फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT (विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।
फालना पुलिस थाना क्षेत्र के खुडाला निवासी इंदर सिंह राजपुरोहित का अंतिम संस्कार आज देर शाम फालना के श्मशान घाट में हुआ। इंदर सिंह, जिन्हें इंद्रजीत सिंह भी बताया गया है, 8 मई को गुमशुदा हुए थे और 11 मई को उनके भाई ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी खोजबीन के बाद, 19 मई को, यानी लापता होने के 11 दिन बाद, उनका शव एक खेत में मिला था। शव मिलने के बाद, समाज बंधुओं ने हत्या की आशंका जताते हुए शव लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से हुई कई दौर की वार्ता भी सफल नहीं हो पाई, जिसके चलते रविवार को सुबह से ही आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में फालना पुलिस थाने पर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों के विरोध के बाद, प्रशासन दो मुख्य बातों पर सहमत हुआ: पहला, री-पोस्टमार्टम होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा; और दूसरा, मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय SIT
(विशेष जांच दल) गठित की जाएगी। इस सहमति के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। आज बांगड़ कॉलेज में पाँच डॉक्टरों की एक टीम द्वारा मेडिकल बोर्ड से फिर से पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद परिवार को शव सौंपा गया। इस दौरान सांडेराव और फालना की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। परिवार ने, शव मिलने के 5 दिन बाद, उसका अंतिम संस्कार किया। राजस्थान प्रदेश राजपुरोहित महासभा के अध्यक्ष गब्बर सिंह राजपुरोहित ने बताया कि प्रशासन के साथ कल जो सहमति बनी थी, उसके तहत आज री-पोस्टमार्टम हो गया है और इंद्रजीत का अंतिम संस्कार किया गया है। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन से लगातार संपर्क में रहने की बात कही। वहीं, थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने पुष्टि की कि धरने में बनी सहमति के अनुसार आज मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार को सौंप दिया गया है, और परिवार ने अंतिम संस्कार किया है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कार्रवाई जारी है।
- राज्य सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत गंगा दशमी के पावन अवसर पर सोमवार, 25 मई को सुमेरपुर में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य आमजन को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। अभियान के पहले दिन सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जबकि शाम को कस्बे के मुख्य तालाब सिंपल पर तालाब पूजन, दीप प्रज्वलन, श्रमदान और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में नगर पालिका कर्मियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में नगरवासियों ने हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, नगर के विभिन्न स्थानों पर रंगोली बनाकर भी जल बचाने का संदेश दिया गया। उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार ने इस अवसर पर “जल ही जीवन है” के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से वर्षा जल संचयन अपनाने, पानी का आवश्यकतानुसार उपयोग करने और जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संतुलन, जल के सदुपयोग और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। इस दौरान ईओ नरपत सिंह राजपुरोहित, विकास अधिकारी प्रमोद दवे सहित स्थानीय नागरिक और नगर पालिका कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण के प्रति व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है।4
- सिरोही जिले के पिंडवाड़ा नगर पालिका क्षेत्र में साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर आमजन में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने, पोस्ट ऑफिस के पास स्थित क्षेत्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहाँ पहले नाला था, जिसे तोड़कर कई बार नई नालियाँ बनाई गईं, लेकिन आज तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये के टेंडर जारी होने के बावजूद सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नालियों की नियमित सफाई न होने के कारण गंदा पानी जमा रहता है और आसपास लगातार दुर्गंध फैल रही है, जिससे आमजन को आवाजाही में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो आखिर जमीनी स्तर पर सफाई कौन करेगा। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन केवल निर्माण कार्यों तक ही सीमित है, जबकि रखरखाव और सफाई पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा। क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।3
