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टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज X पर दिनभर ट्रेंड हुआ #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो, सरकार के सामने रखी मांगें टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव को लेकर सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के 23वें दिन धरना स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुटे। आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार को X (ट्विटर) पर #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो अभियान दिनभर ट्रेंड करता रहा। अभियान के माध्यम से लोगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और स्थानीय लोगों की चिंताएं रखीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में पोस्ट और संदेशों के जरिए टाइगर रिजर्व को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों को सामने रखा गया। विस्थापन और रोजगार को लेकर चिंता आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में क्षेत्र के लोगों के सामने घर, जमीन और रोजगार को लेकर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संरक्षण के नाम पर उन्हें उनके पारंपरिक क्षेत्र और रोजगार से दूर करने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन संरक्षण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि “जानवर भी बचें और इंसान भी।” लाल पत्थर से जुड़ा है हजारों परिवारों का रोजगार सरमथुरा क्षेत्र की पहचान यहां के लाल पत्थर से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से पत्थर से जुड़े कार्यों के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार मिलता रहा है। उनका कहना है कि यदि पत्थर से जुड़े रोजगार पर असर पड़ा और साथ ही टाइगर रिजर्व के कारण विस्थापन की स्थिति बनी, तो स्थानीय परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है। दूर-दराज से पहुंच रहा समर्थन धरने में केवल प्रस्तावित टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण ही नहीं, बल्कि आसपास और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी क्षमता के अनुसार आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग दे रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ से आंदोलन को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और सरकार से संवाद की मांग ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीर स्तर पर बातचीत होनी चाहिए। ग्रामीण सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में स्थानीय लोगों के घर, जमीन, रोजगार और भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था होगी। सोशल मीडिया से धरना स्थल तक गूंजा विरोध गुरुवार को X पर चले अभियान ने आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा में ला दिया। #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो के जरिए आंदोलनकारियों और समर्थकों ने सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार तक स्थानीय लोगों की आवाज पहुंचाना है। अब आंदोलन के 23वें दिन ग्रामीणों की नजर सरकार और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी है। एक ओर वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के रोजगार, जमीन और भविष्य से जुड़े सवाल हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से संवाद किया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।

20 hrs ago
user_OM PRAKASH
OM PRAKASH
Journalist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
20 hrs ago

टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज X पर दिनभर ट्रेंड हुआ #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो, सरकार के सामने रखी मांगें टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव को लेकर सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के 23वें दिन धरना स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुटे। आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार को X (ट्विटर) पर #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो अभियान दिनभर ट्रेंड करता रहा। अभियान के माध्यम से लोगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और स्थानीय लोगों की चिंताएं रखीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में पोस्ट और संदेशों के जरिए टाइगर रिजर्व को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों को सामने रखा गया। विस्थापन और रोजगार को लेकर चिंता आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में क्षेत्र के लोगों के सामने घर, जमीन और रोजगार को लेकर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संरक्षण के नाम पर उन्हें उनके पारंपरिक क्षेत्र और रोजगार से दूर करने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन संरक्षण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि “जानवर भी बचें और इंसान भी।” लाल पत्थर से जुड़ा है हजारों परिवारों का रोजगार सरमथुरा क्षेत्र की पहचान यहां के लाल पत्थर से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से पत्थर से जुड़े कार्यों के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार मिलता रहा है। उनका कहना है कि यदि पत्थर से जुड़े रोजगार पर असर पड़ा और साथ ही टाइगर रिजर्व के कारण विस्थापन की स्थिति बनी, तो स्थानीय परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है। दूर-दराज से पहुंच रहा समर्थन धरने में केवल प्रस्तावित टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण ही नहीं, बल्कि आसपास और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी क्षमता के अनुसार आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग दे रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ से आंदोलन को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और सरकार से संवाद की मांग ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीर स्तर पर बातचीत होनी चाहिए। ग्रामीण सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में स्थानीय लोगों के घर, जमीन, रोजगार और भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था होगी। सोशल मीडिया से धरना स्थल तक गूंजा विरोध गुरुवार को X पर चले अभियान ने आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा में ला दिया। #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो के जरिए आंदोलनकारियों और समर्थकों ने सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार तक स्थानीय लोगों की आवाज पहुंचाना है। अब आंदोलन के 23वें दिन ग्रामीणों की नजर सरकार और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी है। एक ओर वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के रोजगार, जमीन और भविष्य से जुड़े सवाल हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से संवाद किया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।

