एशियाई खेलों में आज भारत का शानदार आगाज़- तीरंदाजी से आई दिन की बड़ी खुशखबरी—महिला कंपाउंड टीम ने गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया है! ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की 🇮🇳 एशियाई खेलों में आज भारत का शानदार आगाज़- तीरंदाजी से आई दिन की बड़ी खुशखबरी—महिला कंपाउंड टीम ने गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया है! ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 🎯🥇 और सबसे खास बात—भारत का 238 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी वाला रहा! 🇮🇳🔥 इस शानदार गोल्ड के साथ भारत ने मेडल टैली में जबरदस्त छलांग लगाई है और 12वें स्थान से सीधे 9वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब 7 गोल्ड! एशियाई खेलों में भारतीय तिरंगा लगातार ऊंचा उठ रहा है—और पदकों की रफ्तार अब तेज होती नजर आ रही है! 🚀🇮🇳
एशियाई खेलों में आज भारत का शानदार आगाज़- तीरंदाजी से आई दिन की बड़ी खुशखबरी—महिला कंपाउंड टीम ने गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया है! ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की 🇮🇳 एशियाई खेलों में आज भारत का शानदार आगाज़- तीरंदाजी से आई दिन की बड़ी खुशखबरी—महिला कंपाउंड टीम ने गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया है! ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 🎯🥇 और सबसे खास बात—भारत का 238 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी वाला रहा! 🇮🇳🔥 इस शानदार गोल्ड के साथ भारत ने मेडल टैली में जबरदस्त छलांग लगाई है और 12वें स्थान से सीधे 9वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब 7 गोल्ड! एशियाई खेलों में भारतीय तिरंगा लगातार ऊंचा उठ रहा है—और पदकों की रफ्तार अब तेज होती नजर आ रही है! 🚀🇮🇳
- एशियाई खेलों में आज भारत का शानदार आगाज़- तीरंदाजी से आई दिन की बड़ी खुशखबरी—महिला कंपाउंड टीम ने गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया है! ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की 🇮🇳 एशियाई खेलों में आज भारत का शानदार आगाज़- तीरंदाजी से आई दिन की बड़ी खुशखबरी—महिला कंपाउंड टीम ने गोल्ड मेडल पर निशाना साध दिया है! ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की तिकड़ी ने चीन को 238-234 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 🎯🥇 और सबसे खास बात—भारत का 238 का स्कोर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी वाला रहा! 🇮🇳🔥 इस शानदार गोल्ड के साथ भारत ने मेडल टैली में जबरदस्त छलांग लगाई है और 12वें स्थान से सीधे 9वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब 7 गोल्ड! एशियाई खेलों में भारतीय तिरंगा लगातार ऊंचा उठ रहा है—और पदकों की रफ्तार अब तेज होती नजर आ रही है! 🚀🇮🇳1
- बिग ब्रेकिंग कानपुर न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बनाई मानव श्रृंखला *ब्रेकिंग* ... कानपुर न्यायालय के अधिवक्ताओं ने बनाई मानव श्रृंखला 15 मांगों के समर्थन में आज कचहरी में हड़ताल अधिवक्ताओं ने कहा बीते दिनों हुए प्रांतीय अधिवक्ता सम्मेलन में अधिवक्ताओं की तरफ से 15 मांगे रखी गई थी जिसको सरकार ने अभी तक नहीं माना इसके विरोध में आज जनपद न्यायालय के चारों तरफ मानव श्रृंखला बनाकर अधिवक्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया कानपुर न्यायालय के सारे अधिवक्ता सामूहिक अवकाश पर रहते हुए दोपहर 12:00 से मानव श्रृंखला बनाकर भारत सरकार उत्तर प्रदेश सरकार एवं न्यायपालिका का ध्यान आकर्षण करने के लिए आज मानव श्रृंखला बनाई इस मानव श्रृंखला में कानपुर जनपद न्यायालय के सैकड़ो अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया1
- Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ के थाना महिगवां क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बसेना में रास्ता खाली कराने को लेकर हुए विवाद,मारपीट के संबंध में पुलिस उपायुक्त उत्तरी अमित कुमार आनन्द द्वारा दी गई बाइट!! Lko Big Breaking राजधानी लखनऊ के थाना महिगवां क्षेत्रान्तर्गत ग्राम बसेना में रास्ता खाली कराने को लेकर हुए विवाद,मारपीट के संबंध में पुलिस उपायुक्त उत्तरी अमित कुमार आनन्द द्वारा दी गई बाइट!!1
- 🔥 क्या यही है हमारे देश का समान न्याय? एक सवाल जो हर दिल में कौंध रहा है! 🔥 साथियों और आदरणीय देशवासियों, 🙏 आज मैं यहाँ किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने दिल में उठ रहे एक गहरे दर्द और सवाल को आपके सामने रखने आई हूँ। क्या लोकतंत्र का मतलब सबके लिए समान अधिकार नहीं होता? जब नियम और कानून बनाए जाते हैं, तो वे सबके लिए एक समान क्यों नहीं होते? आज जब हरिजन सीट पर केवल हरिजन प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है, जब पिछड़ी सीट पर केवल पिछड़ा प्रत्याशी ही खड़ा हो सकता है, तो फिर सामान्य सीटों पर केवल सवर्णों के लिए यह नियम लागू क्यों नहीं होता? जब बात सवर्ण समाज के अधिकारों की आती है, तो समानता की परिभाषा क्यों बदल जाती है? क्या यह व्यवस्था एकतरफा नहीं लगती? क्या यह सवर्ण समाज के अधिकारों की उपेक्षा और शोषण नहीं है? हम कब तक अपने ही अधिकारों के लिए खामोश रहेंगे? हम कब तक इस असमानता को सहते रहेंगे? समानता का अर्थ सिर्फ एक वर्ग को आगे बढ़ाना और दूसरे वर्ग के अधिकारों को अनदेखा करना नहीं है। सच्चा न्याय वही है जहाँ हर समाज को, हर वर्ग को उसकी योग्यता और अधिकार के अनुसार समान अवसर मिले। मैं इस असमानता और भेदभावपूर्ण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती हूँ! और आज आप सभी से यह सवाल पूछती हूँ—क्या हमें अपने हक और आत्मसम्मान के लिए एक साथ आवाज़ नहीं उठानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें और अगर आप इस बात से सहमत हैं तो इसे शेयर करके अपनी आवाज़ दूर तक पहुँचाएं! ✊📌 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक सदस्य लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश "जनहित में जारी है यह सन्देश " – सोनी शुक्ला, लखनऊ #समान_अधिकार #जनता_का_सवाल #समानता_का_अधिकार #सोनी_शुक्ला_लखनऊ #सामाजिक_न्याय #Lucknow 🔥 क्या यही है हमारे देश का समान न्याय? एक सवाल जो हर दिल में कौंध रहा है! 🔥 साथियों और आदरणीय देशवासियों, 🙏 आज मैं यहाँ किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने दिल में उठ रहे एक गहरे दर्द और सवाल को आपके सामने रखने आई हूँ। क्या लोकतंत्र का मतलब सबके लिए समान अधिकार नहीं होता? जब नियम और कानून बनाए जाते हैं, तो वे सबके लिए एक समान क्यों नहीं होते? आज जब हरिजन सीट पर केवल हरिजन प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है, जब पिछड़ी सीट पर केवल पिछड़ा प्रत्याशी ही खड़ा हो सकता है, तो फिर सामान्य सीटों पर केवल सवर्णों के लिए यह नियम लागू क्यों नहीं होता? जब बात सवर्ण समाज के अधिकारों की आती है, तो