चैत्र नवरात्रि में लगी श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ नवरात्रि के दिनों में वैसे तो सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रहती है लेकिन बरेली के नेकपुर में मां ललिता देवी के प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है. मां ललिता देवी के मंदिर में बरेली ही नहीं बरेली के आसपास के रहने वाले भक्त भी आकर पूजा अर्चना करते हैं और मां से मन्नत मांगते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को चेचक जैसी बीमारी हो जाती है तो मां ललिता देवी के मंदिर से मिलने वाला जल पीने मात्र से उसकी चेचक की बीमारी दूर हो जाती है. इसलिए दूर-दूर से लोग मां ललिता देवी के मंदिर में अपनी चेचक की बीमारी को दूर करने के लिए जल लेने आते हैं. बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के नेकपुर इलाके में मां ललिता देवी का प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि ललिता देवी का मंदिर बनने से पहले नेकपुर इलाके में चेचक जैसी बीमारी से काफी लोग ग्रस्त हो गए थे. तब बदायूं के रहने वाले एक जमींदार को सपने में मां ललिता देवी ने दर्शन देकर कहा था कि नेकपुर में बने कुएं में उनकी मूर्ति है. उसकी खुदाई कर उसकी पूजा अर्चना करेंगे तो चेचक जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाएगी. बताया जाता है कि इसके बाद जमींदार ने कुएं की खुदाई कराके मां ललिता देवी की मूर्ति को बाहर निकाला और फिर पूजा अर्चना शुरू की. इसके बाद इलाके में फैली बीमारियां दूर होने लगी तभी से मां ललिता देवी के प्रति लोगों की आस्था और सिद्धि बढ़ती चली गई और लोगों की मां ललिता देवी की प्रति आस्था बढ़ गई. चैत्र नवरात्रि में लगी श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ नवरात्रि के दिनों में वैसे तो सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रहती है लेकिन बरेली के नेकपुर में मां ललिता देवी के प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है. मां ललिता देवी के मंदिर में बरेली ही नहीं बरेली के आसपास के रहने वाले भक्त भी आकर पूजा अर्चना करते हैं और मां से मन्नत मांगते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को चेचक जैसी बीमारी हो जाती है तो मां ललिता देवी के मंदिर से मिलने वाला जल पीने मात्र से उसकी चेचक की बीमारी दूर हो जाती है. इसलिए दूर-दूर से लोग मां ललिता देवी के मंदिर में अपनी चेचक की बीमारी को दूर करने के लिए जल लेने आते हैं. बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के नेकपुर इलाके में मां ललिता देवी का प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि ललिता देवी का मंदिर बनने से पहले नेकपुर इलाके में चेचक जैसी बीमारी से काफी लोग ग्रस्त हो गए थे. तब बदायूं के रहने वाले एक जमींदार को सपने में मां ललिता देवी ने दर्शन देकर कहा था कि नेकपुर में बने कुएं में उनकी मूर्ति है. उसकी खुदाई कर उसकी पूजा अर्चना करेंगे तो चेचक जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाएगी. बताया जाता है कि इसके बाद जमींदार ने कुएं की खुदाई कराके मां ललिता देवी की मूर्ति को बाहर निकाला और फिर पूजा अर्चना शुरू की. इसके बाद इलाके में फैली बीमारियां दूर होने लगी तभी से मां ललिता देवी के प्रति लोगों की आस्था और सिद्धि बढ़ती चली गई और लोगों की मां ललिता देवी की प्रति आस्था बढ़ गई.
चैत्र नवरात्रि में लगी श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ नवरात्रि के दिनों में वैसे तो सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रहती है लेकिन बरेली के नेकपुर में मां ललिता देवी के प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है. मां ललिता देवी के मंदिर में बरेली ही नहीं बरेली के आसपास के रहने वाले भक्त भी आकर पूजा अर्चना करते हैं और मां से मन्नत मांगते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को चेचक जैसी बीमारी हो जाती है तो मां ललिता देवी के मंदिर से मिलने वाला जल पीने मात्र से उसकी चेचक की बीमारी दूर हो जाती है. इसलिए दूर-दूर से लोग मां ललिता देवी के मंदिर में अपनी चेचक की बीमारी को दूर करने के लिए जल लेने आते हैं. बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के नेकपुर इलाके में मां ललिता देवी का प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि ललिता देवी का मंदिर बनने से पहले नेकपुर इलाके में चेचक जैसी बीमारी से काफी लोग ग्रस्त हो गए थे. तब बदायूं के रहने वाले एक जमींदार को सपने में मां ललिता देवी ने दर्शन देकर कहा था कि नेकपुर में बने कुएं में उनकी मूर्ति है. उसकी खुदाई कर उसकी पूजा अर्चना करेंगे तो चेचक जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाएगी. बताया जाता है कि इसके बाद जमींदार ने कुएं की खुदाई कराके मां ललिता देवी की मूर्ति को बाहर निकाला और फिर पूजा अर्चना शुरू की. इसके बाद इलाके में फैली बीमारियां दूर होने लगी तभी से मां ललिता देवी के प्रति लोगों की आस्था