गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर देवास में आयोजित "जल गंगा संवर्धन अभियान" के जिला स्तरीय कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को हम सभी का दायित्व बताया। उन्होंने जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले सभी छोटे-बड़े अतिक्रमणों को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही मीठा तालाब पर गंगा आरती का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में अपने मुख्य आतिथ्य में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनसे भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और अभियान के तहत यहां अच्छा कार्य हो रहा है। श्री सिलावट ने सभी से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का अनुरोध करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने "केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना", संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना, और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना जैसी योजनाओं के लाभ गिनाए, जिनसे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और पीने का पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने गंगा दशहरा को जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देने वाला पावन दिवस बताते हुए भविष्य में जल संकट से बचने के लिए वर्तमान में विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर हाटपीपल्या विधायक श्री मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, विधायक प्रतिनिधि श्री दुर्गेश अग्रवाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद और नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा सामाजिक संगठनों व पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की। नगर निगम महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल ने देवास में तालाबों, कुओं और बावड़ियों की सफाई सहित नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला और नगर निगम क्षेत्र में "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें जनभागीदारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को जल शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने पानी बचाने, विवेकपूर्ण उपयोग करने, हर बूंद का संचयन करने, 'कैच द रेन' अभियान को बढ़ावा देने और जल को अनमोल संपदा मानकर उपयोग करने का संकल्प लिया। सभी ने अपने परिवारजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी प्रेरित कर इस "जल आंदोलन" को "जन आंदोलन" बनाने का आह्वान किया।
गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर देवास में आयोजित "जल गंगा संवर्धन अभियान" के जिला स्तरीय कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने जल की एक-एक बूंद का संरक्षण करने को हम सभी का दायित्व बताया। उन्होंने जल स्रोतों के प्राकृतिक बहाव में बाधा बनने वाले सभी छोटे-बड़े अतिक्रमणों को तुरंत हटाने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही मीठा तालाब पर गंगा आरती का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में अपने मुख्य आतिथ्य में मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश सरकार जल बचत और प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रही है, और जल संकट से निपटने के लिए यह अभियान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5,000 से अधिक सरोवर बनाए गए हैं, जिनसे भूमिगत जल स्तर बढ़ेगा। देवास जिले में भी 570 तालाब और 95 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, और अभियान
के तहत यहां अच्छा कार्य हो रहा है। श्री सिलावट ने सभी से इस अभियान को जन आंदोलन बनाने का अनुरोध करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा नदियों को जोड़ने के कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने "केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना", संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना, और मेगा तापी रीचार्ज परियोजना जैसी योजनाओं के लाभ गिनाए, जिनसे सिंचाई का रकबा बढ़ेगा और पीने का पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने गंगा दशहरा को जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देने वाला पावन दिवस बताते हुए भविष्य में जल संकट से बचने के लिए वर्तमान में विशेष प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर हाटपीपल्या विधायक श्री मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, महापौर श्रीमती गीता दुर्गेश अग्रवाल, जिला अध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव, विधायक प्रतिनिधि श्री दुर्गेश अग्रवाल सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री
