लिवर को सुरक्षित रखने के लिए हेपेटाइटिस की सही जानकारी जरूरी लिवर को सुरक्षित रखने के लिए हेपेटाइटिस की सही जानकारी जरूरी बुलंदशहर: हेपेटाइटिस यानी लिवर में सूजन एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जो अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती है। लिवर की कार्यक्षमता लंबे समय तक सामान्य बनी रहने के कारण बीमारी का पता कई बार तब चलता है, जब लिवर काफी प्रभावित हो चुका होता है। हेपेटाइटिस मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है — एक्यूट (अचानक होने वाला) और क्रॉनिक (लंबे समय तक रहने वाला)। दोनों स्थितियों के कारण, लक्षण और जटिलताएं अलग-अलग हो सकती हैं। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार ने बताया “एक्यूट हेपेटाइटिस आमतौर पर हेपेटाइटिस A और E जैसे वायरल संक्रमणों के कारण होता है, हालांकि कुछ दवाइयां, ऑटोइम्यून बीमारियां और विल्सन डिजीज जैसी मेटाबॉलिक समस्याएं भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। इसकी शुरुआत अक्सर मतली, उल्टी, भूख कम लगना, बुखार, शरीर में कमजोरी और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसे लक्षणों से होती है। इसके बाद आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल और त्वचा में खुजली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं क्रॉनिक हेपेटाइटिस वह स्थिति है, जिसमें लिवर की सूजन छह महीने से अधिक समय तक बनी रहती है। इसका कारण अत्यधिक शराब सेवन, फैटी लिवर, हेपेटाइटिस B और C संक्रमण, ऑटोइम्यून बीमारियां या हीमोक्रोमैटोसिस और विल्सन डिजीज जैसी आनुवंशिक समस्याएं हो सकती हैं। डॉ. संजय ने आगे बताया “शुरुआती चरण में मरीज को केवल थकान या हल्की कमजोरी महसूस हो सकती है, लेकिन इलाज न होने पर यह सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है। इसके बाद शरीर में पानी भरना, पेट में सूजन, बार-बार संक्रमण, उल्टी या मल के साथ खून आना, मानसिक भ्रम, किडनी की समस्या और लिवर कैंसर जैसी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं। हेपेटाइटिस और लिवर रोगों का इलाज पूरी तरह उनके कारण पर निर्भर करता है। शराब से होने वाली बीमारी में शराब छोड़ना सबसे जरूरी होता है, जबकि फैटी लिवर में वजन कम करना और लाइफस्टाइल में बदलाव प्रभावी रहता है। हेपेटाइटिस B और C में एंटीवायरल दवाइयों का उपयोग किया जाता है, जबकि विल्सन डिजीज और हीमोक्रोमैटोसिस जैसी स्थितियों के लिए विशेष उपचार उपलब्ध हैं। गंभीर सिरोसिस की स्थिति में लिवर ट्रांसप्लांट ही अंतिम विकल्प बन सकता है।“
लिवर को सुरक्षित रखने के लिए हेपेटाइटिस की सही जानकारी जरूरी लिवर को सुरक्षित रखने के लिए हेपेटाइटिस की सही जानकारी जरूरी बुलंदशहर: हेपेटाइटिस यानी लिवर में सूजन एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जो अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती है। लिवर की कार्यक्षमता लंबे समय तक सामान्य बनी रहने के कारण बीमारी का पता कई बार तब चलता है, जब लिवर काफी प्रभावित हो चुका होता है। हेपेटाइटिस मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है — एक्यूट (अचानक होने वाला) और क्रॉनिक (लंबे समय तक रहने वाला)। दोनों स्थितियों के कारण, लक्षण और जटिलताएं अलग-अलग हो सकती हैं। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार ने बताया “एक्यूट हेपेटाइटिस आमतौर पर हेपेटाइटिस A और E जैसे वायरल संक्रमणों के कारण होता है, हालांकि कुछ दवाइयां, ऑटोइम्यून बीमारियां और विल्सन डिजीज जैसी मेटाबॉलिक समस्याएं भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। इसकी शुरुआत अक्सर मतली, उल्टी, भूख कम लगना, बुखार, शरीर में कमजोरी और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसे लक्षणों से होती है। इसके बाद आंखों और त्वचा का पीला पड़ना, गहरे रंग का पेशाब, हल्के रंग का मल और त्वचा में खुजली जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। वहीं क्रॉनिक हेपेटाइटिस वह स्थिति है, जिसमें लिवर की सूजन छह महीने से अधिक समय तक बनी रहती है। इसका कारण अत्यधिक शराब सेवन, फैटी लिवर, हेपेटाइटिस B और C संक्रमण, ऑटोइम्यून बीमारियां या हीमोक्रोमैटोसिस और विल्सन डिजीज जैसी आनुवंशिक समस्याएं हो सकती हैं। डॉ. संजय ने आगे बताया “शुरुआती चरण में मरीज को केवल थकान या हल्की कमजोरी महसूस हो सकती है, लेकिन इलाज न होने पर यह सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति में बदल सकता है। इसके बाद शरीर में पानी भरना, पेट में सूजन, बार-बार संक्रमण, उल्टी या मल के साथ खून आना, मानसिक भ्रम, किडनी की समस्या और लिवर कैंसर जैसी जटिलताएं विकसित हो सकती हैं। हेपेटाइटिस और लिवर रोगों का इलाज पूरी तरह उनके कारण पर निर्भर करता है। शराब से होने वाली बीमारी में शराब छोड़ना सबसे जरूरी होता है, जबकि फैटी लिवर में वजन कम करना और लाइफस्टाइल में बदलाव प्रभावी रहता है। हेपेटाइटिस B और C में एंटीवायरल दवाइयों का उपयोग किया जाता है, जबकि विल्सन डिजीज और हीमोक्रोमैटोसिस जैसी स्थितियों के लिए विशेष उपचार उपलब्ध हैं। गंभीर सिरोसिस की स्थिति में लिवर ट्रांसप्लांट ही अंतिम विकल्प बन सकता है।“
