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कृषि को मात्र एक विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव अस्तित्व का मूल आधार माना जाना चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि कृषि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।
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कृषि को मात्र एक विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव अस्तित्व का मूल आधार माना जाना चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि कृषि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।
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- कृषि को मात्र एक विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव अस्तित्व का मूल आधार माना जाना चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि कृषि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।1
- विदिशा में शिक्षा विभाग में 42 वर्षों तक सहायक शिक्षक के रूप में सेवा देने वाले सेवानिवृत्त डॉ. उमेश चंद्र गुप्ता अपने ही हक के भुगतान के लिए सत्याग्रह पर उतर आए हैं। उनका आरोप है कि सेवानिवृत्ति के छह माह बीत जाने के बाद भी उन्हें क्रमोन्नति, एरियर और अन्य देय लाभों का पूरा भुगतान नहीं मिला है। डॉ. गुप्ता का कहना है कि वे सेवानिवृत्ति के बाद से लगातार जिला शिक्षा अधिकारी और बीईओ कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। इस परेशानी के चलते उन्होंने गांधीवादी तरीके से अपना विरोध शुरू किया है। अपने विरोध के अनोखे अंदाज में उन्होंने कलेक्ट्रेट की परिक्रमा की, अधिकारियों और कर्मचारियों को गुलाब का फूल भेंट कर उनके कर्तव्यों की याद दिलाई, और पंपलेट बांटकर अपनी अपील लोगों तक पहुंचाई। इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.पी. जाटव का कहना है कि संबंधित भुगतान बीईओ कार्यालय स्तर से किया जाना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सेवा पुस्तिका के आधार पर अर्जित अवकाश का पूरा भुगतान पहले ही किया जा चुका है। वहीं, डॉ. गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यदि 6 जुलाई तक उन्हें उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो वे आमरण अनशन शुरू कर देंगे। फिलहाल, शिक्षक की अन्य मांगों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई का सभी को इंतजार है।4
- विदिशा के टीलाखेड़ी स्थित बलभद्र स्कूल में पढ़ने वाले छात्र दिव्यांश को स्कूल छोड़ने का स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) नहीं मिल रहा है। छात्र दिव्यांश आज अपने पिता चंद्रभान के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्कूल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। चंद्रभान ने बताया कि उनके बेटे ने आठवीं कक्षा पास कर ली है, लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण अब वे उसे सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। हालाँकि, स्कूल टीसी देने में आनाकानी कर रहा है और इसके बदले तय फीस से कहीं अधिक ₹850 की मांग कर रहा है। इस संबंध में उन्होंने संयुक्त कलेक्टर से शिकायत की है। इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित संस्था की जांच कराई जाएगी।4
- Post by Curo1
- एक व्यक्ति ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि वे (लोग) सोच-सोचकर दीवाने हो जाएंगे और अंततः बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वह इसका जवाब देता है।1
- विदिशा के गंजबासौदा थाना देहात पुलिस ने ग्राम गमाकर में हुए एक जानलेवा हमले और लूट की गंभीर घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से ₹35 हजार कीमत का लूटा गया सामान (मशर्रुका) बरामद किया गया। यह कार्रवाई विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में हुई। यह घटना 01 जुलाई 2026 को ग्राम गमाकर में घटित हुई थी, जिसके बाद थाना देहात गंजबासौदा में अपराध क्रमांक 293/2026 के तहत धारा 309(6), 331(7) एवं 317(2) बी.एन.एस. के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 110 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और विश्वसनीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर ₹10,000 नगद, एक सोने की नाक की लौंग और सोने के कान के टॉप्स बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹35,000 है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम गमाकर निवासी छोटू कुशवाह (उम्र 26 वर्ष), और धूसरपुरा, गंजबासौदा निवासी रानू जैन (उम्र 22 वर्ष) तथा शैलेन्द्र जैन (उम्र 27 वर्ष) शामिल हैं। तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भावसार के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार सिंह, निरीक्षक निरपत सिंह लोधी, उनि राधेश्याम यादव, उनि दिव्या पराशर, प्रधान आरक्षक दिव्यक्रांति, सुरेश, राजकुमार, अभिलाख यादव, वीरेंद्र तिवारी, और आरक्षक रामनिवास मीना, शर्मन शाहू, अभिषेक शुक्ला, सत्येंद्र तोमर, राहुल, मनोज, अजय तथा राकेश की उल्लेखनीय भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विवेचना और प्रभावी टीमवर्क के कारण ही इस गंभीर घटना का इतने कम समय में खुलासा हो सका।2
- गुरुवार अलसुबह करीब 4 बजे विदिशा के नीमताल क्षेत्र में एक न्यायाधीश की कार और एक स्कॉर्पियो वाहन के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का एक पहिया टूटकर अलग हो गया। इस हादसे में न्यायाधीश के सुरक्षा गार्ड को चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया, जिसके बाद घायल गार्ड को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा तेज रफ्तार या लापरवाही के चलते हुआ बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।2