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सालोन बी अस्पताल पर डिलीवरी के बाद परिजनों से रुपए मांगने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत किए जाने के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया। स्टाफ के अनुपस्थित रहने के कारण, भीषण गर्मी में नवजात शिशु और उसकी माँ को बिना किसी देखभाल के ही पड़े रहना पड़ा।
Shahid Qureshi
सालोन बी अस्पताल पर डिलीवरी के बाद परिजनों से रुपए मांगने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत किए जाने के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया। स्टाफ के अनुपस्थित रहने के कारण, भीषण गर्मी में नवजात शिशु और उसकी माँ को बिना किसी देखभाल के ही पड़े रहना पड़ा।
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- दतिया सिविल लाइन पुलिस ने एक कार्रवाई के तहत जुआरियों की बारात निकाली है। पुलिस ने इन जुआरियों को बम बम महादेव चौराहे पर सार्वजनिक रूप से परेड भी करवाई।1
- दतिया शहर के पटवारी गार्डन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक कार्यकर्ता सम्मेलन और महाभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी दर्ज की गई। सम्मेलन को संबोधित करते हुए, डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ बताया और संगठन को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार जनहित और विकास के कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, तथा पार्टी की लगातार प्रगति कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत का ही परिणाम है। सम्मेलन के दौरान आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियान को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। कार्यक्रम का समापन एक भव्य महाभोज के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। पूरे आयोजन में उत्साह और जोश का माहौल देखने को मिला।1
- दतिया शहर में हो रहे विकास कार्य अब निवासियों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में, रेलवे द्वारा बनाई जा रही बाउंड्री को रोकने की मांग को लेकर शहर की लगभग दस कॉलोनियों और रामनगर डेरा के सैकड़ों निवासी न्यू कलेक्ट्रेट पहुँचे। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया, आरोप लगाया कि रेलवे विभाग रास्ता बंद कर रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मार्ग आजादी के समय से ही आम रास्ते के रूप में उपयोग किया जा रहा है और यह उनके दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत गांव तक सड़क का निर्माण भी इसी मार्ग पर किया गया था। निवासियों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि यह रास्ता बंद होता है, तो हजारों लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से, स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और ग्रामीणों को लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुँचना पड़ेगा। इन सभी परेशानियों को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए रेलवे की बाउंड्री निर्माण कार्य पर तुरंत रोक लगाई जाए और लोगों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1
- दतिया शहर के वार्ड क्रमांक-01 स्थित आदिवासी डेरा शनिवार को जंगल से उठी भीषण आग की चपेट में आ गया, जिससे देखते ही देखते लगभग 12 घर जलकर राख हो गए। आग इतनी भयावह थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घरों में रखा राशन, कपड़े, नकदी, जरूरी दस्तावेज और वर्षों की गृहस्थी कुछ ही देर में नष्ट हो गई। इस विनाशकारी आग ने कई परिवारों की कमर तोड़ दी है। विकलांग माया आदिवासी ने बताया कि उसकी बेटी की शादी तय है और वह कई वर्षों से शादी के लिए धीरे-धीरे पैसा और सामान जुटा रही थी, लेकिन आग ने सब कुछ खत्म कर दिया। रोते हुए माया ने कहा कि अब उसके पास बेटी की शादी के लिए कुछ नहीं बचा। बलवंत आदिवासी के अनुसार, शनिवार दोपहर पहले जंगल में आग लगी थी, जो तेज हवा के कारण डेरा और मकानों तक फैल गई। इस त्रासदी में पिंजरों में बंद कई पक्षी भी जिंदा जल गए। घटना के बाद राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद न तो डायल 112 समय पर पहुंची और न ही दमकल की टीम। उनके मुताबिक, दमकल रात करीब 10 बजे मौके पर पहुंची, जब तक आग बस्ती में भीषण तबाही मचा चुकी थी। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन पानी और संसाधनों की कमी के कारण वे सफल नहीं हो सके। क्षेत्र में बिजली न होने के कारण निजी बोरवेल भी चालू नहीं हो पाए, जिससे आग बुझाने में और भी मुश्किलें आईं। रविवार सुबह भी कई घरों में आग सुलग रही थी, और लोग जले हुए मकानों के बीच अपने सामान के अवशेष तलाशते दिखे। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है, उनका कहना है कि यदि समय रहते दमकल और पुलिस पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था। फिलहाल, प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और शासन-प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं।1
