जमुई जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड क्षेत्र की मडैया पंचायत स्थित करणपुर सामुदायिक भवन में बाल विवाह उन्मूलन पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य विषय नालसा की "ASHA (Awareness Support Help and Action) Towards Eliminating Child Marriage Scheme-2025" रहा, जिसके तहत ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के साथ-साथ निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता राजकुमार यादव और पारा विधिक सेवक प्रेम कुमार मरांडी ने किया। इस अवसर पर अधिवक्ता राजकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक कुरीति भी है जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने बताया कि समाज में आज भी अशिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण कई स्थानों पर यह कुप्रथा जारी है और इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। राजकुमार यादव ने यह भी रेखांकित किया कि कानून सभी बच्चों को समान अधिकार प्रदान करता है और लड़का-लड़की में कोई भेदभाव नहीं करता, इसलिए बेटियों को भी शिक्षा और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। पैनल अधिवक्ता ने शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं को सशक्त समाज की नींव बताया, जो अपने परिवार और बच्चों का बेहतर पालन-पोषण कर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का कम उम्र में विवाह न करें, बल्कि उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने सपनों को साकार करने का अवसर दें। शिविर में मडैया पंचायत की मुखिया शांति देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रचार-प्रसार की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में पैनल अधिवक्ता ने यह भी बताया कि महिलाएं, बच्चे एवं वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के हकदार हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर इन सेवाओं का लाभ उठाना चाहिए।
जमुई जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड क्षेत्र की मडैया पंचायत स्थित करणपुर सामुदायिक भवन में बाल विवाह उन्मूलन पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य विषय नालसा की "ASHA (Awareness Support Help and Action) Towards Eliminating Child Marriage Scheme-2025" रहा, जिसके तहत ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के साथ-साथ निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता राजकुमार यादव और पारा विधिक सेवक प्रेम कुमार मरांडी ने किया। इस अवसर पर अधिवक्ता राजकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक कुरीति भी है जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने बताया कि समाज में आज भी अशिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण कई स्थानों पर यह कुप्रथा जारी है और इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। राजकुमार यादव ने यह भी रेखांकित किया कि कानून सभी बच्चों को समान अधिकार प्रदान करता है और लड़का-लड़की में कोई भेदभाव नहीं करता, इसलिए बेटियों को भी शिक्षा और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। पैनल अधिवक्ता ने शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं को सशक्त समाज की नींव बताया, जो अपने परिवार और बच्चों का बेहतर पालन-पोषण कर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का कम उम्र में विवाह न करें, बल्कि उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने सपनों को साकार करने का अवसर दें। शिविर में मडैया पंचायत की मुखिया शांति देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रचार-प्रसार की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में पैनल अधिवक्ता ने यह भी बताया कि महिलाएं, बच्चे एवं वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के हकदार हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर इन सेवाओं का लाभ उठाना चाहिए।
- जमुई जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड क्षेत्र की मडैया पंचायत स्थित करणपुर सामुदायिक भवन में बाल विवाह उन्मूलन पर एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य विषय नालसा की "ASHA (Awareness Support Help and Action) Towards Eliminating Child Marriage Scheme-2025" रहा, जिसके तहत ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के साथ-साथ निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता राजकुमार यादव और पारा विधिक सेवक प्रेम कुमार मरांडी ने किया। इस अवसर पर अधिवक्ता राजकुमार यादव ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाल विवाह न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक कुरीति भी है जो बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। उन्होंने बताया कि समाज में आज भी अशिक्षा और जागरूकता की कमी के कारण कई स्थानों पर यह कुप्रथा जारी है और इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। राजकुमार यादव ने यह भी रेखांकित किया कि कानून सभी बच्चों को समान अधिकार प्रदान करता है और लड़का-लड़की में कोई भेदभाव नहीं करता, इसलिए बेटियों को भी शिक्षा और विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। पैनल अधिवक्ता ने शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं को सशक्त समाज की नींव बताया, जो अपने परिवार और बच्चों का बेहतर पालन-पोषण कर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का कम उम्र में विवाह न करें, बल्कि उन्हें अपनी पढ़ाई पूरी कर अपने सपनों को साकार करने का अवसर दें। शिविर में मडैया पंचायत की मुखिया शांति देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रचार-प्रसार की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में पैनल अधिवक्ता ने यह भी बताया कि महिलाएं, बच्चे एवं वरिष्ठ नागरिक निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के हकदार हैं और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर इन सेवाओं का लाभ उठाना चाहिए।1
