यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भीलवाड़ा में लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान शुरू किया गया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चलाए जा रहे इस एक माह के विशेष अभियान के तहत गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने शहर के बाहरी इलाकों में निजी ट्रेवल्स बसों की सघन जांच की। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर एक ट्रेवल्स बस को सील कर दिया गया, वहीं दूसरी बस के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद निजी ट्रेवल्स संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भीलवाड़ा में लग्जरी और स्लीपर बसों के खिलाफ एक बड़ा जांच अभियान शुरू किया गया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर चलाए जा रहे इस एक माह के विशेष अभियान के तहत गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, परिवहन विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने शहर के बाहरी इलाकों में निजी ट्रेवल्स बसों की सघन जांच की। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर एक ट्रेवल्स बस को सील कर दिया गया, वहीं दूसरी बस के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद निजी ट्रेवल्स संचालकों में हड़कंप मच गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव रश्मि आर्य ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले बस संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चलानिया भैरुनाथ मार्ग की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। शाहपुरा से चलानिया तक के रास्ते में जगह-जगह बड़े-बड़े खड्डे हो गए हैं और सड़क की साइडें भी खराब हो चुकी हैं। इस वजह से यहां दूर-दराज से दर्शन और पेशी के लिए आने वाले यात्रियों को, विशेषकर शनिवार और रविवार को, भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां आने-जाने के लिए पर्याप्त परिवहन साधनों की भी भारी कमी है। शनिवार की रात और रविवार की सुबह केवल गिने-चुने ऑटो रिक्शा ही चलते हैं। सवारी मिलने पर ये ऑटो चालक रास्ते में आने वाले एक-दो गांवों का किराया भी चलानिया के हिसाब से ही वसूलते हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है। चलानिया भैरुनाथ के पास सड़क के किनारों पर पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण वाहनों को मोड़ने और साइड लेने में बेहद दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।4
- भीलवाड़ा जिले में मानसून के सक्रिय होने के बावजूद अपेक्षित वर्षा न होने के कारण पतंजलि परिवार द्वारा शनिवार को पर्जन्य एवं वरुण यज्ञ का आयोजन किया गया। विजय सिंह पथिक नगर स्थित बड़े पार्क में चल रही नि:शुल्क योग कक्षा के दौरान यह यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें योग साधकों ने वर्षा के देवता इंद्र एवं वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दीं। महिला पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी नीरा मेहता के मुख्य आतिथ्य और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ओ.पी. आगाल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान न्यास के जिला प्रभारी एवं मुख्य योग शिक्षक प्रेम शंकर जोशी ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सनातन परंपरा के अनुसार यज्ञ की आहुतियों का धुआं वातावरण में सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करता है और वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाता है। साथ ही, उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टि से भी यज्ञ को वातावरण की शुद्धि में सहायक बताया। इस धार्मिक आयोजन में रेखा आगाल, शोभा जागेटिया, लीला पंचोली, संतोष वर्मा, कौशल्या पोरवाल, सुशीला बाहेती, सुनीता अग्रवाल, मंजू दाधीच, तारा, किरण श्याम नानी, नरेंद्र वर्मा, ओ.पी. जागेटिया, रमेश बांगड़ और जटाशंकर खटवा सहित अनेक योग साधकों ने विधि-विधान से भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने अच्छी वर्षा, भरपूर अन्न, जल की उपलब्धता और समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की, जिसके बाद शांति पाठ के साथ यज्ञ का समापन हुआ।3
- राजस्थान में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। इस विस्तार के तहत 19 नए प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है।1
- चित्तौड़गढ़ से तीन बेहद प्रेरणादायक तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे जिले का गौरव बढ़ाया है। इन प्रेरक तस्वीरों में स्वास्थ्य सेवा, गौसेवा और मेवाड़ की बेटी द्वारा जिले का मान बढ़ाए जाने की कहानी शामिल है, जो हर किसी को प्रेरित कर रही है।1