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  • निकाय चुनाव को लेकर पुलिस सख्त, सैपऊ में निकाला फ्लैग मार्च प्रमुख बाजारों और गली-मोहल्लों में पैदल मार्च कर पुलिस ने दिया भयमुक्त मतदान का संदेश सैपऊ। नगर पालिका क्षेत्र में 9 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए धौलपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन एवं वृत्ताधिकारी सैपऊ मनोहर मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस जवानों ने सैपऊ नगर पालिका क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों एवं गली-मोहल्लों में पैदल मार्च कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस ने मतदाताओं से बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। वहीं असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा, अशांति या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी वृत्ताधिकारी सैपऊ मनोहर मीणा ने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले संभावित उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रत्येक मतदाता को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। असामाजिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों एवं संभावित उपद्रवियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। अवैध गतिविधियों पर भी कार्रवाई जारी पुलिस द्वारा अवैध शराब, अवैध हथियार एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने अथवा क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। फ्लैग मार्च में थाना प्रभारी सैपऊ अमित कुमार शर्मा, थाना प्रभारी कौलारी हरिनारायण मीणा, थाना प्रभारी कंचनपुर हरेंद्र सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा। धौलपुर पुलिस ने आमजन से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चुनाव संबंधी गड़बड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
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    निकाय चुनाव को लेकर पुलिस सख्त, सैपऊ में निकाला फ्लैग मार्च
प्रमुख बाजारों और गली-मोहल्लों में पैदल मार्च कर पुलिस ने दिया भयमुक्त मतदान का संदेश
सैपऊ। नगर पालिका क्षेत्र में 9 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए धौलपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन एवं वृत्ताधिकारी सैपऊ मनोहर मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च निकाला।
फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस जवानों ने सैपऊ नगर पालिका क्षेत्र के प्रमुख बाजारों, मुख्य मार्गों एवं गली-मोहल्लों में पैदल मार्च कर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस ने मतदाताओं से बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। वहीं असामाजिक तत्वों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा, अशांति या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
वृत्ताधिकारी सैपऊ मनोहर मीणा ने बताया कि चुनाव को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले संभावित उपद्रवियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रत्येक मतदाता को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है। असामाजिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों एवं संभावित उपद्रवियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अवैध गतिविधियों पर भी कार्रवाई जारी
पुलिस द्वारा अवैध शराब, अवैध हथियार एवं अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने अथवा क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फ्लैग मार्च में थाना प्रभारी सैपऊ अमित कुमार शर्मा, थाना प्रभारी कौलारी हरिनारायण मीणा, थाना प्रभारी कंचनपुर हरेंद्र सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
धौलपुर पुलिस ने आमजन से शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष चुनाव में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या चुनाव संबंधी गड़बड़ी की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    6 min ago
  • *जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता* *बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका* जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। *जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता* *बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका* जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    *जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता*

*बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका*

जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता*
*बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका*
जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Deepu Verma
    Deepu Verma
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज X पर दिनभर ट्रेंड हुआ #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो, सरकार के सामने रखी मांगें टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव को लेकर सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के 23वें दिन धरना स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुटे। आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार को X (ट्विटर) पर #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो अभियान दिनभर ट्रेंड करता रहा। अभियान के माध्यम से लोगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और स्थानीय लोगों की चिंताएं रखीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में पोस्ट और संदेशों के जरिए टाइगर रिजर्व को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों को सामने रखा गया। विस्थापन और रोजगार को लेकर चिंता आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में क्षेत्र के लोगों के सामने घर, जमीन और रोजगार को लेकर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संरक्षण के नाम पर उन्हें उनके पारंपरिक क्षेत्र और रोजगार से दूर करने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन संरक्षण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि “जानवर भी बचें और इंसान भी।” लाल पत्थर से जुड़ा है हजारों परिवारों का रोजगार सरमथुरा क्षेत्र की पहचान यहां के लाल पत्थर से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से पत्थर से जुड़े कार्यों के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार मिलता रहा है। उनका कहना है कि यदि पत्थर से जुड़े रोजगार पर