समानता की परिभाषा क्यों बदल जाती है? क्या यह व्यवस्था एकतरफा नहीं लगती? क्या यह सवर्ण समाज के अधिकारों की उपेक्षा और शोषण नहीं है? हम कब तक अपने ही अधिकारों के लिए खामोश रहेंगे? हम कब तक इस असमानता को सहते रहेंगे? समानता का अर्थ सिर्फ एक वर्ग को आगे बढ़ाना और दूसरे वर्ग के अधिकारों को अनदेखा करना नहीं है। सच्चा न्याय वही है जहाँ हर समाज को, हर वर्ग को उसकी योग्यता और अधिकार के अनुसार समान अवसर मिले। मैं इस असमानता और भेदभावपूर्ण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती हूँ! और आज आप सभी से यह सवाल पूछती हूँ—क्या हमें अपने हक और आत्मसम्मान के लिए एक साथ आवाज़ नहीं उठानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें और अगर आप इस बात से सहमत हैं तो इसे शेयर करके अपनी आवाज़ दूर तक पहुँचाएं! ✊📌 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक सदस्य लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश "जनहित में जारी है यह सन्देश " – सोनी शुक्ला, लखनऊ #समान_अधिकार #जनता_का_सवाल #समानता_का_अधिकार #सोनी_शुक्ला_लखनऊ #सामाजिक_न्याय #Lucknow1
- 🔥 क्या यही है हमारे देश का समान न्याय? एक सवाल जो हर दिल में कौंध रहा है! 🔥 साथियों और आदरणीय देशवासियों, 🙏 आज मैं यहाँ किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने दिल में उठ रहे एक गहरे दर्द और सवाल को आपके सामने रखने आई हूँ। क्या लोकतंत्र का मतलब सबके लिए समान अधिकार नहीं होता? जब नियम और कानून बनाए जाते हैं, तो वे सबके लिए एक समान क्यों नहीं होते? आज जब हरिजन सीट पर केवल हरिजन प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है, जब पिछड़ी सीट पर केवल पिछड़ा प्रत्याशी ही खड़ा हो सकता है, तो फिर सामान्य सीटों पर केवल सवर्णों के लिए यह नियम लागू क्यों नहीं होता? जब बात सवर्ण समाज के अधिकारों की आती है, तो समानता की परिभाषा क्यों बदल जाती है? क्या यह व्यवस्था एकतरफा नहीं लगती? क्या यह सवर्ण समाज के अधिकारों की उपेक्षा और शोषण नहीं है? हम कब तक अपने ही अधिकारों के लिए खामोश रहेंगे? हम कब तक इस असमानता को सहते रहेंगे? समानता का अर्थ सिर्फ एक वर्ग को आगे बढ़ाना और दूसरे वर्ग के अधिकारों को अनदेखा करना नहीं है। सच्चा न्याय वही है जहाँ हर समाज को, हर वर्ग को उसकी योग्यता और अधिकार के अनुसार समान अवसर मिले। मैं इस असमानता और भेदभावपूर्ण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती हूँ! और आज आप सभी से यह सवाल पूछती हूँ—क्या हमें अपने हक और आत्मसम्मान के लिए एक साथ आवाज़ नहीं उठानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें और अगर आप इस बात से सहमत हैं तो इसे शेयर करके अपनी आवाज़ दूर तक पहुँचाएं! ✊📌 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक सदस्य लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश "जनहित में जारी है यह सन्देश " – सोनी शुक्ला, लखनऊ #समान_अधिकार #जनता_का_सवाल #समानता_का_अधिकार #सोनी_शुक्ला_लखनऊ #सामाजिक_न्याय #Lucknow 🔥 क्या यही है हमारे देश का समान न्याय? एक सवाल जो हर दिल में कौंध रहा है! 