हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर इलाके में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि वारंटी शिवराज को पकड़ने गई पुलिस टीम ने गलती से एक निर्दोष युवक शिवराज को हिरासत में ले लिया और फिर उसे थाने ले जाकर 'गुड वर्क' दिखाने के चक्कर में बर्बरतापूर्वक मारपीट की। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने निर्दोष शिवराज के सीने और सिर पर जूतों से वार किए, जिससे उसे सिर में गंभीर चोट आई। पुलिस की कथित थर्ड डिग्री के कारण उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पहले हमीरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया है। परिजनों ने सदर कोतवाली के दरोगा सुरेंद्र और दो सिपाहियों पर बिना पहचान किए एक निर्दोष को हिरासत में लेकर पीटने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना सामने आने के बाद जनपद में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह खबर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और पुलिस प्रशासन के आधिकारिक पक्ष की प्रतीक्षा है।
हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर इलाके में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि वारंटी शिवराज को पकड़ने गई पुलिस टीम ने गलती से एक निर्दोष युवक शिवराज को हिरासत में ले लिया और फिर उसे थाने ले जाकर 'गुड वर्क' दिखाने के चक्कर में बर्बरतापूर्वक मारपीट की। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने निर्दोष शिवराज के सीने और सिर पर जूतों से वार किए, जिससे उसे सिर में गंभीर चोट आई। पुलिस की कथित थर्ड डिग्री के कारण उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पहले हमीरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया है। परिजनों ने सदर कोतवाली के दरोगा सुरेंद्र और दो सिपाहियों पर बिना पहचान किए एक निर्दोष को हिरासत में लेकर पीटने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना सामने आने के बाद जनपद में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह खबर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और पुलिस प्रशासन के आधिकारिक पक्ष की प्रतीक्षा है।
- राठ हमीरपुर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के स्वामी ब्रह्मानंद एक्सप्रेसवे क्रॉसिंग पर मानसून की पहली बारिश के साथ ही एक्सप्रेसवे की कई गंभीर कमियाँ उजागर हो गईं। बताया गया है कि क्रॉसिंग पुल के नीचे अगर यात्री या वाहन खड़े होते हैं, तो वे बारिश के पानी से पूरी तरह भीग जाते हैं। इतना ही नहीं, इस स्थिति से पुल को भी क्षति पहुँच रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक्सप्रेसवे के रखरखाव का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ठीक पुल के बगल में ही मौजूद है। इस पर सवाल उठाया गया है कि जो कंपनी अपनी आँखों के सामने एक्सप्रेसवे की इन कमियों को ठीक नहीं कर पा रही है, वह अन्य जगहों की हालत कैसे संभालेगी। इन परिस्थितियों को देखते हुए कहा गया है कि "सब गोलमाल है" और पहली ही बारिश ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे क्रॉसिंग के दावों की पोल खोल दी है।3
- झांसी के गुरसराय में टोडीफतेहपुर थाना क्षेत्र के वडवार गांव में रविवार, 5 जुलाई 2026 की सुबह कृपाराम कुशवाह (55) की बिजली के करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हटकाई कुशवाह के पुत्र कृपाराम को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसराय लेकर पहुँचे, जहाँ चिकित्सक डॉ. रवि अनुरागी ने जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र गोविंदास ने बताया कि उनके पिता सुबह शौच के लिए घर से निकले थे। रास्ते में एक विद्युत खंभे पर बिजली का तार लटक रहा था, जिसकी चपेट में आने से उन्हें करंट लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।1
- एक महिला ने अपने पति का साथ छोड़कर जिस प्रेमी के लिए घर बसाने का निर्णय लिया था, उसी प्रेमी ने भी उसे धोखा दिया। यह घटना तब सामने आई जब प्रेमी बेवफ़ा निकला और उसने महिला का साथ छोड़ दिया।1
- तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर रिंकू लक्ष्कार तुर्का लहचूरा तुर्का लहचूरा4
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक और कृषि आधारित उत्पाद अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और निर्यात प्रोत्साहन नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते प्रदेश के उत्पाद सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच रहे हैं, जिससे किसानों, कारीगरों और व्यापारियों के लिए आय तथा रोजगार के अनेक नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, उनकी ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और प्रभावी विपणन पर विशेष बल दे रही है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सके। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पाद देश-विदेश के बाजारों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस पहल से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, वहीं छोटे और मध्यम व्यापारियों के कारोबार को भी नई गति प्राप्त हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के ये कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती दे रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के नए मार्ग खोल रहे हैं। प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को निर्यात और निवेश के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है, ताकि स्थानीय उत्पादों की वैश्विक मांग बढ़े और इस पहल का सीधा लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सके।1
- महोबा जिले के पनवाड़ी कस्बे में रविवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत का भी उल्लेख किया गया है।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक पति-पत्नी के विवाद ने सड़क पर हंगामे का रूप ले लिया। पति ने अपनी पत्नी को एक अन्य युवक के साथ देख लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस और हंगामा हुआ। यह मामला सुमेरपुर थाने के सामने तक जा पहुंचा, जहाँ काफी देर तक कहासुनी होती रही और राहगीर व स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। पीड़ित पति का आरोप है कि उसकी पत्नी ने उस पर भरण-पोषण यानी मेंटेनेंस का केस दर्ज करा रखा है। इसके बावजूद पत्नी एक दूसरे युवक के साथ घूम रही थी। जब पति ने उन दोनों को साथ देखा तो उसने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद यह पूरा हंगामा शुरू हो गया। इस घटना का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में सड़क पर भीड़ और दोनों पक्षों को बहस करते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे यह मामला और भी अधिक चर्चा में आ गया है। फिलहाल, पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया है, लेकिन अभी तक इस मामले में किसी तरह की तहरीर या मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है।1
- हमीरपुर जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर इलाके में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। परिजनों का आरोप है कि वारंटी शिवराज को पकड़ने गई पुलिस टीम ने गलती से एक निर्दोष युवक शिवराज को हिरासत में ले लिया और फिर उसे थाने ले जाकर 'गुड वर्क' दिखाने के चक्कर में बर्बरतापूर्वक मारपीट की। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने निर्दोष शिवराज के सीने और सिर पर जूतों से वार किए, जिससे उसे सिर में गंभीर चोट आई। पुलिस की कथित थर्ड डिग्री के कारण उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पहले हमीरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया है। परिजनों ने सदर कोतवाली के दरोगा सुरेंद्र और दो सिपाहियों पर बिना पहचान किए एक निर्दोष को हिरासत में लेकर पीटने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले पर अभी तक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना सामने आने के बाद जनपद में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। यह खबर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और पुलिस प्रशासन के आधिकारिक पक्ष की प्रतीक्षा है।1