असर पड़ा और साथ ही टाइगर रिजर्व के कारण विस्थापन की स्थिति बनी, तो स्थानीय परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है। दूर-दराज से पहुंच रहा समर्थन धरने में केवल प्रस्तावित टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण ही नहीं, बल्कि आसपास और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी क्षमता के अनुसार आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग दे रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ से आंदोलन को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और सरकार से संवाद की मांग ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीर स्तर पर बातचीत होनी चाहिए। ग्रामीण सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में स्थानीय लोगों के घर, जमीन, रोजगार और भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था होगी। सोशल मीडिया से धरना स्थल तक गूंजा विरोध गुरुवार को X पर चले अभियान ने आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा में ला दिया। #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो के जरिए आंदोलनकारियों और समर्थकों ने सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार तक स्थानीय लोगों की आवाज पहुंचाना है। अब आंदोलन के 23वें दिन ग्रामीणों की नजर सरकार और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी है। एक ओर वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के रोजगार, जमीन और भविष्य से जुड़े सवाल हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से संवाद किया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।
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    टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज
X पर दिनभर ट्रेंड हुआ #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो, सरकार के सामने रखी मांगें
टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज
सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव को लेकर सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के 23वें दिन धरना स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुटे। आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे।
टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार को X (ट्विटर) पर #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो अभियान दिनभर ट्रेंड करता रहा। अभियान के माध्यम से लोगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और स्थानीय लोगों की चिंताएं रखीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में पोस्ट और संदेशों के जरिए टाइगर रिजर्व को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों को सामने रखा गया।
विस्थापन और रोजगार को लेकर चिंता
आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में क्षेत्र के लोगों के सामने घर, जमीन और रोजगार को लेकर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संरक्षण के नाम पर उन्हें उनके पारंपरिक क्षेत्र और रोजगार से दूर करने की स्थिति बन रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन संरक्षण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि “जानवर भी बचें और इंसान भी।”
लाल पत्थर से जुड़ा है हजारों परिवारों का रोजगार
सरमथुरा क्षेत्र की पहचान यहां के लाल पत्थर से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से पत्थर से जुड़े कार्यों के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार मिलता रहा है। उनका कहना है कि यदि पत्थर से जुड़े रोजगार पर असर पड़ा और साथ ही टाइगर रिजर्व के कारण विस्थापन की स्थिति बनी, तो स्थानीय परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
दूर-दराज से पहुंच रहा समर्थन
धरने में केवल प्रस्तावित टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण ही नहीं, बल्कि आसपास और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी क्षमता के अनुसार आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग दे रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ से आंदोलन को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और सरकार से संवाद की मांग
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीर स्तर पर बातचीत होनी चाहिए।
ग्रामीण सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में स्थानीय लोगों के घर, जमीन, रोजगार और भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था होगी।
सोशल मीडिया से धरना स्थल तक गूंजा विरोध
गुरुवार को X पर चले अभियान ने आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा में ला दिया। 
#करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो के जरिए आंदोलनकारियों और समर्थकों ने सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार तक स्थानीय लोगों की आवाज पहुंचाना है।
अब आंदोलन के 23वें दिन ग्रामीणों की नजर सरकार और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी है। एक ओर वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के रोजगार, जमीन और भविष्य से जुड़े सवाल हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से संवाद किया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।
    user_OM PRAKASH
    OM PRAKASH
    Journalist धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    20 hrs ago
  • जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
बयाना के खानखेड़ा बागरेन में गूंजा विरोध का स्वर, नीकेश सिंह जादौन के नेतृत्व में प्रदर्शन; रवि प्रताप सिंह की प्रमुख भूमिका
जनशक्ति स्वराज पार्टी ने अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत जनहित के मुद्दे को लेकर जोरदार तरीके से की। यूजीसी के नियमों के विरोध एवं यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने बयाना के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार हुए प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन किया। जनशक्ति स्वराज पार्टी कार्यकर्ता नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर संगठन आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा की जनशक्ति स्वराज पार्टी की यूजीसी रोलबैक को लेकर यह पहली हुंकार है अब जनहित के हर समस्या पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना ही हमारा संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
    पत्रकार उपेंद्र दीक्षित
    धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • लगभग तीन लाख से अधिक पौधारोपण के साथ ‘हरियालो धौलपुर’ का लिया संकल्प धौलपुर। पंचायत समिति धौलपुर की ग्राम पंचायत दुबाटी के डाईट परिसर में आयोजित जिला स्तरीय हरियालो राजस्थान कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी सचिव राजन विशाल, जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने वृक्षारोपण कर किया। इस अवसर पर प्रभारी सचिव ने कहा कि मिशन हरियालो राजस्थान पर्यावरण अनुकूलन में वृक्षों की महत्ता को देखते हुए शुरू किया है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही इसके संरक्षण की जिम्मेदारी का भी रोड मैप तय किया है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में शुरू से ही प्रकृति को पूजने की परंपरा है प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसका संरक्षण करें। उन्होंने राजस्थान को हरियालो करने के संकल्प में प्रत्येक व्यक्ति को अपना अहम योगदान देने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि अर्मता देवी विश्नोई ने जोधपुर के खेजड़ली गांव में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की सर्वोच्च आहूति दी थी। उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि सर सांधे रूख रहे तो भी सस्ता जाएं। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के बाद उनकी सुरक्षा सर्वोपरी है।इस अवसर पर जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी बताया कि पूरे जिले में चल रहे वृक्षारोपण महाभियान के तहत एक ही दिन में लगभग 3 लाख से अधिक वृक्ष एक साथ लगाये गये हैं। उन्होंने बताया कि एक-एक पेड़ की जिओ टेगिंग मौके पर ही की गई है जिससे उसका फॉलो अप तथा संरक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण महाभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जहां-जहां पर भी पौधे लगा रहें हैं वहां प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोग भी संरक्षण की नैतिक जिम्मेदारी लें जिससे हम पर्यावरण के संरक्षण में योगदान दे सकें।इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्रेष्ठा श्री, उप वन संरक्षक वी चेतन कुमार सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
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    लगभग तीन लाख से अधिक पौधारोपण के साथ ‘हरियालो धौलपुर’ का लिया संकल्प
धौलपुर। पंचायत समिति धौलपुर की ग्राम पंचायत दुबाटी के डाईट परिसर में आयोजित जिला स्तरीय हरियालो राजस्थान कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी सचिव राजन विशाल, जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने वृक्षारोपण कर किया। इस अवसर पर प्रभारी सचिव ने कहा कि मिशन हरियालो राजस्थान पर्यावरण अनुकूलन में वृक्षों की महत्ता को देखते हुए शुरू किया है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही इसके संरक्षण की जिम्मेदारी का भी रोड मैप तय किया है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में शुरू से ही प्रकृति को पूजने की परंपरा है प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसका संरक्षण करें। उन्होंने राजस्थान को हरियालो करने के संकल्प में प्रत्येक व्यक्ति को अपना अहम योगदान देने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि अर्मता देवी विश्नोई ने जोधपुर के खेजड़ली गांव में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की सर्वोच्च आहूति दी थी। उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि सर सांधे रूख रहे तो भी सस्ता जाएं। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के बाद उनकी सुरक्षा सर्वोपरी है।इस अवसर पर जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी बताया कि पूरे जिले में चल रहे वृक्षारोपण महाभियान के तहत एक ही दिन में लगभग 3 लाख से अधिक वृक्ष एक साथ लगाये गये हैं। उन्होंने बताया कि एक-एक पेड़ की जिओ टेगिंग मौके पर ही की गई है जिससे उसका फॉलो अप तथा संरक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण महाभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जहां-जहां पर भी पौधे लगा रहें हैं वहां प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोग भी संरक्षण की नैतिक जिम्मेदारी लें जिससे हम पर्यावरण के संरक्षण में योगदान दे सकें।इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्रेष्ठा श्री, उप वन संरक्षक वी चेतन कुमार सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।
    user_ANURAG BAGHEL
    ANURAG BAGHEL
    Local News Reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • इरादतनगर में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन, हवन कर सरकार की बुद्धि-शुद्धि की कामना खेरागढ़। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को इरादतनगर में यूजीसी के विरोध में विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान “रोलबैक यूजीसी” के नारे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से हवन का आयोजन किया गया। हवन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि की कामना की। हवन कार्यक्रम के बाद सरवड़ समाज के लोग बाइक रैली के रूप में खेरागढ़ तहसील प्रांगण पहुंचे। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। तहसील परिसर में पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी खेरागढ़ को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी से संबंधित अपनी मांगों और आपत्तियों से अवगत कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से है। उन्होंने सरकार से यूजीसी से संबंधित निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की मौजूदगी रही।
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    इरादतनगर में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन, हवन कर सरकार की बुद्धि-शुद्धि की कामना


खेरागढ़। गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को इरादतनगर में यूजीसी के विरोध में विशेष प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान “रोलबैक यूजीसी” के नारे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से हवन का आयोजन किया गया। हवन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार की बुद्धि-शुद्धि की कामना की।
हवन कार्यक्रम के बाद सरवड़ समाज के लोग बाइक रैली के रूप में खेरागढ़ तहसील प्रांगण पहुंचे। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। तहसील परिसर में पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी खेरागढ़ को ज्ञापन सौंपकर यूजीसी से संबंधित अपनी मांगों और आपत्तियों से अवगत कराया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका विरोध शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से है। उन्होंने सरकार से यूजीसी से संबंधित निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की मौजूदगी रही।
    user_शाहरुख बेग मिर्जा
    शाहरुख बेग मिर्जा
