बढ़ती महंगाई पर लोगों का तंज: "नोटबंदी, घरबंदी के बाद अब गैसबंदी, देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम लोगों में नाराज़गी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है -“नोटबंदी देख लिए, घर बंदी कोरोना देख लिए, अब गैस बंदी के मजे लो... आगे और भी मजे आते रहेंगे, घबराना नहीं है।" इस पोस्ट के जरिए लोग रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर तंज कस रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के लिए रसोई चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। वहीं कुछ लोग सरकार से गैस की कीमतों में राहत देने की मांग कर रहे हैं, ताकि आम जनता को थोड़ी राहत मिल सके। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट और प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
बढ़ती महंगाई पर लोगों का तंज: "नोटबंदी, घरबंदी के बाद अब गैसबंदी, देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम लोगों में नाराज़गी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है -“नोटबंदी देख लिए, घर बंदी कोरोना देख लिए, अब गैस बंदी के मजे लो... आगे और भी मजे आते रहेंगे, घबराना नहीं है।" इस पोस्ट के जरिए लोग रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर तंज कस रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के लिए रसोई चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। वहीं कुछ लोग सरकार से गैस की कीमतों में राहत देने की मांग कर रहे हैं, ताकि आम जनता को थोड़ी राहत मिल सके। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट और प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
- लखीमपुर खीरी एमआरपी 1777, वसूली 2200 भारत गैस एजेंसी में ब्लैक का खेल! भारत गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर कमर्शियल सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी का आरोप है। जहां सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वहीं ग्राहकों से 2200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे ले रहा है तो वीडियो दें, कार्रवाई होगी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह खेल कर्मचारियों तक सीमित है या इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।1
- #गरीब बच्ची की पुकार पर पहुंचे विधायक, शादी में दी आर्थिक मदद #लखीमपुर खीरी। एक गरीब बच्ची ने अपनी शादी में मदद के लिए विधायक Romi Sahni को फोन कर अपनी आर्थिक स्थिति बताई और शादी में आने का आग्रह किया। फोन मिलने के बाद विधायक रोमी साहनी स्वयं उसके घर पहुंचे। विधायक ने न केवल बच्ची की शादी में शामिल होकर आशीर्वाद दिया, बल्कि “पंचहड़” की रस्म निभाते हुए आर्थिक सहायता भी प्रदान की, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली। विधायक के इस कदम की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरतमंद परिवार की मदद कर विधायक ने मानवता का उदाहरण पेश किया है। ✍️ संवाददाता: उमेश सिंह, लखीमपुर खीरी1
- लखीमपुर खीरी में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। आरोप है कि भारत गैस एजेंसी के कर्मचारी खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जिस कमर्शियल सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वही सिलेंडर ग्राहकों को 2200 रुपये तक में बेचा जा रहा है। ग्राहकों का कहना है कि सिलेंडर लेने के लिए मजबूरी में उन्हें ज्यादा पैसे देने पड़ रहे हैं। विरोध करने पर साफ कह दिया जाता है कि “यही रेट है, लेना है तो लो।” इस पूरे मामले पर एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे वसूल रहा है तो उसका वीडियो या सबूत दें, ताकि कार्रवाई की जा सके। लेकिन अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि 👉 क्या इतनी बड़ी वसूली सिर्फ कर्मचारियों के दम पर हो रही है? 👉 या फिर कालाबाजारी का यह खेल ऊपर तक सेटिंग से चल रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने जल्द जांच नहीं कराई तो गरीब और छोटे कारोबारियों की जेब पर इसी तरह डाका पड़ता रहेगा। ⚠️ अब निगाहें प्रशासन पर हैं कि एमआरपी से ज्यादा वसूली करने वालों पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाता है।1
- Post by @Nmohitvlog0011
- बीमार बछड़े की मदद को आगे आया युवक, पेश की इंसानियत की मिसाल, लखीमपुर खीरी। शहर के इमली चौराहे के पास उस समय मानवता की मिसाल देखने को मिली जब एक गंभीर रूप से बीमार गाय के बछड़े की मदद के लिए स्थानीय लोग आगे आए। सड़क किनारे पड़े बछड़े की हालत काफी खराब थी और आसपास मौजूद लोग उसके उपचार के लिए प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम युवक भी वहां पहुंचा और बिना किसी भेदभाव के बछड़े की सेवा में जुट गया। युवक ने बछड़े के लिए दवाइयां और पानी की व्यवस्था की तथा उसे नहलाकर उसकी देखभाल की। बताया जा रहा है कि पानी से नहलाने और देखभाल करने के बाद बछड़े का बुखार और हालत कुछ हद तक सुधरती नजर आई। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक की इस पहल की सराहना की। जानकारी लेने पर युवक ने बताया कि उसे भी गौ माता से लगाव है। उसने कहा कि हम सभी इंसान हैं और गाय के दूध से ही लोग अपने जीवन का पालन-पोषण करते हैं, इसलिए उनकी सेवा करना भी हमारा कर्तव्य है। युवक की इस पहल ने लोगों के बीच आपसी सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया। स्थानीय लोगोंका कहना है कि ऐसे कार्य समाज में भाईचारे और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं।1
- लखीमपुर खीरी के फरधान थाना क्षेत्र के हुसैनपुर गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में बीच-बचाव करने पहुंचे एक युवक के घायल होने का मामला सामने आया है।1
- लखीमपुर खीरी। शहर के इमली चौराहे के पास उस समय मानवता की मिसाल देखने को मिली जब एक गंभीर रूप से बीमार गाय के बछड़े की मदद के लिए स्थानीय लोग आगे आए। सड़क किनारे पड़े बछड़े की हालत काफी खराब थी और आसपास मौजूद लोग उसके उपचार के लिए प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम युवक भी वहां पहुंचा और बिना किसी भेदभाव के बछड़े की सेवा में जुट गया। युवक ने बछड़े के लिए दवाइयां और पानी की व्यवस्था की तथा उसे नहलाकर उसकी देखभाल की। बताया जा रहा है कि पानी से नहलाने और देखभाल करने के बाद बछड़े का बुखार और हालत कुछ हद तक सुधरती नजर आई। मौके पर मौजूद लोगों ने युवक की इस पहल की सराहना की। जानकारी लेने पर युवक ने बताया कि उसे भी गौ माता से लगाव है। उसने कहा कि हम सभी इंसान हैं और गाय के दूध से ही लोग अपने जीवन का पालन-पोषण करते हैं, इसलिए उनकी सेवा करना भी हमारा कर्तव्य है। युवक की इस पहल ने लोगों के बीच आपसी सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे कार्य समाज में भाईचारे और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं।1
- बढ़ती महंगाई पर लोगों का तंज: "नोटबंदी, घरबंदी के बाद अब गैसबंदी, देश में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर आम लोगों में नाराज़गी और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह से अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें लिखा है -“नोटबंदी देख लिए, घर बंदी कोरोना देख लिए, अब गैस बंदी के मजे लो... आगे और भी मजे आते रहेंगे, घबराना नहीं है।" इस पोस्ट के जरिए लोग रसोई गैस की बढ़ती कीमतों पर तंज कस रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से आम परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर मध्यम और गरीब वर्ग के लिए रसोई चलाना दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। वहीं कुछ लोग सरकार से गैस की कीमतों में राहत देने की मांग कर रहे हैं, ताकि आम जनता को थोड़ी राहत मिल सके। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट और प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।1