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मूल संदेश के अनुसार, भगवान का दोस्त बनना कोई जटिल कार्य नहीं है। यह बताया गया है कि केवल दीन-दुखियों पर दया और करुणा दिखाने मात्र से ही कोई भगवान का मित्र बन सकता है।

11 hrs ago
user_रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

मूल संदेश के अनुसार, भगवान का दोस्त बनना कोई जटिल कार्य नहीं है। यह बताया गया है कि केवल दीन-दुखियों पर दया और करुणा दिखाने मात्र से ही कोई भगवान का मित्र बन सकता है।

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  • मूल संदेश के अनुसार, भगवान का दोस्त बनना कोई जटिल कार्य नहीं है। यह बताया गया है कि केवल दीन-दुखियों पर दया और करुणा दिखाने मात्र से ही कोई भगवान का मित्र बन सकता है।
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    मूल संदेश के अनुसार, भगवान का दोस्त बनना कोई जटिल कार्य नहीं है। यह बताया गया है कि केवल दीन-दुखियों पर दया और करुणा दिखाने मात्र से ही कोई भगवान का मित्र बन सकता है।
    user_रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • खरगोन जिले के झिरनिया स्थित नीमसेटी गांव में 84 आदिवासी बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज परिजन सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रमाण पत्रों के अभाव में बच्चों का स्कूल में प्रवेश अटक गया है, जिससे उनकी शिक्षा पर संकट गहरा गया है। परिजनों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण ये प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। अपनी समस्या को लेकर परिजन बच्चों के साथ भीकनगांव में भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्रम्हाणे के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भीकनगांव एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार मनोज चौहान को एक ज्ञापन भी सौंपा। परिजनों ने मांग की है कि बच्चों के माता-पिता सहित तीन पीढ़ियों की जाति के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। इस स्थिति के चलते 84 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई अधर में लटक गई है और उनका भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। परिजनों ने सरकार के "स्कूल चले अभियान" की धज्जियां उड़ने का आरोप लगाते हुए शिक्षा के अधिकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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    खरगोन जिले के झिरनिया स्थित नीमसेटी गांव में 84 आदिवासी बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने से नाराज परिजन सड़कों पर उतर आए हैं। इन प्रमाण पत्रों के अभाव में बच्चों का स्कूल में प्रवेश अटक गया है, जिससे उनकी शिक्षा पर संकट गहरा गया है। परिजनों का आरोप है कि सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण ये प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।

अपनी समस्या को लेकर परिजन बच्चों के साथ भीकनगांव में भाजपा जिलाध्यक्ष नंदा ब्रम्हाणे के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भीकनगांव एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार मनोज चौहान को एक ज्ञापन भी सौंपा। परिजनों ने मांग की है कि बच्चों के माता-पिता सहित तीन पीढ़ियों की जाति के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।

इस स्थिति के चलते 84 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई अधर में लटक गई है और उनका भविष्य अनिश्चित दिख रहा है। परिजनों ने सरकार के "स्कूल चले अभियान" की धज्जियां उड़ने का आरोप लगाते हुए शिक्षा के अधिकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
    user_Praveen pal
    Praveen pal
    Press advisory खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • धामनोद में एक सीवरेज लाइन परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि, परियोजना की मौजूदा स्थिति को देखकर यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार में तब्दील हो गई है।
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    धामनोद में एक सीवरेज लाइन परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। हालांकि, परियोजना की मौजूदा स्थिति को देखकर यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार में तब्दील हो गई है।
    user_SNY R LIVE MP
    SNY R LIVE MP
    Local News Reporter धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • राजपुर थाना क्षेत्र के बड़वानी रोड स्थित भेटला मोहल्ला में एक महिला ने स्थानीय दुकानदार सुरेश बड़गुजर के विरुद्ध छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घटना तब हुई जब महिला किराना सामान खरीदने के लिए दुकान पर गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान दुकानदार सुरेश बड़गुजर ने उससे आपत्तिजनक बातें कहीं। महिला ने बताया है कि जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद महिला वहां से निकलकर अपने घर चली गई। घर पहुंचने पर महिला ने इस घटना की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद वह अपने पति और देवर के साथ राजपुर थाने पहुंची, जहाँ उन्होंने दुकानदार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। राजपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुरेश बड़गुजर के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी, क्योंकि समाचार में उल्लिखित सभी तथ्य पुलिस में दर्ज शिकायत पर ही आधारित हैं। मामले की जांच अभी जारी है, और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।
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    राजपुर थाना क्षेत्र के बड़वानी रोड स्थित भेटला मोहल्ला में एक महिला ने स्थानीय दुकानदार सुरेश बड़गुजर के विरुद्ध छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घटना तब हुई जब महिला किराना सामान खरीदने के लिए दुकान पर गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान दुकानदार सुरेश बड़गुजर ने उससे आपत्तिजनक बातें कहीं। महिला ने बताया है कि जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद महिला वहां से निकलकर अपने घर चली गई।