पुनीत गेहलोद और नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी तथा सामाजिक संगठनों व पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की। नगर निगम महापौर श्रीमती गीता अग्रवाल ने देवास में तालाबों, कुओं और बावड़ियों की सफाई सहित नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। जिला और नगर निगम क्षेत्र में "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत विकासखंड स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिसमें जनभागीदारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा नागरिकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित लोगों को जल शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने पानी बचाने, विवेकपूर्ण उपयोग करने, हर बूंद का संचयन करने, 'कैच द रेन' अभियान को बढ़ावा देने और जल को अनमोल संपदा मानकर उपयोग करने का संकल्प लिया। सभी ने अपने परिवारजनों, मित्रों और पड़ोसियों को भी प्रेरित कर इस "जल आंदोलन" को "जन आंदोलन" बनाने का आह्वान किया।
- इंदौर में पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। इस प्रहार के जरिए पुलिस ने शराब तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसा है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फॉलोअर्स की संख्या 20 मिलियन (दो करोड़) तक पहुंच गई है। इस बड़ी उपलब्धि को लेकर पार्टी में खुशी का माहौल है।1
- कथित तौर पर यह एक हिंदुस्तानी पार्टी नहीं है। इस पर सवाल उठाया गया है कि 'कॉकरोच पार्टी' का भविष्य क्या होगा, क्योंकि लोग उसे 'चबाकर खा रहे' हैं।1
- प्रदोष काल कब होता है और इस दौरान किन कार्यों को करना चाहिए, इन महत्वपूर्ण ज्योतिषीय विषयों पर जानकारी उपलब्ध है। ज्योतिष गुरु नलिन दीक्षित इस संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए उपलब्ध हैं। इच्छुक व्यक्ति उनसे संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर 8109207940 का उपयोग कर सकते हैं।1
- इंदौर के गीता भवन सत्संग सभागृह में मंगल परिवार की मेजबानी में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन श्रीधाम वृंदावन के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने प्रवचन दिए। उन्होंने मातुश्री श्रीमती कमलादेवी-बाबूलाल मंगल की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कथा के दौरान कहा कि दूसरों के दुख दूर करने और उनके आंसू पोंछने से बड़ी कोई सेवा नहीं हो सकती। स्वामी भास्करानंद ने जोर दिया कि भगवान बुद्धि से नहीं, बल्कि भक्ति और विश्वास से मिलते हैं, और श्रद्धा व विश्वास के बिना की गई भक्ति तथा सेवा निरर्थक होती है; सेवा हमेशा निष्काम भाव से होनी चाहिए। कथा शुभारंभ से पहले आयोजन समिति की ओर से समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, शैलेन्द्र गुप्ता, विजय-कृष्णा गोयल सहित अन्य लोगों ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा श्रवण के लिए आज भी गीता भवन में भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। संगीतमय कथा के बीच साध्वी कृष्णानंद द्वारा प्रस्तुत मधुर भजन भी भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। यह कथा 30 मई तक प्रतिदिन दोपहर 3.30 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी, जिसमें विभिन्न उत्सव भी मनाए जाएँगे। महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने शुकदेव आगमन प्रसंग की कथा के दौरान यह भी समझाया कि भगवान का भजन एकमात्र ऐसा कार्य है जिसे करने के लिए किसी ताम-झाम, संसाधन या अतिरिक्त पुरुषार्थ की आवश्यकता नहीं होती; इसे नियमित काम करते हुए भी किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि भगवान हमारा अदृश्य साथी है, जो बिना दिखाई दिए भी कदम-कदम पर हमारी मदद करता है, और जन्म-जन्मांतर का सच्चा सखा केवल परमात्मा ही हो सकता है। इसलिए, परमात्मा से जुड़े बिना जीवन धन्य नहीं हो सकता। आगामी दिनों में कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन भी किया गया है: तृतीय दिवस 26 मई को शिव-पार्वती विवाह, 27 मई को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 28 मई को गोवर्धन पूजा एवं 56 भोग, 29 मई को रुक्मणी विवाह और समापन दिवस शनिवार 30 मई को सुदामा चरित्र के पश्चात फूलों की होली खेली जाएगी।1
- देश में नौतपा की शुरुआत हो गई है, जो साल के उन नौ दिनों को दर्शाता है जब गर्मी अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुँच जाती है। 