पीलीभीत ब्रेकिंग: खुशियां मातम में बदली, वैक्सीनेशन के बाद 16 घंटे की नवजात की मौत पीलीभीत। जिला महिला चिकित्सालय से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची की जन्म के महज 16 घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन वैक्सीनेशन (टीकाकरण) के बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। घटनाक्रम: चंद घंटों में उजड़ गई मां की गोद भर्ती: मुस्कान नाम की गर्भवती महिला को 5 मार्च की दोपहर 2:00 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जन्म: शाम 7:00 बजे मुस्कान ने एक स्वस्थ और सुंदर बेटी को जन्म दिया। परिवार में जश्न का माहौल था। वैक्सीनेशन: अगले दिन 6 मार्च को नवजात का नियमानुसार टीकाकरण किया गया। दुखद अंत: परिजनों का आरोप है कि वैक्सीन लगते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसने दुनिया को अलविदा कह दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल अस्पताल परिसर में उस समय हर आंख नम हो गई जब बच्ची की नानी बेसुध होकर "उठ जा बेटी, उठ जा बाबू" कहकर विलाप करने लगी। परिजनों का सीधा आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही ने उनकी फूल जैसी बच्ची की जान ले ली। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही ठेका चौकी प्रभारी मनवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। "वैक्सीनेशन के बाद बच्ची की मौत होने की सूचना मिली है। यह मामला गंभीर है और इसकी पूरी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।" — डॉ. राजेश, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन? क्या यह महज एक इत्तेफाक है या फिर वाकई टीकाकरण की प्रक्रिया में कोई बड़ी चूक हुई है? क्या जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा? फिलहाल, इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
पीलीभीत ब्रेकिंग: खुशियां मातम में बदली, वैक्सीनेशन के बाद 16 घंटे की नवजात की मौत पीलीभीत। जिला महिला चिकित्सालय से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक नवजात बच्ची की जन्म के महज 16 घंटे बाद मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी, लेकिन वैक्सीनेशन (टीकाकरण) के बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। घटनाक्रम: चंद घंटों में उजड़ गई मां की गोद भर्ती: मुस्कान नाम की गर्भवती महिला को 5 मार्च की दोपहर 2:00 बजे जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। जन्म: शाम 7:00 बजे मुस्कान ने एक स्वस्थ और सुंदर बेटी को जन्म दिया। परिवार में जश्न का माहौल था। वैक्सीनेशन: अगले दिन 6 मार्च को नवजात का नियमानुसार टीकाकरण किया गया। दुखद अंत: परिजनों का आरोप है कि वैक्सीन लगते ही बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसने दुनिया को अलविदा कह दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल अस्पताल परिसर में उस समय हर आंख नम हो गई जब बच्ची की नानी बेसुध होकर "उठ जा बेटी, उठ जा बाबू" कहकर विलाप करने लगी। परिजनों का सीधा आरोप है कि स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही ने उनकी फूल जैसी बच्ची की जान ले ली। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही ठेका चौकी प्रभारी मनवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। "वैक्सीनेशन के बाद बच्ची की मौत होने की सूचना मिली है। यह मामला गंभीर है और इसकी पूरी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।" — डॉ. राजेश, सीएमएस, जिला महिला चिकित्सालय बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन? क्या यह महज एक इत्तेफाक है या फिर वाकई टीकाकरण की प्रक्रिया में कोई बड़ी चूक हुई है? क्या जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा? फिलहाल, इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
- पीलीभीत/बदायूं: बदायूं स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। घटना के हफ्तों बीत जाने के बाद भी ठोस कार्रवाई न होने से क्षुब्ध होकर मृतक सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पीलीभीत के पूरनपुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान मृतक के पिता ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी है। "कोतवाली के सामने समाप्त कर लूंगा जीवन" मृतक हर्षित के पिता सुशील मिश्रा प्रेस वार्ता के दौरान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा अविश्वास जताते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा नहीं दी गई, तो वे कोतवाली के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई उन्हें मौत के करीब धकेल रही है। परिजनों द्वारा उठाए गए 4 सुलगते सवाल सुशील मिश्रा ने पुलिस और प्लांट प्रबंधन की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए हैं: उपचार में जानबूझकर देरी: आरोप है कि गोली लगने के बाद हर्षित और डीजीएम सुधीर गुप्ता करीब 40 मिनट तक प्लांट में तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुँचाया। उन्हें अस्पताल ले जाने में 1.5 घंटे की देरी की गई। मुख्य आरोपियों को संरक्षण: परिजनों का दावा है कि मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के परिवार (पिता, ताऊ और भाई) के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। गिरफ्तारी का 'ड्रामा': परिजनों के अनुसार, आरोपी ने स्वयं समर्पण किया था, जबकि पुलिस इसे अपनी बहादुरी और कामयाबी के तौर पर पेश कर रही है। प्रशासनिक मिलीभगत: स्थानीय स्तर पर कुछ लोग परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने न आ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की उम्मीद सुशील मिश्रा ने कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूरा भरोसा है। उन्होंने मांग की है कि: मामले की उच्च स्तरीय जांच (SIT या CBI) कराई जाए। मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात कराई जाए ताकि वे अपनी बात रख सकें। नामजद आरोपियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई हो। "हमें यूपी के मुख्यमंत्री पर भरोसा है, लेकिन स्थानीय पुलिस नामजद आरोपियों को संरक्षण दे रही है। अगर हमें न्याय नहीं मिला, तो हमारे पास जीवन समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।" > — सुशील मिश्रा, मृतक हर्षित के पिता क्या था मामला? बीती 12 मार्च को बदायूं के सैजनी स्थित HPCL प्लांट में वर्चस्व की जंग के चलते सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा और डीजीएम सुधीर गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने न केवल औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी, बल्कि अब परिजनों के आरोपों ने पुलिसिया जांच पर भी बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।1