🔥 साथियों और आदरणीय देशवासियों, 🙏 आज मैं यहाँ किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने दिल में उठ रहे एक गहरे दर्द और सवाल को आपके सामने रखने आई हूँ। क्या लोकतंत्र का मतलब सबके लिए समान अधिकार नहीं होता? जब नियम और कानून बनाए जाते हैं, तो वे सबके लिए एक समान क्यों नहीं होते? आज जब हरिजन सीट पर केवल हरिजन प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है, जब पिछड़ी सीट पर केवल पिछड़ा प्रत्याशी ही खड़ा हो सकता है, तो फिर सामान्य सीटों पर केवल सवर्णों के लिए यह नियम लागू क्यों नहीं होता? जब बात सवर्ण समाज के अधिकारों की आती है, तो समानता की परिभाषा क्यों बदल जाती है? क्या यह व्यवस्था एकतरफा नहीं लगती? क्या यह सवर्ण समाज के अधिकारों की उपेक्षा और शोषण नहीं है? हम कब तक अपने ही अधिकारों के लिए खामोश रहेंगे? हम कब तक इस असमानता को सहते रहेंगे? समानता का अर्थ सिर्फ एक वर्ग को आगे बढ़ाना और दूसरे वर्ग के अधिकारों को अनदेखा करना नहीं है। सच्चा न्याय वही है जहाँ हर समाज को, हर वर्ग को उसकी योग्यता और अधिकार के अनुसार समान अवसर मिले। मैं इस असमानता और भेदभावपूर्ण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करती हूँ! और आज आप सभी से यह सवाल पूछती हूँ—क्या हमें अपने हक और आत्मसम्मान के लिए एक साथ आवाज़ नहीं उठानी चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर दें और अगर आप इस बात से सहमत हैं तो इसे शेयर करके अपनी आवाज़ दूर तक पहुँचाएं! ✊📌 जनहित सर्व समाज सेवा समिति संस्थापक सदस्य लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश "जनहित में जारी है यह सन्देश " – सोनी शुक्ला, लखनऊ #समान_अधिकार #जनता_का_सवाल #समानता_का_अधिकार #सोनी_शुक्ला_लखनऊ #सामाजिक_न्याय #Lucknow1
- ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत साइबर ठगी की धनराशि की वापसी हेतु MRM पोर्टल एवं खाता फ्रीज/लियन की शिकायत हेतु GRM पोर्टल को लेकर जागरूकता अभियान बाइट... ऑपरेशन डिजिटल कवच के तहत साइबर ठगी की धनराशि की वापसी हेतु MRM पोर्टल एवं खाता फ्रीज/लियन की शिकायत हेतु GRM पोर्टल को लेकर जागरूकता अभियान बाइट...!!1
- लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत अमानीगंज माल रोड पर चोरों के हौसले बुलंद हैं लखनऊ में बेखौफ चोरों का तांडव मलिहाबाद के माल रोड पर खड़ी बाइक पार, पूरी वारदात CCTV में कैद लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत अमानीगंज माल रोड पर चोरों के हौसले बुलंद हैं बेखौफ चोरों ने माल रोड पर खड़ी एक बाइक (नंबर UP 32 HJ 7207) हाथ साफ कर दिया और मौके से फरार हो गया CCTV फुटेज में चोर की तस्वीर साफ आने के बाद अब स्थानीय लोगों की निगाहें पुलिस पर टिकी है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाता है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा1
- SC बोला- कैंसर दवाओं की ऊंची कीमत नरसंहार जैसा; जवान ने 4 साथियों को मारा; यूपी में श्राद्ध कर रहे 5 लोगों की मौत एक सुरक्षा बल के जवान ने आपसी विवाद या किसी अन्य गंभीर तनाव के चलते अपने ही 4 साथियों की गोली मारकर हत्या कर दी है. इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है. अदालत का रुख: सुप्रीम कोर्ट ने कीमतों में इस भारी अंतर को "नरसंहार" (Carnage) और मरीजों के साथ "दिनदहाड़े डकैती" करार दिया है.सुझाव व निर्देश: कोर्ट ने कहा कि क्यों न सभी आवश्यक दवाओं पर दवा मूल्य नियंत्रण आदेश (DPCO) के तहत 16% का एक समान मुनाफा मार्जिन तय कर दिया जाए, ताकि टैक्सपेयर्स और मरीजों की जेब पर डाका न पड़े. इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर 2026 को होगी. ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा हिंदी दैनिक समाचार पत्र लखनऊ2