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बागबहार धान खरीदी केंद्र का 2 दिन पूर्व का वीडियो बागबहार के किसानों ने 2 दिन पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय से धान खरीदी की समय मे बढोत्तरी करने आग्रह किया था अब 2 दिन की बढोत्तरी हुई है किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए
Ibnul khan
बागबहार धान खरीदी केंद्र का 2 दिन पूर्व का वीडियो बागबहार के किसानों ने 2 दिन पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय से धान खरीदी की समय मे बढोत्तरी करने आग्रह किया था अब 2 दिन की बढोत्तरी हुई है किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए
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- इंडिया इन स्पेस’ कार्यक्रम से जशपुर के विद्यार्थियों को नई उड़ान रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में गगनयात्री शुभांशु शुक्ला ने 10 हजार विद्यार्थियों से संवाद कर अंतरिक्ष विज्ञान में करियर की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अनुशासन, निरंतर मेहनत और बड़े सपनों का संदेश—जशपुर के बच्चों के लिए प्रेरणादायी पल। Jashpur Times – सच सब तक1
- सरगुजा /सीतापुर मे मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री निवास के सामने एकत्र होकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध में सरगुजा जिले में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री निवास के सामने एकत्र होकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन के साथ-साथ पंजीकृत किसानों का धान नहीं खरीदे जाने और बिजली बिलों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा. घंटों चले इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता रैली की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया. पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रोजगार देने और पलायन रोकने के उद्देश्य से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की शुरुआत की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाओं का नाम बदलकर जनता को भ्रमित कर रही है. अमरजीत भगत ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अस्तित्व को मिटाने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम से चिढ़ रखती है और इसी कारण योजना का नाम बदला गया है. इस दौरान उन्होंने एसआईआर को लेकर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसमें जानबूझकर एक वर्ग के नाम काटे जा रहे हैं ताकि उन्हें मतदान अधिकार से वंचित किया जा सके. उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में राजीव गांधी ने युवाओं को मतदान का अधिकार दिलाया था, जबकि मौजूदा सरकार लोगों से अधिकार छीनने की दिशा में काम कर रही है. प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल में राहत दी गई थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद रियायतें खत्म कर दी गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों को भी भारी बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिससे जनता परेशान है. प्रदर्शन को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तिलक बेहरा, जिला पंचायत सदस्य शिवभरोष बेक, गणेश सोनी, डॉ. लालचंद यादव, बिगन राम, अटल यादव, संतोष गुप्ता, सुनील मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन शिवप्रसाद अग्रहरि ने किया. प्रदर्शन के बाद कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए मनरेगा में किए गए बदलाव को वापस लेने, पंजीकृत किसानों की धान खरीदी सुनिश्चित करने और बढ़ते बिजली बिलों पर रोक लगाने की मांग की. इस मौके पर अशोक अग्रवाल, बदरुद्दीन इराकी, संदीप गुप्ता, पार्षद अंकुर दास, मंटू गुप्ता, पंकज दुबे, रतन यादव, गौरीशंकर, नरेश बघेल, दिवाकर मिश्रा, दीपक मिश्रा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.1
- धान खरीदी में लिमिट नहीं बढ़ने से भड़के किसान, सन्ना खरीदी केंद्र में तालाबंदी कर प्रदर्शन1
