*जालौन जनपद में ईमानदारी की पहचान बने पुलिस अधीक्षक की साफ़-सुथरी छवि पर गोहन थाना प्रभारी लगा रहे बट्टा* ********************* जालौन मैट्रो संपादक -आशुतोष द्विवेदी आशु सफल ✍️ ********************* मामला एक दिन पूर्व का है, जब गोहन थाना पुलिस ने अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा था। कार्रवाई से यह संदेश गया कि प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ सख्त है, लेकिन यह सख्ती ज्यादा देर टिक नहीं पाई। सूत्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने सांठ-गांठ कर केवल पांच ट्रैक्टरों का ही चालान किया, जबकि छठे ट्रैक्टर को कथित रूप से “सेटिंग” के तहत बरी कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भ्रष्टाचार की चर्चा गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्रवाई में निष्पक्षता होती, तो सभी पकड़े गए ट्रैक्टरों पर समान कार्रवाई होती। एक ट्रैक्टर को छोड़ देना न सिर्फ कानून के साथ मज़ाक है, बल्कि पुलिस अधीक्षक की ईमानदार छवि पर भी दाग लगाने जैसा है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? जनता की निगाहें अब उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी
*जालौन जनपद में ईमानदारी की पहचान बने पुलिस अधीक्षक की साफ़-सुथरी छवि पर गोहन थाना प्रभारी लगा रहे बट्टा* ********************* जालौन मैट्रो संपादक -आशुतोष द्विवेदी आशु सफल ✍️ ********************* मामला एक दिन पूर्व का है, जब गोहन थाना पुलिस ने अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए छह ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा था। कार्रवाई से यह संदेश गया कि प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ सख्त है, लेकिन यह सख्ती ज्यादा देर टिक नहीं पाई। सूत्रों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने सांठ-गांठ कर केवल पांच ट्रैक्टरों का ही चालान किया, जबकि छठे ट्रैक्टर को कथित रूप से “सेटिंग” के तहत बरी कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भ्रष्टाचार की चर्चा गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्रवाई में निष्पक्षता होती, तो सभी पकड़े गए ट्रैक्टरों पर समान कार्रवाई होती। एक ट्रैक्टर को छोड़ देना न सिर्फ कानून के साथ मज़ाक है, बल्कि पुलिस अधीक्षक की ईमानदार छवि पर भी दाग लगाने जैसा है। अब सवाल यह है कि क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? जनता की निगाहें अब उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी
- जायस पुलिस ने हत्या का किया खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार Slug – सिर कटी लाश (हत्या) का खुलासा अमेठी जिले के थाना जायस पुलिस ने बहुचर्चित हत्या कांड का सफल अनावरण करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मारुति वैन, मृतक का कटा हुआ सिर, आलाकत्ल गड़ासा, मृतक व उसकी पत्नी के मोबाइल फोन, आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण पत्र, ताबीज, कलाई घड़ी, धागा सहित अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से दिया। विगत घटना 8 जनवरी 2026 की है। थाना जायस क्षेत्र की रहने वाली पूजा सिंह पत्नी नितिन कुमार ने अपने देवर विजय सिंह की हत्या की सूचना पुलिस को दी थी। सूचना के आधार पर थाना जायस में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि पारिवारिक विवाद और पैसों के लेनदेन को लेकर साजिश रची गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक विजय सिंह से उसका ही रिश्तेदार राजन सोनकर उर्फ निस्सू पैसों की मांग कर रहा था। पैसे न देने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। 7 जनवरी की रात विजय सिंह को बहाने से घर से बुलाया गया और सुनसान स्थान पर ले जाकर मारुति वैन में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पहचान छिपाने के लिए मृतक का सिर धड़ से अलग कर फेंक दिया गया और शव को अलग स्थान पर छिपाया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर चारों आरोपियों—राजन सोनकर उर्फ निस्सू, सौरभ सोनकर, प्रदीप उर्फ तूफानी सोनकर और अर्जुन सोनकर—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल किया। आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त वाहन और हत्या से जुड़े सभी साक्ष्य बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमेठी ने टीम को इस सफल अनावरण के लिए सराहना की है। फिलहाल चारों अभियुक्तों को जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। बाइट – अपर्णा रजत कौशिक (SP)1
