मध्यप्रदेश के देवास जिले के हाटपीपल्या नगर में पुलिस द्वारा 'साइबर सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाना था। उपनिरीक्षक विजय सोनी ने पीएम श्री शाला से हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया, जिसमें पीएम श्री शाला की छात्राओं, पुलिस स्टाफ, और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। यह मैराथन दौड़ नगर के विभिन्न हिस्सों से होती हुई देवगढ़ चौराहा बस स्टैंड पर समाप्त हुई। समापन स्थल पर प्राचार्य एन.पी. सिंह और उपनिरीक्षक कविता माले ने वीर भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, साइबर प्रभारी निलेश परिहार ने उपस्थित आम जनता को साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप, उनसे बचाव के उपायों और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, साइबर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, और डिजिटल भुगतान सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रकाश डाला और लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की। इस जागरूकता मैराथन में उपनिरीक्षक विजय सोनी, प्राचार्य एन.पी. सिंह, उपनिरीक्षक कविता माले, प्रधान आरक्षक राहुल सटोरे, आमीर खान, राहुल राणा, आरक्षक बंदी भार्गव, नंदकिशोर, सैनिक जालम सिंह राजपूत, शिक्षक अनिल कुंभकार, राजेश सिंह सेंधव, गोकुल नागर, जसमत यादव, राजपाल सिंह चौहान के साथ-साथ छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हाटपीपल्या पुलिस थाना और पीएम श्री शाला ने मिलकर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के इस महत्वपूर्ण प्रयास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के हाटपीपल्या नगर में पुलिस द्वारा 'साइबर सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाना था। उपनिरीक्षक विजय सोनी ने पीएम श्री शाला से हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया, जिसमें पीएम श्री शाला की छात्राओं, पुलिस स्टाफ, और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। यह मैराथन दौड़ नगर के विभिन्न हिस्सों से होती हुई देवगढ़ चौराहा बस स्टैंड पर समाप्त हुई। समापन स्थल पर प्राचार्य एन.पी. सिंह और उपनिरीक्षक कविता माले ने वीर भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, साइबर प्रभारी निलेश परिहार ने उपस्थित आम जनता को साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप, उनसे बचाव के उपायों और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, साइबर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, और डिजिटल भुगतान सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रकाश डाला और लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की। इस जागरूकता मैराथन में उपनिरीक्षक विजय सोनी, प्राचार्य एन.पी. सिंह, उपनिरीक्षक कविता माले, प्रधान आरक्षक राहुल सटोरे, आमीर खान, राहुल राणा, आरक्षक बंदी भार्गव, नंदकिशोर, सैनिक जालम सिंह राजपूत, शिक्षक अनिल कुंभकार, राजेश सिंह सेंधव, गोकुल नागर, जसमत यादव, राजपाल सिंह चौहान के साथ-साथ छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हाटपीपल्या पुलिस थाना और पीएम श्री शाला ने मिलकर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के इस महत्वपूर्ण प्रयास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
- जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन ने जनसुनवाई का आयोजन किया। इसमें आए आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अपर कलेक्टर श्री जैन ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान विभिन्न विभागों के जिला अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई में कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। ग्राम पांगरा तहसील कन्नौद निवासी पंकज मीणा ने शासकीय भूमि पर से अवैध कब्जे को हटाने के संबंध में आवेदन दिया, जिस पर नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए। भौंरासा निवासी आवेदिका जमना बाई पति राजाराम ने संबल योजना का लाभ दिलाने की मांग की, और हाटपीपल्या निवासी निर्मला पति सोहनलाल अजमेरा ने पेंशन लाभ के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। इसी प्रकार, ग्राम बरखेड़ा कोतापाई के रामप्रसाद ने अपनी कृषि भूमि के पास जल निकासी की समस्या के समाधान का अनुरोध किया। इन सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। इनके अतिरिक्त, जनसुनवाई में प्रधानमंत्री आवास योजना, जमीन के सीमांकन, बिजली बिल कम कराने, बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने, नामाकंन, बंटवारा, रास्ते पर से अतिक्रमण हटवाने और नालियों की साफ-सफाई जैसे विभिन्न विषयों से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। अपर कलेक्टर श्री संजीव जैन ने इन सभी आवेदनों की जांच कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश पुनः संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए।3
