विदिशा के गंजबासौदा थाना देहात पुलिस ने ग्राम गमाकर में हुए एक जानलेवा हमले और लूट की गंभीर घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से ₹35 हजार कीमत का लूटा गया सामान (मशर्रुका) बरामद किया गया। यह कार्रवाई विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में हुई। यह घटना 01 जुलाई 2026 को ग्राम गमाकर में घटित हुई थी, जिसके बाद थाना देहात गंजबासौदा में अपराध क्रमांक 293/2026 के तहत धारा 309(6), 331(7) एवं 317(2) बी.एन.एस. के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 110 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और विश्वसनीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर ₹10,000 नगद, एक सोने की नाक की लौंग और सोने के कान के टॉप्स बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹35,000 है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम गमाकर निवासी छोटू कुशवाह (उम्र 26 वर्ष), और धूसरपुरा, गंजबासौदा निवासी रानू जैन (उम्र 22 वर्ष) तथा शैलेन्द्र जैन (उम्र 27 वर्ष) शामिल हैं। तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भावसार के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार सिंह, निरीक्षक निरपत सिंह लोधी, उनि राधेश्याम यादव, उनि दिव्या पराशर, प्रधान आरक्षक दिव्यक्रांति, सुरेश, राजकुमार, अभिलाख यादव, वीरेंद्र तिवारी, और आरक्षक रामनिवास मीना, शर्मन शाहू, अभिषेक शुक्ला, सत्येंद्र तोमर, राहुल, मनोज, अजय तथा राकेश की उल्लेखनीय भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विवेचना और प्रभावी टीमवर्क के कारण ही इस गंभीर घटना का इतने कम समय में खुलासा हो सका।
विदिशा के गंजबासौदा थाना देहात पुलिस ने ग्राम गमाकर में हुए एक जानलेवा हमले और लूट की गंभीर घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से ₹35 हजार कीमत का लूटा गया सामान (मशर्रुका) बरामद किया गया। यह कार्रवाई विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भलावी के मार्गदर्शन में हुई। यह घटना 01 जुलाई 2026 को ग्राम गमाकर में घटित हुई थी, जिसके बाद थाना देहात गंजबासौदा में अपराध क्रमांक 293/2026 के तहत धारा 309(6), 331(7) एवं 317(2) बी.एन.एस. के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 110 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और विश्वसनीय मुखबिरों से मिली सूचनाओं के आधार पर
संदिग्धों की पहचान कर पूछताछ की गई, जिसमें आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया। उनकी निशानदेही पर ₹10,000 नगद, एक सोने की नाक की लौंग और सोने के कान के टॉप्स बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत ₹35,000 है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम गमाकर निवासी छोटू कुशवाह (उम्र 26 वर्ष), और धूसरपुरा, गंजबासौदा निवासी रानू जैन (उम्र 22 वर्ष) तथा शैलेन्द्र जैन (उम्र 27 वर्ष) शामिल हैं। तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भावसार के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार सिंह, निरीक्षक निरपत सिंह लोधी, उनि राधेश्याम यादव, उनि दिव्या पराशर, प्रधान आरक्षक दिव्यक्रांति, सुरेश, राजकुमार, अभिलाख यादव, वीरेंद्र तिवारी, और आरक्षक रामनिवास मीना, शर्मन शाहू, अभिषेक शुक्ला, सत्येंद्र तोमर, राहुल, मनोज, अजय तथा राकेश की उल्लेखनीय भूमिका रही। पुलिस टीम की सतर्कता, त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विवेचना और प्रभावी टीमवर्क के कारण ही इस गंभीर घटना का इतने कम समय में खुलासा हो सका।
- श्री कृष्ण के कथन अनुसार, यदि राधा नहीं मिलें, तो रुक्मिणी को स्वीकार कर लेना चाहिए।1
- कृषि को मात्र एक विषय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे मानव अस्तित्व का मूल आधार माना जाना चाहिए। यह स्पष्ट किया गया है कि कृषि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है।1
- मध्य प्रदेश में मैं आपसे मिलना चाहता हूं कि मैं आपसे मिलना1
- नजीराबाद थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी दुर्जन सिंह द्वारा जागरूकता संबंधी कार्य किया गया है।1
- राजधानी भोपाल में साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, परवलिया थाना क्षेत्र स्थित शाशीब कॉलेज में एक साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान आयोजित किया गया, जहाँ कॉलेज के विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी और विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान एस.डी.ओ.पी. मंजू चौहान ने छात्रों को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, अनजान लिंक और कॉल से सतर्क रहने, ओ.टी.पी. तथा बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी। उन्होंने साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर एस.डी.ओ.पी. मंजू चौहान ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार, जिले भर में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करना और उन्हें साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए तरीकों से अवगत कराना है, ताकि आमजन किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी का शिकार न हों।1
- एक व्यक्ति ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि वह एक ऐसी लड़की के पीछे पड़ा है जो उसे हर वक्त धोखा देती है। उसने इस बात पर अपनी निराशा जताई कि उसकी ज़िंदगी में कहाँ कम पैसा जा रहा है।1
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने प्रशासन अकादमी, भोपाल में अपना 41वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर एक संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें नाटक और डांस नृत्य जैसे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।4
- राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में एक युवक पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया है, जिसके मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। फरियादी ने गंभीर आरोप लगाया है कि यह हमला एक पूर्व डीजीपी के इशारे पर हुआ है, और यह घटना बिपेंद्र सिंह तोमर प्रकरण से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम है। फरियादी दिनेश प्रताप सिंह के अनुसार, मोहित ने वीपेंद्र तोमर को कथित तौर पर बंधक बनाए जाने के मामले में मदद की थी, जिस वजह से आरोपी पक्ष उससे रंजिश रखता था और इसी के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया। पुलिस के मुताबिक, 1 जुलाई की रात कटारा टावर स्थित सांची दुकान पर करन और उसका भाई पंचू पहले पहुँचे और मोहित के साथ गाली-गलौज की। जब मोहित ने विरोध किया, तो दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और चले गए। रात करीब 10:45 बजे, जब मोहित दुकान बंद कर रहा था, करन कुल्हाड़ी लेकर वापस आया और मोहित के चेहरे पर हमला कर दिया। इस हमले में मोहित की नाक, कान और आँखों के बीच गंभीर चोटें आईं, जिससे वह लहूलुहान हो गया। उसे तुरंत माउंट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। कटारा हिल्स थाना पुलिस ने करन और पंचू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 118(1), 296(ए), 351(2) और 3(5) के तहत हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की तलाश कर रही है और साथ ही शिकायत में पूर्व डीजीपी के इशारों पर हमले के लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच कर रही है, जिनकी अभी पुलिस द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।1