- सोमवार को सिरोही जिले के सरूपगंज थाना क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। आबूरोड से पिंडवाड़ा की ओर जा रही एक कार और ट्रक के बीच चलते दौरान जोरदार टक्कर हो गई। यह भिड़ंत इतनी भीषण थी कि कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में कार में सवार दो लोग बाल-बाल बच गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। सूचना मिलते ही सरूपगंज थाना पुलिस और नेशनल हाईवे की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- राजसमंद में दो दिवसीय मध्य प्रदेश राजस्थान केसरी कुश्ती दंगल की शुरुआत हुई है। इस उद्घाटन समारोह में राजसमंद विधायक दिप्ती माहेश्वरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवकीनंदन गुर्जर सहित खेल जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियाँ, प्रतियोगिता में भाग लेने आए पहलवान और स्थानीय खेल प्रेमी उपस्थित रहे। केसरी कुश्ती दंगल के आयोजनकर्ता शिवा जाट ने बताया कि यह प्रतियोगिता प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है और इस वर्ष के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस दंगल में राजस्थान और मध्य प्रदेश के नामी गिरामी पहलवान अपना खेल कौशल दिखाने के लिए राजसमंद पहुँचे हैं।1
- पाली में, जैन समाज ने पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपकर रीवा में हुई सड़क दुर्घटना के दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। यह दुर्घटना आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यिका श्री 105 उपशममति माताजी एवं आर्थिका श्री 105 श्रुतमति माताजी के देवलोकगमन का कारण बनी थी। जैन समाज ने इस गंभीर मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ-साथ संत समाज को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाने के लिए सुरक्षा प्रदान करने की भी पुरजोर मांग की है।1
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल और नंदलाल पुरबिया ने गंगा दशहरा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं। इस संदेश में चारभुजा नाथ, सांवरिया सेठ और भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए 'बम बम भोले' का उद्घोष भी किया गया है। यह शुभकामना संदेश जनहित में प्रसारित किया गया है।4
- फालना रानी मुख्य सड़क मार्ग पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गड्ढे में जा गिरी। यह घटना धणी से आगे हुई, जिसमें सौभाग्य से किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। जानकारी के अनुसार, रानी से खुडाला की ओर आ रही यह कार घणी के पास अचानक असंतुलित हो गई। इसके बाद कार सड़क से नीचे उतरकर किनारे बने एक गड्ढे में धंस गई। गनीमत रही कि कार पलटी नहीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, हालांकि कार में सवार लोगों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।1
- गंगा दशमी के अवसर पर सोमवार, 25 मई को राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत तखतगढ़ में “वंदे गंगा जल संरक्षण जन-अभियान 2026” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के अंतर्गत 25 मई से 5 जून तक विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नगर पालिका प्रशासन की ओर से यह विशेष कार्यक्रम गंवाई तालाब स्थित रावण चौक के घाट संख्या-1 पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम में नगर पालिका के निवर्तमान अध्यक्ष ललित रांकावत, निवर्तमान उपाध्यक्ष मनोज नामा, अधिशासी अधिकारी मगराज चौधरी, कार्यालय सहायक रतनलाल सांखला और कनिष्ठ अभियंता आकाश गोमतीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, कर्मचारी तथा नरेगा श्रमिक उपस्थित थे। आयोजन की शुरुआत तालाब घाट पर जल देवता की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने नारियल चढ़ाकर सरोवर की आरती की और जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। अभियान के तहत अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सभी को जल संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण बचाने की शपथ भी दिलाई। इस दौरान घाट परिसर में साफ-सफाई कर श्रमदान किया गया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बाद में, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नाव के माध्यम से पवित्र सरोवर का भ्रमण किया और जल संरक्षण के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में “जल है तो कल है” का संदेश देते हुए आमजन से वर्षा जल संचयन एवं जल बचत में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।4
- सोमवार को आबूरोड के लुनियापुरा स्थित डीएफसी रेलवे ट्रैक के पास अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती देख रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया और तुरंत नगर पालिका फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग पर नियंत्रण होने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस अभियान में फायर कर्मी मोहम्मद युनुस, चिराग परिहार, अरुण चांवरिया, कमलेश मारू और नवीन कुमार की अहम भूमिका रही, जिनकी तत्परता और मेहनत से आग को फैलने से रोका जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।1