- चित्तौड़गढ़ की बढ़वाई पंचायत से जुड़े एक मामले में, एक साल पहले स्वीकृत हुए 24 फीट के रास्ते पर तहसील के तहसीलदार और पटवारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में भारी तकलीफ हो रही है और वे काफी परेशान हैं। खास तौर पर बारिश के मौसम में स्थिति बदतर हो जाती है, जब इस मार्ग पर बाइक या फोर-व्हीलर ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचता है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को मजबूरन यहां से पैदल ही जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आम रास्ता विधायक (MLA) फंड से बने 'मामादेव बंध' के कारण बंद हो गया है। यह बांध 1 करोड़ 50 हजार की लागत से स्वीकृत हुआ था, जिससे ग्रामीणों को कोई फायदा होने के बजाय उनका रास्ता ही बंद हो गया है। बांध निर्माण के समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें आने-जाने का रास्ता दिया जाएगा, लेकिन उन्हें कोई रास्ता नहीं दिया गया। जब ग्रामीणों ने इस बारे में ठेकेदार से बात की, तो उसने साफ कह दिया कि आगे से जो निर्देश आया है, वह वही करेगा। स्थानीय लोगों ने अपनी तरफ से बहुत कोशिश की, लेकिन आज दिन तक उनकी इस समस्या पर किसी ने कोई सुनवाई नहीं की है।4
- चित्तौड़गढ़ के आकाशवाणी चौराहा, गांधी नगर स्थित आयुष हॉस्पिटल में श्वास, दमा और अस्थमा जैसी बीमारियों का सफल इलाज किया जा रहा है। अस्पताल की ओर से इन रोगों के उपचार का दावा किया गया है और मरीज स्वयं अपने सफल इलाज का अनुभव साझा कर रहे हैं।1
- राजसमंद के रेलमगरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राज्यावास में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने प्रेरक नाटक "चलो तोड़ दें बंधन" और लघु प्रस्तुति "शिकंजा" के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों का प्रभावशाली चित्रण कर उपस्थित लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। विद्यार्थियों की सशक्त अभिनय प्रस्तुति में नशे के कारण बिखरते परिवार, युवाओं का भविष्य और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को मार्मिक ढंग से दर्शाया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावुक कर दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ब्रजेश कुमार आचार्य ने विद्यार्थियों एवं समस्त स्टाफ को नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी यदि ज्ञान, संस्कार और आत्मसंयम को अपनाए तो समाज से हर प्रकार के व्यसन को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम प्रभारी एवं भूगोल व्याख्याता तुलसीराम सालवी ने बताया कि विद्यालय में समय-समय पर नशामुक्ति विषयक संगोष्ठियां, प्रश्नोत्तरी, युवा क्लब गतिविधियां तथा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि का विकास हो रहा है। इस अवसर पर भेरूलाल खींची, अजय पारीक, लीला आचार्य, लालूराम कुमावत, रेखा नंदवाना, राजकुमार त्रिपाठी, सीमा अहीर सहित विद्यालय परिवार के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज के निर्माण का संकल्प दिलाते हुए किया गया।2
- भीलवाड़ा के शाहपुरा में स्थित पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 'जीवन जीने हेतु कौशल' विषय पर 'मेरा परिचय' एवं व्यक्तित्व परीक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं में स्व-जागरूकता विकसित करना और उन्हें अपनी क्षमताओं व रुचियों को पहचानने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने छात्राओं को अपनी खूबियों को पहचानकर जीवन के हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने का मंत्र दिया। इस गतिविधि के दौरान छात्राओं को वर्कशीट प्रदान की गई, जिसमें उन्होंने अपने अनुशासन, रचनात्मकता, खेलकूद, चित्रकला, गायन और नेतृत्व जैसे सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। इसके बाद छात्राओं को दो-दो के समूहों में विभाजित कर एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने और उनके व्यवहार का अवलोकन करने का अवसर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 12 की पलक कोली ने अपने व्यक्तित्व कौशल का बेहतरीन वर्णन किया, वहीं कक्षा 8 की भूमिका कोली ने भी अपना परिचय देकर अपने गुणों व रुचियों की जानकारी दी। शिक्षकों ने भी छात्राओं की विशिष्ट खूबियों को पहचानकर 'आप समय की पाबंद हैं' और 'आप विनम्र व्यवहार करती हैं' जैसी सकारात्मक टिप्पणियों से उनका हौसला बढ़ाया। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच, प्रभावी संवाद, सहयोग, आत्मसम्मान और सामाजिक व नैतिक मूल्यों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला। छात्राओं ने बताया कि दूसरों से अपनी खूबियों की सराहना सुनकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रभारी तबस्सुम ने छात्राओं की इस सक्रिय सहभागिता की सराहना की और भविष्य में भी ऐसी जीवनोपयोगी गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।3