थाना रामनगर पुलिस की बड़ी सफलता, 2 दिन में 2 गुमशुदगी के मामले सुलझाए अनूपपुर/रामनगर - पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मारकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना प्रभारी श्री सुमित कौशिक के नेतृत्व में पुलिस ने बीते 2 दिनों में 2 अलग-अलग गुमशुदगी प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1 नाबालिग बालिका और 1 बालिग महिला को सकुशल दस्तयाब किया है। पहला प्रकरण - नाबालिग छात्रा सकुशल बरामद दिनांक 21.07.2026 को ग्राम जमुड़ी निवासी रुक्मणी पनिका ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री जो कोतमा कॉलेज पढ़ने गई थी, वापस घर नहीं लौटी। रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 217/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार तलाश के बाद गुमशुदा बालिका को शहडोल से सकुशल दस्तयाब किया। माननीय न्यायालय में कथन उपरांत दिनांक 29.07.2026 को बालिका को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। दूसरा प्रकरण - गुमशुदा महिला शहडोल से दस्तयाब दूसरे मामले में फरियादी सुनील पाव पिता पूसाम पाव, निवासी रजबाँध, थाना बुढार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी पत्नी लीलावती पाव उम्र 27 वर्ष के साथ रामनगर में मजदूरी करने आया था, जहां से उसकी पत्नी बिना बताए कहीं चली गई थी। इस पर दिनांक 19.07.2026 को थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 215/26 धारा 140(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि महिला स्वयं शहडोल में रह रही थी। पुलिस ने उसे सकुशल दस्तयाब कर दिनांक 29.07.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर कथन कराए। थाना प्रभारी रामनगर ने बताया कि थाना रामनगर पुलिस की सतत कार्रवाई का परिणाम है कि वर्तमान में थाना क्षेत्र में नाबालिग बालक-बालिका का कोई भी गुमशुदगी का प्रकरण लंबित नहीं है। गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र तलाश के लिए पुलिस निरंतर प्रयासरत है।
थाना रामनगर पुलिस की बड़ी सफलता, 2 दिन में 2 गुमशुदगी के मामले सुलझाए अनूपपुर/रामनगर - पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मारकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्रीमती आरती शाक्य के मार्गदर्शन में थाना रामनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना प्रभारी श्री सुमित कौशिक के नेतृत्व में पुलिस ने बीते 2 दिनों में 2 अलग-अलग गुमशुदगी प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1 नाबालिग बालिका और 1 बालिग महिला को सकुशल दस्तयाब किया है। पहला प्रकरण - नाबालिग छात्रा सकुशल बरामद दिनांक 21.07.2026 को ग्राम जमुड़ी निवासी रुक्मणी पनिका ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री जो कोतमा कॉलेज पढ़ने गई थी, वापस घर नहीं लौटी। रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 217/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार तलाश के बाद गुमशुदा बालिका को शहडोल से सकुशल दस्तयाब किया। माननीय न्यायालय में कथन उपरांत दिनांक 29.07.2026 को बालिका को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। दूसरा प्रकरण - गुमशुदा महिला शहडोल से दस्तयाब दूसरे मामले में फरियादी सुनील पाव पिता पूसाम पाव, निवासी रजबाँध, थाना बुढार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी पत्नी लीलावती पाव उम्र 27 वर्ष के साथ रामनगर में मजदूरी करने आया था, जहां से उसकी पत्नी बिना बताए कहीं चली गई थी। इस पर दिनांक 19.07.2026 को थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 215/26 धारा 140(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि महिला स्वयं शहडोल में रह रही थी। पुलिस ने उसे सकुशल दस्तयाब कर दिनांक 29.07.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर कथन कराए। थाना प्रभारी रामनगर ने बताया कि थाना रामनगर पुलिस की सतत कार्रवाई का परिणाम है कि वर्तमान में थाना क्षेत्र में नाबालिग बालक-बालिका का कोई भी गुमशुदगी का प्रकरण लंबित नहीं है। गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र तलाश के लिए पुलिस निरंतर प्रयासरत है।
- अनूपपुर: ऑनलाइन हाजिरी के लिए पेड़ पर चढ़ी एएनएम, वायरल हुआ वीडियो अनूपपुर: जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला एएनएम ऑनलाइन उपस्थिति (हाजिरी) दर्ज करने के लिए मोबाइल में नेटवर्क तलाशते हुए पेड़ पर चढ़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सीएमएचओ कार्यालय द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के कारण बनी, जबकि कई ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है। वायरल वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए इसे कर्मचारियों की मजबूरी बताया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे "तानाशाही" और "ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी हकीकत" बताते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, फिलहाल इस मामले में सीएमएचओ की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए जा रहे सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।1