- अमेठी - हत्या का खुलासा - अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर तांत्रिक की नृशंस हत्या कर सिर कुएँ में फेंक दिया गया। जायस पुलिस ने सराहनीय कार्रवाई करते हुए हत्या का खुलासा कर चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से आलाकत्ल व अन्य साक्ष्य बरामद हुए।1
- #अमेठी रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेट मैन की लापरवाही रेलवे गेट मैन की लापरवाही से घंटों लगा जाम ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में मिला गेट मैन राहगीरों ने गेटमैन की लापरवाही का वीडियो वायरल जगदीशपुर के बड़े गांव रेलवे क्रासिंग का है वीडियो #amethi #Railway1
- रायबरेली महोत्सव में लोकगीतों की सुरीली सौगात ✨ रायबरेली जनपद के विकास खण्ड #हरचन्दपुर की माटी में जन्मी सृष्टि सिंह परिहार अपने लोकगीतों की अद्भुत प्रतिभा से न केवल जनपद बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। लोक संस्कृति से जुड़ी उनकी सुरीली आवाज़ और भावपूर्ण प्रस्तुति श्रोताओं के दिलों को छू जाती है। इसी क्रम में सृष्टि सिंह परिहार का आगमन कल दिनांक 12 जनवरी 2026 को गुरु गोविंद सिंह पर्यावरणीय उद्यान पार्क में “रायबरेली स्थापना दिवस” के अवसर पर आयोजित “रायबरेली महोत्सव” में हो रहा है। 👉 आप सभी जनपदवासियों से विनम्र आग्रह है कि अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर उनके लोकगीतों का रसपान करें और इस सांस्कृतिक महोत्सव की शोभा बढ़ाएं। आइए, लोक संस्कृति के इस उत्सव का हिस्सा बनें। Thakur Piyush Pratap Singh - पीयूष प्रताप सिंह #RaeBareliMahotsav #RaeBareliSthapnaDiwas #SrishtiSinghParihar #LokGeet #HarChandpur #RaeBareli #LokSanskriti #CulturalPride1
- - ना टेलीप्रॉम्प्टर - ना सीना ठोकने वाली बयानबाज़ी - ना लिखी हुई स्क्रिप्ट पढ़ी - ना विपक्ष पर हमले भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी पूर्व प्रधानमंत्री थे - “हालात अगर माँगें तो मैं इस देश के लिए अपनी जान भी कुर्बान कर दूँगा।” क्या मोदी की उनसे कोई तुलना हो सकती है? पराग प्रसाद रावत राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच1
- Post by Sanjay Kumar3
- Post by गति प्रवाह सिद्धांत तत्व, चेतन, ब्रम्ह1
- गांधी चौक पर शर्मनाक हालात, मरा गोवंश पड़ा प्रशासन बेखबर अमेठी (अमृत विचार)। शहर के सबसे व्यस्त इलाके गांधी चौक पर प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आ गई है। यहां बीती रात से एक गोवंश मरा पड़ा है, लेकिन उसे हटाने के लिए अब तक कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। हालात ऐसे हैं कि आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरे गोवंश की सूचना प्रशासन को समय रहते दे दी गई थी, फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। चौक पर बदबू फैलने से आसपास की दुकानों में बैठना तक मुश्किल हो गया है। दुकानदारों और राहगीरों में इस बात को लेकर खासा रोष देखा जा रहा है। गांधी चौक पर स्थित प्रदीप गारमेंट्स के दुकानदार प्रदीप ने बताया कि उन्होंने खुद प्रशासन से शिकायत की, लेकिन न तो कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही मृत गोवंश को हटाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि बदबू के कारण ग्राहक भी दुकान में आने से कतरा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर के बीचों-बीच मृत पड़ा गोवंश , फिर भी जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब जागता है और आम जनता को इस समस्या से राहत मिलती है।1