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उन्नाव के माखी गांव के एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत।
RN Vishwkarma
उन्नाव के माखी गांव के एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत।
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- Post by RN Vishwkarma1
- Post by Niraj Pal1
- प्रबुद्ध बहुजन मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालाराम सरोंज ने सौंपा ज्ञापन, बोले – समाज पर अत्याचार होगा तो चुप रहने वाले नेताओं को जनता जवाब देगी प्रयागराज। पासी समाज पर लगातार हो रहे अन्याय, अत्याचार और उत्पीड़न के मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे सभी राजनीतिक दलों के पासी समाज के सांसदों और विधायकों के खिलाफ प्रयागराज में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से सांसदों और विधायकों की शव यात्रा निकालकर समाज के नेताओं के खिलाफ कड़ा संदेश दिया गया। इस विरोध कार्यक्रम का नेतृत्व लालाराम सरोंज राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रबुद्ध बहुजन मोर्चा ने किया। कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में पासी समाज के लोग मौजूद रहे। सभी पार्टियों के सांसद-विधायक निशाने पर प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने साफ कहा कि पासी समाज के सांसद और विधायक किसी भी पार्टी के हों – भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस या अन्य दल – लेकिन जब पासी समाज पर अत्याचार, फर्जी मुकदमे, आरक्षण में हिस्सेदारी, इतिहास और सम्मान की बात आती है, तब ये जनप्रतिनिधि चुप हो जाते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा: “समाज के वोट से जीतकर नेता बनने वाले अगर समाज पर अन्याय पर नहीं बोलेंगे, तो समाज भी अब चुप नहीं बैठेगा।” शव यात्रा निकालकर जताया बड़ा विरोध प्रदर्शन के दौरान पासी समाज के सांसदों और विधायकों की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई। लोगों ने नारे लगाए: समाज का नेता कैसा हो – जो समाज के लिए लड़े वैसा हो चुप रहने वाले नेता – समाज के गद्दार पासी समाज का अपमान – नहीं सहेगा हिंदुस्तान यह शव यात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें राष्ट्रीय अध्यक्ष लालाराम सरोंज ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पासी समाज की समस्याओं को उठाया और मांग की: पासी समाज पर हो रहे अत्याचार पर विशेष कानूनन कार्रवाई आरक्षण में पासी समाज की अलग हिस्सेदारी पासी समाज के महापुरुषों का इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल हो समाज के युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार योजना फर्जी मुकदमों और उत्पीड़न पर रोक लालाराम सरोंज की चेतावनी उन्होंने साफ कहा: “जो सांसद विधायक समाज पर अत्याचार के खिलाफ नहीं बोलेंगे, समाज उन्हें नेता नहीं मानेगा। आने वाले चुनाव में समाज ऐसे नेताओं का हिसाब करेगा।” उन्होंने आगे कहा: “समाज अब जाग चुका है, अब चुप रहने वाले नेताओं की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी।” राजनीति में मचा हड़कंप इस घटना के बाद पासी समाज की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पासी समाज अपने नेताओं से जवाब मांगने की बड़ी मुहिम चला सकता है। प्रयागराज का यह विरोध प्रदर्शन अब पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनता जा रहा है।1
- *‼️बस्तर में आस्था का ज्वालामुखी फटा! हनुमान शोभायात्रा ने हिला दिया जगदलपुर, जय श्रीराम के नारों से कांपा शहर!‼️* ➡️बस्तर में भक्ति का महाब्लास्ट! टेकरी वाले हनुमान मंदिर से निकली शोभायात्रा ने शहर को बना दिया रणभूमि!... ➡️जय श्रीराम की गूंज से दहला बस्तर! हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ में थर्राया शहर, प्रशासन भी अलर्ट!... ➡️आस्था का सैलाब या शक्ति प्रदर्शन? हनुमान शोभायात्रा में उमड़ा जनसागर, बस्तर में गूंजा धर्म का बिगुल!... ब्यूरो चीफ हेमू साय के साथ संवाददाता कमल साय1
- Post by MAKKI TV1
- चैत्र नवरात्रि के अवसर पर कानपुर के प्रमुख देवी मंदिरों में लगने वाले मेलों को लेकर इस बार विवाद खड़ा हो गया है। शहर के तपेश्वरी मंदिर, बारादेवी मंदिर, आशा देवी मंदिर और जंगली देवी मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी मेले लगाए जा रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी बीच बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि इन धार्मिक मेलों में दूसरे समुदाय के लोग दुकानें लगा रहे हैं, जिसका संगठन ने विरोध किया है। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई है। संगठन से जुड़े शिवम सोनकर ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से मेले में आकर महिलाओं से बदतमीजी करते हैं और धार्मिक माहौल को प्रभावित करते हैं। साथ ही यह भी दावा किया गया कि बीती रात कुछ लोगों ने स्थानीय दुकानदारों को धमकाने की कोशिश की। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और दूसरे पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस और प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी मेले शांतिपूर्ण तरीके से संचालित हो रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है— क्या धार्मिक आयोजनों में व्यापार को लेकर नियम और सीमाएं तय की जानी चाहिए, या फिर यह सभी नागरिकों के समान अधिकार का विषय है?1
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- Post by RN Vishwkarma1