- देवास जिले के पीपलरावाँ में युवाओं ने साइबर सुरक्षा से संबंधित एक दौड़ में भाग लिया।1
- देवास जिले के कन्नौद स्थित चपलासा में किसान सड़क संबंधी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। यह धरना सड़क से जुड़े मुद्दों पर किसानों के विरोध को दर्शाता है।1
- इंदौर-बैतूल फोरलेन हाईवे पर नेमावर रोड स्थित बरवाई खेड़ा टोल प्लाजा के पास बुधवार दोपहर करीब 1 बजे एक अज्ञात वाहन की टक्कर से गोवंश की मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणजनों ने मौके पर चक्का जाम कर दिया, जिससे लगभग एक घंटे से यातायात ठप है। इस चक्का जाम के कारण कई यात्री वाहन, माल वाहक ट्रक, डंपर और तेल टैंकर फंस गए हैं, जिसका सीधा असर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है। जाम खुलने की प्रतीक्षा में फंसे वाहन चालक और यात्री प्रशासन की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।1
- इंदौर में चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के तहत, इंदौर के 95 प्रतिशत भवनों में अब वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है।1
- इंदौर के बिचोली मर्दाना गांव में एक तेंदुए के घुसने की खबर सामने आई है, जिसने एक बाइक सवार पर हमला कर दिया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग के लोग तुरंत मौके पर पहुँचे। तेंदुए द्वारा किए गए इस हमले का पूरा वाकया सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है।1
- मध्यप्रदेश के देवास जिले के हाटपीपल्या नगर में पुलिस द्वारा 'साइबर सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता फैलाना था। उपनिरीक्षक विजय सोनी ने पीएम श्री शाला से हरी झंडी दिखाकर मैराथन का शुभारंभ किया, जिसमें पीएम श्री शाला की छात्राओं, पुलिस स्टाफ, और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। यह मैराथन दौड़ नगर के विभिन्न हिस्सों से होती हुई देवगढ़ चौराहा बस स्टैंड पर समाप्त हुई। समापन स्थल पर प्राचार्य एन.पी. सिंह और उपनिरीक्षक कविता माले ने वीर भगतसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद, साइबर प्रभारी निलेश परिहार ने उपस्थित आम जनता को साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप, उनसे बचाव के उपायों और डिजिटल सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, साइबर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया धोखाधड़ी, और डिजिटल भुगतान सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रकाश डाला और लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की। इस जागरूकता मैराथन में उपनिरीक्षक विजय सोनी, प्राचार्य एन.पी. सिंह, उपनिरीक्षक कविता माले, प्रधान आरक्षक राहुल सटोरे, आमीर खान, राहुल राणा, आरक्षक बंदी भार्गव, नंदकिशोर, सैनिक जालम सिंह राजपूत, शिक्षक अनिल कुंभकार, राजेश सिंह सेंधव, गोकुल नागर, जसमत यादव, राजपाल सिंह चौहान के साथ-साथ छात्राएं और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हाटपीपल्या पुलिस थाना और पीएम श्री शाला ने मिलकर साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने के इस महत्वपूर्ण प्रयास को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में मंगलवार देर रात एमआईजी थाना क्षेत्र स्थित आस्था टॉकीज के पास एक युवक की बीच सड़क पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती युवक को थप्पड़, लात और घूंसों से मारती हुई दिखाई दे रही है। घटना के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और कई राहगीरों ने इसका वीडियो बनाकर साझा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक नशे की हालत में था और वीडियो में वह युवती से माफी मांगता भी नजर आ रहा है, लेकिन युवती लगातार उसकी पिटाई करती रही। कुछ लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर तक विवाद चलता रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवती ने आरोप लगाया है कि युवक ने उसके साथ छेड़छाड़ की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद नाराज होकर युवती ने उसे सड़क पर रोककर पीटा। वायरल वीडियो के साथ यह दावा भी किया गया कि मारपीट के दौरान युवक के कपड़े भी उतरवा दिए गए, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। एमआईजी थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, विवाद में शामिल दोनों युवक सचिन नाम के हैं और रीवा जिले के निवासी हैं। दोनों मनावर की एक सीमेंट फैक्ट्री में कार्यरत हैं और मंगलवार को किसी काम से इंदौर आए थे। थाना प्रभारी सीबी सिंह ने बताया कि दोनों युवक बाइक से जा रहे थे, तभी उनकी बाइक से युवती को कट लग गया। आरोप है कि युवक नशे की हालत में थे और उन्होंने युवती के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और युवती ने उनकी पिटाई कर दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और तथ्य स्पष्ट होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।1