शाजापुर जिले के कांजा और बरवाल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अपने झुंड से बिछड़ी एक मादा हिरण पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना सुबह करीब 8 बजे की है जब कांजा और बरवाल के बल्डे के पास स्थित आश्रम के समीप तार फेंसिंग के बीच बनी एक खंती (गड्ढे) में कुत्तों ने हिरण को घेर लिया था। शौच के लिए गए स्थानीय निवासी विष्णु नायक और जितेंद्र नायक ने जानवर के दर्द से चिल्लाने की आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचकर पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से खदेड़ा। झुंड से बिछड़ने के कारण हिरण कुत्तों का आसान शिकार बन गई थी और इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। कुत्तों को भगाने के बाद विष्णु और जितेंद्र ने तुरंत इसकी सूचना 'गौरक्षा सेना बरवाल' की टीम को दी। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य अर्जुन राजपूत, राजपाल राजपूत और कुलदीप राजपूत तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। युवाओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तार फेंसिंग के पास बनी खंती से खून से लथपथ और डरी हुई मादा हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। वे बिना किसी देरी के घायल हिरण को तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सक द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गौरक्षा सेना की टीम ने वन विभाग के अधिकारी अशोक बघेल को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की स्पेशल रेस्क्यू टीम के सदस्य अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कागजी कार्यवाही व स्वास्थ्य परीक्षण के बाद घायल मादा हिरण को आगे की देखभाल और पुनर्वास के लिए अपने साथ ले गए। समय रहते ग्रामीणों की सजगता और गौरक्षा सेना के युवाओं द्वारा दिखाए गए इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है।
शाजापुर जिले के कांजा और बरवाल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अपने झुंड से बिछड़ी एक मादा हिरण पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना सुबह करीब 8 बजे
की है जब कांजा और बरवाल के बल्डे के पास स्थित आश्रम के समीप तार फेंसिंग के बीच बनी एक खंती (गड्ढे) में कुत्तों ने हिरण को घेर लिया था। शौच के
लिए गए स्थानीय निवासी विष्णु नायक और जितेंद्र नायक ने जानवर के दर्द से चिल्लाने की आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचकर पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से खदेड़ा। झुंड से
बिछड़ने के कारण हिरण कुत्तों का आसान शिकार बन गई थी और इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। कुत्तों को भगाने के बाद विष्णु और जितेंद्र ने तुरंत इसकी
सूचना 'गौरक्षा सेना बरवाल' की टीम को दी। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य अर्जुन राजपूत, राजपाल राजपूत और कुलदीप राजपूत तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। युवाओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए
तार फेंसिंग के पास बनी खंती से खून से लथपथ और डरी हुई मादा हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। वे बिना किसी देरी के घायल हिरण को तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सालय लेकर
पहुंचे, जहां पशु चिकित्सक द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गौरक्षा सेना की टीम ने वन विभाग के अधिकारी अशोक बघेल को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही
वन विभाग की स्पेशल रेस्क्यू टीम के सदस्य अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कागजी कार्यवाही व स्वास्थ्य परीक्षण के बाद घायल मादा हिरण को आगे की देखभाल और पुनर्वास के लिए अपने साथ
ले गए। समय रहते ग्रामीणों की सजगता और गौरक्षा सेना के युवाओं द्वारा दिखाए गए इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है।
- शाजापुर जिला कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी ने एकीकृत बाल विकास परियोजना बेरछा के अंतर्गत आने वाले सक्षम आंगनवाडी केन्द्र लालूपुरा का आकस्मिक निरीक्षण किया। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे किए गए इस निरीक्षण के दौरान केंद्र की व्यवस्थाओं को परखा गया। इस आंगनवाड़ी केंद्र को सीएसआर मद से आधुनिक और उन्नत बनाया जा रहा है, जिसके तहत बच्चों के लिए झूले, फिसलपट्टी, सीसॉ और आकर्षक बाला पेंटिंग का कार्य करवाया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय त्रिपाठी ने मौके पर चल रहे विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से मुलाकात कर आंगनवाड़ी केंद्र से मिलने वाली सुविधाओं और सेवाओं के बारे में जानकारी भी ली। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र में बनी पोषण वाटिका का जायजा लिया और एकीकृत बाल विकास परियोजना बेरछा का भी निरीक्षण किया।1
