डिंडोरी जिले में जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित गतिविधियों के तहत, अधिकारियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति के ढोंढ़ा स्थित बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में चल रही विभिन्न जैविक कृषि गतिविधियों, गौ आधारित उत्पाद निर्माण, जैविक खाद उत्पादन और किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र में तैयार हो रहे जैविक उत्पादों की गुणवत्ता का अवलोकन किया और रासायनिक खेती की जगह जैविक तथा प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि जैविक उत्पादन न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों ने बीआरसी परिसर में संचालित वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत सहित अन्य जैविक कृषि तकनीकों का निरीक्षण करते हुए उनके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। साथ ही, किसानों को जैविक खेती से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए। इस निरीक्षण के दौरान धन-धान्य योजना जिला प्रभारी, उप संचालक कृषि श्री संजय दोशी, सुश्री नेहा धुरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री गुमान सिंह चैहान, आरएईओ श्रीपाल पाटीदार और जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू सहित कृषि विभाग व संबंधित संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
डिंडोरी जिले में जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित गतिविधियों के तहत, अधिकारियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति के ढोंढ़ा स्थित बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में चल रही विभिन्न जैविक कृषि गतिविधियों, गौ आधारित उत्पाद निर्माण, जैविक खाद उत्पादन और किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केंद्र में तैयार
हो रहे जैविक उत्पादों की गुणवत्ता का अवलोकन किया और रासायनिक खेती की जगह जैविक तथा प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि जैविक उत्पादन न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों ने बीआरसी परिसर में संचालित वर्मी
कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत सहित अन्य जैविक कृषि तकनीकों का निरीक्षण करते हुए उनके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताई। साथ ही, किसानों को जैविक खेती से जोड़ने और उनकी आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए। इस निरीक्षण के दौरान धन-धान्य योजना जिला प्रभारी, उप संचालक कृषि श्री संजय दोशी, सुश्री नेहा धुरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री गुमान सिंह चैहान, आरएईओ श्रीपाल पाटीदार और
जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू सहित कृषि विभाग व संबंधित संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
- जन्मदिन के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई हैं, जिसमें यह कामना की गई है कि व्यक्ति का दिन आनंद और खुशियों से भरा हो। शुभकामना देने वाले ने इच्छा व्यक्त की है कि संबंधित व्यक्ति को दुनिया की सारी खुशियां मिलें। साथ ही, यह भी कामना की गई है कि उनके जीवन में इस नए साल की शुरुआत ढेर सारी खुशियां और सफलता लेकर आए।1
- गुरुवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहाँ चँसुरा निवासी अन्नू रजक की बाघ के हमले में मौत हो गई। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई, जिसके बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्ध बाघ को रेस्क्यू कर लिया। जानकारी के अनुसार, घटना के बाद वन विभाग की टीम ने पनपथा बफर परिक्षेत्र की पलझा उत्तर बीट में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी दौरान कक्ष क्र. आरएफ 604 में लगभग 5 वर्ष आयु का एक नर बाघ चिन्हित किया गया। वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने पूरी सावधानी के साथ उसे ट्रेंकुलाइज कर काबू में लिया। रेस्क्यू के बाद बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक जांच के लिए रक्त के नमूने भी एकत्र किए गए। बाघ को पकड़ने की इस कार्रवाई में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों, जैसे क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक (ताला), परिक्षेत्र अधिकारी, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (टीपीएफ) तथा वन्य प्राणी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मौजूदगी में व्यापक अमला जुटा रहा। इस अभियान में लक्ष्मण, सूर्या, गणेश और सुंदरगज हाथियों तथा उनके महावतों ने भी अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि गुरुवार सुबह हुए हमले में अन्नू रजक की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय का माहौल था। ऐसे में वन विभाग द्वारा संदिग्ध बाघ को तत्काल रेस्क्यू कर ईनक्लोजर में भेजे जाने को एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। रेस्क्यू किए गए बाघ को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहेरहा एनक्लोजर पहुंचाया गया है, जहाँ उसकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। अब विभागीय अधिकारी बाघ के व्यवहार और स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए आगे की कार्रवाई तय करेंगे।1
- डिंडोरी वनमंडल अधिकारी श्री अशोक सोलंकी की पहल पर साल बोरर कीट नियंत्रण के लिए एक व्यापक सर्वे और गणना अभियान शुरू किया गया है। यह कार्रवाई पूर्वी करंजिया और पश्चिमी करंजिया रेंज के जंगलों में की जा रही है, जिसका उद्देश्य साल बोरर के फैलाव को नियंत्रित करना है। यह नियंत्रण प्रक्रिया लगातार जारी है, और श्री सोलंकी की इस पहल से साल बोरर कीटों पर प्रभावी ढंग से काबू पाने में मदद मिलने की उम्मीद है।2
- साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभय सिंह ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से आए 139 आवेदकों की समस्याओं को सुना। इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को आवेदन प्रेषित किए गए। जनसुनवाई में विभिन्न प्रकार की शिकायतें सामने आईं, जिनमें ग्राम चिल्हारी के लाला सिंह ने रास्ता और भूमि संबंधी समस्या, ग्राम भरौला के छोटे लाल यादव ने 25 दिनों की मजदूरी भुगतान, तथा ग्राम सलैया की तलमनिया चौधरी ने अपनी पुत्री के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। इसी तरह, ग्राम झांपी के सुनील सिंह ने मेढ़ काटकर जल निकासी कराने, ग्राम मझगवां की रश्मि रैदास ने मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन योजना का लाभ दिलाने, और गणेश सिंह मुंडा ने भूमि सीमांकन के लिए टीम गठित कर कार्रवाई करने का आग्रह किया। नर्सिंग ऑफिसर लक्ष्मी धुर्वे ने प्रथम समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करने की बात रखी, जबकि ग्राम ददरी के गया प्रसाद तिवारी ने अप्रैल 2026 से वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत की। ग्राम बड़ार की दुअसिया प्रजापति ने आवासीय पट्टा प्रदान करने का अनुरोध किया, और ग्राम देवरा के पिंकी रैदास, भानू कोल, मूलचंद, गेंदलाल एवं करिश्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य को पुनः कराए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किए। इस जनसुनवाई कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर श्रीमती रीता डेहरिया, संयुक्त कलेक्टर श्री अमित सिंह, एसडीएम बांधवगढ़ श्री अंबिकेश प्रताप सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री कमलेश नीरज, तहसीलदार बांधवगढ़ श्री दिलीप सोनी के साथ-साथ विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- डिंडौरी जिले में जैविक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, अधिकारियों ने नर्मदांचल गौ सेवा समिति, ढोंढ़ा स्थित बायो रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में संचालित विभिन्न जैविक कृषि गतिविधियों, गौ आधारित उत्पाद निर्माण, जैविक खाद उत्पादन और किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की विस्तृत जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने केंद्र में तैयार किए जा रहे जैविक उत्पादों की गुणवत्ता का अवलोकन किया और किसानों को रासायनिक खेती के बजाय जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने रेखांकित किया कि जैविक उत्पादन न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बीआरसी परिसर में संचालित वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत सहित अन्य जैविक कृषि तकनीकों का निरीक्षण करते हुए इनके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता भी बताई। अधिकारियों ने किसानों को जैविक खेती से जोड़ने तथा उनकी आय में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नर्मदांचल गौ सेवा समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ टिकाऊ कृषि प्रणाली विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। भविष्य में अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती से जोड़ने के लिए समन्वित प्रयास करने पर भी बल दिया गया। इस निरीक्षण के दौरान, धन-धान्य योजना जिला प्रभारी, उप संचालक कृषि श्री संजय दोशी, सुश्री नेहा धुरिया, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री गुमान सिंह चैहान, आरएईओ श्रीपाल पाटीदार और जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू सहित कृषि विभाग एवं संबंधित संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- शहडोल के पुलिस अधीक्षक श्री रामजी श्रीवास्तव ने नागरिकों से सतर्क, सुरक्षित और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने साइबर सुरक्षा के लिए तीन मुख्य सूत्र अपनाने पर जोर दिया है, जिनमें जागरूकता, सावधानी और सहभागिता शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक का उद्देश्य है कि लोग इन सूत्रों का पालन करके साइबर अपराधों से स्वयं को बचा सकें।1
- जबलपुर के सिहोरा स्थित धनगवां के प्रखर वेयरहाउस में ओवरलोड गाड़ियों को खाली करवाने का गंभीर मामला सामने आया है। यहां नियमों को ताक पर रखकर 10-चक्का ट्रकों से, जिनकी पासिंग क्षमता मात्र 18 टन है, 14-चक्का ट्रकों के बराबर माल उतरवाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, चावल का एक लॉट 29.5 यूनिट का होता है, जिसे इन 10-चक्का ट्रकों में लोड किया जा रहा है। यह प्रक्रिया ट्रकों की निर्धारित वजन ढोने की क्षमता का स्पष्ट उल्लंघन है, जिसके तहत उन्हें वेयरहाउस में अधिक क्षमता वाले 14-चक्का ट्रकों के रूप में दिखाकर अनलोड किया जा रहा है। इस पूरी अनियमितता में एफसीआई भोपाल का संदर्भ भी दिया गया है।3
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 25 जून 2026, गुरुवार को साप्ताहिक हाट के दिन लगातार तीसरे दिवस तेज आंधी-तूफान और गर्जना के साथ मूसलाधार बारिश हुई। इस झमाझम वर्षा से आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। इस बारिश ने ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों को गति देने का काम किया है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। बताया गया है कि अब कल से बुवाई सहित अन्य कृषि कार्य शुरू हो सकता है।1