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“कार्यालय में नहीं, सीधे समाधान की चौपाल!” आलमपुर जाफराबाद में ब्लॉक प्रमुख वेद प्रकाश यादव ने जनसुनवाई के दौरान हर शिकायत को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए—जनता को राहत दिलाने की मजबूत पहल। #JanSunwai #PublicVoice #ActionMode #AlampurJafrabad #UPNews #LocalUpdates #JanSeva #GroundReality
Journalist Aditya Bhardwaj
“कार्यालय में नहीं, सीधे समाधान की चौपाल!” आलमपुर जाफराबाद में ब्लॉक प्रमुख वेद प्रकाश यादव ने जनसुनवाई के दौरान हर शिकायत को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए—जनता को राहत दिलाने की मजबूत पहल। #JanSunwai #PublicVoice #ActionMode #AlampurJafrabad #UPNews #LocalUpdates #JanSeva #GroundReality
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कासगंज के प्रेमी युगल ने कछला गंगा तट पर पहुंच कर खाया जहर, परिजन कर रहे थे प्रेम प्रसंग का विरोध उझानी,(बदायूं)। कासगंज जिले के थाना सहावर क्षेत्र निवासी नाबालिग प्रेमी युगल ने परिजनों के विरोध के परिणाम स्वरूप कछला स्थित गंगा तट पर पहुंच कर कीड़े मारने वाली दवा का सेवन कर लिया। जब दोनों अचेत हो गए तब घाट पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दोनों को उझानी अस्पताल भेजा जहां से दोनों की हालत को देखते हुए मेडीकल कालेज रैफर कर दिया गया। दोनों शादी करने की जिद पर अड़े हुए थे। इलाज के दौरान भी प्रेमी युगल ने कहा कि वह एक दूसरे से अलग नही रह सकते है। गुरूवार की शाम करीब छह बजे कासगंज जिले के थाना सहावर क्षेत्र का एक नाबालिग प्रेमी युगल अपने घर को छोड़ कर मरने के इरादे से निकल पड़े। किशोर की माने तब उसने अपने क्षेत्र से कीड़े मारने वाली दवा खरीदी और फिर कछला स्थित गंगा घाट पर पहुंच गए। दोनों काफी देर तक पुल पर टहलते रहे फिर घाट पर पहुंच कर दोनों ने दवा का सेवन कर लिया। बताते हैं कि जब दोनों बेहोश होकर गिर पड़े तब घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों का ध्यान दोनों की ओर गया फिर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। बताते हैं कि इस बीच किसी तरह से सूचना पाकर उनका एक रिश्तेदार भी वहां पहुंच गया तब दोनों को उझानी सीएचसी भेजा गया। बताते हैं कि अस्पताल में डाक्टर ने दोनों की हालत को देखते हुए मेडीकल कालेज इलाज के लिए रैफर कर दिया। बताते हैं कि दोनों में पिछले काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था जिसका विरोध दोनों के परिजन करते थे। परिजनों के विरोध के चलते दोनांे ने अपना घर छोड़ कर आत्मघाती कदम उठा लिया गनीमत रही कि घाट पर लोगों की नजर पड़ गई और दोनों को समय पर इलाज मिल गया।1
- Post by Avdhesh Kumar1
- Post by Anshu Kumar Press1
- बदायूं नगर के भगवान परशुराम इंटर कॉलेज, नेकपुर में चल रहे भव्य श्रीराम कथा महोत्सव के आठवें दिन कथा का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। कथा वाचक रवि महाराज समदर्शी ने भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े अत्यंत मार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। रवि महाराज समदर्शी के मुखारविंद से निकली कथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, मर्यादा और धर्म के संदेश को अत्यंत सरल और भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया गया। कथा के दौरान कई प्रसंगों ने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं और पूरा पंडाल "जय श्रीराम" के उद्घोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने भक्ति भाव से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर व्यवस्था भी सुचारू रही और भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।श्रीराम कथा महोत्सव का यह आयोजन क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता और आस्था का केंद्र बना हुआ है। उत्तर प्रदेश की छोटी बड़ी खबर देखने केलिए चैनल को लाइक शेयर व सब्सक्राइब करें और ब्लैक एंड घंटी जरूर दबाए जिससे उत्तर प्रदेश की कोई खबर छूट न जाए जनपद न्यूज़ 24 यूपी1
- Post by शाहबुद्दीन1
- संजय नगर रोड पर भीड़ भाड़ वाले इलाके में शराब भट्टी होने की वजह से आए दिन जाम लगता है वही मारपीट जैसी घटना भी होती रहती हैं1
- Post by Anshu Kumar Press1
- Post by Avdhesh Kumar1
- चैत्र नवरात्रि में लगी श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ नवरात्रि के दिनों में वैसे तो सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रहती है लेकिन बरेली के नेकपुर में मां ललिता देवी के प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है. मां ललिता देवी के मंदिर में बरेली ही नहीं बरेली के आसपास के रहने वाले भक्त भी आकर पूजा अर्चना करते हैं और मां से मन्नत मांगते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को चेचक जैसी बीमारी हो जाती है तो मां ललिता देवी के मंदिर से मिलने वाला जल पीने मात्र से उसकी चेचक की बीमारी दूर हो जाती है. इसलिए दूर-दूर से लोग मां ललिता देवी के मंदिर में अपनी चेचक की बीमारी को दूर करने के लिए जल लेने आते हैं. बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के नेकपुर इलाके में मां ललिता देवी का प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि ललिता देवी का मंदिर बनने से पहले नेकपुर इलाके में चेचक जैसी बीमारी से काफी लोग ग्रस्त हो गए थे. तब बदायूं के रहने वाले एक जमींदार को सपने में मां ललिता देवी ने दर्शन देकर कहा था कि नेकपुर में बने कुएं में उनकी मूर्ति है. उसकी खुदाई कर उसकी पूजा अर्चना करेंगे तो चेचक जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाएगी. बताया जाता है कि इसके बाद जमींदार ने कुएं की खुदाई कराके मां ललिता देवी की मूर्ति को बाहर निकाला और फिर पूजा अर्चना शुरू की. इसके बाद इलाके में फैली बीमारियां दूर होने लगी तभी से मां ललिता देवी के प्रति लोगों की आस्था और सिद्धि बढ़ती चली गई और लोगों की मां ललिता देवी की प्रति आस्था बढ़ गई.1