झालावाड़-रेलवे स्टेशन पर एयर स्ट्राइक को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों की दक्षता परखने के लिए रेलवे स्टेशन पर युद्धाभ्यास किया। झालावाड़-रेलवे स्टेशन पर आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी। आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय, तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के उद्देश्य से मंगलवार को झालावाड़ रेलवे स्टेशन पर एयर स्ट्राइक परिदृश्य आधारित मॉक ड्रिल का प्रभावी और सफल आयोजन किया गया, जिसने पूरे स्टेशन परिसर को एक वास्तविक आपदा स्थिति जैसा माहौल प्रदान कर दिया। रेलवे स्टेशन परिसर में तैयार किए गए इस काल्पनिक परिदृश्य में संभावित एयर स्ट्राइक के बाद जनहानि, आगजनी और घायल व्यक्तियों की स्थिति को दर्शाया गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सिविल डिफेंस, चिकित्सा विभाग, फायर ब्रिगेड तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस एवं पुलिस के जवानों ने मुस्तैदी के साथ प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घेरा प्रदान किया और आमजन को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। मेडिकल टीमों ने घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए निर्धारित समय में एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की। वहीं फायर ब्रिगेड दल ने तत्परता से आग पर नियंत्रण कर संभावित नुकसान को सीमित करने की कार्यवाही की। घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और इस तरह की ड्रिल से सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित होती है।
झालावाड़-रेलवे स्टेशन पर एयर स्ट्राइक को लेकर जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों की दक्षता परखने के लिए रेलवे स्टेशन पर युद्धाभ्यास किया। झालावाड़-रेलवे स्टेशन पर आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी। आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय, तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के उद्देश्य से मंगलवार को झालावाड़ रेलवे स्टेशन पर एयर स्ट्राइक परिदृश्य आधारित मॉक ड्रिल का प्रभावी और सफल आयोजन किया गया, जिसने पूरे स्टेशन परिसर को एक वास्तविक आपदा
स्थिति जैसा माहौल प्रदान कर दिया। रेलवे स्टेशन परिसर में तैयार किए गए इस काल्पनिक परिदृश्य में संभावित एयर स्ट्राइक के बाद जनहानि, आगजनी और घायल व्यक्तियों की स्थिति को दर्शाया गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सिविल डिफेंस, चिकित्सा विभाग, फायर ब्रिगेड तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस एवं पुलिस के जवानों ने मुस्तैदी के साथ प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घेरा प्रदान किया और आमजन को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। मेडिकल टीमों
ने घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए निर्धारित समय में एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की। वहीं फायर ब्रिगेड दल ने तत्परता से आग पर नियंत्रण कर संभावित नुकसान को सीमित करने की कार्यवाही की। घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिला
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और इस तरह की ड्रिल से सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित होती है।
- मिनी सचिवालय में भारी अनदेखी,बड़ी संख्या में मधुमक्खी छत्ते कभी भी हो सकता हे हादसा।2
- झालावाड़-जिला क्रिकेट संघ तत्वावधान विजय राजे सिंधिया खेल संकुल मे 15 दिवसीय ग्रीष्म कालीन क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर मे खिलाड़ियों को बोलिंग, बैटिंग, फील्डिंग, फिटनेस के गुरु सिखाये जा रहे है। जिला क्रिकेट संघ के सचिव फारूक अहमद ने बताया कि इस शिविर मे खिलाड़ियों के लिए सुबह एवं शाम अल्पाहार कि व्यवस्था कि गई है, इस शिविर मे कोच के अलावा भी बल्लेबाज अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाडी सलमान खान एवं रणजी ट्रॉफी तेज गेंदबाज आराफत खान कि नि:शुल्क सेवाएं ली जा रही है, संघ के सचिव ने बताया कि इस शिविर के जरिये प्रतिभावान खिलाड़ियों को तराशा जा सके, ऐसे प्रयास किये जा रहे है, अच्छे खिलाडी निकलेंगे तो जिले सहित राजस्थान का नाम रोशन करेंगे, उक्त शिविर पूर्णतया निशुल्क है खिलाड़ियों से किसी तरह का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है!2