घर पहुंचने पर महिला ने इस घटना की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद वह अपने पति और देवर के साथ राजपुर थाने पहुंची, जहाँ उन्होंने दुकानदार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

राजपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुरेश बड़गुजर के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी, क्योंकि समाचार में उल्लिखित सभी तथ्य पुलिस में दर्ज शिकायत पर ही आधारित हैं। मामले की जांच अभी जारी है, और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया तथा विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगी।
    user_Allrounder Rahul Gupta
    Allrounder Rahul Gupta
    पत्रकार राजपुर, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • बड़वानी शहर की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक दरगाहों पर बीती रात एक रूहानी और पाकीज़ा मंज़र देखा गया, जिसने तमाम अकीदतमंदों के दिलों में अकीदत की शम्मा को और ज़्यादा रोशन कर दिया। शहर की प्रमुख दरगाहों—हजरत मुसे ख़ाँ वली, दंगल शाह वली, मलंग शाह वली शाही मस्जिद, कलीमुद्दीन शाह वली इमलीपूरा, मुंगनी शाह वली ईदगाह रोड़ और हुसैनी आस्ताना पानवाड़ी की पवित्र मज़ारों पर बिछी चादरों में अचानक रूहानी हलचल देखी गई। इस हैरतअंगेज और पाकीज़ा वाकये की ख़बर शहर में आग की तरह फैलते ही वलियों की बारगाह में हाज़िरी देने के लिए सैकड़ों की तादाद में अकीदतमंदों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय अकीदतमंदों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मज़ार-ए-मुबारक पर चढ़ी चादर में जो हरकत दिखाई दी, वह मानो साँस लेने जैसा एक अद्भुत और रूहानी मंज़र था। दरगाहों पर पहुंचे आशिकाने औलिया का अटूट मानना है कि यह औलिया-ए-किराम की बारगाह की महान करामत और अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की क़ुदरत का ज़ाहिरी निशान है, जो इंसान के ईमान और मोहब्बत को और मज़बूत करता है। इस मुबारक मौके पर हजरत मूसे खां वली बाबा के आस्थाने पर हाजी अब्दुल रशीद पटेल, फजलुर्रहमान शेख, अनीस कुरैशी, सादिक पटेल, आदिल तिगाले, मुन्ना जोए, सरफ़ू भाया, अब्दुल रहीम तिगाले, पार्षद मुजीब कुरैशी तथा मीडिया प्रभारी अब्दुल सादिक चंदेरी सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मुस्तैदी से मौजूद रहे। इस रूहानी जलसे के अंत में मुस्लिम समाज के सदर एड्वोकेट कय्यूम कुरैशी साहब की विशेष मौजूदगी में जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल जब्बार नूरी साहब द्वारा मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और सलामती के लिए ख़ुसूसी सामूहिक दुआ कराई गई। इस दौरान उपस्थित तमाम अकीदतमंदों ने बेहद अदब के साथ हाथ उठाकर अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से दुआ की कि वह अपनी रहमत, बरकत और करम की नज़र हर बंदे पर हमेशा बनाए रखे। इस पूरे रूहानी घटनाक्रम को लेकर अंचल के मुस्लिम समाज और जायरीनों में भारी उत्साह और रूहानी जज़्बा देखा जा रहा है।
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    बड़वानी शहर की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक दरगाहों पर बीती रात एक रूहानी और पाकीज़ा मंज़र देखा गया, जिसने तमाम अकीदतमंदों के दिलों में अकीदत की शम्मा को और ज़्यादा रोशन कर दिया। शहर की प्रमुख दरगाहों—हजरत मुसे ख़ाँ वली, दंगल शाह वली, मलंग शाह वली शाही मस्जिद, कलीमुद्दीन शाह वली इमलीपूरा, मुंगनी शाह वली ईदगाह रोड़ और हुसैनी आस्ताना पानवाड़ी की पवित्र मज़ारों पर बिछी चादरों में अचानक रूहानी हलचल देखी गई। इस हैरतअंगेज और पाकीज़ा वाकये की ख़बर शहर में आग की तरह फैलते ही वलियों की बारगाह में हाज़िरी देने के लिए सैकड़ों की तादाद में अकीदतमंदों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा।