और सिद्धि बढ़ती चली गई और लोगों की मां ललिता देवी की प्रति आस्था बढ़ गई. चैत्र नवरात्रि में लगी श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ नवरात्रि के दिनों में वैसे तो सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रहती है लेकिन बरेली के नेकपुर में मां ललिता देवी के प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है. मां ललिता देवी के मंदिर में बरेली ही नहीं बरेली के आसपास के रहने वाले भक्त भी आकर पूजा अर्चना करते हैं और मां से मन्नत मांगते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को चेचक जैसी बीमारी हो जाती है तो मां ललिता देवी के मंदिर से मिलने वाला जल पीने मात्र से उसकी चेचक की बीमारी दूर हो जाती है. इसलिए दूर-दूर से लोग मां ललिता देवी के मंदिर में अपनी चेचक की बीमारी को दूर करने के लिए जल लेने आते हैं. बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के नेकपुर इलाके में मां ललिता देवी का प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि ललिता देवी का मंदिर बनने से पहले नेकपुर इलाके में चेचक जैसी बीमारी से काफी लोग ग्रस्त हो गए थे. तब बदायूं के रहने वाले एक जमींदार को सपने में मां ललिता देवी ने दर्शन देकर कहा था कि नेकपुर में बने कुएं में उनकी मूर्ति है. उसकी खुदाई कर उसकी पूजा अर्चना करेंगे तो चेचक जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाएगी. बताया जाता है कि इसके बाद जमींदार ने कुएं की खुदाई कराके मां ललिता देवी की मूर्ति को बाहर निकाला और फिर पूजा अर्चना शुरू की. इसके बाद इलाके में फैली बीमारियां दूर होने लगी तभी से मां ललिता देवी के प्रति लोगों की आस्था और सिद्धि बढ़ती चली गई और लोगों की मां ललिता देवी की प्रति आस्था बढ़ गई.
- प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर बरेली नगर निगम में अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग में तैनात सफाई नायक देवदास चौहान का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को तत्काल निलंबित कर दिया है। आरोप है कि देवदास चौहान ने एक गरीब व्यक्ति को आवास दिलाने का झांसा देकर पैसे वसूले। इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी को नियुक्त किया गया है। आयुक्त ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जांच में अन्य कर्मचारी भी दोषी पाए गए, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो में कुछ अन्य कर्मचारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिससे नगर निगम के कई लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है।1
- Post by Avdhesh Kumar1
- Post by Anshu Kumar Press1
- Post by शाहबुद्दीन1
- संजय नगर रोड पर भीड़ भाड़ वाले इलाके में शराब भट्टी होने की वजह से आए दिन जाम लगता है वही मारपीट जैसी घटना भी होती रहती हैं1
- चैत्र नवरात्रि में लगी श्रद्धालुओं की मंदिर में भीड़ नवरात्रि के दिनों में वैसे तो सभी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ रहती है लेकिन बरेली के नेकपुर में मां ललिता देवी के प्राचीन मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है. मां ललिता देवी के मंदिर में बरेली ही नहीं बरेली के आसपास के रहने वाले भक्त भी आकर पूजा अर्चना करते हैं और मां से मन्नत मांगते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को चेचक जैसी बीमारी हो जाती है तो मां ललिता देवी के मंदिर से मिलने वाला जल पीने मात्र से उसकी चेचक की बीमारी दूर हो जाती है. इसलिए दूर-दूर से लोग मां ललिता देवी के मंदिर में अपनी चेचक की बीमारी को दूर करने के लिए जल लेने आते हैं. बरेली के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के नेकपुर इलाके में मां ललिता देवी का प्राचीन मंदिर है. बताया जाता है यह मंदिर लगभग 300 वर्ष पुराना है. कहा जाता है कि ललिता देवी का मंदिर बनने से पहले नेकपुर इलाके में चेचक जैसी बीमारी से काफी लोग ग्रस्त हो गए थे. तब बदायूं के रहने वाले एक जमींदार को सपने में मां ललिता देवी ने दर्शन देकर कहा था कि नेकपुर में बने कुएं में उनकी मूर्ति है. उसकी खुदाई कर उसकी पूजा अर्चना करेंगे तो चेचक जैसी गंभीर बीमारी ठीक हो जाएगी. बताया जाता है कि इसके बाद जमींदार ने कुएं की खुदाई कराके मां ललिता देवी की मूर्ति को बाहर निकाला और फिर पूजा अर्चना शुरू की. इसके बाद इलाके में फैली बीमारियां दूर होने लगी तभी से मां ललिता देवी के प्रति लोगों की आस्था और सिद्धि बढ़ती चली गई और लोगों की मां ललिता देवी की प्रति आस्था बढ़ गई.1
- किला थाना क्षेत्र के बाकरगंज के रहने वाले युवक की फाइनेंस कंपनी वालों ने बाइक छीन ली मामले की शिकायत उसने थाना पुलिस से भी की लेकिन थाना पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं कि पूरे मामले की शिकायत एसएसपी बरेली कार्यालय पहुंचकर की गई है वहीं थाना पुलिस के मामले में जांच के बाद कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।1
- Post by Anshu Kumar Press1