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हिमाचल प्रदेश में बारिश का भारी कहर देखने को मिल रहा है। जगत सिंह नेगी के अनुसार, इस बारिश के कारण राज्य में 145 सड़कें बंद हो गई हैं और 508 ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। इसके साथ ही, जुलाई के महीने में बारिश के कहर के चलते 66 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
BHK News Himachal
हिमाचल प्रदेश में बारिश का भारी कहर देखने को मिल रहा है। जगत सिंह नेगी के अनुसार, इस बारिश के कारण राज्य में 145 सड़कें बंद हो गई हैं और 508 ट्रांसफार्मर ठप हो चुके हैं। इसके साथ ही, जुलाई के महीने में बारिश के कहर के चलते 66 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
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- हिमाचल प्रदेश में पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद मोर्चा के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात का समय मिला है। इस मुलाकात के दौरान पेंशनर्स के लंबित पड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और उन्हें जल्द से जल्द जारी करने की मांग की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा पहले भी पेंशनर्स को कई लाभ दिए गए हैं और अब शेष बचे लाभों को भी जल्द जारी कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। मोर्चा को इस बैठक से सकारात्मक परिणाम मिलने की पूरी उम्मीद है। मोर्चा के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने बताया कि मुख्य रूप से साल 2016 से साल 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को कम से कम 50 प्रतिशत लंबित लाभ दिए जाने की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएगी। इसके साथ ही, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भी सरकार से पेंशनर्स के हित में घोषणा की उम्मीद जताई गई है और सरकार से जल्द संयुक्त परामर्श समिति (JCC) की बैठक आयोजित करने की मांग की गई है। संगठन में कथित गुटबाजी के दावों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा संगठन एकजुट है और उन्हें सरकार से भी जल्द मान्यता मिलने की आशा है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास फंड की कोई कमी नहीं थी, फिर भी उन्होंने लाभ नहीं दिए, जबकि मौजूदा सरकार फंड की भारी कमी के बावजूद पेंशनर्स का साथ दे रही है।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन और किसानों को राजधानी में प्रवेश करने से रोके जाने के मुद्दे पर प्रसिद्ध समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त इंजीनियर चंदन सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जंतर-मंतर पर मचे बवाल के बीच सरकार की नीतियों और रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। चंदन सिंह का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय उन्हें रोका जा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है। इस मुद्दे पर तीखा रुख अपनाते हुए चंदन सिंह ने सरकार से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इन समस्याओं का समाधान केवल संवाद और लोकतांत्रिक तरीके से ही संभव है। उन्होंने 'लोकतंत्र बचाओ, सरकार इस्तीफा दे' का नारा देते हुए सरकार पर अपना हमला तेज किया है।1
- किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया है। धरना स्थगित होने के साथ ही शंभू बॉर्डर का रास्ता अब पूरी तरह से खुल गया है।1
- हिमाचल प्रदेश में CM सुक्खू ने एक बड़ा ऐलान करते हुए 'भोजन संवाद' कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस दौरान उन्होंने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। इसके साथ ही CM सुक्खू ने पेपर लीक मामले को लेकर BJP पर भी तीखा और बड़ा हमला बोला है।1
- हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए करीब साढ़े सात हजार से अधिक खाली पदों को भरने की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और पंचायती राज सहित विभिन्न सरकारी विभागों में कुल 7500 से ज्यादा पदों को भरा जाएगा। इसके साथ ही, कैबिनेट ने पुलिस भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा में एक साल की छूट देने का भी बड़ा फैसला लिया है। ये सभी भर्तियां हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) और राज्य चयन आयोग के माध्यम से पूरी की जाएंगी। स्वीकृत किए गए कुल पदों में से अकेले शिक्षा विभाग के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में चौकीदार और मल्टी टास्क वर्कर के 3,950 पद और जेओए (JOA) लाइब्रेरियन के 200 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में टेक्निकल असिस्टेंट के 280 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है, जबकि जिला नूरपुर पुलिस के सुदृढ़ीकरण के लिए 102 नए पदों का सृजन किया गया है। कैबिनेट ने सीबीएसई (CBSE) स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर कैबिनेट सब-कमेटी की सिफारिशों को भी स्वीकार कर लिया है, जिसके तहत अब इन स्कूलों में अध्यापकों की भर्ती पूरी तरह से मेरिट के आधार पर की जाएगी। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की बजट घोषणाओं पर मुहर लगाते हुए आशा वर्करों का मासिक मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये और नंबरदारों का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, पीजी (PG) डॉक्टरों के स्टाइपेंड को भी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 65 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के लिए हमीरपुर में एम्स (AIIMS) स्तर का आयुर्वेदिक अस्पताल स्थापित किया जाएगा और आईजीएमसी (IGMC) शिमला में रेडियो थेरेपी की 30 नई सीटें शुरू की जाएंगी। मछुआरों के कल्याण के लिए बोट और जाल पर 70 से 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी देने और मछली पकड़ने के बंद सीजन के दौरान 3 हजार रुपये की सम्मान निधि प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है। बैठक में राज्य के चार जिलों में लोक अदालतों के आयोजन को भी मंजूरी दी गई है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर कैबिनेट में अनौपचारिक चर्चा की गई, जिसमें 15 अगस्त के बाद सत्र आयोजित करने का फैसला लिया गया। इसके अतिरिक्त, बागवानों के हित में मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के तहत सी-ग्रेड के सेब की खरीद को मंजूरी दी गई है, हालांकि इस बैठक में सेब के समर्थन मूल्य को बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया।2
- पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार को इलाज कराने पहुंचे एक युवक द्वारा ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी से कथित तौर पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। इलाज के बहाने इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे इस आरोपी ने जब महिला के साथ बदतमीजी की, तो पीड़ित कर्मचारी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला के विरोध करने पर आरोपी तुरंत मौके से भाग खड़ा हुआ, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हड़बड़ाहट में भागते समय आरोपी अपना मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड वहीं छोड़ गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की पहचान के लिए अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। इसके साथ ही, मौके से मिले आरोपी के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानकर उसकी पहचान सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।1
- पंचकूला के सेक्टर-12 में हुई एक घटना ने शहर के भीतर वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस मामले को लेकर विकास मंच ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं। मंच ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने, प्रभावित इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने और सीनियर सिटीजन्स की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने का पुरजोर आग्रह किया है। वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी असुरक्षा का माहौल है। निवासियों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक ऐसी घटनाओं पर पुलिस प्रशासन तुरंत और कड़ी कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक आम लोगों के भीतर सुरक्षा का विश्वास बहाल होना मुमकिन नहीं है।1