स्थानीय अकीदतमंदों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मज़ार-ए-मुबारक पर चढ़ी चादर में जो हरकत दिखाई दी, वह मानो साँस लेने जैसा एक अद्भुत और रूहानी मंज़र था। दरगाहों पर पहुंचे आशिकाने औलिया का अटूट मानना है कि यह औलिया-ए-किराम की बारगाह की महान करामत और अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की क़ुदरत का ज़ाहिरी निशान है, जो इंसान के ईमान और मोहब्बत को और मज़बूत करता है। इस मुबारक मौके पर हजरत मूसे खां वली बाबा के आस्थाने पर हाजी अब्दुल रशीद पटेल, फजलुर्रहमान शेख, अनीस कुरैशी, सादिक पटेल, आदिल तिगाले, मुन्ना जोए, सरफ़ू भाया, अब्दुल रहीम तिगाले, पार्षद मुजीब कुरैशी तथा मीडिया प्रभारी अब्दुल सादिक चंदेरी सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मुस्तैदी से मौजूद रहे।

इस रूहानी जलसे के अंत में मुस्लिम समाज के सदर एड्वोकेट कय्यूम कुरैशी साहब की विशेष मौजूदगी में जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल जब्बार नूरी साहब द्वारा मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और सलामती के लिए ख़ुसूसी सामूहिक दुआ कराई गई। इस दौरान उपस्थित तमाम अकीदतमंदों ने बेहद अदब के साथ हाथ उठाकर अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से दुआ की कि वह अपनी रहमत, बरकत और करम की नज़र हर बंदे पर हमेशा बनाए रखे। इस पूरे रूहानी घटनाक्रम को लेकर अंचल के मुस्लिम समाज और जायरीनों में भारी उत्साह और रूहानी जज़्बा देखा जा रहा है।
    user_NIMAD DASTAK NEWS
    NIMAD DASTAK NEWS
    Local News Reporter बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बड़वानी शहर की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक दरगाहों पर 29 जून, 2026 की बीती रात एक रूहानी और पाकीज़ा मंज़र देखा गया, जिसने अकीदतमंदों के दिलों में आस्था की लौ को और प्रज्वलित कर दिया। शहर की प्रमुख दरगाहों—हजरत मुसे ख़ाँ वली, दंगल शाह वली, मलंग शाह वली शाही मस्जिद, कलीमुद्दीन शाह वली इमलीपूरा, मुंगनी शाह वली ईदगाह रोड़ और हुसैनी आस्ताना पानवाड़ी—की पवित्र मज़ारों पर बिछी चादरों में अचानक रूहानी हलचल देखी गई। इस हैरतअंगेज वाकये की ख़बर शहर में आग की तरह फैलते ही, वलियों की बारगाह में हाज़िरी देने के लिए सैकड़ों की तादाद में अकीदतमंदों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय अकीदतमंदों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मज़ार-ए-मुबारक पर चढ़ी चादर में हुई हरकत मानो “साँस लेने” जैसी थी, जिसे औलिया-ए-किराम की महान करामत और अल्लाह की क़ुदरत का ज़ाहिरी निशान माना जा रहा है। उनका अटूट