रामगंजमंडी शहर में वरिष्ठ पत्रकार राजू राठौर को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों, समर्थकों और स्थानीय पत्रकारों ने इस पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना सोमवार देर रात एक ठेकेदार के साथ कथित नोकझोंक के बाद सामने आई, जिसके बाद मंगलवार सुबह पुलिस पत्रकार राजू राठौर को हिरासत में ले गई। समर्थकों का आरोप है कि पत्रकार को हिरासत में लेते समय उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, जबकि मंगलवार देर शाम नगर पालिका की ओर से राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया गया। पत्रकार राजू राठौर ने खुद आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के घर से उठाया गया। उनके अनुसार, रामगंजमंडी थाने के तीन पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गए, जिसके बाद खैराबाद चौकी में उनके साथ मारपीट की गई। इसके उपरांत उन्हें रामगंजमंडी थाने लाया गया, जहां उन्हें सुबह से शाम तक बैठाकर रखा गया। दूसरी ओर, रामगंजमंडी थाना प्रभारी संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) की शिकायत पर राजकार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने और यदि मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर के कई जागरूक नागरिकों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। नागरिकों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और सभी उपलब्ध तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रामगंजमंडी शहर में वरिष्ठ पत्रकार राजू राठौर को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों, समर्थकों और स्थानीय पत्रकारों ने इस पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना सोमवार देर रात एक ठेकेदार के साथ कथित नोकझोंक के बाद सामने आई, जिसके बाद मंगलवार सुबह पुलिस पत्रकार राजू राठौर को हिरासत में ले गई। समर्थकों का आरोप है कि पत्रकार को हिरासत में लेते समय उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, जबकि मंगलवार देर शाम नगर पालिका की ओर से राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया गया। पत्रकार राजू राठौर ने खुद आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के घर से उठाया गया। उनके अनुसार, रामगंजमंडी थाने के तीन पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गए, जिसके बाद खैराबाद चौकी में उनके साथ मारपीट की गई। इसके उपरांत उन्हें रामगंजमंडी थाने लाया गया, जहां उन्हें सुबह से शाम तक बैठाकर रखा गया। दूसरी ओर, रामगंजमंडी थाना प्रभारी संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) की शिकायत पर राजकार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने और यदि मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर के कई जागरूक नागरिकों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। नागरिकों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और सभी उपलब्ध तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- रामगंजमंडी शहर में वरिष्ठ पत्रकार राजू राठौर को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों, समर्थकों और स्थानीय पत्रकारों ने इस पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना सोमवार देर रात एक ठेकेदार के साथ कथित नोकझोंक के बाद सामने आई, जिसके बाद मंगलवार सुबह पुलिस पत्रकार राजू राठौर को हिरासत में ले गई। समर्थकों का आरोप है कि पत्रकार को हिरासत में लेते समय उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं था, जबकि मंगलवार देर शाम नगर पालिका की ओर से राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराया गया। पत्रकार राजू राठौर ने खुद आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के घर से उठाया गया। उनके अनुसार, रामगंजमंडी थाने के तीन पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गए, जिसके बाद खैराबाद चौकी में उनके साथ मारपीट की गई। इसके उपरांत उन्हें रामगंजमंडी थाने लाया गया, जहां उन्हें सुबह से शाम तक बैठाकर रखा गया। दूसरी ओर, रामगंजमंडी थाना प्रभारी संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) की शिकायत पर राजकार्य में बाधा पहुंचाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने और यदि मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शहर के कई जागरूक नागरिकों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि एक वरिष्ठ पत्रकार के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा सकता है, तो आम नागरिकों की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। नागरिकों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और सभी उपलब्ध तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- झालरापाटन नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार को नगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्काम) के सहायक अभियंता कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नगर की बिगड़ती विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी के साथ किया गया। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई नगर कांग्रेस अध्यक्ष अम्बेश मीणा, जिला संगठन महामंत्री राजेंद्र शर्मा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, पूर्व नगर अध्यक्ष चंद्र प्रकाश लाला राठौर, विजय राठौर और पार्षद नवीन मेघवाल ने की। कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार दोपहर डिस्काम कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से नगर में बिजली आपूर्ति की स्थिति बहुत खराब है, जिससे राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति उनमें भारी रोष है। उन्होंने शिकायत की कि भीषण गर्मी के बावजूद बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और घंटों तक बिजली बंद रहने की समस्या आम है। इसके अलावा, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण बिजली के उपकरण खराब हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को इस महीने अनाप-शनाप राशि के बिजली बिल मिल रहे हैं, जबकि विभाग द्वारा मनमानी बिलिंग के