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#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की आमला तहसील से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। लगभग तीन महीने पहले पति के अचानक निधन के बाद, चार बच्चों की माँ सोनू चौकीकर पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी आ गई। उनके पास ज़मीन, पशु या आय का कोई पक्का साधन नहीं है। यह परिवार मुख्यतः 'लाडली बहना योजना' के 1500 रुपये और राशन सहायता पर निर्भर है। 4 फरवरी 2026 को, संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत इस ज़रूरतमंद परिवार को दूसरी बार खाद्य सामग्री दी गई, जिससे उन्हें इस कठिन समय में बहुत बड़ा सहारा और उम्मीद मिली। Annapurna Muhim By Sant RampalJi
देव राज
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की आमला तहसील से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। लगभग तीन महीने पहले पति के अचानक निधन के बाद, चार बच्चों की माँ सोनू चौकीकर पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी आ गई। उनके पास ज़मीन, पशु या आय का कोई पक्का साधन नहीं है। यह परिवार मुख्यतः 'लाडली बहना योजना' के 1500 रुपये और राशन सहायता पर निर्भर है। 4 फरवरी 2026 को, संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत इस ज़रूरतमंद परिवार को दूसरी बार खाद्य सामग्री दी गई, जिससे उन्हें इस कठिन समय में बहुत बड़ा सहारा और उम्मीद मिली। Annapurna Muhim By Sant RampalJi
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- "महिलाओं के सम्मान पर सियासत गरम: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और सांसद कंगना रनौत के खिलाफ महिला कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, सार्वजनिक माफी की मांग" मनेंद्रगढ़/एमसीबी। महिलाओं के सम्मान और देश की बेटियों की गरिमा को लेकर राजनीतिक माहौल शुक्रवार को उस समय गर्मा गया, जब जिला महिला कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा सांसद कंगना रनौत के विरोध में राजीव गांधी चौक, खेड़िया टॉकीज़ के पास प्रतीकात्मक पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं और युवा पीढ़ी की बेटियों के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां न केवल असंवेदनशील हैं, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान पर भी सीधा आघात हैं। प्रदर्शनकारियों ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री अलका लाम्बा के निर्देश तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष श्रीमती संगीता सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के शब्द समाज में व्यापक प्रभाव छोड़ते हैं, इसलिए उनकी भाषा मर्यादित और जिम्मेदार होनी चाहिए। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि महिलाओं का सम्मान किसी भी लोकतांत्रिक समाज की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की अपमानजनक या असंवेदनशील टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती और महिला कांग्रेस ऐसे हर मुद्दे पर मुखर होकर आवाज उठाती रहेगी। पूर्व महिला कांग्रेस प्रदेश महामंत्री रुकमणी खोपरागढ़े ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के लगातार सामने आ रहे ऐसे बयान समाज में गलत संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवेदनशीलता दिखाना आवश्यक है और संबंधित नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह ने कहा कि देश की बेटियों के आत्मसम्मान पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी और महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी। पूर्व जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस (शहर) रूमा चटर्जी ने कहा कि महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी बयान का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। वहीं पूर्व जिला अध्यक्ष महिला कांग्रेस (ग्रामीण) निर्मला चतुर्वेदी ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और देश की बेटियों के स्वाभिमान की रक्षा के लिए है। प्रदर्शन में पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून, बबीता यादव, शशि चंदेल, नीलमां शामल, ममता रजक, सीता कली, दीपा सिंह, सरोज, ज्योति, शकीला बाला सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।4
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- कहीं ना कहीं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बात मैं सच्चाई है।1
- "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें" - जशपुर पुलिस ने स्कूली विद्यार्थियों को यातायात, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर जिले के शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान जारी। सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में छात्र-छात्राओं को दी गई यातायात नियमों, साइबर अपराधों से बचाव और महिला-बाल सुरक्षा की जानकारी। अभिभावकों से पुलिस कप्तान की विशेष अपील: नाबालिगों को वाहन चलाने न दें, सुरक्षित बचपन से ही जिम्मेदार भविष्य की नींव रखें। विस्तृत समाचार: जशपुर जिले के पुलिस कप्तान, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशानुसार जशपुर पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों में एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को यातायात नियमों, साइबर सुरक्षा तथा महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में यातायात पुलिस जशपुर द्वारा सेंट जेवियर हायर सेकेंडरी स्कूल (शांति भवन) में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डीएसपी ट्रैफिक श्री कुंज राम चौहान और ट्रैफिक प्रभारी (उप निरीक्षक) श्री खेमराज ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के महत्व और यातायात संकेतों के पालन की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही, बच्चों को साइबर ठगी से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की स्थिति में वे बिना डरे तत्काल पुलिस को सूचित करें। नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्त चेतावनी: जशपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिगों द्वारा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में केवल नाबालिग ही नहीं, बल्कि उसके अभिभावक और वाहन स्वामी भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। मोटर व्हीकल एक्ट के कड़े प्रावधानों के तहत: सजा: ₹25,000 तक का जुर्माना अथवा 3 वर्ष तक का कारावास। लाइसेंस व पंजीयन: वाहन का पंजीयन निरस्त किए जाने की कार्रवाई होगी तथा संबंधित नाबालिग को 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। अभिभावकों एवं आमजन से अपील: डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह ने जिले के सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। उन्होंने अपना संदेश देते हुए कहा, "बच्चों को गाड़ी नहीं, भविष्य दें। सुरक्षित बचपन ही सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।" जशपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट पहनें, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और एक सुरक्षित व जिम्मेदार समाज के निर्माण में पुलिस का सहयोग करें।3