- कुपोषण के खिलाफ जंग, सुदूरवर्ती गांवों के 11 बच्चे स्वास्थ्य जांच के लिए सीएचसी पहुंचे चैनपुर : प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण उन्मूलन के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से एकजुट संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बुधवार को चिन्हित किए गए 11 कुपोषित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया।अस्पताल में तैनात डॉ. दीपशिखा किंडो ने सभी बच्चों के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। इस दौरान मुख्य रूप से बच्चों की आयु और उनके वजन के अनुपात का मिलान किया गया ताकि कुपोषण के स्तर का सटीक पता लगाया जा सके। डॉ. किंडो ने गंभीर कमी वाले बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और उचित देखभाल के निर्देश दिए।जांच के उपरांत जिन बच्चों में 'गंभीर तीव्र कुपोषण' और 'अति-निम्न वजन' की समस्या पाई गई, उन्हें बेहतर उपचार के लिए निर्देशित किया गया है।मातृ एवं शिशु पोषण केंद्र डुमरी या रायडीह इन केंद्रों पर बच्चों को विशेष डाइट चार्ट और आवश्यक दवाओं के साथ भर्ती कर उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए विशेष योजना बनाई गई है।इस अभियान को सफल बनाने में सहियाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती गांवों जैसे पाकरकोना, पुरनाडीह, कोरकोटोली, लुरु और कोटाम बहेराटोली से बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचीं।1
- अनियंत्रित स्कूटी सवार गणेशपुर दीपा के पास गिरकर हुआ घायल, सदर अस्पताल में भर्ती सदर थाना क्षेत्र के गणेशपुर डिपा के समीप अनियंत्रित स्कूटी सवार डूमरडीह निवासी प्रदुम भगत 18 वर्ष और संजीत भगत अपनी गिरकर घायल हो गया। इस घटना में प्रदुम भगत के चेहरे सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट लगी है वही एक अन्य साथी संजीत भगत को हल्की चोट लगी है जिसे स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस द्वारा सदर अस्पताल पहुंचाया गया जिसका उपचार किया जा रहा है।1
- घाघरा (गुमला): प्रखंड मुख्यालय के मुख्य बाजार टांड से पाकरटोली जाने वाले अत्यंत व्यस्त मार्ग पर पिछले कई महीनों से नाली का ढक्कन खुला पड़ा है, जो अब सीधे तौर पर हादसों को दावत दे रहा है। यह मार्ग न केवल संकरा है बल्कि बीच रास्ते में नाली का खुला होना राहगीरों के लिए किसी जानलेवा जाल से कम नहीं है। विशेषकर सोमवार और बृहस्पतिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान यहाँ हजारों की भीड़ उमड़ती है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है।इस समस्या का सबसे दुखद पहलू यह है कि स्थानीय स्कूली बच्चों के लिए अपने विद्यालय जाने का यही एकमात्र मुख्य रास्ता है। प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन नाली खुली होने और गंदा पानी सड़क पर बहने के कारण उनके जूते और स्कूल ड्रेस गंदे हो जाते हैं। बच्चों को हमेशा इस बात का डर सताता है कि कहीं वे उस गहरी नाली में न गिर जाएं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ विभाग द्वारा "स्वच्छ घाघरा-स्वस्थ घाघरा" के नाम से जगह-जगह घूमकर बड़े-बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन जब अधिकारियों को इस नारकीय समस्या से अवगत कराया गया तो साहब लोग मुँह मोड़कर चलते बने। ग्रामीणों के अनुसार, यह खुली नाली और सड़क पर पसरता कचरा प्रशासन के इन स्वच्छता दावों के खोखलेपन को साफ दर्शाता है।ग्रामीणों ने जोर देकर कहा है कि नाली के ढकने के साथ-साथ इसकी नियमित साफ-सफाई की भी सख्त जरूरत है। गंदगी से लबालब भरी यह नाली न केवल बीमारियों को बुलावा दे रही है, बल्कि जलजमाव के कारण पूरे क्षेत्र का माहौल दूषित कर रही है। पैदल चलने वाले लोगों और बाइक सवारों के लिए भी इस रास्ते से सुरक्षित गुजरना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आए दिन लोग इस नाली में गिरकर चोटिल हो रहे हैं, पर जिम्मेदारों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए गुहार लगाई है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा और आम जनता की तकलीफ को देखते हुए इस नाली की अविलंब सफाई कराई जाए और इसे मजबूत ढक्कन से ढका जाए।4
- चैनपुर प्रखंड के मालम पंचायत अंतर्गत जयपुर गांव में 9वां संत अन्ना गिरजा पर्व श्रद्धा, हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे गांव में भक्तिमय माहौल देखने को मिला, जहां मसीही विश्वासियों ने सामूहिक प्रार्थनाएं कीं।1
- बागबहार के किसानों ने 2 दिन पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय से धान खरीदी की समय मे बढोत्तरी करने आग्रह किया था अब 2 दिन की बढोत्तरी हुई है किसानों को इसका लाभ मिलना चाहिए1