सीएचसी रामकोला में तानाशाही सवाल पूछने पर पत्रकार से अभद्रता स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खबर का असर संवाददाता कुशीनगर।सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद कुशीनगर के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।जनहित से जुड़े मुद्दों की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार को उस समय अपमानित होना पड़ा, जब उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए। आरोप है कि जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने लगे।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक पत्रकार, जो जनता की आवाज उठाने का काम करता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा? यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और सिस्टम में व्याप्त मनमानी व जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर सत्ता और सिस्टम की ढाल में मामला दबा दिया जाएगा? सीएचसी रामकोला में तानाशाही सवाल पूछने पर पत्रकार से अभद्रता स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खबर का असर संवाददाता कुशीनगर।सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद कुशीनगर के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।जनहित से जुड़े मुद्दों की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार को उस समय अपमानित होना पड़ा, जब उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए। आरोप है कि जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने लगे।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक पत्रकार, जो जनता की आवाज उठाने का काम करता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा? यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और सिस्टम में व्याप्त मनमानी व जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर सत्ता और सिस्टम की ढाल में मामला दबा दिया जाएगा?
सीएचसी रामकोला में तानाशाही सवाल पूछने पर पत्रकार से अभद्रता स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खबर का असर संवाददाता कुशीनगर।सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद कुशीनगर के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।जनहित से जुड़े मुद्दों की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार को उस समय अपमानित होना पड़ा, जब उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए। आरोप है कि जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने लगे।सबसे बड़ा सवाल
यह है कि जब एक पत्रकार, जो जनता की आवाज उठाने का काम करता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा? यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और सिस्टम में व्याप्त मनमानी व जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर सत्ता और सिस्टम की ढाल में मामला दबा दिया
जाएगा? सीएचसी रामकोला में तानाशाही सवाल पूछने पर पत्रकार से अभद्रता स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खबर का असर संवाददाता कुशीनगर।सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद कुशीनगर के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।जनहित से जुड़े मुद्दों की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार को उस समय अपमानित होना पड़ा, जब उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए। आरोप है कि जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने लगे।सबसे बड़ा सवाल यह
है कि जब एक पत्रकार, जो जनता की आवाज उठाने का काम करता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा? यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और सिस्टम में व्याप्त मनमानी व जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर सत्ता और सिस्टम की ढाल में मामला दबा दिया जाएगा?
- यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन कुशीनगर के बैनर तले पडरौना में परिषदीय शिक्षकों ने पडरौना सुभाष चौक से आंबेडकर प्रतिमा तक मशाल जुलूस निकाला। टेट से छूट की मांग कर रहे शिक्षकों ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया।1
- खड्डा रेलवे स्टेशन रोड से कट जाता है वार्ड नंबर 4 और 51
- Post by Pk गौरीशंकर गुप्ता आई कैन न्यू1
- ₹49 के एग्जाम में पास करें और पाएं 1 साल की मुफ्त पढ़ाई – सचिन स्टडी सेंटर का खास ऑफर छात्रों के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। *सचिन स्टडी सेंटर* ने एक खास पहल शुरू की है, जिसके तहत मात्र ₹49 में एक छोटा सा एग्जाम आयोजित किया जाएगा। इस एग्जाम में सफल होने वाले छात्रों को पूरे 1 साल तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। संस्थान का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। पहले भी कई छात्रों ने यहां से पढ़कर अच्छे परिणाम हासिल किए हैं, और अब यह नया ऑफर छात्रों के लिए सुनहरा मौका बन सकता है। संस्थान की ओर से छात्रों से अपील की गई है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और एक बार *सचिन स्टडी सेंटर* पर भरोसा करके देखें। यह पहल खास तौर पर उन छात्रों के लिए मददगार साबित हो सकती है जो अच्छी कोचिंग की तलाश में हैं लेकिन आर्थिक कारणों से पीछे रह जाते हैं।1
- शिक्षा अधिकार अधिनियम लागू होने के पूर्व सेवारत शिक्षकों को टेट से मुक्त कराने के लिए शिक्षक संगठन यूटा के प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेंद्र सिंह राठौर ने मशाल जुलूस निकाल कर प्रदेश व्यापी आंदोलन का आह्वान किया । इसी क्रम में जनपद कुशीनगर यूटा के पदाधिकारियों ने हाथ में मशाल थाम सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने सुभाष चौक पडरौना से अबेडकर चौक कटकुईया तक विशाल मशाल जुलूस निकाल टेट वापस लो काला कानून वापस लो की नारेबाजिया की। हाथ में मशाल थाम शिक्षकों के माथे पर चिंता की लकीरें थी और मुंह में शिक्षक एकता जिंदाबाद के नारे लगे। इस दौरान यूटा गोरखपुर मण्डल अध्यक्ष विनय प्रकाश सिंह सिसोदिया ने मशाल जुलूस का हौसला अफजाई किया माणेन्द्र तिवारी कार्यकारी अध्यक्ष बिशनपुर इंद्रजीत मणि त्रिपाठी राजीव कुपाध्याय पंकज यादव' जनार्धन यादव अवधेश प्रसाद कुनील पाल प्रदीप चौधरी आखिलेश मिश्रा T.S.CT शिव कुमार चौधरी रामायण प्रसाद मिथिलेश कुमार उपाध्यक्ष यूटा बिशनपुरा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा और जिलामंत्री सुबोध शुक्ला के संयुक्त नेतृत्व में यूटा पदाधिकारी बीर बहादुर अनंत सिंह रामेश्वर गुप्ता आनंद कुमार विष्णु कुशवाहा शारदा कुशवाहा राकेश प्रसाद रमेश वर्मा राघवेंद्र वर्मा नियाज़ अहमद दयानाथ गुप्ता मिथिलेश पंकज यादव सुनील पाल अमरदीप शुक्ला अखिलेश मिश्रा अनवर सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। मशाल जुलूस में उपस्थिति दर्ज कराकर आवाज बुलन्द करने के लिए समस्त शिक्षकों को संगठन यूटा सादर आभार व्यक्त करता है।4