- शाजापुर के विजयनगर में अपनी पत्नी की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या करने के बाद पिछले 6 सालों से फरार चल रहे आरोपी ललित पंचोली को पुलिस ने तमिलनाडु से गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 23 अक्टूबर 2020 की है, जब देवास निवासी 30 वर्षीय आरोपी ललित पंचोली (पिता सुरेश पंचोली) ने शाजापुर के विजयनगर स्थित एक किराए के मकान में अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसके खिलाफ थाना लालघाटी में मामला दर्ज था। इस पूरे मामले का खुलासा शाजापुर पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने एक प्रेस वार्ता में किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक घनश्याम मालवीय और अनुविभागीय अधिकारी अजय मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना लालघाटी और साइबर सेल की एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपनी पहचान बदल रहा था और ओडिशा, छत्तीसगढ़ तथा तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न राज्यों में छिपकर रह रहा था। साइबर सेल को तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की सटीक लोकेशन जिला कांचीपुरम, तमिलनाडु में मिली, जिसके बाद शाजापुर पुलिस टीम ने वहां योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रही है। इस 6 साल पुराने मामले के आरोपी को पकड़ने में थाना लालघाटी और साइबर सेल शाजापुर की सराहनीय भूमिका रही। इस विशेष टीम में लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजालदे, उपनिरीक्षक हेमंत पटेल, साइबर सेल प्रभारी विकास तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल व जसवंत जाटव, और आरक्षक अनिल सक्सेना, राजेश दांगी, घनश्याम राजपूत व रोहित बिलावलिया शामिल थे।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा प्रत्याशी ने जनता से एक बड़ा वादा किया है। भाजपा प्रत्याशी का कहना है कि जाने-अनजाने में दतिया का पिछले ढाई साल से जो विकास कार्य रुका हुआ था, अब वह बेहद तेज गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने विकास की गति को तेज करने को लेकर दतिया की जनता से अपना पक्का वादा किया है।2
- अखिल भारतीय चंद्रवंशी क्षत्रिय खाती समाज के तत्वाधान में मध्य प्रदेश के उज्जैन में धूमधाम के साथ विशाल रथ यात्रा निकाली गई। इस भव्य रथ यात्रा में मोहन बड़ोदिया तहसील क्षेत्र के समाज जन और स्थानीय युवा बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। पूरे उत्साह और धूमधाम से निकली इस विशाल रथ यात्रा में मोहन बड़ोदिया क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।1
- आगर मालवा के सुसनेर अंतर्गत ग्राम मोडी में एक 25 वर्षीय युवक का शव उसके अपने ही खेत पर नीम के पेड़ से लटका हुआ मिला है। मृतक की पहचान श्यामसुन्दर के पुत्र जतिन के रूप में हुई है। इस घटना के तुरंत बाद परिजन मृतक के शव को पुराना बस स्टैंड स्थित शासकीय सिविल अस्पताल सुसनेर लेकर पहुंचे। वहाँ शुक्रवार सुबह 9 बजे डॉक्टर अखिलेश कुमार बागी द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया। फिलहाल, पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- शाजापुर में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से मुक्ति के लिए गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे जिला मलेरिया कार्यालय के सामने से एक विशेष डेंगू रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमला आर्य ने इस जागरूकता रथ को रवाना किया। यह रथ पूरे जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सतत रूप से भ्रमण कर लोगों को जागरूक करने का कार्य करेगा। इस अभियान के तहत जनजागरूकता रथ विभिन्न गांवों और नगरीय सीमाओं में घूमकर बैनर-पोस्टर, पर्चे (पेम्पलेट्स) और माइक के जरिए प्रचार-प्रसार करेगा। इसके माध्यम से लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों से बचाव के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही, क्षेत्र में बुखार के मरीजों (फीवर केस) की जाँच भी की जाएगी। यह डेंगू रथ 16 से 31 जुलाई 2026 तक पूरे शाजापुर जिले में लगातार सक्रिय रहकर जनजागरूकता फैलाने का काम करेगा।1
- शाजापुर जिले के कांजा और बरवाल क्षेत्र में शुक्रवार सुबह अपने झुंड से बिछड़ी एक मादा हिरण पर आवारा कुत्तों के झुंड ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना सुबह करीब 8 बजे की है जब कांजा और बरवाल के बल्डे के पास स्थित आश्रम के समीप तार फेंसिंग के बीच बनी एक खंती (गड्ढे) में कुत्तों ने हिरण को घेर लिया था। शौच के लिए गए स्थानीय निवासी विष्णु नायक और जितेंद्र नायक ने जानवर के दर्द से चिल्लाने की आवाज सुनी और तुरंत मौके पर पहुंचकर पत्थर मारकर कुत्तों को वहां से खदेड़ा। झुंड से बिछड़ने के कारण हिरण कुत्तों का आसान शिकार बन गई थी और इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। कुत्तों को भगाने के बाद विष्णु और जितेंद्र ने तुरंत इसकी सूचना 'गौरक्षा सेना बरवाल' की टीम को दी। सूचना मिलते ही टीम के सदस्य अर्जुन राजपूत, राजपाल राजपूत और कुलदीप राजपूत तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। युवाओं ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तार फेंसिंग के पास बनी खंती से खून से लथपथ और डरी हुई मादा हिरण को सुरक्षित बाहर निकाला। वे बिना किसी देरी के घायल हिरण को तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां पशु चिकित्सक द्वारा उसका प्राथमिक उपचार किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गौरक्षा सेना की टीम ने वन विभाग के अधिकारी अशोक बघेल को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की स्पेशल रेस्क्यू टीम के सदस्य अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कागजी कार्यवाही व स्वास्थ्य परीक्षण के बाद घायल मादा हिरण को आगे की देखभाल और पुनर्वास के लिए अपने साथ ले गए। समय रहते ग्रामीणों की सजगता और गौरक्षा सेना के युवाओं द्वारा दिखाए गए इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है।9