बकरीद के मद्देनज़र फतेहपुर जनपद में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शांतिपूर्ण त्योहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है, वहीं ईदगाहों और मस्जिदों पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी, और पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेगी। कुर्बानी स्थलों से लेकर संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों तक प्रशासन अलर्ट मोड में है, जहाँ अतिरिक्त फोर्स तैनात कर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। नमाज़ व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें सड़कों पर इबादत न करने की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। त्योहार के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, और सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी जारी है। पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी स्कैनिंग शुरू कर दी है, और अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए साइबर टीम लगातार सक्रिय है। त्यौहार के दौरान हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। जनपद में अमन-चैन कायम रखने के लिए पुलिस की व्यापक रणनीति लागू की गई है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो प्रशासन की कड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बकरीद के मद्देनज़र फतेहपुर जनपद में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शांतिपूर्ण त्योहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है, वहीं ईदगाहों और मस्जिदों पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी
की जाएगी, और पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेगी। कुर्बानी स्थलों से लेकर संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों तक प्रशासन अलर्ट मोड में है, जहाँ अतिरिक्त फोर्स तैनात कर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। नमाज़ व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें सड़कों पर इबादत न करने की बात स्पष्ट रूप से कही
गई है। त्योहार के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, और सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी जारी है। पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी स्कैनिंग शुरू कर दी है, और अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए
साइबर टीम लगातार सक्रिय है। त्यौहार के दौरान हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। जनपद में अमन-चैन कायम रखने के लिए पुलिस की व्यापक रणनीति लागू की गई है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो प्रशासन की कड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- बकरीद के मद्देनज़र फतेहपुर जनपद में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शांतिपूर्ण त्योहार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है, वहीं ईदगाहों और मस्जिदों पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जाएगी, और पुलिस हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेगी। कुर्बानी स्थलों से लेकर संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों तक प्रशासन अलर्ट मोड में है, जहाँ अतिरिक्त फोर्स तैनात कर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। नमाज़ व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें सड़कों पर इबादत न करने की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। त्योहार के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, और सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी जारी है। पुलिस-प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी स्कैनिंग शुरू कर दी है, और अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए साइबर टीम लगातार सक्रिय है। त्यौहार के दौरान हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा। जनपद में अमन-चैन कायम रखने के लिए पुलिस की व्यापक रणनीति लागू की गई है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो प्रशासन की कड़ी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।4
- जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, जो गौरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के भ्रमण पर निकले हैं, आज बांदा जनपद से होते हुए फतेहपुर जिले में पहुंचे। फतेहपुर में सनातनी हिन्दुओं द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया। उनके आगमन पर सबसे पहले बेंदा घाट से होकर मुततौर और फिर सुजानपुर गांव पहुंचने पर, गुलाबी गैंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके चरण धोए, आरती उतारी और फूलमाला व अंग वस्त्र भेंट कर अभिवादन किया। यात्रा के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पहले वोट पाने के लिए जनता के सामने हिंदू और सनातनी का मुखौटा ओढ़ा, गौ माता के नाम पर प्रधानमंत्री पद पर पहुंचे, और अब देश भर में बूचड़खाने खोलकर भारत को मांस निर्यात में नंबर एक बना दिया है। अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार, प्रधानमंत्री ने देश के सभी बूचड़खानों को चलाने के लिए सुविधाएं दीं, किसी को 10 करोड़, किसी को 20 करोड़ और किसी को 50 करोड़ रुपए देकर कहा कि 'खूब गाय काटो और खूब बेचो'। उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गेरुआ वस्त्र पहनकर बैठे हुए योगी महाराज सन्यासी हैं, लेकिन उनके ही प्रदेश उत्तर प्रदेश से पूरे भारत में बिकने वाले मांस का आधा हिस्सा सप्लाई होता है। शंकराचार्य ने प्रश्न किया कि अगर वे असली साधु होते, तो अपने राज्य में गायों को काटकर बेचने न देते। उन्होंने आगे कहा कि असम के चुनाव में भाजपा ने गाय का मांस खाने वालों से वोट लेने के लिए उनका समर्थन किया और कहा कि 'अब हमें गाय खाने वालों का भी वोट चाहिए'। अविमुक्तेश्वरानंद ने तुलना करते हुए कहा कि जैसे रावण ने भेस बदलकर सीता माता का हरण किया था, उसी तरह योगी और मोदी गेरुआ वस्त्र ओढ़कर सनातनी हिन्दुओं को वोट के लिए ठगने में जुटे हैं। उन्होंने योगी और मोदी को 'कालनेमि' बताते हुए वर्तमान सरकार को हिन्दुओं के लिए 'राक्षस' की उपाधि दी। जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने सनातनी और हिन्दुओं से अपील की है कि वे गाय की हत्या करने वालों को वोट न दें, बल्कि उसे वोट करें जो गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि गौरक्षा हम सब सनातनियों का धर्म है, और गौ माता का मांस बेचने वाले देश में राज कर रहे हैं।1
- चुनावों के खत्म होते ही जनता की जेब पर एक बार फिर हमला हुआ है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल के दामों में चौथी बार बढ़ोतरी की गई है। इसे जनता का खून निचोड़ने जैसा बताया गया है, जिस पर सवाल उठाया गया है कि आखिर आम आदमी कब तक इस महंगाई का बोझ उठाएगा। पोस्ट में 2014 के आंकड़ों से तुलना की गई है, जब क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल था और पेट्रोल 65-70 रुपये में मिलता था। वहीं, अब जब क्रूड ऑयल 91-95 डॉलर पर है, तब भी जनता को क्यों लूटा जा रहा है। इस स्थिति पर आक्रोश व्यक्त करते हुए यह पूछा गया है कि क्या जनता केवल टैक्स देने वाली मशीन बनकर रह गई है। इस पूरे सच को एक रिपोर्ट में देखने की बात कही गई है।1
- रायबरेली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल उस समय खुल गई जब एक गंभीर मरीज को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा न मिलने पर उसके तीमारदार को खुद हाथों में उठाकर दूर तक ले जाना पड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल की घोर लापरवाही स्पष्ट नजर आ रही है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल परिसर में या एक विभाग से दूसरे स्थान तक मरीज को ले जाने के लिए न तो कोई कर्मचारी उपलब्ध हुआ और न ही कोई सहायता दी गई। इसके चलते तीमारदार को मजबूरन गंभीर रूप से बीमार मरीज को अपनी बाहों में उठाकर पैदल ही ले जाना पड़ा। आश्चर्यजनक रूप से, इस पूरी घटना के दौरान अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी और स्टाफ मौके पर मौजूद होने के बावजूद अनजान बने रहे और उन्होंने मरीज या उसके तीमारदार को कोई मदद नहीं पहुंचाई। यह घटना एम्स रायबरेली की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है और मरीजों तथा तीमारदारों के प्रति संस्थान की घोर उदासीनता को उजागर करती है।2
- पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके राष्ट्रीय धर्म के विचारों को स्मरण किया गया। उन्होंने जोर दिया था कि देश की रक्षा, उन्नति और एकता हम सबका राष्ट्रीय धर्म है। उनके अनुसार, अलग-अलग धर्म, प्रदेश और भाषाएं हमारे बीच कोई दीवार नहीं खड़ी करनी चाहिए, बल्कि सभी लोगों को उन्नति में बराबर का मौका मिलना चाहिए, ताकि देश में कुछ लोग बहुत बड़े अमीर और अधिकतर लोग गरीब न हों। आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखने वाले, लोकतांत्रिक मूल्यों के अडिग प्रहरी, वैज्ञानिक सोच, औद्योगिक विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता के मार्गदर्शक के रूप में पंडित नेहरू को याद किया गया। 'विविधता में एकता' के विचार को जन-जन तक पहुँचाने वाले भारत रत्न स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को इस अवसर पर सराहा गया। उनकी दूरदर्शी सोच, संस्थाओं के निर्माण की प्रतिबद्धता, गुटनिरपेक्ष विदेश नीति और प्रगतिशील नेतृत्व ने भारत को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाई। उनके आदर्श विचार और दर्शन सदैव देश को मजबूती प्रदान करते रहेंगे, इस बात पर जोर दिया गया। यह श्रद्धांजलि अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच के राष्ट्रीय महासचिव पराग प्रसाद रावत द्वारा अर्पित की गई, जिन्होंने 'पंडित जवाहरलाल नेहरू अमर रहे' का उद्घोष किया।2
- Post by ज्योति गुप्ता न्यूज1
- स्वामी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद के बबेरू पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधा।1
- उत्तर प्रदेश के बिसंडा में एक तेज रफ्तार ट्रक ने सात लोगों को रौंद दिया, जिससे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया।1