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मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ के बहुउद्देशीय सभागार में रविवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में नर्सरी से कक्षा पाँच तक तथा द्वितीय सत्र में कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और लगभग शत-प्रतिशत अभिभावकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने अध्येता, अध्यापक और अभिभावक के बीच बेहतर समन्वय को बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते शैक्षिक परिवेश में बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रति बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय है। यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के अनावश्यक उपयोग से दूर रखते हुए स्वाध्याय, पुस्तक-पठन और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि मॉडर्न की पहचान केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छी शिक्षा, अनुशासन, सुंदर लिखावट, संस्कार, खेल, संगीत, नृत्य एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी इसकी विशेषता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सामने अपने व्यवहार, भाषा और आदतों का सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता से ही जीवन के प्रारंभिक संस्कार सीखते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को बच्चों के जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया। विद्यालय के प्राचार्य योगलाल चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना पहला कदम है, लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी में शैक्षणिक, व्यवहारिक अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे, तो अभिभावक बिना संकोच विद्यालय प्रशासन अथवा संबंधित वर्ग शिक्षक से संपर्क करें। विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव तत्पर है। संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण एवं नियमित संवाद की सराहना की। अनेक अभिभावकों ने अपने सुझाव एवं समस्याएँ भी विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखीं, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि उनके सुझावों को प्राथमिकता देते हुए बच्चों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों ने इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

6 hrs ago
user_Varunendra kumar (Nawada Live)
Varunendra kumar (Nawada Live)
Nawada, Bihar•
6 hrs ago

मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ के बहुउद्देशीय सभागार में रविवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में नर्सरी से कक्षा पाँच तक तथा द्वितीय सत्र में कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और लगभग शत-प्रतिशत अभिभावकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने अध्येता, अध्यापक और अभिभावक के बीच बेहतर समन्वय को बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते शैक्षिक परिवेश में बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रति बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय है। यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के अनावश्यक उपयोग से दूर रखते हुए स्वाध्याय, पुस्तक-पठन और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि मॉडर्न की पहचान केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छी शिक्षा, अनुशासन, सुंदर लिखावट, संस्कार, खेल, संगीत, नृत्य एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी इसकी विशेषता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सामने अपने व्यवहार, भाषा और

आदतों का सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता से ही जीवन के प्रारंभिक संस्कार सीखते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को बच्चों के जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया। विद्यालय के प्राचार्य योगलाल चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना पहला कदम है, लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी में शैक्षणिक, व्यवहारिक अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे, तो अभिभावक बिना संकोच विद्यालय प्रशासन अथवा संबंधित वर्ग शिक्षक से संपर्क करें। विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव तत्पर है। संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण एवं नियमित संवाद की सराहना की। अनेक अभिभावकों ने अपने सुझाव एवं समस्याएँ भी विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखीं, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि उनके सुझावों को प्राथमिकता देते हुए बच्चों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों ने इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

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  • मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ के बहुउद्देशीय सभागार में रविवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में नर्सरी से कक्षा पाँच तक तथा द्वितीय सत्र में कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और लगभग शत-प्रतिशत अभिभावकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने अध्येता, अध्यापक और अभिभावक के बीच बेहतर समन्वय को बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते शैक्षिक परिवेश में बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रति बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय है। यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के अनावश्यक उपयोग से दूर रखते हुए स्वाध्याय, पुस्तक-पठन और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि मॉडर्न की पहचान केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छी शिक्षा, अनुशासन, सुंदर लिखावट, संस्कार, खेल, संगीत, नृत्य एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी इसकी विशेषता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सामने अपने व्यवहार, भाषा और आदतों का सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता से ही जीवन के प्रारंभिक संस्कार सीखते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को बच्चों के जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया। विद्यालय के प्राचार्य योगलाल चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना पहला कदम है, लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी में शैक्षणिक, व्यवहारिक अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे, तो अभिभावक बिना संकोच विद्यालय प्रशासन अथवा संबंधित वर्ग शिक्षक से संपर्क करें। विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव तत्पर है। संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण एवं नियमित संवाद की सराहना की। अनेक अभिभावकों ने अपने सुझाव एवं समस्याएँ भी विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखीं, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि उनके सुझावों को प्राथमिकता देते हुए बच्चों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों ने इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
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    मॉडर्न इंटरनेशनल स्कूल, हिसुआ के बहुउद्देशीय सभागार में रविवार को शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में नर्सरी से कक्षा पाँच तक तथा द्वितीय सत्र में कक्षा छह से दस तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय परिसर अभिभावकों की उपस्थिति से खचाखच भरा रहा और लगभग शत-प्रतिशत अभिभावकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मॉडर्न शैक्षणिक समूह के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने अध्येता, अध्यापक और अभिभावक के बीच बेहतर समन्वय को बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज के बदलते शैक्षिक परिवेश में बच्चों का इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रति बढ़ता आकर्षण चिंता का विषय है। यदि शिक्षक और अभिभावक मिलकर बच्चों को मोबाइल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों के अनावश्यक उपयोग से दूर रखते हुए स्वाध्याय, पुस्तक-पठन और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें, तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों का विकास होगा। डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि मॉडर्न की पहचान केवल उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि अच्छी शिक्षा, अनुशासन, सुंदर लिखावट, संस्कार, खेल, संगीत, नृत्य एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन भी इसकी विशेषता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के सामने अपने व्यवहार, भाषा और आदतों का सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करें, क्योंकि बच्चे अपने माता-पिता से ही जीवन के प्रारंभिक संस्कार सीखते हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक परंपराओं को बच्चों के जीवन में अपनाने पर विशेष बल दिया।

