Shuru
Apke Nagar Ki App…
Ishani Chaudhari
More news from राजस्थान and nearby areas
- राजस्थान कांग्रेस के अनुसूचित जाति वर्ग प्रकोष्ठ ने अलवर में एक बैठक का आयोजन किया, जिसमें प्रकोष्ठ की अध्यक्ष ममता भूपेश, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और प्रकोष्ठ के प्रभारी महेंद्र बौद्ध सहित अन्य नेता शामिल हुए। यह बैठक विशेष रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए बुलाई गई थी, लेकिन इसमें दलितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पूरी तरह से नदारद रहे, जिस पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। बैठक के दौरान, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने 'संविधान खतरे में' होने का जिक्र करते हुए कांग्रेस की सरकार बनाने पर जोर दिया, वहीं ममता भूपेश ने गरीबों के साथ खड़े होने और कांग्रेस को मजबूत करने का आह्वान किया। महेंद्र बौद्ध ने भी सरकार बनाने पर बल दिया। हालांकि, इस बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के सामाजिक न्याय, जातिगत अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने, राजनीतिक चेतना, आर्थिक समानता और भागीदारी जैसे प्रमुख सवालों को उठाया ही नहीं गया। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस के नेताओं को जिस तरह से जातिवादी एवं मनुवादी मानसिकता से ग्रसित लोग अपमानित कर रहे हैं, गाली दे रहे हैं और नीचा दिखा रहे हैं, उसके विरोध में भी इन तमाम नेताओं ने एक स्वर भी नहीं रखा। इन्हीं सवालों पर डेमोक्रेटिक भारत ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से बातचीत की।1
- Post by Ishani Chaudhari1
- राजस्थान के अलवर में विभिन्न मांगों को लेकर आशा सहयोगिनियों का धरना एक माह से लगातार जारी है। एक महीना पूरा होने और कार्य बहिष्कार करने के बावजूद सरकार या संबंधित मंत्री की ओर से कोई ठोस आश्वासन या सकारात्मक पहल नहीं मिलने से आशा सहयोगिनियों ने गहरी नाराजगी जताई है और आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है। जिला अध्यक्ष राजवती ने बताया कि उनकी मुख्य मांग सभी आशा सहयोगिनियों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाना है। उन्होंने सरकार से आशा सहयोगिनियों का मासिक मानदेय बढ़ाकर 24 हजार रुपये करने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि देने और सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिमाह 12 हजार रुपये पेंशन प्रदान करने की मांग भी दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आशा सहयोगिनियां वर्षों से दिन-रात स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, फिर भी उनकी मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। राजवती ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है, इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा। इस धरना-प्रदर्शन में पूनम मीणा, संजू मीणा, बीना देवी, चंदा देवी, हेमलता, सुनीता, शीला, नवीन, मनीषा, सरला यादव, सुनीता यादव, लक्ष्मी देवी, आशा शर्मा, निर्मल, ममता शर्मा, संतरा, सुरज्ञान, बबीता, रेखा, मूर्ति देवी, रचना शर्मा, बुगल देवी, गीता सैनी, माया देवी, कृपा देवी, संतरा देवी, संतोष कंवर, रेणु देवी, सरोज, गीता, सुनीता शर्मा, पुष्पा, राजबाला, सोनिया, चंद्रकांता, दीपिका, रीना, मधुलता सहित बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनियां उपस्थित थीं।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक संयुक्त कार्रवाई कर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बड़ी गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है। इस अभियान के तहत, नीमराना पुलिस ने मंगलवार को एक सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक ईको वाहन से लगभग 150 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया। मानव स्वास्थ्य पर संभावित खतरे को देखते हुए इस पनीर को मौके पर ही जांच के बाद गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबाकर नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह आईपीएस के निर्देश पर चलाई