- जमुई पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनो थाना क्षेत्र के सोनो-डुमरी चेक पोस्ट पर सब्जियों से लदे एक पिकअप वाहन से 933.120 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस के अनुसार, शनिवार देर रात एसआई जितेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ झारखंड सीमा से बिहार आने वाले वाहनों की सघन जांच कर रहे थे। इसी क्रम में, संदेह के आधार पर एक पिकअप वाहन को रोका गया और तलाशी ली गई, जिसमें सब्जियों के नीचे भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी मिली। गिरफ्तार चालक की पहचान पश्चिम बंगाल के आसनसोल निवासी चांद मॉल के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने बताया कि शराब की यह खेप आसनसोल से बिहार के मोतिहारी ले जाई जा रही थी। पुलिस ने शराब की खेप और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है, वहीं गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जमुई मद्य निषेध थाना को सौंप दिया गया है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करी के खिलाफ उनका अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा।1
- पुलिस मुख्यालय की एक नई पहल के तहत जमुई के सदर थाना को आदर्श थाना बनाने की दिशा में सुधार अभियान शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में, जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने सदर थाना का दौरा किया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में पुलिस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। एसपी ने खास तौर पर यह सुनिश्चित करने को कहा कि थाने में आने वाले हर फरियादी के साथ सम्मानजनक, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण व्यवहार किया जाए, जिससे आम लोगों का पुलिस पर विश्वास और भी मजबूत हो सके। बैठक में लंबित मामलों के जल्द निपटारे, मालखाना की बेहतर व्यवस्था, डिजिटल पोर्टल के प्रभावी उपयोग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिस कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, लंबे समय से थाने में खड़े जब्त वाहनों के निपटारे के लिए न्यायालय और जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजने और प्रतिदिन कम से कम 20 वाहनों के निष्पादन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि वे इस अभियान की स्वयं निगरानी करेंगे। उनका लक्ष्य एक ऐसा मॉडल थाना विकसित करना है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को बेहतर व्यवस्था, पारदर्शिता और भरोसेमंद पुलिसिंग का अनुभव मिल सके।1
- जमुई के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने जिले से बने दो मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जमुई जिले से दो मंत्रियों के बनने पर शुरुआत में खुशी हुई थी, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन मंत्रियों को सिर्फ कुर्सी और सम्मान चाहिए था, जो उन्हें मिल गया। नेता के अनुसार, इन मंत्रियों का अब जमुई जिले से कोई लेना-देना नहीं है।1
- जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र के पकरी गांव में एक महिला को सांप ने डंस लिया। इस घटना के बाद, महिला के परिजनों ने सांप को जिंदा पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया और महिला को सांप के साथ अस्पताल ले गए।1
- जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत पकरी में किउल नदी किनारे स्थित स्मारक स्थल पर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता स्वर्गीय नरेंद्र सिंह की पुण्यतिथि अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस श्रद्धांजलि सभा में हजारों की संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग शामिल हुए, जिससे एक जनसैलाब उमड़ पड़ा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विधायक अजय प्रताप, मंत्री सुमित कुमार सिंह, उनकी धर्मपत्नी सागर मणि सहित परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुआ। इसके उपरांत, परिवहन मंत्री दामोदर रावत समेत कई जनप्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी स्वर्गीय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में सर्वधर्म प्रार्थना, भजन-कीर्तन और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने स्वर्गीय नरेंद्र सिंह के व्यापक राजनीतिक जीवन, वर्ष 1974 के छात्र आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, आपातकाल के दौरान के संघर्ष, तथा चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि मंत्री के रूप में उनके अमूल्य योगदान को विस्तार से याद किया। उन्हें कृषि क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रपति द्वारा 'कृषि कर्मण सम्मान' से भी सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर, उनके पुत्रों ने जनसेवा के प्रति उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण के साथ हुआ।1
- जमुई से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें बालू तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच सीधी हाथापाई होती दिख रही है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने एक बार फिर "सम्राट चौधरी की पुलिस" की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वायरल फुटेज में पुलिसकर्मी बालू माफियाओं के सामने बेबस और लाचार नज़र आ रहे हैं। वीडियो में पुलिसकर्मियों और बालू तस्करों के बीच तीखी झड़प और शारीरिक संघर्ष साफ तौर पर देखा जा सकता है, जो क्षेत्र में बालू माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस और कानून-व्यवस्था के प्रति उनकी उपेक्षा को दर्शाता है।1