विद्यालय के प्राचार्य योगलाल चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना पहला कदम है, लेकिन उनके सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी में शैक्षणिक, व्यवहारिक अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या दिखाई दे, तो अभिभावक बिना संकोच विद्यालय प्रशासन अथवा संबंधित वर्ग शिक्षक से संपर्क करें। विद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव तत्पर है।

संगोष्ठी के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण एवं नियमित संवाद की सराहना की। अनेक अभिभावकों ने अपने सुझाव एवं समस्याएँ भी विद्यालय प्रबंधन के समक्ष रखीं, जिन पर सकारात्मक चर्चा हुई। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि उनके सुझावों को प्राथमिकता देते हुए बच्चों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों ने इस प्रकार के संवादात्मक कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
    user_Varunendra kumar (Nawada Live)
    Varunendra kumar (Nawada Live)
    Nawada, Bihar•
    6 hrs ago
  • बिहार के नवादा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है जिसमें दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हादसा रविवार देर रात कोडरमा घाटी में हुआ। 44 वर्षीय ट्रक चालक साधू यादव और उनके 22 वर्षीय चचेरे भाई सह उपचालक अमरजीत उर्फ छोटू यादव झारखंड से रजौली की ओर लोडेड ट्रक लेकर आ रहे थे। इसी दौरान कोडरमा घाटी में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। वाहन पहले सड़क किनारे एक पेड़ से टकराया और फिर विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में चालक और उपचालक दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर विधायक विभा देवी एवं विधान परिषद सदस्य अशोक कुमार ने अपने प्रतिनिधियों को घटनास्थल पर भेजा। विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव एवं बृज यादव ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले दोनों शव कोडरमा थाना लाए जा चुके थे, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार शाम करीब चार बजे जब दोनों का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। विधायक विभा देवी ने पटना से फोन पर मृतकों के परिजनों से बात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं एमएलसी अशोक कुमार ने कहा कि मृतक परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा तथा हर संभव सहयोग किया जाएगा। साधू यादव अपने पीछे तीन पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं, जबकि अमरजीत उर्फ छोटू यादव की आठ माह की एक मासूम पुत्री है। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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    बिहार के नवादा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है जिसमें दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हादसा रविवार देर रात कोडरमा घाटी में हुआ। 44 वर्षीय ट्रक चालक साधू यादव और उनके 22 वर्षीय चचेरे भाई सह उपचालक अमरजीत उर्फ छोटू यादव झारखंड से रजौली की ओर लोडेड ट्रक लेकर आ रहे थे। इसी दौरान कोडरमा घाटी में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। वाहन पहले सड़क किनारे एक पेड़ से टकराया और फिर विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में चालक और उपचालक दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही सदर विधायक विभा देवी एवं विधान परिषद सदस्य अशोक कुमार ने अपने प्रतिनिधियों को घटनास्थल पर भेजा। विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव एवं बृज यादव ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले दोनों शव कोडरमा थाना लाए जा चुके थे, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार शाम करीब चार बजे जब दोनों का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए।

