गुरुग्राम पुलिस ने वजन कम करने के नाम पर लोगों को गुमराह कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। सहायक पुलिस आयुक्त गौरव फोगाट HPS के निर्देशानुसार, साइबर अपराध पश्चिम थाना प्रबंधक निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने 26 जून को उद्योग विहार फेज-5, गुरुग्राम में छापेमारी कर तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक नितिन, सहायक उप निरीक्षक दीपांकर, हेड कांस्टेबल पिंकू, हेड कांस्टेबल भगत सिंह, सिपाही सोनू, सिपाही सतीश और महिला सिपाही निशु शामिल थीं। गिरफ्तार की गई आरोपियों की पहचान मंदीप (आया नगर, दिल्ली निवासी, वर्तमान में चकरपुर, गुरुग्राम), नेहा (रंगपुरी, दिल्ली निवासी) और वर्षा (मैनपुरी, उत्तर प्रदेश निवासी, वर्तमान में सुशांत लोक, गुरुग्राम) के रूप में हुई है। इन आरोपियों और इनके अन्य साथियों के खिलाफ थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में कॉल सेंटर संचालित कर धोखाधड़ी करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि ये आरोपी 'क्युरिस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' (Curest Science and Wellness Pvt. Ltd.) के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज बनाकर वजन कम करने वाली हर्बल दवाइयों के विज्ञापन चलाते थे। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता था, तो कॉल सेंटर से उनसे बात कर दवाइयां बेची जाती थीं। इन दवाइयों से वजन कम नहीं होता था, लेकिन ग्राहकों को '100% रिफंड' का वादा किया जाता था, जिसे बाद में नहीं दिया जाता था और ग्राहकों को ब्लॉक कर दिया जाता था। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने स्वयं को ब्यूटीशियन, डाइटिशियन और डॉक्टर बताकर लोगों को गुमराह कर इस ठगी को अंजाम दिया। यह भी ज्ञात हुआ है कि आरोपियों ने गुजरात में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी, और विभिन्न राज्यों में भी ऐसी वारदातें की थीं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर कंपनी के कर्मचारियों को आवंटित किए गए थे, और पूरे संचालन का नियंत्रण कंपनी के मैनेजर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO), डायरेक्टर/मालिक और अन्य सहयोगियों द्वारा किया जा रहा था। पुलिस टीम ने मौके से ठगी में प्रयुक्त 102 मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड, 12 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियमानुसार जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है, और जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
गुरुग्राम पुलिस ने वजन कम करने के नाम पर लोगों को गुमराह कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। सहायक पुलिस आयुक्त गौरव फोगाट HPS के निर्देशानुसार, साइबर अपराध पश्चिम थाना प्रबंधक निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने 26 जून को उद्योग विहार फेज-5, गुरुग्राम में छापेमारी कर तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक नितिन, सहायक उप निरीक्षक दीपांकर, हेड कांस्टेबल पिंकू, हेड कांस्टेबल भगत सिंह, सिपाही सोनू, सिपाही सतीश और महिला सिपाही निशु शामिल थीं। गिरफ्तार की गई आरोपियों की पहचान मंदीप (आया नगर, दिल्ली निवासी, वर्तमान में चकरपुर, गुरुग्राम), नेहा (रंगपुरी, दिल्ली निवासी) और वर्षा (मैनपुरी, उत्तर प्रदेश निवासी, वर्तमान में सुशांत लोक, गुरुग्राम) के रूप में हुई है। इन आरोपियों और इनके अन्य साथियों के खिलाफ थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में कॉल सेंटर संचालित कर धोखाधड़ी करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि ये आरोपी 'क्युरिस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' (Curest Science and Wellness Pvt. Ltd.) के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज बनाकर वजन कम करने वाली हर्बल दवाइयों के विज्ञापन चलाते थे। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता था, तो कॉल सेंटर से उनसे बात कर दवाइयां बेची जाती थीं। इन दवाइयों से वजन कम नहीं होता था, लेकिन ग्राहकों को '100% रिफंड' का वादा किया जाता था, जिसे बाद में नहीं दिया जाता था और ग्राहकों को ब्लॉक कर दिया जाता था। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने स्वयं को ब्यूटीशियन, डाइटिशियन और डॉक्टर बताकर लोगों को गुमराह कर इस ठगी को अंजाम दिया। यह भी ज्ञात हुआ है कि आरोपियों ने गुजरात में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी, और विभिन्न राज्यों में भी ऐसी वारदातें की थीं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर कंपनी के कर्मचारियों को आवंटित किए गए थे, और पूरे संचालन का नियंत्रण कंपनी के मैनेजर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO), डायरेक्टर/मालिक और अन्य सहयोगियों द्वारा किया जा रहा था। पुलिस टीम ने मौके से ठगी में प्रयुक्त 102 मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड, 12 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियमानुसार जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है, और जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
