने में घबराते हैं, किसान धूल प्रदूषण से अपनी फसल और पशुधन बचाने के लिए परेशान हैं, वहीं बाज़ार क्षेत्र लगातार जाम और दुर्घटनाओं की आशंका से जूझ रहा है। जनता का आरोप है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार, जिसमें सुरक्षित वातावरण और भयमुक्त जीवन शामिल है, को उनसे धीरे-धीरे छीना जा रहा है। जनता की एकमात्र मांग यह थी कि कम-से-कम दिन के समय भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, ताकि स्कूली बच्चे, राहगीर और आम नागरिक सुरक्षित रह सकें। हालांकि, बार-बार आवेदन देने, विरोध प्रदर्शन करने और दुर्घटनाओं के ठोस सबूत सामने रखने के बावजूद, किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देना ज़रूरी नहीं समझा। बालूमाथ की जनता अब गंभीर सवाल पूछ रही है कि क्या आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है, क्या प्रशासन किसी और बड़ी दुर्घटना का इंतज़ार कर रहा है, और क्या कंपनियों का मुनाफा नागरिकों के जीने के संवैधानिक अधिकार से भी बड़ा हो गया है। इन गंभीर सवालों और लगातार हो रही प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ, बालूमाथ और आसपास के प्रभावित लोगों ने सभी गवाहों एवं ठोस प्रमाणों के साथ अब यह निर्णय लिया है कि इस जनहित की लड़ाई को हाईकोर्ट तक ले जाया जाएगा। इसका उद्देश्य संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जनता को मिले जीवन, सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के अधिकार की रक्षा करना है। इस आंदोलन को पूरे क्षेत्र के भविष्य का संघर्ष बताया जा रहा है, जो इंसानों की सुरक्षा, पशुधन की रक्षा, खेती-किसानी, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए लड़ा जाएगा। अतः, सभी प्रभावित ग्रामीणों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, किसानों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों से इस जनहित आंदोलन में अधिक-से-अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित करने और स्वेच्छा से सहयोग व उचित चंदा देकर इस मुहिम को मजबूत बनाने की अपील की गई है। चेतावनी दी गई है कि अगर आज नहीं जागे, तो आने वाला समय केवल हादसों, आँसुओं और पछतावे की कहानी बनकर रह जाएगा, और अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो जनता बाध्य होकर सड़कों पर उतरने का काम करेगी।1
- फिलहाल, एक तालाब में सुंदरीकरण का काम चल रहा है, लेकिन इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह सुंदरीकरण गलत तरीके से किया जा रहा है, जिस पर चिंता व्यक्त की जा रही है।1
- पटना के रूपसपुर स्थित 'हिडन विला' होटल एक गंभीर आपराधिक मामले को लेकर इन दिनों सुर्खियों में है। इस होटल में एक युवती के साथ छेड़खानी और बदसलूकी का मामला सामने आया है, जिसकी गंभीरता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना युवती के पिता के सामने हुई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। होटल के मैनेजर रोहित और स्टाफ काजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान होटल के मालिकाना हक को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। खबरों के अनुसार, इस होटल के एक नहीं बल्कि पाँच अलग-अलग मालिक होने का पता चला है, जिसकी आगे और छानबीन की जा रही है। यह होटल पटना के रूपसपुर/दानापुर इलाके (कलिकेत नगर, आरपीएस लॉ कॉलेज के पास) में स्थित है, और यह मामला स्थानीय खबरों व सोशल मीडिया पर काफी चर्चित है।1
- रामगढ़ में छावनी परिषद द्वारा फुटपाथ दुकानों पर बुलडोजर से बड़ी कार्रवाई की गई है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत बुलडोजर चलाए जाने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।1
- रांची के डोरंडा स्थित भीमराव अंबेडकर चौक पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और महंगाई को लेकर अपना विरोध जताया गया। कांग्रेस नेताओं ने इस बढ़ते आर्थिक बोझ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार बढ़ रही ईंधन की कीमतें आम जनता पर वित्तीय दबाव बढ़ा रही हैं। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- झारखंड में एक बड़े 'बेंच घोटाले' का आरोप सामने आया है, जहाँ दावा है कि 15वें वित्त मद से खर्च किए गए ₹1.04 करोड़ में गंभीर वित्तीय अनियमितताएँ हुई हैं। इस मामले में, ₹4,500 की एक बेंच को अत्यधिक कीमत पर, यानी ₹18,800 में खरीदा गया है। इस कथित धांधली के कारण पंचायतों में कुल ₹79 लाख की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष बंसी यादव ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।1
- खुंटी में जनजातीय ग्रामीण उत्सव जन भागीदारी कार्यक्रम के विषय पर खुंटी परियोजना निदेशक आईसीडीएस आलोक शिकारी कच्छप ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया।1