    Lawyer खेरागढ़, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • थोड़ी सी बारिश, और लबालब मुख्य बाजार गंज में सड़कों पर थोड़ी सी बारिश से उफान, जिम्मेदार कौन,, अंबाह। शहर का हृदय स्थल गंज बाजार में थोड़ी सी बारिश से ही गलियां, नालियां सब लबालब हो जाती है।, जन्माष्टमी पर कुछ थोड़ी सी बारिश के बाद बाढ़ ग्रसित हो गया मुख्य बाजार
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    थोड़ी सी बारिश, और लबालब मुख्य बाजार गंज में सड़कों पर थोड़ी सी बारिश से उफान,
 जिम्मेदार कौन,,
अंबाह।
शहर का हृदय स्थल गंज बाजार में थोड़ी सी बारिश से ही गलियां, नालियां सब लबालब हो जाती है।, जन्माष्टमी पर कुछ थोड़ी सी बारिश के बाद बाढ़ ग्रसित हो गया मुख्य बाजार
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    45 min ago
  • साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस ने किया जागरूक, गुलाब बाग चौराहे और मचकुंड पर चलाया अभियान साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत आमजन, पर्यटकों और राहगीरों को बताए साइबर अपराध से बचाव के उपाय धौलपुर। साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान’ के तहत धौलपुर पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन तथा साइबर थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार, उप पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस टीम ने शहर के प्रमुख गुलाब बाग चौराहे एवं पर्यटन स्थल तीर्थराज मचकुंड पर आमजन, पर्यटकों और राहगीरों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। पुलिस टीम ने लोगों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार, कस्टमर केयर, बिजली विभाग कर्मचारी, केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन नौकरी, निवेश और लोन सहित विभिन्न बहानों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर तथा ओटीपी, पिन, सीवीवी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर भी साइबर ठगी की जा रही है। अनजान लिंक और ऐप से रहें सावधान पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने और किसी व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन बैंकिंग लेन-देन करने से बचें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में भी सावधानी बरतें। ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराने वालों से रहें सतर्क पुलिस ने विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की जाने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की। पुलिस ने बताया कि कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती। ऐसी धमकी मिलने पर घबराने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत साइबर थाना पुलिस ने लोगों को बताया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत करें। पुलिस के अनुसार ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी की रकम को होल्ड करवाने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। पुलिस ने आमजन से स्वयं साइबर जागरूक बनने तथा परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की। धौलपुर पुलिस की अपील—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं। साइबर सुरक्षा के लिए याद रखें— ओटीपी, पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी से साझा न करें। अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें। अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें। ऑनलाइन निवेश और नौकरी के आकर्षक ऑफर की सत्यता जांचें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
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    साइबर ठगी से बचाव के लिए पुलिस ने किया जागरूक, गुलाब बाग चौराहे और मचकुंड पर चलाया अभियान
साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान के तहत आमजन, पर्यटकों और राहगीरों को बताए साइबर अपराध से बचाव के उपाय
धौलपुर। साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान अभियान’ के तहत धौलपुर पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा के सुपरविजन तथा साइबर थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार, उप पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में साइबर थाना पुलिस टीम ने शहर के प्रमुख गुलाब बाग चौराहे एवं पर्यटन स्थल तीर्थराज मचकुंड पर आमजन, पर्यटकों और राहगीरों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
पुलिस टीम ने लोगों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधी फर्जी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार, कस्टमर केयर, बिजली विभाग कर्मचारी, केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन नौकरी, निवेश और लोन सहित विभिन्न बहानों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर तथा ओटीपी, पिन, सीवीवी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर भी साइबर ठगी की जा रही है।
अनजान लिंक और ऐप से रहें सावधान
पुलिस ने आमजन से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने और किसी व्यक्ति के कहने पर ऑनलाइन बैंकिंग लेन-देन करने से बचें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने में भी सावधानी बरतें।
‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराने वालों से रहें सतर्क
पुलिस ने विशेष रूप से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर की जाने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की। पुलिस ने बताया कि कोई भी वास्तविक पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से किसी व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती। ऐसी धमकी मिलने पर घबराने के बजाय तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
साइबर थाना पुलिस ने लोगों को बताया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत करें। पुलिस के अनुसार ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी की रकम को होल्ड करवाने और वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।
पुलिस ने आमजन से स्वयं साइबर जागरूक बनने तथा परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने की अपील की।
धौलपुर पुलिस की अपील—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और साइबर अपराधियों के झांसे में न आएं।
साइबर सुरक्षा के लिए याद रखें—
ओटीपी, पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी से साझा न करें।
अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से बचें।
अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें।
ऑनलाइन निवेश और नौकरी के आकर्षक ऑफर की सत्यता जांचें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
    user_Afaq ahmed
    Afaq ahmed
    Court reporter धौलपुर, धौलपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
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