- अधूरी पुलिया बनी आफत: उफनती नदी में जान हथेली पर रखकर स्कूल पहुंच रहे मासूम, जिम्मेदारों की लापरवाही कब लेगी किसी की जान? *निर्माण कार्य में सुस्ती से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर सवाल* *बरसात में पितनी नदी बनी मौत का रास्ता, रोजाना जोखिम उठाने को मजबूर स्कूली बच्चे और ग्रामीण* कोरबा। जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा और रामपुर के बीच बहने वाली पितनी नदी पर निर्माणाधीन पुल की धीमी रफ्तार अब आम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी है। बरसात के मौसम में नदी उफान पर है, लेकिन पुल निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। हालात इतने भयावह हैं कि तेज बहाव के बीच बच्चों का स्कूल जाना किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण देता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण महीनों पहले शुरू हुआ था, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी रही कि बरसात आने से पहले इसे पूरा नहीं किया जा सका। अब आधा-अधूरा पुल ग्रामीणों के किसी काम का नहीं है। दूसरी ओर नदी पूरे उफान पर है और मजबूरी में लोगों को तेज बहाव के बीच नदी पार करनी पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता उन मासूम बच्चों की है, जो शिक्षा हासिल करने के लिए हर सुबह मौत से मुकाबला कर स्कूल पहुंचते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई बार छोटे-छोटे बच्चे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नदी पार करते देखे गए। कई बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग और पैरों के नीचे फिसलन भरे पत्थर—ऐसा दृश्य देखकर हर किसी की सांसें थम जाती हैं। जरा सी चूक किसी परिवार की खुशियां छीन सकती है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और निर्माण एजेंसी अब भी गहरी नींद में दिखाई दे रहे हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही ने पूरे क्षेत्र को संकट में डाल दिया है। यदि कार्य समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाता तो आज लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करनी पड़ती। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार की सुस्त कार्यशैली पर किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगत रही है। हर दिन बना रहता है हादसे का डर बरसात के दौरान पितनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नदी पार करना बेहद खतरनाक हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पानी का बहाव अचानक तेज हो जाता है, जिससे बच्चों और महिलाओं को संभालना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग एक-दूसरे का सहारा लेकर नदी पार करते हैं, लेकिन यह व्यवस्था कब तक चलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से नाराजगी ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि कागजों में विकास कार्य तेजी से पूरे होने का दावा किया जाता है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। अधूरी पुलिया आज पूरे क्षेत्र के लिए आफत बन चुकी है। शिक्षा पर भी पड़ रहा असर माता-पिता का कहना है कि बरसात के दिनों में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गया है। कई अभिभावक डर के कारण बच्चों को घर पर ही रोक लेते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा के अधिकार की बात करने वाला प्रशासन पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। ग्रामीणों की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल निर्माण कार्य को युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए। साथ ही निर्माण में हुई देरी की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की होगी। *बड़ा सवाल...* *क्या प्रशासन किसी मासूम की जान जाने का इंतजार कर रहा है?* क्या अधूरी पुलिया की कीमत ग्रामीणों की जिंदगी से चुकाई जाएगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सिर्फ फाइलों तक सीमित है? पितनी नदी पर अधूरी पुलिया आज सिर्फ एक अधूरा निर्माण कार्य नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन समय रहते चेतता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद केवल जांच और कार्रवाई का आश्वासन ही मिलता है।2
- प्रधानमंत्री मोदी बोले: गलत राह पर चलने वालों का करें मार्गदर्शन, नहीं दुर्व्यवहार 🇮🇳 दुर्व्यवहार कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज में संवाद, सहयोग और सकारात्मक सोच का संदेश देते हुए कहा कि हमें गलत मार्ग पर चलने वालों के साथ दुर्व्यवहार नहीं, बल्कि उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। उन्होंने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि हम मिलकर भारत की प्रगति और विकास के लिए काम करें। जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है, तभी राष्ट्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। "दुर्व्यवहार कभी कुछ भी हल नहीं करते। आइए गलत मार्ग पर चलने वालों का मार्गदर्शन करें। आइए साथ में काम करें। आइए भारत के लिए काम करें।" आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संदेश पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें। #NarendraModi #PMModi #NewIndia #ViksitBharat #India #PositiveThinking #Leadership #NationFirst #Bharat #PradeshKhabar1
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- नशे के सौदागर गिरफ्तार, 130 नग नशीली इंजेक्शन बरामद आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की बड़ी कार्रवाई, 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार, अंबिकापुर से अविनाश पैकरा और बलरामपुर से अमर विश्वकर्मा उर्फ बिट्टू को किया गया गिरफ्तार, आरोपियों के पास से कुल 130 नशीले इंजेक्शन (REXOGESIC और AVIL) बरामद, दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज, न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में हुई कार्रवाई, ऑपरेशन क्लीन' के तहत कार्यवाही,1