- झालावाड़: झालावाड़ रेलवे स्टेशन पर एयर स्ट्राइक की सूचना से बुधवार को शहर में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही ट्रेन पर हमले की खबर फैली,1
- महिंद्रा शोरूम के सामने अज्ञात वाहन द्वारा एक्सीडेंट कर दिया गया रेस्क्यू कर उपचार किया गया1
- Post by हिन्दी दैनिक दो गज दूरी1
- झालावाड़। थर्मल में काम करने वाले व्यक्ति को सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस टीम ने अपने वाहन से अस्पताल पहुचाया।1
- शाकिर खान रामगंज मंडी कृषि उपज मंडी में बुधवार को धनिया की डस्ट व डंठल के लगभग 100 बोर बिकने के लिए आए जिला कृषि विपणन प्रमुख प्रहलाद धाकड़ ने इस पर आपत्ति जताई उन्होंने कहा कि इस तरह धनिया का कचरा एशिया की सबसे बड़ी धनिया मंडी में बिकने आएगा तो उससे यहां के धनिया की साख खत्म हो जाएगी इसलिए इस पर रोक लगाई जाए। आपको बता दें कि पहले भी कई बार इस तरह का धनिया का कचरा मंडी में बिकने आया है और यही कचरा व्यापारी खरीद कर उसका पाउडर बनाकर धनिया पाउडर में मिलाकर आगे सप्लाई करते हैं जिससे देश-विदेश में रामगंज मंडी के धनिया की साख खराब होती है धनिया के डंठल डस्ट को पीसकर बेचने वालों का काला कारोबार कई सालों से रामगंज मंडी में फल फूल रहा है फिलहाल व्यापारियों द्वारा आपत्ति जताने पर प्रशासन ने धनिया के बोरों को जप्त कर लिया गया है लेकिन जानकारी के अनुसार अभी तक इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है वहीं कचरे के बोरों को गौशाला भिजवाए गया है अब सवाल यह उठता है कि व्यापारियों की आपत्ति के बाद धनिया का डंठल कृषि उपज मंडी तो नहीं आयेगा लेकिन इसका कारोबार करने वाले अब सीधे उन फैक्ट्री को सप्लाई करेंगे जो इन ठंडल को पीसकर बेचते हैं। उन पर मिलावट की कार्यवाही होना चाहिए।1
- झालावाड़-रेलवे स्टेशन पर आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते पुलिस और प्रशासन के अधिकारी। आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वय, तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखने के उद्देश्य से मंगलवार को झालावाड़ रेलवे स्टेशन पर एयर स्ट्राइक परिदृश्य आधारित मॉक ड्रिल का प्रभावी और सफल आयोजन किया गया, जिसने पूरे स्टेशन परिसर को एक वास्तविक आपदा स्थिति जैसा माहौल प्रदान कर दिया। रेलवे स्टेशन परिसर में तैयार किए गए इस काल्पनिक परिदृश्य में संभावित एयर स्ट्राइक के बाद जनहानि, आगजनी और घायल व्यक्तियों की स्थिति को दर्शाया गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सिविल डिफेंस, चिकित्सा विभाग, फायर ब्रिगेड तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया। मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस एवं पुलिस के जवानों ने मुस्तैदी के साथ प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित घेरा प्रदान किया और आमजन को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। मेडिकल टीमों ने घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए निर्धारित समय में एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की। वहीं फायर ब्रिगेड दल ने तत्परता से आग पर नियंत्रण कर संभावित नुकसान को सीमित करने की कार्यवाही की। घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों की उपलब्धता तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, प्रभावी और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि जनहानि और नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने सभी विभागों को समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने के निर्देश दिए। वहीं पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और इस तरह की ड्रिल से सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर प्रतिक्रिया देने की क्षमता विकसित होती है।4