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लोहरदगा के सदर अस्पताल में एक मां एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिए? #lohardaga #Jharkhand
AAM JANATA
लोहरदगा के सदर अस्पताल में एक मां एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिए? #lohardaga #Jharkhand
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- अतिक्रमण हटाओ अभियान मैना बगीचा में चला नगर परिषद का बुलडोजर लोहरदगा #TrendingNews #BulldozerAction #viralnews #atikramannews #atikraman1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- 8 वर्षीय किशोर की तालाब में डूबने से हुई मौत, परिजनों में मातम। सदर थाना क्षेत्र के छोटा अंबवा निवासी कलाम अंसारी के पुत्र 8 वर्षीय हफाज अंसारी की तालाब में डूबने से मौत हो गई जिसे परिजन द्वारा थाना को सूचना करते हुए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। जानकारी के अनुसार हफाज अंसारी अपने नानी के घर करकरी गया हुआ था, जहां अपने मामा के साथ तालाब में नहाने गया हुआ था जहां तालाब में डूबने से उसकी मौत हो गई।1
- घाघरा (गुमला): प्रखंड मुख्यालय के मुख्य बाजार टांड से पाकरटोली जाने वाले अत्यंत व्यस्त मार्ग पर पिछले कई महीनों से नाली का ढक्कन खुला पड़ा है, जो अब सीधे तौर पर हादसों को दावत दे रहा है। यह मार्ग न केवल संकरा है बल्कि बीच रास्ते में नाली का खुला होना राहगीरों के लिए किसी जानलेवा जाल से कम नहीं है। विशेषकर सोमवार और बृहस्पतिवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दौरान यहाँ हजारों की भीड़ उमड़ती है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है।इस समस्या का सबसे दुखद पहलू यह है कि स्थानीय स्कूली बच्चों के लिए अपने विद्यालय जाने का यही एकमात्र मुख्य रास्ता है। प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं, लेकिन नाली खुली होने और गंदा पानी सड़क पर बहने के कारण उनके जूते और स्कूल ड्रेस गंदे हो जाते हैं। बच्चों को हमेशा इस बात का डर सताता है कि कहीं वे उस गहरी नाली में न गिर जाएं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ विभाग द्वारा "स्वच्छ घाघरा-स्वस्थ घाघरा" के नाम से जगह-जगह घूमकर बड़े-बड़े अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन जब अधिकारियों को इस नारकीय समस्या से अवगत कराया गया तो साहब लोग मुँह मोड़कर चलते बने। ग्रामीणों के अनुसार, यह खुली नाली और सड़क पर पसरता कचरा प्रशासन के इन स्वच्छता दावों के खोखलेपन को साफ दर्शाता है।ग्रामीणों ने जोर देकर कहा है कि नाली के ढकने के साथ-साथ इसकी नियमित साफ-सफाई की भी सख्त जरूरत है। गंदगी से लबालब भरी यह नाली न केवल बीमारियों को बुलावा दे रही है, बल्कि जलजमाव के कारण पूरे क्षेत्र का माहौल दूषित कर रही है। पैदल चलने वाले लोगों और बाइक सवारों के लिए भी इस रास्ते से सुरक्षित गुजरना एक बड़ी चुनौती बन गया है। आए दिन लोग इस नाली में गिरकर चोटिल हो रहे हैं, पर जिम्मेदारों के कानों पर जूँ तक नहीं रेंग रही। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए गुहार लगाई है कि मासूम बच्चों की सुरक्षा और आम जनता की तकलीफ को देखते हुए इस नाली की अविलंब सफाई कराई जाए और इसे मजबूत ढक्कन से ढका जाए।4
- चैनपुर प्रखंड के मालम पंचायत अंतर्गत जयपुर गांव में 9वां संत अन्ना गिरजा पर्व श्रद्धा, हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर पूरे गांव में भक्तिमय माहौल देखने को मिला, जहां मसीही विश्वासियों ने सामूहिक प्रार्थनाएं कीं।1
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- कुपोषण के खिलाफ जंग, सुदूरवर्ती गांवों के 11 बच्चे स्वास्थ्य जांच के लिए सीएचसी पहुंचे चैनपुर : प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और कुपोषण उन्मूलन के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की गई है। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से एकजुट संस्थान द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत बुधवार को चिन्हित किए गए 11 कुपोषित बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया।अस्पताल में तैनात डॉ. दीपशिखा किंडो ने सभी बच्चों के स्वास्थ्य की विस्तृत जांच की। इस दौरान मुख्य रूप से बच्चों की आयु और उनके वजन के अनुपात का मिलान किया गया ताकि कुपोषण के स्तर का सटीक पता लगाया जा सके। डॉ. किंडो ने गंभीर कमी वाले बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक चिकित्सा परामर्श और उचित देखभाल के निर्देश दिए।जांच के उपरांत जिन बच्चों में 'गंभीर तीव्र कुपोषण' और 'अति-निम्न वजन' की समस्या पाई गई, उन्हें बेहतर उपचार के लिए निर्देशित किया गया है।मातृ एवं शिशु पोषण केंद्र डुमरी या रायडीह इन केंद्रों पर बच्चों को विशेष डाइट चार्ट और आवश्यक दवाओं के साथ भर्ती कर उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञों द्वारा बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए विशेष योजना बनाई गई है।इस अभियान को सफल बनाने में सहियाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वे प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती गांवों जैसे पाकरकोना, पुरनाडीह, कोरकोटोली, लुरु और कोटाम बहेराटोली से बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचीं।1