बावजूद सुविधा के नाम पर कोई राहत नहीं दी जा रही है। भीषण गर्मी में आम जनता, बुजुर्ग, व्यापारी, उद्यमी और मरीज इस खराब व्यवस्था से परेशान हैं, और बिजली बंद होने पर शिकायत सुनने वाला भी कोई नहीं होता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि 5 दिन के भीतर बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे इस विरोध में आंदोलन तेज करते हुए डिस्काम कार्यालय का घेराव करेंगे। बाद में, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तौफिक गोरी, रिजवान अहमद, बालचंद रावल, प्रणव राठौर, नरेंद्र प्रिंस राठौर, पंकज शर्मा, नंदलाल राठौर, कैलाश चंद यादव, इस्माइल मंसूरी, भाया जोशी और रवि मंगल के नेतृत्व में सहायक अभियंता सुनील महावर को अधीक्षण अभियंता के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इस मौके पर दिनेश गुर्जर, रतन मेघवाल, अजहरुद्दीन, मनीष खिंची, रोहित प्रजापति, बलदेव लाला, कालू राठौर, भूरेलाल राठौर, जहीर भाई, जुनैद भाई, सुरेश राठौड़ और शाहिद समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।1
- झालावाड़ दौरे पर आए प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सर्किट हाउस में एक पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने इन 12 वर्षों को केवल शासन का समय नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के स्वर्णिम अध्याय के रूप में वर्णित किया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि इन वर्षों में भारत ने विकास, जनकल्याण, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 'अंत्योदय' के मंत्र को अपनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने का कार्य किया है। आज भारत विश्व की सबसे तेज़ी से विकसित होती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है। ओटाराम देवासी ने मोदी सरकार की कई प्रमुख उपलब्धियाँ गिनाईं। उन्होंने बताया कि 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया गया, 4 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले, और 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला गैस कनेक्शन वितरित किए गए। आयुष्मान भारत के तहत 50 करोड़ से अधिक लोगों को ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज मिला है। देशभर में 90 से अधिक नए एयरपोर्ट विकसित किए गए और 140 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें शुरू कर रेल परिवहन को नई गति दी गई। इसके अतिरिक्त, 1.45 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन हुआ और 3000 किलोमीटर से अधिक आधुनिक एक्सप्रेसवे विकसित किए गए। करोड़ों परिवारों तक जल जीवन मिशन के माध्यम से नल से जल पहुँचाया गया, वहीं जनधन योजना, डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के ज़रिए पारदर्शी और जवाबदेह शासन सुनिश्चित किया गया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। सरकार ने गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग को विकास की मुख्यधारा में लाने का सफल प्रयास किया है। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और लखपति दीदी योजना जैसे कल्याणकारी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित किए जा रहे हैं। युवाओं के लिए कौशल विकास, रोज़गार सृजन और स्वरोज़गार के अवसर बढ़ाए गए हैं, जबकि किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड और ब्याजमुक्त ऋण जैसी योजनाओं से आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। प्रेस वार्ता से पूर्व, प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी झालरापाटन भी पहुँचे, जहाँ उन्होंने अति प्राचीन भगवान द्वारकाधीश मंदिर में पूजा अर्चना की और प्रदेश व राष्ट्र में सुख, समृद्धि व कल्याण की कामनाएँ कीं।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में चल रहे हाईवे फेंसिंग विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है। इस पूरे मामले को लेकर SDM ने अब जांच रिपोर्ट की मांग की है। यह विवाद PWD और NPCIL के बीच हाईवे की सीमा में की गई तारबंदी को लेकर बढ़ गया है, जिसके चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए हैं।1
- Post by Sanjay Kumar yati1
- माननीय ऊर्जा मंत्री हिरालाल नागर साहब से सविनय निवेदन किया गया है कि वे खेतों तक जाने वाले रास्तों पर गिट्टी डलवाने की कृपा करें। इस निवेदन का मुख्य कारण यह है कि बरसात के मौसम में इन रास्तों पर खेतों तक पहुंचना अत्यंत मुश्किल हो जाता है, जिससे खेत पर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर की खास रिपोर्ट के अनुसार, मंदसौर जिले के ग्राम तुरकिया में एक वन्य प्राणी, जिसे स्थानीय रूप से 'कबर बिच्छू' कहा जाता है, कुएँ में गिर गया। सूचना मिलने पर, वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और ग्रामीणों की सहायता से इस जीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे कुएँ से बाहर निकाला गया।1
- मंगलवार को रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में प्लेटफॉर्म पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को अस्पताल पहुँचाकर उपचार सुनिश्चित कराया। यह घटना तब हुई जब गाड़ी संख्या 04726 रामगंजमंडी रेलवे स्टेशन से धीमी गति से गुजर रही थी। इसी दौरान महिला यात्री ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे प्लेटफॉर्म पर गिर गईं। घायल महिला की पहचान कोटा जिले के रीछड़िया, तमोलिया निवासी जडाब बाई (65) पत्नी रामसुख के रूप में हुई है। हादसे में महिला के सिर में गंभीर चोट लगने से रक्तस्राव होने लगा। घटना की सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात RPF एएसआई दिनेश पांडे और आरक्षक सरदार सिंह गुर्जर मौके पर पहुँचे। उन्होंने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक निजी ऑटो की व्यवस्था कर महिला को राजकीय चिकित्सालय रामगंजमंडी के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया, जहाँ उनका उपचार किया गया। RPF अधिकारियों ने यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में चलती ट्रेन से चढ़ने या उतरने का प्रयास न करें, क्योंकि ऐसी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।2