विश्वास है कि यह घटना इंसान के ईमान और मोहब्बत को मज़बूत करती है। इस मुबारक मौके पर देर रात तक फातिहा-ख्वानी का सिलसिला चला। हजरत मूसे खां वली बाबा के आस्थाने पर हाजी अब्दुल रशीद पटेल, फजलुर्रहमान शेख, अनीस कुरैशी, सादिक पटेल, आदिल तिगाले, मुन्ना जोए, सरफ़ू भाया, अब्दुल रहीम तिगाले, पार्षद मुजीब कुरैशी और मीडिया प्रभारी अब्दुल सादिक चंदेरी सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मुस्तैदी से मौजूद रहे। रूहानी जलसे के अंत में, मुस्लिम समाज के सदर एड्वोकेट कय्यूम कुरैशी साहब की विशेष मौजूदगी में, जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल जब्बार नूरी साहब ने मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और सलामती के लिए एक विशेष सामूहिक दुआ कराई। इस दौरान उपस्थित तमाम अकीदतमंदों ने बेहद अदब के साथ हाथ उठाकर अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से अपनी रहमत, बरकत और करम की नज़र हमेशा बनाए रखने की दुआ की। इस पूरे रूहानी घटनाक्रम को लेकर अंचल के मुस्लिम समाज और जायरीनों में भारी उत्साह और रूहानी जज़्बा देखा जा रहा है।
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    बड़वानी शहर की प्रसिद्ध और ऐतिहासिक दरगाहों पर 29 जून, 2026 की बीती रात एक रूहानी और पाकीज़ा मंज़र देखा गया, जिसने अकीदतमंदों के दिलों में आस्था की लौ को और प्रज्वलित कर दिया। शहर की प्रमुख दरगाहों—हजरत मुसे ख़ाँ वली, दंगल शाह वली, मलंग शाह वली शाही मस्जिद, कलीमुद्दीन शाह वली इमलीपूरा, मुंगनी शाह वली ईदगाह रोड़ और हुसैनी आस्ताना पानवाड़ी—की पवित्र मज़ारों पर बिछी चादरों में अचानक रूहानी हलचल देखी गई। इस हैरतअंगेज वाकये की ख़बर शहर में आग की तरह फैलते ही, वलियों की बारगाह में हाज़िरी देने के लिए सैकड़ों की तादाद में अकीदतमंदों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा।

स्थानीय अकीदतमंदों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मज़ार-ए-मुबारक पर चढ़ी चादर में हुई हरकत मानो “साँस लेने” जैसी थी, जिसे औलिया-ए-किराम की महान करामत और अल्लाह की क़ुदरत का ज़ाहिरी निशान माना जा रहा है। उनका अटूट विश्वास है कि यह घटना इंसान के ईमान और मोहब्बत को मज़बूत करती है। इस मुबारक मौके पर देर रात तक फातिहा-ख्वानी का सिलसिला चला। हजरत मूसे खां वली बाबा के आस्थाने पर हाजी अब्दुल रशीद पटेल, फजलुर्रहमान शेख, अनीस कुरैशी, सादिक पटेल, आदिल तिगाले, मुन्ना जोए, सरफ़ू भाया, अब्दुल रहीम तिगाले, पार्षद मुजीब कुरैशी और मीडिया प्रभारी अब्दुल सादिक चंदेरी सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मुस्तैदी से मौजूद रहे।