- राजघाट में लुटेरी दुल्हन बनकर आई युवती पर दो लाख की ठगी का आरोप, नरौरा थाना पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई, पीड़ित ने कप्तान से लगाई गुहार नरौरा थाना क्षेत्र के गांव राजघाट निवासी एक युवक ने शादी के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाते हुए थाना नरौरा में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित युवक ने स्वयं को “लुटेरी दुल्हन” गिरोह का शिकार बताया है। वहीं पूरे मामले में थाना पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित ने एसएसपी से कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने एसपी देहात को मामले में जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्राम राजघाट निवासी पवन कुमार पुत्र हरिद्वारी लाल शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह 3 मई 2026 को काजल पुत्री राजेश के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। आरोप है कि विवाह एक बिचौलिये सूरज कुमार एवं उसके साथ आई एक महिला द्वारा कराया गया था। बिचौलियों ने लड़की पक्ष को अत्यंत गरीब बताते हुए शादी एवं घरेलू सामान के नाम पर लगभग दो लाख रुपये नकद ले लिए। पीड़ित का आरोप है कि शादी के बाद न तो कोई घरेलू सामान दिया गया और न ही लड़की ने वैवाहिक जीवन निभाने में रुचि दिखाई। युवक के अनुसार युवती का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध रहा तथा वह आए दिन विवाद करती रही। विरोध करने पर लड़की पक्ष और बिचौलियों द्वारा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। तहरीर के अनुसार 8 मई को युवती अपना सामान लेकर दीनदयाल चौराहा नरौरा से बस में बैठकर अपने घर चली गई। बाद में फोन पर संपर्क करने पर पहले उसके घर पहुंचने की पुष्टि की गई, लेकिन बाद में कार्रवाई करने पर पूरे परिवार को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित युवक ने मामले में शादी के नाम पर सुनियोजित धोखाधड़ी, ठगी एवं मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि मामले में एसपी देहात को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।3
- बुलंदशहर में चैंबर पर कब्जे के विवाद में फायरिंग चैंबर का ताला तोड़ने पर हुए विवाद में फायरिंग1
- ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक चलती इलेक्ट्रिक कार अचानक आग का गोला बन गई! देखिए इन तस्वीरों को... धू-धू कर जलती ये कार चीख-चीख कर सवाल पूछ रही है कि क्या वाकई इलेक्ट्रिक गाड़ियां सुरक्षित हैं? गनीमत रही कि आग लगते ही लोग वक्त रहते बाहर निकल आए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद अब लोग डरे हुए हैं। कभी टू-व्हीलर, तो कभी फोर-व्हीलर... आखिर क्यों बार-बार EV में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं? क्या ये गर्मी का असर है या तकनीक में कोई बड़ी चूक?आपकी क्या राय है? क्या आप अब भी इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने का भरोसा जुटा पाएंगे? कमेंट में हमें जरूर बताएं!1
- बुलंदशहर व्यूरो रिपोर्ट जिला अध्यक्ष के पिता ने बताया सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे उनको सूचना मिली कुछ लोग उनके चेंबर का ताला तोड़ा1
- बुलंदशहर के अनूपशहर में 1575 बोरी इफको यूरिया खाद की कालाबाजारी पकड़ी गई। तीन ट्रकों में सरकारी गोदाम से संभल ले जाई जा रही खाद के साथ खाद माफिया हारून भी गिरफ्तार हुआ। जिला कृषि अधिकारी की टीम ने यह कार्रवाई की, दोषियों के खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज होगा।1
- बुलंदशहर के सिकंदराबाद में हुए सड़क हादसे में घायल भाई-बहन को सीओ भास्कर कुमार मिश्रा ने अपनी गाड़ी से अस्पताल पहुँचाया। उनकी सूझबूझ और तत्परता से पीड़ितों को समय पर उपचार मिल सका, जिससे उनकी जान बच गई।1
- बुलंदशहर के खुरजा में कला खा पीर के पास सड़क किनारे एक अज्ञात शव मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।4
- भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति का मांगो को लेकर कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन। आज भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के सैकड़ो कार्यकर्ता कई किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट गेट पहुचे और मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन करने लगे। भारतीय किसान यूनियान महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद बुलंदशहर से निकल रहे एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे में जा रही किसानो क़ी ज़मीन उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उन्हें नोएडा की तर्ज पर मुआवजा दिया जाए। और ना गंगा हाईवे पर बुलंदशहर में कोई उतार-चढ़ाव के लिए कट दिया गया है। स्मार्ट मीटर को लेकर बोले ठाकुर धर्मेंद्र सिंह कहा कि सरकार ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए स्मार्ट मीटर मीटर में संशोधन तो किया लेकिन बिजली बिल कई गुना ज्यादा बढकर आ रहा हैं। इसी तरह क़ी कई मांगों को लेकर जिला जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौपा और धरना प्रदर्शन समाप्त किया।3