बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र में एक मामले की कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर के संवाददाता सुशील कुमार ने सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। सुशील कुमार ने बताया कि वह सूचना मिलने पर संतोष कुमार अग्रवाल के घर पहुंचे थे, जहां पुलिस मौजूद थी। वह पत्रकारिता के दायित्व का निर्वहन करते हुए घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान, सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया तथा उनकी ओर हाथ उठाकर मारपीट करने की कोशिश की। सुशील कुमार का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध है, जिसकी जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। सुशील कुमार ने गया के वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह जिले के पत्रकारों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
बिहार के गया जिले के इमामगंज थाना क्षेत्र में एक मामले की कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर के संवाददाता सुशील कुमार ने सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान पर अभद्र व्यवहार और मारपीट करने की कोशिश का आरोप लगाया है। सुशील कुमार ने बताया कि वह सूचना मिलने पर संतोष कुमार अग्रवाल के घर पहुंचे थे, जहां पुलिस मौजूद थी। वह पत्रकारिता के दायित्व का निर्वहन करते हुए घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान, सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया तथा उनकी ओर हाथ उठाकर मारपीट करने की कोशिश की। सुशील कुमार का दावा है कि पूरे घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध है, जिसकी जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। सुशील कुमार ने गया के वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर सब-इंस्पेक्टर नौशाद खान के विरुद्ध आवश्यक विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह जिले के पत्रकारों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
- कोडरमा जिले के मंदारिया में ग्रामीणों ने रास्ते की जुताई का विरोध किया है। इस विरोध के कारण स्थानीय आवागमन ठप हो गया, जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। विरोध का मुख्य कारण रास्ते की जुताई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित हुआ है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर कड़ा विरोध जताया है और प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है।1
- बिहार के नवादा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है जिसमें दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। हादसा रविवार देर रात कोडरमा घाटी में हुआ। 44 वर्षीय ट्रक चालक साधू यादव और उनके 22 वर्षीय चचेरे भाई सह उपचालक अमरजीत उर्फ छोटू यादव झारखंड से रजौली की ओर लोडेड ट्रक लेकर आ रहे थे। इसी दौरान कोडरमा घाटी में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। वाहन पहले सड़क किनारे एक पेड़ से टकराया और फिर विपरीत दिशा से आ रहे एक अन्य ट्रक से जा भिड़ा। भीषण टक्कर में चालक और उपचालक दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सदर विधायक विभा देवी एवं विधान परिषद सदस्य अशोक कुमार ने अपने प्रतिनिधियों को घटनास्थल पर भेजा। विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव एवं बृज यादव ने बताया कि उनके पहुंचने से पहले दोनों शव कोडरमा थाना लाए जा चुके थे, जहां कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। सोमवार शाम करीब चार बजे जब दोनों का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। विधायक विभा देवी ने पटना से फोन पर मृतकों के परिजनों से बात कर उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। वहीं एमएलसी अशोक कुमार ने कहा कि मृतक परिवारों को सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा तथा हर संभव सहयोग किया जाएगा। साधू यादव अपने पीछे तीन पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं, जबकि अमरजीत उर्फ छोटू यादव की आठ माह की एक मासूम पुत्री है। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया शहर के स्मार्ट बाजार से आदित्य विजन तक के क्षेत्र में शाम के समय असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। व्यापारियों और राहगीरों ने सोमवार को 11 बजे कहा कि शराब के नशे में युवकों के बीच आए दिन मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं होती हैं, जिससे महिलाओं, दुकानदारों और आम नागरिकों में भय का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मार्ग पर शाम के समय नियमित गश्त एवं टाइगर मोबाइल की तैनाती की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस नियमित गश्त करेगी और टाइगर मोबाइल की तैनाती करेगी, तो असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई जा सकती है और क्षेत्र में शांति कायम की जा सकती है।1
- नवादा जिले के रजौली क्षेत्र अंतर्गत स्थित अंबेडकर आवासीय विद्यालय में बच्चों को कीड़ा नुमा खाना दिया जा रहा है। रजौली के इस अंबेडकर आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को खाने में कीड़े युक्त भोजन ही परोसा जाता है।1
- *30 तारीख को पूरे बिहार में होगा महाआंदोलन, नेहा बोरा का ऐलान, पटना आते ही खूब दहाड़ी* *30 तारीख को पूरे बिहार में होगा महाआंदोलन, नेहा बोरा का ऐलान, पटना आते ही खूब दहाड़ी*1
- कोडरमा के डोमचांच में सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी रविंद्र पांडेय के खिलाफ प्रतिवाद मार्च निकाला और अंचल कार्यालय परिसर में एकदिवसीय धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने जमीन की जमाबंदी, म्यूटेशन, रजिस्टर-2 में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी धरना को समर्थन दिया और मुख्यमंत्री, राजस्व आयुक्त और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन को देखते हुए अंचल कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग की गई और भारी पुलिस बल व दंडाधिकारी की तैनाती की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।4
- बिहार में राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बांकीपुर उपचुनाव में महागठबंधन (राजद) की उम्मीदवार रेखा गुप्ता के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तेजस्वी यादव ने सोमवार को मीठापुर मुख्य चुनाव कार्यालय से बांकीपुर विधान सभा से पार्टी प्रत्याशी रेखा कुमारी गुप्ता के पक्ष में रोड शो की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बार राजद प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि जनसुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर की कोई चर्चा नहीं है।1
- कोडरमा में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि एक पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 से गोली चलाता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यह दावा सही है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था और पुलिस मैनुअल के लिए गंभीर चिंता का विषय है। तेजस्वी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और प्रदर्शनकारियों पर इस प्रकार की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं हो सकती। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में सवाल उठाया कि यदि ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में वकीलों, डॉक्टरों, शिक्षकों, न्यायाधीशों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के आंदोलनों के दौरान भी क्या इसी प्रकार बल प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा तत्काल निलंबन की मांग की। साथ ही उन्होंने गृह विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इस मामले में पुलिस या राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और घटना की पुष्टि का इंतजार है। वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।1