- गुरुग्राम पुलिस ने वजन कम करने के नाम पर लोगों को गुमराह कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। सहायक पुलिस आयुक्त गौरव फोगाट HPS के निर्देशानुसार, साइबर अपराध पश्चिम थाना प्रबंधक निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने 26 जून को उद्योग विहार फेज-5, गुरुग्राम में छापेमारी कर तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पुलिस टीम में सहायक उप निरीक्षक नितिन, सहायक उप निरीक्षक दीपांकर, हेड कांस्टेबल पिंकू, हेड कांस्टेबल भगत सिंह, सिपाही सोनू, सिपाही सतीश और महिला सिपाही निशु शामिल थीं। गिरफ्तार की गई आरोपियों की पहचान मंदीप (आया नगर, दिल्ली निवासी, वर्तमान में चकरपुर, गुरुग्राम), नेहा (रंगपुरी, दिल्ली निवासी) और वर्षा (मैनपुरी, उत्तर प्रदेश निवासी, वर्तमान में सुशांत लोक, गुरुग्राम) के रूप में हुई है। इन आरोपियों और इनके अन्य साथियों के खिलाफ थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में कॉल सेंटर संचालित कर धोखाधड़ी करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस पूछताछ और जांच में सामने आया है कि ये आरोपी 'क्युरिस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड' (Curest Science and Wellness Pvt. Ltd.) के नाम से फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज बनाकर वजन कम करने वाली हर्बल दवाइयों के विज्ञापन चलाते थे। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता था, तो कॉल सेंटर से उनसे बात कर दवाइयां बेची जाती थीं। इन दवाइयों से वजन कम नहीं होता था, लेकिन ग्राहकों को '100% रिफंड' का वादा किया जाता था, जिसे बाद में नहीं दिया जाता था और ग्राहकों को ब्लॉक कर दिया जाता था। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने स्वयं को ब्यूटीशियन, डाइटिशियन और डॉक्टर बताकर लोगों को गुमराह कर इस ठगी को अंजाम दिया। यह भी ज्ञात हुआ है कि आरोपियों ने गुजरात में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की थी, और विभिन्न राज्यों में भी ऐसी वारदातें की थीं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर कंपनी के कर्मचारियों को आवंटित किए गए थे, और पूरे संचालन का नियंत्रण कंपनी के मैनेजर, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (CAO), डायरेक्टर/मालिक और अन्य सहयोगियों द्वारा किया जा रहा था। पुलिस टीम ने मौके से ठगी में प्रयुक्त 102 मोबाइल फोन, 150 सिम कार्ड, 12 लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नियमानुसार जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है, और जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच कर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।1
- वार्ड 2 में लगभग 10 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से किए जाने वाले 21 विकास कार्यों के लिए शिलान्यास एवं उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।1
- गुरुग्राम के फर्रुखनगर स्थित पुरातत्व विभाग की गोल बावड़ी के पास हो रहे अवैध निर्माण को सील करने और तोड़ने के लिए डीसी गुरुग्राम ने नोडल अधिकारी आर.एस. भट्ट को 06.05.2026 को ड्यूटी पर नियुक्त किया था। जब डीटीपी फर्रुखनगर आर.एस. बठ निर्माण को सील करने और तोड़ने पहुँचे, तो नगर पालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर 15 दिन का अतिरिक्त समय मांग लिया। इस मामले में डीसी गुरुग्राम ने 50 दिन पहले ही आदेश जारी किए थे, लेकिन तब भी नगर पालिका के अधिकारियों ने निर्माणकर्ताओं को कोई नोटिस जारी नहीं किए। चौंकाने वाली बात यह है कि निर्माणकर्ताओं को नोटिस केवल 2 दिन पहले ही दिए गए थे, जिसके बाद दुकानदार आत्मविश्वास से कह रहे हैं कि उनके निर्माण नहीं टूटेंगे और उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। यह स्थिति स्पष्ट रूप से 'मिलीभगत' की ओर इशारा करती है, जहाँ डीसी गुरुग्राम के आदेशों का कोई महत्व नहीं रह गया है। फर्रुखनगर नगर पालिका के अधिकारियों, अध्यक्ष और पार्षदों के सामने डीसी गुरुग्राम के आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।1
- Post by Salman khan1
- राजपथ न्यूज़ पर आज की छह प्रमुख खबरों में सेशल्स में भारतीय मंत्रोच्चारण के साथ मोदीजी का भव्य स्वागत शामिल है। इसी क्रम में, दयाशंकर ने तपस्वियों को सम्मान देने की बात कही। एक मुस्लिम सांसद गुलाम ने राम मंदिर ट्रस्ट के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। वहीं, सिंघवी ने टिप्पणी की कि पेपर लीक होना अब एक त्योहार जैसा बन गया है। मुख्यमंत्री मोहन 'मन की बात' कार्यक्रम के लिए यात्री प्रवास पर पहुँचे। इसके अतिरिक्त, वाशिंगटन में भारतीय आम महोत्सव का आयोजन किया गया।1
- दिल्ली के महरौली इलाके से सामने आए 11 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस जघन्य अपराध का आरोपी कैब ड्राइवर बासू कुमार सिंह (29) 'इरेक्टाइल डिस्फंक्शन' यानी नपुंसकता की बीमारी से पीड़ित था, जिसकी मेडिकल रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि जब वह कार की पिछली सीट पर मासूम के साथ दरिंदगी करने में नाकाम रहा, तो पकड़े जाने के डर से और गुस्से में आकर उसने बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी।1
- जो लोग कभी जिगरी दोस्त हुआ करते थे, वे आज राजनीति और नेताओं के कारण एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। इस घटनाक्रम ने उनकी पुरानी दोस्ती को प्रभावित किया है।1