25 मई से 2 जून 2026 तक चलने वाले इस नौतपा के दौरान, मौसम विभाग ने कई राज्यों में तापमान 45°C के पार जाने की आशंका व्यक्त करते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को दोपहर की धूप से बचने की खास सलाह दी है। आसान शब्दों में, नौतपा वह अवधि होती है जब सूर्य की किरणें धरती पर अधिक सीधी और तीव्र पड़ती हैं, जिससे जमीन तेजी से गर्म होती है और लू चलने लगती है। इस समय दिन में सड़कें भी तपने लगती हैं, और रात में भी गर्म हवा का एहसास होता है। इसके परिणामस्वरूप, लोगों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है, साथ ही पानी और बिजली से संबंधित समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने इस भीषण गर्मी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने, हल्का भोजन करने और विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने का आग्रह किया है। यह अवधि नौतपा के कारण पड़ने वाली भीषण गर्मी के कहर से बचने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- इंदौर से 'प्रदेश खुलासा' के संपादकीय में भीषण गर्मी के बीच जनता की दोहरी मानसिकता पर सुलगते सवाल उठाए गए हैं। मौजूदा 45 डिग्री के रिकॉर्ड तोड़ तापमान में हर व्यक्ति पेड़ों की घनी छांव तलाश रहा है और ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ी रोकने से पहले पेड़ ढूंढता है। संपादकीय में कहा गया है कि धूप का सितम ऐसा है कि जिन्होंने कभी गमले तक में पानी नहीं डाला, वे भी आज सोशल मीडिया पर पेड़ों की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही एक कड़वा सवाल भी उठाया गया है कि छांव चाहने वाले इन लाखों लोगों में से कितनों ने कभी अपने हाथों से एक पौधा लगाया है या उसे पानी देकर बचाया है। लेख के अनुसार, बारिश की पहली फुहार गिरते ही यह 'मौसमी पर्यावरण प्रेम' हवा हो जाएगा, और यही पेड़ लोगों को 'परेशानी' लगने लगेंगे। कोई पत्तों के गिरने से गंदगी की शिकायत करेगा, किसी को चिड़ियों से कार गंदी होने का डर सताएगा, और कोई रसूखदार अपनी दुकान का बोर्ड पेड़ की टहनियों से छिपता पाएगा। यह समाज की उस दोहरी मानसिकता को दर्शाता है कि लोगों को सिर्फ अपनी जरूरत के समय पेड़ों की छांव चाहिए होती है, जबकि बाकी समय 'विकास' के नाम पर कुल्हाड़ी तैयार रहती है। इस खोखली मानसिकता के विपरीत, 'संस्था रामराज्य स्थापना परिषद्' और 'प्रदेश खुलासा न्यूज़' पिछले डेढ़ दशक से एक मौन क्रांति चला रहे हैं। साल 2010 से हर वर्ष, ये बिना किसी सरकारी सहयोग के 400 से अधिक पौधों का रोपण करते हैं और उनकी 365 दिन निगरानी करते हैं ताकि वे सुरक्षित पेड़ बन सकें। इसी कड़ी में, प्रकृति का ऋण चुकाने और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित कल देने के उद्देश्य से, आगामी 1 जुलाई 2026 से "एक पेड़ लगाओ, अपना जीवन बचाओ" महाअभियान का अगला चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार टीम और अधिक व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और जन-जागृति का कार्य करेगी। 'प्रदेश खुलासा' ने इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि एसी कमरों में बैठकर ग्लोबल वॉर्मिंग पर चिंता जताना आसान है, लेकिन जब तक व्यक्ति खुद कुदाल उठाकर मिट्टी में पौधा नहीं रोपते, उनका पर्यावरण प्रेम बेईमानी है। कंक्रीट के जंगलों में बदलते शहरों को बचाने के लिए 'काटो और बढ़ो' की नीति छोड़कर 'लगाओ और बचाओ' के मार्ग पर चलना होगा। संपादकीय ने लोगों से 1 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे इस महाअभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है, यह याद दिलाते हुए कि आज लगाया हुआ एक पौधा कल किसी राहगीर की जिंदगी बचा सकता है।1
- इंदौर में लगातार बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों के बीच, क्राइम ब्रांच को कुछ महिलाओं से शिकायतें मिली थीं। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया, जिसमें खुलासा हुआ कि क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के बहाने 9 से अधिक महिलाओं से करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में मुख्य आरोपी हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके चार अन्य साथी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, ये फरार आरोपी दूसरे जिलों के रहने वाले हैं और उनकी तलाश में टीमें भेज दी गई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले किटी पार्टियां आयोजित करते थे, जिनमें बड़े घरों की महिलाओं को बुलाया जाता था। वहाँ उन्हें कम समय में पैसा दोगुना-तीन गुना करने का लालच दिया जाता था, जिसके चलते कई महिलाओं ने बड़ी रकम निवेश कर दी। जब उन्हें पैसा वापस नहीं मिला, तब उन्होंने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों का पालन करते हुए, नगर परिषद कन्नौद ने जल गंगा अभियान के तहत गंगा दशहरा पर्व मनाया। सोमवार, 25 मई, 2026 को सुबह 11:30 बजे कन्नौद के हनुमान मंदिर तालाब मोहल्ला, वार्ड नंबर 12 में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय तालाब की साफ-सफाई की गई। कार्यक्रम के दौरान, उपस्थित जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और नगर परिषद के कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम में संतोष जाट (विधायक प्रतिनिधि), संदीप धुत उपाध्याय, पार्षद राधेश्याम खत्री, राजेश यादव (पार्षद प्रतिनिधि), गोपालसिंह राठौड़ (पार्षद प्रतिनिधि), संजय शर्मा (पार्षद प्रतिनिधि), अन्नू शर्मा (पार्षद प्रतिनिधि), राजेश चौहान (परिषद प्रतिनिधि), पार्षद शैलेश सल्लम और अन्य निकाय कर्मचारी शामिल थे।3