रायसेन जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्कूल रेडीनेस मेला-2 का सफल आयोजन किया गया, जिसमें एक माह की मेहनत के पीछे माताओं की भूमिका निर्णायक रही। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा रायसेन नगर के वार्ड क्रमांक-13 में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-04 में इस मेले में शामिल हुए और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया। कलेक्टर विश्वकर्मा ने बच्चों की विभिन्न शिक्षण एवं रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था बच्चों के बौद्धिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। उनके अनुसार, स्कूल रेडीनेस मेला बच्चों को विद्यालयीन वातावरण से परिचित कराने और उन्हें खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे रचनात्मक गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनका नाम, पसंदीदा विषय और आंगनवाड़ी में होने वाली गतिविधियों के बारे में चर्चा की, जिस पर बच्चों ने भी पूरे उत्साह से जानकारी दी। बच्चों के उत्साह से प्रभावित होकर कलेक्टर विश्वकर्मा ने उनकी सराहना की और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इसे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और घर पर भी उनके सीखने में सहयोग करें। मेले में बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षण तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत, जिले में 5-6 वर्ष आयु के हजारों बच्चों का पाँच विकास क्षेत्रों – भाषा, संख्या ज्ञान, संज्ञानात्मक क्षमता, शारीरिक विकास तथा सामाजिक-भावनात्मक कौशल – में पुनः आकलन किया गया। 26 मई को आयोजित पहले मेले की तुलना में उनकी प्रगति को व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड में दर्ज कर अभिभावकों को सौंपा गया, जिसके बाद जिले भर में एक माह तक चले माता सहभागिता कार्यक्रम के बाद बच्चों में उल्लेखनीय विकास देखा गया है।
रायसेन जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्कूल रेडीनेस मेला-2 का सफल आयोजन किया गया, जिसमें एक माह की मेहनत के पीछे माताओं की भूमिका निर्णायक रही। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा रायसेन नगर के वार्ड क्रमांक-13 में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-04 में इस मेले में शामिल हुए और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया। कलेक्टर विश्वकर्मा ने बच्चों की विभिन्न शिक्षण एवं रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था बच्चों के बौद्धिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। उनके अनुसार, स्कूल रेडीनेस मेला बच्चों को विद्यालयीन वातावरण से परिचित कराने और उन्हें खेल-खेल में सीखने के लिए
प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे रचनात्मक गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनका नाम, पसंदीदा विषय और आंगनवाड़ी में होने वाली गतिविधियों के बारे में चर्चा की, जिस पर बच्चों ने भी पूरे उत्साह से जानकारी दी। बच्चों के उत्साह से प्रभावित होकर कलेक्टर विश्वकर्मा ने उनकी सराहना की और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इसे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने
अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और घर पर भी उनके सीखने में सहयोग करें। मेले में बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षण तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत, जिले में 5-6 वर्ष आयु के हजारों बच्चों का पाँच विकास क्षेत्रों – भाषा, संख्या ज्ञान, संज्ञानात्मक क्षमता, शारीरिक विकास तथा सामाजिक-भावनात्मक कौशल – में पुनः आकलन किया गया। 26 मई को आयोजित पहले मेले की तुलना में उनकी प्रगति को व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड में दर्ज कर अभिभावकों को सौंपा गया, जिसके बाद जिले भर में एक माह तक चले माता सहभागिता कार्यक्रम के बाद बच्चों में उल्लेखनीय विकास देखा गया है।
- श्री कृष्ण के कथन अनुसार, यदि राधा नहीं मिलें, तो रुक्मिणी को स्वीकार कर लेना चाहिए।1
- राजधानी भोपाल में साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, परवलिया थाना क्षेत्र स्थित शाशीब कॉलेज में एक साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जहाँ कॉलेज के विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी और विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान एस.डी.ओ.पी. मंजू चौहान ने छात्रों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक और कॉल से सतर्क रहने, ओ.टी.पी. तथा बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर एस.डी.ओ.पी. मंजू चौहान ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, जिले भर में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना और उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों से अवगत कराना है, ताकि आमजन किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार न हों।1
- मध्य प्रदेश में मैं आपसे मिलना चाहता हूं कि मैं आपसे मिलना1
- नजीराबाद थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी दुर्जन सिंह द्वारा जागरूकता संबंधी कार्य किया गया है।1
- कृषि को मात्र एक विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव अस्तित्व का मूल आधार माना जाना चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि कृषि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।1
- एक व्यक्ति ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक ऐसी लड़की के पीछे पड़ा है जो उसे हर वक्त धोखा देती है। उसने इस बात पर अपनी निराशा जताई कि उसकी ज़िंदगी में कहाँ कम पैसा जा रहा है।1
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने प्रशासन अकादमी, भोपाल में अपना 41वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर एक संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें नाटक और डांस नृत्य जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।4
- राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में एक युवक पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया है, जिसके मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। फरियादी ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह हमला एक पूर्व डीजीपी के इशारे पर हुआ है, और यह घटना बिपेंद्र सिंह तोमर प्रकरण से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम है। फरियादी दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार, मोहित ने वीपेंद्र तोमर को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने के मामले में मदद की थी, जिस वजह से आरोपी पक्ष उससे रंजिश रखता था और इसी के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, 1 जुलाई की रात कटारा टावर स्थित सांची दुकान पर करन और उसका भाई पंचू पहले पहुँचे और मोहित के साथ गाली-गलौज की। जब मोहित ने विरोध किया, तो दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और चले गए। रात करीब 10:45 बजे, जब मोहित दुकान बंद कर रहा था, करन कुल्हाड़ी लेकर वापस आया और मोहित के चेहरे पर हमला कर दिया। इस हमले में मोहित की नाक, कान और आँखों के बीच गंभीर चोटें आईं, जिससे वह लहूलुहान हो गया। उसे तुरंत माउंट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। कटारा हिल्स थाना पुलिस ने करन और पंचू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 118(1), 296(ए), 351(2) और 3(5) के तहत हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश कर रही है और साथ ही शिकायत में पूर्व डीजीपी के इशारों पर हमले के लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच कर रही है, जिनकी अभी पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।1