विधायक विभा देवी ने पटना से फोन पर मृतकों के परिजनों से बात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं एमएलसी अशोक कुमार ने कहा कि मृतक परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा तथा हर संभव सहयोग किया जाएगा। साधू यादव अपने पीछे तीन पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं, जबकि अमरजीत उर्फ छोटू यादव की आठ माह की एक मासूम पुत्री है। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    8 hrs ago
  • नवादा जिले के रजौली क्षेत्र अंतर्गत स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में बच्चों को कीड़ा नुमा खाना दिया जा रहा है। रजौली के इस अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खाने में कीड़े युक्त भोजन ही परोसा जाता है।
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    नवादा जिले के रजौली क्षेत्र अंतर्गत स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में बच्चों को कीड़ा नुमा खाना दिया जा रहा है। रजौली के इस अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खाने में कीड़े युक्त भोजन ही परोसा जाता है।
    user_Aaj Ka Naya Bharat News
    Aaj Ka Naya Bharat News
    Newspaper publisher नवादा, नवादा, बिहार•
    16 hrs ago
  • नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के मंझवे, तुंगी, चक, धरमपुर, उमराव बीघा समेत कई गांवों में सोमवार को दोपहर में झमाझम बारिश हुई। इस बारिश ने गर्मी से हलकान लोगों को राहत प्रदान की। बारिश का लुत्फ उठाते नन्हे बच्चे अली और आफिया की तस्वीर ने बारिश की खुशी को और बढ़ा दिया। हालांकि, यह बारिश सिर्फ 10 मिनट तक ही हुई, लेकिन इस छोटे से समय में ही मौसम सुहाना हो गया और गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली।
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    नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के मंझवे, तुंगी, चक, धरमपुर, उमराव बीघा समेत कई गांवों में सोमवार को दोपहर में झमाझम बारिश हुई। इस बारिश ने गर्मी से हलकान लोगों को राहत प्रदान की। बारिश का लुत्फ उठाते नन्हे बच्चे अली और आफिया की तस्वीर ने बारिश की खुशी को और बढ़ा दिया। हालांकि, यह बारिश सिर्फ 10 मिनट तक ही हुई, लेकिन इस छोटे से समय में ही मौसम सुहाना हो गया और गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली।
    user_Imtiyaj A Fonwel
    Imtiyaj A Fonwel
    हिसुआ, नवादा, बिहार•
    9 hrs ago
  • बिहार शरीफ के नजदीक एक बड़ी पहाड़ी की सुंदरता को 10 किलोमीटर की दूरी से देखा जा सकता है। यह पहाड़ी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है और दूर से ही इसका नजारा लिया जा सकता है।
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    बिहार शरीफ के नजदीक एक बड़ी पहाड़ी की सुंदरता को 10 किलोमीटर की दूरी से देखा जा सकता है। यह पहाड़ी अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जानी जाती है और दूर से ही इसका नजारा लिया जा सकता है।
    user_Bihar Sharif Times
    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    4 hrs ago
  • बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र में एक मामले की कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर के संवाददाता सुशील कुमार ने सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। सुशील कुमार ने बताया कि वह सूचना मिलने पर संतोष कुमार अग्रवाल के घर पहुंचे थे, जहां पुलिस मौजूद थी। वह पत्रकारिता के दायित्व का निर्वहन करते हुए घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान, सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया तथा उनकी ओर हाथ उठाकर मारपीट करने की कोशिश की। सुशील कुमार का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध है, जिसकी जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। सुशील कुमार ने गया के वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह जिले के पत्रकारों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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    बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र में एक मामले की कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर के संवाददाता सुशील कुमार ने सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। सुशील कुमार ने बताया कि वह सूचना मिलने पर संतोष कुमार अग्रवाल के घर पहुंचे थे, जहां पुलिस मौजूद थी। वह पत्रकारिता के दायित्व का निर्वहन करते हुए घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान, सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया तथा उनकी ओर हाथ उठाकर मारपीट करने की कोशिश की। सुशील कुमार का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध है, जिसकी जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

सुशील कुमार ने गया के वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह जिले के पत्रकारों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
    user_News Of Nawada
    News Of Nawada
    Local News Reporter सिरदला, नवादा, बिहार•
    5 hrs ago
  • प्रदर्शन होना तो सही था, लेकिन इस दौरान लड़कियों को भी नहीं छोड़ा गया और उनकी पिटाई की गई। लड़कियों के साथ हुई इस मारपीट पर गहरा दुख और ऐतराज जताते हुए कहा गया है कि ऐसा बिलकुल भी नहीं किया जाना चाहिए था। प्रदर्शन अपनी जगह ठीक है, लेकिन इस तरह से लड़कियों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।
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    प्रदर्शन होना तो सही था, लेकिन इस दौरान लड़कियों को भी नहीं छोड़ा गया और उनकी पिटाई की गई। लड़कियों के साथ हुई इस मारपीट पर गहरा दुख और ऐतराज जताते हुए कहा गया है कि ऐसा बिलकुल भी नहीं किया जाना चाहिए था। प्रदर्शन अपनी जगह ठीक है, लेकिन इस तरह से लड़कियों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।
    user_Vipul singh
    Vipul singh
    Artist हिसुआ, नवादा, बिहार•
    22 hrs ago
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