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बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में एक दिलचस्प बात सुनने को मिली है। ऐसा कहा जा रहा है कि 'तेरी अदालत' में कभी कोई वकील नहीं होता। यह बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई है।
Rajesh Kumar
बिहार के नालंदा जिले के बिहारशरीफ में एक दिलचस्प बात सुनने को मिली है। ऐसा कहा जा रहा है कि 'तेरी अदालत' में कभी कोई वकील नहीं होता। यह बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई है।
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- बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ में महज 20 मिनट की बारिश ने शहर का बुरा हाल कर दिया। इस घटना का एक वीडियो सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि थोड़ी सी बारिश में ही शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वीडियो में दिख रहा है कि पानी की तेज़ धार सड़कों पर बह रही है और लोग मुश्किल से अपने घरों तक पहुंच पा रहे हैं। दुकानों में पानी घुस गया है और वाहन फंस गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति हर बारिश में बनती है, लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता।1
- बिहार के नालंदा जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को गोली मार दी गई। इस घटना के बाद पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया है। पुलिस के अनुसार, घटना में व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अपराधियों की तलाश की जा रही है। फिलहाल, इस सिलसिले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और शांति बनाए रखें।1
- राजद नेता तेजप्रताप यादव की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उनकी वकील निशा सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। निशा सिंह ने बताया कि तेजप्रताप यादव की तबीयत को ध्यान में रखते हुए आज अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई है। वकील के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी आधार पर अदालत से राहत की मांग की गई है। अभी तक अदालत की ओर से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। इस याचिका पर न्यायालय के फैसले का इंतजार है। मामले पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजर बनी हुई है। अदालत के निर्णय के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ के बहुउद्देशीय सभागार में रविवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में नर्सरी से कक्षा पाँच तक तथा द्वितीय सत्र में कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और लगभग शत-प्रतिशत अभिभावकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने अध्येता, अध्यापक और अभिभावक के बीच बेहतर समन्वय को बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते शैक्षिक परिवेश में बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रति बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय है। यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के अनावश्यक उपयोग से दूर रखते हुए स्वाध्याय, पुस्तक-पठन और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि मॉडर्न की पहचान केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छी शिक्षा, अनुशासन, सुंदर लिखावट, संस्कार, खेल, संगीत, नृत्य एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी इसकी विशेषता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सामने अपने व्यवहार, भाषा और आदतों का सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता से ही जीवन के प्रारंभिक संस्कार सीखते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को बच्चों के जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया। विद्यालय के प्राचार्य योगलाल चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना पहला कदम है, लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी में शैक्षणिक, व्यवहारिक अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे, तो अभिभावक बिना संकोच विद्यालय प्रशासन अथवा संबंधित वर्ग शिक्षक से संपर्क करें। विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव तत्पर है। संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण एवं नियमित संवाद की सराहना की। अनेक अभिभावकों ने अपने सुझाव एवं समस्याएँ भी विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखीं, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि उनके सुझावों को प्राथमिकता देते हुए बच्चों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों ने इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।2
- बिहार के शेखपुरा जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सोमवार सुबह एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभया ब्रिगेड एवं पुलिस दीदी टीम ने शेखपुरा शहर के कच्ची रोड स्थित निजी शिक्षण संस्थानों में यह अभियान आयोजित किया। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं को मानव तस्करी, साइबर अपराध, छेड़खानी और महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। नगर थाना की एएसआई कुमारी शुभम सिन्हा, पीटीसी नवल कुमार मंडल सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने छात्राओं को किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार का साहसपूर्वक विरोध करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही साइबर अपराध से बचने के उपाय बताते हुए अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी मैसेज और सोशल मीडिया पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी गई। एएसआई कुमारी शुभम सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में मानव तस्करी और साइबर अपराध के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में छात्राओं को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, कॉल या संदेश पर भरोसा नहीं करना चाहिए। यदि कोई रास्ते में छेड़खानी करता है, बदसलूकी करता है या किसी भी प्रकार से परेशान करने की कोशिश करता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को देनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं को बताया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 सबसे प्रभावी सहायता सेवा है। सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं से अपील की गई कि वे किसी भी घटना को छिपाने के बजाय अपने परिवार और पुलिस को तुरंत जानकारी दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ में एक पोस्ट में उन लोगों की आलोचना की गई है जो सिर्फ रील और स्टेट्स पर भक्ति का दिखावा करते हैं। पोस्ट में कहा गया है कि इस तरह की भक्ति झूठी है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर ने जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और प्रदर्शनकारियों में खुशी की लहर दौड़ा दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के मुद्दों को उठा रहे थे। हालांकि, इस्तीफे के कारणों और इस आंदोलन के बीच संबंध को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और इस पर विभिन्न पक्षों की अपनी-अपनी राय है। प्रदर्शनकारी 27 से 40 दिनों तक चले आंदोलन के बाद इस खबर पर खुशी जाहिर कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं और जश्न मना रहे हैं। इस बीच, लोगों में यह चर्चा भी ज़ोर पकड़ रही है कि क्या ऐसे आंदोलनों से वास्तव में शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।1
- बिहार के मुख्यमंत्री ने हाल ही में नालंदा जिले के नालंदा डेयरी का दौरा किया। इस दौरान सचिव ने डेयरी के विभिन्न फायदों के बारे में विस्तार से बताया। मुख्यमंत्री के इस दौरे का उद्देश्य नालंदा डेयरी की गतिविधियों और लाभों को समझना था। सचिव ने बताया कि इस डेयरी से स्थानीय किसानों को काफी लाभ होगा और दूध उत्पादन में वृद्धि होगी। इसके अलावा, डेयरी से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने डेयरी के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।1
- बिहार के पटना जिले के बड़हिया उप-जिले में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक मासूम बच्चे के गले में एक सांप लिपट गया और करीब एक घंटे तक उसके गले में फन फैलाए बैठा रहा। जब बच्चा उठा तो सांप खुद ही बाहर निकल गया। घटना के मुताबिक, बच्चा अपने घर में सो रहा था तभी अचानक एक सांप उसके गले में लिपट गया। सांप के फन को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी भी पल हमला कर सकता है। हालांकि, बच्चा इस दौरान सोता रहा और उसे इस खतरनाक स्थिति का अहसास नहीं हुआ। जब बच्चा उठा तो सांप खुद ही उसके गले से बाहर निकल गया। इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है।1