- jila anuppur thana Jaithari post lapta me sadak nahi bana hai ane our jane badi samsya hoti hai Anuppur jila Thana jaithari gaon post lapata Se hamare gaon mein sadak nahin banaa hai aane jaane mein badi samasya hoti hai aur hamare gaon ke Jo mukhya sarpanch ji hai unko humne Kai bar bol chuka hai yah log kahate Hain ki yah jila ka kam hai sadak Yojana ke dwara banaya jaega dhanyvad hamare gaon mein sadak banvaen kripya Anya jaane bahut samasya hoti hai1
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- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- *नक्शा बटांकन और स्वामित्व योजना के लंबित अधिकार अभिलेखों के वितरण पर जोर* *समाचार* *कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और उपलब्धियों में वृद्धि के दिए निर्देश* *नक्शा बटांकन और स्वामित्व योजना के लंबित अधिकार अभिलेखों के वितरण पर जोर* गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 31 जुलाई 2026/ राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने तहसीलवार राजस्व प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण कर विभागीय उपलब्धियों का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व सेवाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुँचना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने स्वामित्व योजना की समीक्षा करते हुए अंतिम प्रकाशन के बाद वितरण हेतु लंबित 791 अधिकार अभिलेखों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस योजना के अंतर्गत मैप-2 के 129 ग्रामों के नक्शे प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 79 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन पूर्ण हो गया है। अब तक 1,781 अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 990 अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चुका है। शेष अभिलेखों का वितरण अभियान चलाकर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि अविवादित नामांतरण एवं अविवादित बंटवारे का एक भी प्रकरण समय-सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने नक्शा बटांकन का कार्य युद्ध स्तर पर संचालित करते हुए अगले 15 दिनों में 7,500 नक्शा बटांकन पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही प्रतिदिन का लक्ष्य तय कर राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार तथा मुनादी के माध्यम से किसानों को जागरूक कर एग्रीस्टैक बकेट क्लेम में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने वन अधिकार पत्रों में उत्तराधिकारियों के नाम जोड़ने, सीमांकन, डायवर्सन, अभिलेख शुद्धता, आधार एवं मोबाइल प्रविष्टि, आरबीसी 6-4, ई-कोर्ट में लंबित प्रकरण, ऑनलाइन नामांतरण तथा उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर जनदर्शन, सुशासन तिहार एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर भी विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को नियमित रूप से न्यायालयों में बैठकर प्रकरणों की सुनवाई एवं निराकरण करने के निर्देश दिए। वहीं अपर कलेक्टर को राजस्व न्यायालयों का नियमित निरीक्षण कर प्रकरणों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। भूमि आबंटन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने नवीन कन्या महाविद्यालय, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, उद्यानिकी महाविद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, लाइवलीहुड कॉलेज, सैनिक स्कूल सहित विभिन्न शासकीय संस्थानों एवं भवनों के लिए संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर भूमि आबंटन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड श्री अमित बेक, एसडीएम मरवाही सुश्री निकिता मरकाम, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख एवं राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे।1
- डिंडौरी, 31 जुलाई 2026। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के 50-50 प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि सभी पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी पूरी गंभीरता के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) वर्ष 2026-27 की प्रगति का आकलन किया गया। कलेक्टर ने लाभान्वित किसानों की नामवार जानकारी प्राप्त की तथा किसानों द्वारा लगाए गए फसल एवं फलदार पौधों की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (एमआईडीएच) के अंतर्गत संचालित पुष्प क्षेत्र विस्तार योजना की विकासखंडवार समीक्षा भी की गई। इसके अलावा जैविक खेती योजना, बागवानी यंत्रीकरण योजना, फसलोत्तर प्रबंधन घटक तथा मसाला क्षेत्र विस्तार योजना के क्रियान्वयन की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी उद्यानिकी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र किसानों को समय पर लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की नियमित समीक्षा, सतत मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।1
- भारत देश में करप्शन का इस तरीके से हाल है हमारे छत्तीसगढ़ में1