जा रही थी, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमराना सुरेश कुमार और वृत्ताधिकारी नीमराना सुश्री चारुल गुप्ता के सुपरविजन में थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व वाली पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। मौके पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी शशिकांत शर्मा भी मौजूद रहे। पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि एक ईको वाहन में संदिग्ध गुणवत्ता का पनीर ले जाया जा रहा है। नीमराना थाना पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी के दौरान उसमें रखे तीन कोल्ड बॉक्सों में करीब 150 किलो पनीर बरामद किया। पनीर की गंध और रंग देखकर उसकी गुणवत्ता संदिग्ध लगने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बुलाया गया। पूछताछ में वाहन चालक ने अपनी पहचान जावेद पुत्र इंद्रया निवासी ग्राम मल्हाई, तहसील हथीन, जिला पलवल, हरियाणा बताई और बताया कि यह पनीर वह पलवल से खरीदकर बिक्री के लिए लाया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर पनीर के नमूने लिए, जिन्हें सील करके जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग और विश्वसनीय स्रोत का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं भी मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री के परिवहन या बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।1
- राजस्थान के भिवाड़ी नगर पालिका के बिलाहेड़ी गांव में रास्ते पर एक साल से भी ज़्यादा समय से पानी भरा हुआ है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस जलभराव की समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं किया गया है, जिसके कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- अलवर जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र में मौसम ने करवट ली है, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी से काफी राहत मिली है। क्षेत्र में काफी समय से बरसात नहीं हो रही थी, लेकिन अब बीती रात से ही धीमी गति से बरसात हो रही है। इस बारिश के कारण किसानों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि इससे बाजरे और अन्य फसलों को सीधा फायदा होगा।1
- अलवर जिले की लक्ष्मणगढ़ तहसील में स्थित तिलकपुर धाम में चल रही भागवत कथा के दौरान, गाँव के कुछ 'जातकवादी' किस्म के युवाओं ने शराब के नशे में श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। यह घटना दलित समुदाय के एक धार्मिक स्थल पर हुई है, जिसने इलाके में खौफ़ का माहौल पैदा कर दिया है। तिलकपुर धाम गाँव के अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों द्वारा निर्मित एक धार्मिक स्थल है, जहाँ वर्षों से महाराज हरिश्चंद्र दास की पूजा होती आ रही है। इस मंदिर परिसर का संचालन और इसकी सभी गतिविधियाँ गाँव के अनुसूचित जाति वर्ग के लोग ही संभालते हैं। पीड़ित परिवारों ने बताया है कि मंदिर की भूमि भी गाँव के अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने ही दान की है। गाँव के ही गुर्जर समाज के कुछ लोग लगातार इस मंदिर को 'सार्वजनिक' करने और उसकी गद्दी पर अपना आधिपत्य स्थापित करने का प्रयास करते रहे हैं। यह विरोध इसलिए है क्योंकि मंदिर का निर्माण और उसकी साज-सज्जा अनुसूचित जाति वर्ग के लोग ही वर्षों से करते आ रहे हैं। गाँव के लोग जोर देकर कहते हैं कि यह ज़मीन उन्हीं के पूर्वजों ने दी थी, उन्हीं के महाराज की पूजा होती है, और यह उनका धार्मिक तथा मान-सम्मान का स्थल है। यह हमला 24 जून को हुआ था, लेकिन अभी तक पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया है। पीड़ित परिवार लगातार पुलिस प्रशासन और राजनेताओं के पास अपनी गुहार लेकर जा रहे हैं, परंतु उन्हें अभी तक कोई आश्वासन या पुलिस कार्रवाई होती नज़र नहीं आ रही है। आरोप है कि पुलिस राजनीतिक दबाव के आगे नतमस्तक हो गई है, जिसके कारण न्याय नहीं मिल पा रहा है।1
- मिलकपुर राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर raamagd milakpur रामगढ़ जिला अलवर राजस्थान मिलकपुर raamagd राजस्थान मिलकपुर4