- सीएचसी रामकोला में तानाशाही सवाल पूछने पर पत्रकार से अभद्रता स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खबर का असर संवाददाता कुशीनगर।सरकार भले ही स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। जनपद कुशीनगर के रामकोला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में जो हुआ, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।जनहित से जुड़े मुद्दों की पड़ताल करने पहुंचे एक पत्रकार को उस समय अपमानित होना पड़ा, जब उन्होंने अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठाए। आरोप है कि जिम्मेदारी निभाने के बजाय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपना आपा खो बैठे और पत्रकार के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए दुर्व्यवहार करने लगे।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब एक पत्रकार, जो जनता की आवाज उठाने का काम करता है, उसके साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा? यह घटना स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और सिस्टम में व्याप्त मनमानी व जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।पीड़ित पत्रकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है।अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं क्या जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई होगी या फिर सत्ता और सिस्टम की ढाल में मामला दबा दिया जाएगा?4
- भाजपा नेता की हत्या पर चौहान समाज में उबाल कुशीनगर में चौहान समाज का प्रदर्शन, सीबीआई जांच, मुआवजा व नौकरी की मांग, मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम की अनुपस्थिति में कलेक्ट्रेट प्रभारी को सौंपा कुशीनगर। गोरखपुर निवासी भाजपा नेता व पूर्व पार्षद स्व० राजकुमार चौहान की निर्मम हत्या को लेकर जनपद में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को चौहान समाज के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में कलेक्ट्रेट प्रभारी राजेश लाल श्रीवास्तव को सौंपा और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि 17 मार्च 2026 को राजकुमार चौहान की नृशंस हत्या कर दी गई, जिससे पूरे चौहान समाज में गहरा शोक और रोष व्याप्त है। समाज के लोगों ने मांग की कि इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। चौहान समाज ने अपनी प्रमुख मांगों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा परिजनों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग शामिल की है। इस दौरान चौहान समाज के जिला अध्यक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री के गृह जनपद में दिनदहाड़े इस तरह की हत्या होना और अब तक मुख्य आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा चौहान समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा, और वर्ष 2027 में चौहान समाज अपना निर्णय जरूर बताएगा। समाज के लोगों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन तेज किया जाएगा। साथ ही 24 मार्च 2026 को शाम 4 बजे कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें आर.के. चौहान, फनीश्वर चौहान, लालमन चौहान, महेन्द्र चौहान, अजय कुमार चौहान, संजय चौहान, सुरेन्द्र चौहान, ब्रजेश चौहान, अनुज चौहान, रवि चौहान, पंकज चौहान, पुष्पराज चौहान, सुजीत चौहान, लक्ष्मण चौहान, शेखर चौहान, सत्येन्द्र चौहान, राजन चौहान, विशाल चौहान, दीपक चौहान, रामू चौहान, शैलेन्द्र चौहान, अजीत चौहान, मुन्ना चौहान, केशव चौहान सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।4
- कुशीनगर पडरौना चीनी मिल में अज्ञात कारणों से लगी आग जी हां आपको बता दें कि आज नगर पडरौना के चीनी मिल में अचानक आग लगने से पूरे शहर में सनसनी फैल गई।प्रत्यक्षदर्शियों ने आग लगने के कारणों का पता नहीं बता सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम 5 बजे के करीब अचानक चीनी मिल से धुआं उठने लगी जिसके बाद से हमलोग डर गए और आसपास के लोगों में अफड़ा तफ़ड़ी मच गई।चीनी मिल में आग लगने की घटना सुनते ही पडरौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश तिवारी व कस्बा चौकी प्रभारी वीरेंद्र बहादुर सिंह व रवि सिंह के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंची। मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि चीनी मिल में अज्ञात कारणों आग लगी है और चीनी मिल के अंदर रिक्त स्थानों पर उगे हुए झाड़ियों में आग लगने से किसी तरह का जान मॉल का खतरा नहीं हुआ है। मौके पर फायर बिग्रेड की गाड़ी आ चुकी है और जल्द ही आग को काबू में कर लिया जाएगा।3
- **नारायणी नदी में दर्दनाक हादसा: नाव टकराने से युवक की मौत** कुशीनगर जिले के खड्डा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। मदनपुर सुकरौली के पास नारायणी नदी में नाव टकराने से 34 वर्षीय रुदल की मौत हो गई। मिली जानकारी के अनुसार, रुदल कृषि कार्य से वापस लौट रहे थे और नाव पर सवार थे। इसी दौरान नदी में लगे परक्यू पाइन (लकड़ी के खंभे/बैरिकेड) से नाव टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रुदल के सिर में गंभीर चोट लग गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोट के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा नारायणी नदी में हुआ, जहां अक्सर नाव से आवागमन होता है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने नदी में लगे अवरोधों को हटाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।2