रूहानी जलसे के अंत में, मुस्लिम समाज के सदर एड्वोकेट कय्यूम कुरैशी साहब की विशेष मौजूदगी में, जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अब्दुल जब्बार नूरी साहब ने मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, खुशहाली और सलामती के लिए एक विशेष सामूहिक दुआ कराई। इस दौरान उपस्थित तमाम अकीदतमंदों ने बेहद अदब के साथ हाथ उठाकर अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से अपनी रहमत, बरकत और करम की नज़र हमेशा बनाए रखने की दुआ की। इस पूरे रूहानी घटनाक्रम को लेकर अंचल के मुस्लिम समाज और जायरीनों में भारी उत्साह और रूहानी जज़्बा देखा जा रहा है।
    user_Mohmmad Mustafa Memon
    Mohmmad Mustafa Memon
    Local News Reporter बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • खंडवा में कांग्रेस ने बिजली बिलों को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर अपना विरोध दर्ज कराया और संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।
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    खंडवा में कांग्रेस ने बिजली बिलों को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में एकत्रित होकर अपना विरोध दर्ज कराया और संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।
    user_Rafik tigala
    Rafik tigala
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • सनावद समेत पूरे निमाड़ क्षेत्र में सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ वट सावित्री का व्रत बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। यह पावन पर्व हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को (और कुछ क्षेत्रों में पूर्णिमा को भी) मनाया जाता है, जो पति की दीर्घायु के लिए समर्पित है। इस व्रत की मूल कथा पतिव्रता सावित्री और सत्यवान पर आधारित है। पौराणिक कथा के अनुसार, मद्र देश की राजकुमारी सावित्री ने अल्पायु सत्यवान से विवाह किया था। जब सत्यवान की मृत्यु का समय आया, तो यमराज उनके प्राण हरने धरती पर आए। सावित्री ने अपने तपोबल और बुद्धिमत्ता से यमराज का पीछा किया और उनसे शास्त्रार्थ किया। सावित्री के पतिव्रत धर्म से प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें तीन वरदान दिए। चतुर सावित्री ने अंतिम वरदान में सौ पुत्रों की माता बनने का वर मांगा। जैसे ही यमराज ने 'तथास्तु' कहा, वे धर्मसंकट में पड़ गए क्योंकि सत्यवान के प्राण लौटाए बिना यह वरदान पूरा नहीं हो सकता था। विवश होकर यमराज को सत्यवान के प्राण वापस करने पड़े। यह महत्वपूर्ण घटना एक वट (बरगद) वृक्ष के नीचे हुई थी, जिसके कारण इस दिन वट वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है। इस दौरान, देशभर में वट सावित्री व्रत की धूम रही, जहां सुहागिनों ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखा और वट वृक्ष की परिक्रमा कर सौभाग्य का वरदान मांगा। बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिली, जहां पूजा सामग्री, फल और पारंपरिक परिधानों की जमकर खरीदारी हुई। महिलाएं सज-धज कर मंदिरों और विभिन्न पूजा स्थलों पर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
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    सनावद समेत पूरे निमाड़ क्षेत्र में सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ वट सावित्री का व्रत बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया। यह पावन पर्व हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को (और कुछ क्षेत्रों में पूर्णिमा को भी) मनाया जाता है, जो पति की दीर्घायु के लिए समर्पित है।

इस व्रत की मूल कथा पतिव्रता सावित्री और सत्यवान पर आधारित है। पौराणिक कथा के अनुसार, मद्र देश की राजकुमारी सावित्री ने अल्पायु सत्यवान से विवाह किया था। जब सत्यवान की मृत्यु का समय आया, तो यमराज उनके प्राण हरने धरती पर आए। सावित्री ने अपने तपोबल और बुद्धिमत्ता से यमराज का पीछा किया और उनसे शास्त्रार्थ किया। सावित्री के पतिव्रत धर्म से प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें तीन वरदान दिए। चतुर सावित्री ने अंतिम वरदान में सौ पुत्रों की माता बनने का वर मांगा। जैसे ही यमराज ने 'तथास्तु' कहा, वे धर्मसंकट में पड़ गए क्योंकि सत्यवान के प्राण लौटाए बिना यह वरदान पूरा नहीं हो सकता था। विवश होकर यमराज को सत्यवान के प्राण वापस करने पड़े। यह महत्वपूर्ण घटना एक वट (बरगद) वृक्ष के नीचे हुई थी, जिसके कारण इस दिन वट वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है।

इस दौरान, देशभर में वट सावित्री व्रत की धूम रही, जहां सुहागिनों ने अपने पति की लंबी उम्र के लिए उपवास रखा और वट वृक्ष की परिक्रमा कर सौभाग्य का वरदान मांगा। बाजारों में भी खूब रौनक देखने को मिली, जहां पूजा सामग्री, फल और पारंपरिक परिधानों की जमकर खरीदारी हुई। महिलाएं सज-धज कर मंदिरों और विभिन्न पूजा स्थलों पर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की।
    user_रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
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