घाटबर्रा और आसपास के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कॉर्पोरेट कोयला खनन कार्यों तथा स्वदेशी गोंड आदिवासी आबादी के बीच एक गहरा संघर्ष चल रहा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में ग्रामीणों की याचिकाओं को खारिज करते हुए उनके सामुदायिक वन अधिकारों को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है, जिसे स्थानीय प्रतिरोध के लिए एक महत्वपूर्ण झटके के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि 2013 का अनुदान त्रुटिपूर्ण था। हसदेव अरंद कोयला क्षेत्र मध्य भारत के सबसे बड़े अखंडित वनों में से एक है, जिसमें कोयले का विशाल भंडार मौजूद है। परसा ईस्ट और केटे बेसेन (पीईकेबी) कोयला ब्लॉक घाटबारा के निकटवर्ती क्षेत्रों से सटा हुआ है। इस क्षेत्र में खनन राज्य की बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति से जुड़ा है और इसका संचालन अदानी एंटरप्राइजेज सहित कई संस्थाओं द्वारा किया जाता है। वर्ष 2013 में, घाटबारा गांव के ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) प्रदान किए गए थे। हालांकि, 2016 में यह कहते हुए कि इस भूमि का उपयोग 2012 में खनन के लिए किया गया था, इन अधिकारों को रद्द कर दिया गया था। इस बीच, स्थानीय आदिवासी समुदाय और हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति जैसे पर्यावरण समूह लगातार खनन और वनों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। वे मानवाधिकार संबंधी चिंताओं, ग्राम सभा की उचित सहमति के अभाव और हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्र को हुए महत्वपूर्ण पारिस्थितिक नुकसान का हवाला देते हुए अपनी आवाज उठा रहे हैं।
घाटबर्रा और आसपास के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कॉर्पोरेट कोयला खनन कार्यों तथा स्वदेशी गोंड आदिवासी आबादी के बीच एक गहरा संघर्ष चल रहा है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में ग्रामीणों की याचिकाओं को खारिज करते हुए उनके सामुदायिक वन अधिकारों को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है, जिसे स्थानीय प्रतिरोध के लिए एक महत्वपूर्ण झटके के रूप में देखा जा रहा है। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि 2013 का अनुदान त्रुटिपूर्ण था। हसदेव अरंद कोयला क्षेत्र मध्य भारत के सबसे बड़े अखंडित वनों में से एक है, जिसमें कोयले का विशाल भंडार मौजूद है। परसा ईस्ट और केटे बेसेन (पीईकेबी) कोयला ब्लॉक घाटबारा के निकटवर्ती क्षेत्रों से सटा हुआ है। इस क्षेत्र में खनन राज्य की बिजली उत्पादन के लिए कोयले की आपूर्ति से जुड़ा है और इसका संचालन अदानी एंटरप्राइजेज सहित कई संस्थाओं द्वारा किया जाता है। वर्ष 2013 में, घाटबारा गांव के ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) प्रदान किए गए थे। हालांकि, 2016 में यह कहते हुए कि इस भूमि का उपयोग 2012 में खनन के लिए किया गया था, इन अधिकारों को रद्द कर दिया गया था। इस बीच, स्थानीय आदिवासी समुदाय और हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति जैसे पर्यावरण समूह लगातार खनन और वनों की कटाई का विरोध कर रहे हैं। वे मानवाधिकार संबंधी चिंताओं, ग्राम सभा की उचित सहमति के अभाव और हसदेव नदी के जलग्रहण क्षेत्र को हुए महत्वपूर्ण पारिस्थितिक नुकसान का हवाला देते हुए अपनी आवाज उठा रहे हैं।
- सरगुजा में डीआईजी एवं एसएसपी के दिशा-निर्देशन में समस्त थाना/चौकी परिसरों और पुलिस लाइन में 'एकता वृक्ष अभियान' के तहत एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के निर्देशों पर आज थाना/चौकी तथा पुलिस लाइन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधे लगाए। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच 'एकता' के सूत्र को मजबूत करना, वृक्षारोपण के माध्यम से प्रदूषण को नियंत्रित करना, तथा पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देना है। इसका लक्ष्य देश की एकता, अखंडता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना भी है। वृक्षारोपण अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने आम जनता से अपील की कि वे अपने आस-पास अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपना सहयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 'एकता वृक्ष अभियान' के ज़रिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट करके पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सकता है, जिससे जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं को भी प्रभावी ढंग से कम किया जा सकेगा। इस वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में समस्त थाना/चौकी प्रभारी समेत काफी संख्या में पुलिस के अधिकारी व जवानों ने पौधों का वृक्षारोपण कर उनकी देखभाल एवं सुरक्षा करने का संकल्प लिया। सरगुजा पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
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- बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है। कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।1
- नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर* 🚨 *"अभियान संवेदना" के तहत गुम बालिका बिलासपुर के सीपत से सकुशल दस्तयाब, शादी का झांसा देकर भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार* 🚨 *कोतरारोड़ नाबालिग ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में भेजा न्यायिक रिमांड पर* *6 जुलाई, रायगढ़* । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में संचालित "अभियान संवेदना" के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतरारोड़ पुलिस ने 15 वर्षीय गुम बालिका को सकुशल बरामद कर उसे शादी का झांसा देकर भगाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जानकारी के अनुसार दिनांक 11 फरवरी 2026 को पीड़िता की मां ने थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 15 वर्ष 11 माह की नाबालिग पुत्री सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन स्कूल नहीं पहुंची। शाम को विद्यालय से फोन आने पर परिजनों ने रास्ते एवं रिश्तेदारों के यहां तलाश की, परंतु उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने आशंका व्यक्त की कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले जाया गया है। शिकायत पर थाना कोतरारोड़ में गुम इंसान क्रमांक 10/2026 दर्ज कर अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण किया। जांच में संदेही सूरज कुमार साहू की लोकेशन थाना सीपत, जिला बिलासपुर क्षेत्र में मिलने पर थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह द्वारा तत्काल डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन पर पुलिस टीम गठित कर बिलासपुर रवाना किया गया । पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां पहुंचकर नाबालिग बालिका को उसके कब्जे से सकुशल बरामद किया। बरामदगी के समय बालिका के माता-पिता भी मौजूद रहे। थाना लाकर महिला पुलिस अधिकारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज किया गया। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि सूरज कुमार साहू उसे नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और नाबालिक जानते हुए लगातार शारीरिक संबंध बनाया जिससे प्रकरण में धारा 87, 65 (1) BNS और 4, 6 पॉक्सो एक्ट जोडी गयी है। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर *आरोपी सूरज कुमार साहू पित्ता हेतराम साहू उम्र 27 वर्ष सा. पकरिया भाठापारा (लटिया) थाना अकलतरा जिला जाजगीर चापा (छ.ग.)* के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं पीड़िता को आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर परिजनों के सुपुर्द किया गया। बालिका की पतासाजी, आरोपी गिरफ्तारी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतरारोड़ निरीक्षक शील आदित्य सिंह, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, आरक्षक चन्द्रेश पांडे और महिला आरक्षक दोरथिया किण्डो की अहम भूमिका रही है । "अभियान संवेदना" के तहत रायगढ़ पुलिस गुम बालक-बालिकाओं की सुरक्षित बरामदगी एवं उनके विरुद्ध अपराध करने वालों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रखे हुए है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दमन की धरती से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी संकल्प के साथ देश में गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। अपने संबोधन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने दमन में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आर्थिक विकास, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देंगी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण में दमन और दीव की महत्वपूर्ण भूमिका है, और केंद्र सरकार यहां के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, तथा डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों ने देश को नई पहचान दी है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, करोड़ों लोगों को पक्के घर, स्वच्छ पेयजल, बिजली, गैस कनेक्शन और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि नारी शक्ति देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है, और सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे वे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप संस्कृति ने उनके लिए नए अवसर पैदा किए हैं, और उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाओं और जनभागीदारी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयास से भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। दमन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान, बड़ी संख्या में लोगों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और विकास परियोजनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली और विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिली।1
- Rohit sav Blanc de de do na please emon Khan and other day and4
- अजरदीप सोनवानी कुमार डीजे रीमिक्स साइट के संबंध में एक प्रश्न उठाया गया है, जिसमें यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि उस साइट पर कौन सी चीज़ें उपलब्ध हैं या नहीं।3
- आज की सबसे बड़ी खबर बीबीसी लाईव पर उपलब्ध है।1