- Post by यूपी समाचार1
- पूरनपुर,पीलीभीत । कस्बे के इमली चौराहा स्थित सर्राफा बाजार में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व सोमवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का आयोजन दीपक भारद्वाज की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा स्थल से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। महिलाएं सिर पर सजे कलश लेकर पारंपरिक वेशभूषा में भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं, वहीं पुरुष और युवा भी जयकारों के साथ यात्रा में शामिल रहे। “हरि बोल” और “राधे-राधे” के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। यात्रा कस्बे के प्रमुख धार्मिक स्थलों—राधा माधव मंदिर, सीताराम मंदिर, बड़े हनुमान मंदिर और ठाकुरद्वारा मंदिर होते हुए पकड़िया मार्ग से गुजरती हुई पुनः कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई।यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था भी की गई। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय स्वयंसेवक सक्रिय रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, संस्कार और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना है। कथा के दौरान प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिससे लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति होगी।कार्यक्रम में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की विशेष भागीदारी रही, जिससे आयोजन की भव्यता और भी बढ़ गई। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर धर्म लाभ उठाने की अपील की है।कुल मिलाकर, इमली चौराहा सर्राफा बाजार में निकली इस कलश यात्रा ने पूरे कस्बे को भक्तिरस में सराबोर कर दिया और आगामी कथा आयोजन के लिए उत्साह का माहौल बना दिया।1
- शिशु विहार इंटर कॉलेज बीसलपुर में पुरस्कार वितरण समारोह, मेधावी छात्र-छात्राएं सम्मानित. पीलीभीत के बीसलपुर में शिशु विहार इंटर कॉलेज में वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं की गईं1
- Post by भारतीय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष1
- #सफदरजंग रोड नई दिल्ली केंद्रीय राज्य मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज मंत्री भारत सरकार श्री रामदास आठवले जी को तीसरी बार राज्यसभा भेजने पर हार्दिक शुभकामनाएं दी#1
- Post by यूपी समाचार1
- पीलीभीत।जनपद के थाना अमरिया क्षेत्र में सक्रिय एक शातिर टप्पेबाज गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है, जो सुनसान हाईवे पर ‘आस्था’ और ‘मदद’ के बहाने लोगों पर मनोवैज्ञानिक हमला कर उन्हें लूटता था। यह गिरोह खासतौर पर अकेले जा रहे राहगीरों, महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर पहले उन्हें भरोसे में लेता और फिर योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम देता था।मामले का खुलासा तब हुआ जब लक्ष्मीपुर निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ अज्ञात लोग उन्हें माता रानी के दर्शन कराने के नाम पर बहला-फुसलाकर उनके कुंडल ठग ले गए। यह सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि विश्वास पर सीधा आक्रमण था। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम गठित कर जांच शुरू की।करीब एक महीने की छानबीन के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। मुखबिर की सटीक सूचना पर अमरिया-सितारगंज हाईवे के पास घेराबंदी कर तीन अंतरराज्यीय बदमाशों—इरफान उर्फ राज, समीर और जलालुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से 315 बोर के दो तमंचे, जिंदा कारतूस, लूटे गए कुंडल, मोबाइल फोन, नकदी और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई।पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि उनका तरीका बेहद खतरनाक और योजनाबद्ध था। वे पहले शिकार को धार्मिक आस्था या मदद के नाम पर रोकते, फिर झांसे में लेकर आभूषण व पैसे हड़प लेते। अगर कोई विरोध करता तो तुरंत अवैध हथियार निकालकर डराते और लूट को अंजाम देते।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ये आरोपी पहले से कई राज्यों में आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं, जिससे यह साफ हो गया कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और लगातार लोगों को निशाना बना रहा था। फिलहाल पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। इस कार्रवाई से जहां पुलिस ने एक बड़े खतरे को खत्म किया है, वहीं आम जनता को भी सतर्क रहने की सख्त जरूरत है,क्योंकि अपराधी अब सीधे नहीं, बल्कि भरोसे पर हमला कर रहे हैं।2
- पीलीभीत के बरखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुड़िया कुण्डरी में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों और ग्राम पंचायत के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचवर्षीय कार्यकाल समाप्त होने को है, लेकिन गांव में अपेक्षित विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई खरंजे (हैंडपंप) खराब पड़े हैं तथा जल निकासी प्रणाली भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त है,1