- 'मुद्दा बुंदेलखंड का समाचार' एक हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र है। यह प्रकाशन बुंदेलखंड क्षेत्र से संबंधित समाचारों पर केंद्रित है।1
- दतिया के भांडेर विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सालोंन बी में आज रविवार को एक ग्रामीण महिला की डिलीवरी होने पर अस्पताल स्टाफ ने नाल काटने के लिए तीन हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि पैसे न मिलने पर पूरा स्वास्थ्य स्टाफ जच्चा-बच्चा को तड़पता छोड़कर अपने-अपने घरों को चला गया। इस घटना के बाद पीड़ित ने सी.एम. हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के अनुसार, इमलिया निवासी नारायण सिंह माहौर अपनी 26 वर्षीय पत्नी तनुजा माहौर की डिलीवरी कराने रविवार सुबह 9 बजे सालोंन बी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। दोपहर 12 बजे तनुजा ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसके बाद वहां पदस्थ नर्स ने नाल काटने के एवज में तीन हजार रुपये मांगे। प्रसूता के पति नारायण सिंह ने जब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, तो अस्पताल का स्टाफ नाराज होकर अपने घर चला गया। इस भीषण गर्मी में जच्चा-बच्चा चार घंटे तक अस्पताल में पड़े रहे, जहां वार्डबॉय से लेकर स्टाफ नर्स और डॉक्टर कोई मौजूद नहीं था। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत सुनने के कुछ समय बाद ही अस्पताल स्टाफ ने वापस आकर प्रसूता की नाल काटी। हितग्राही ने आरोप लगाया कि सालोंन बी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गर्मी से बचाव के लिए कूलर-पंखा की उचित व्यवस्था न होने के कारण जच्चा-बच्चा दोनों की जान को खतरा बना रहा। उन्होंने यह भी कहा कि सालोंन बी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की देखभाल को लेकर हर रोज ऐसी ही खराब हालत बनी रहती है। इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सालोंन बी के प्रभारी डॉ. अरविंद परिहार ने बताया कि वे दो दिन के अवकाश पर हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर उनके स्वास्थ्य केंद्र पर किसी स्टाफ द्वारा डिलीवरी के नाम पर पैसे की मांग की गई है या कार्य में लापरवाही की गई है, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।1
- रीवा क्षेत्र में जैन समाज की संत माता जी के साथ हुई एक दुर्घटना के बाद, जैन समाज ने खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। बबीना से दैनिक जागरण प्रेस के वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानचंद जैन ने यह ज्ञापन दिए जाने के बाद अपनी बात रखी है, जिसके बाद इस बात पर ध्यान केंद्रित हो गया है कि उन्होंने क्या कहा।1
- दतिया जिले के थाना कोतवाली पुलिस ने अवैध ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फिल्टर क्षेत्र स्थित एक मकान में कुछ व्यक्ति ऑनलाइन माध्यम से आईपीएल/क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना कोतवाली की पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहाँ अनुभव शर्मा और कप्तान वाल्मीकि नामक आरोपियों को ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों में संलिप्त पाया गया। पुलिस द्वारा मौके से 09 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के 27 सिम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और ऑनलाइन लेनदेन से संबंधित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की गई। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये का लेनदेन करते हुए सट्टा संचालित कर रहे थे। उक्त प्रकरण में थाना कोतवाली दतिया में अपराध क्रमांक 281/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5), सार्वजनिक जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस ऑनलाइन लेनदेन तथा इस मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत जांच कर रही है। इस सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक धीरेंद्र मिश्रा, उप निरीक्षक अंशुल अरोरा, उप निरीक्षक विवेक राय, प्रधान आरक्षक बृजमोहन उपाध्याय, आरक्षक हेमंत प्रजापति, आरक्षक अरविंद रावत, आरक्षक 698 रविंद्र यादव और आरक्षक 298 रविंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1