*हाईकोर्ट का तमाचा: "योग्यता किसी एक जाति की बपौती नहीं"* फैसला उसी जज का है जिसके समक्ष वर्तमान में एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर का मामला विचाराधीन है। *प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट* *न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की टिप्पणी* *कोर्ट ने कहा:* `सार्वजनिक धन से संचालित शिक्षण संस्थानों का प्रबंधन किसी एक जाति, परिवार या गुट का माध्यम नहीं बन सकता। लंबे समय तक एक ही जातीय समूह का प्रभुत्व संविधान की समानता के विपरीत है।` *अब सवाल संतकबीरनगर के DM और BSA से:* 1. *ADV INVENTION ACADEMY पुतसर* को फर्जी शिकायत पर क्यों सील किया ? 2. *अभय कुमार प्रजापति* - एक कुम्हार/शिल्पकार का बेटा, UPSC की तैयारी कर रहा छात्र, जब शिक्षा सुधार हेतु आगे आया तो अवैध रूप से विद्यालय सील करके मान्यता आवेदन क्यों रिजेक्ट किया गया और किसके इशारे पर जबकि अगल बगल दर्जनों विद्यालय संचालित है ? 3. *क्यों ?* क्योंकि मनुवादियों को डर है कि अगर वंचित का बच्चा पढ़-लिखकर आगे बढ़ गया तो उनकी दुकाने बंद हो जाएगी। *हाईकोर्ट ने साफ कर दिया:* शिक्षा पर किसी एक जाति का कब्जा नहीं चलेगा। फिर संतकबीरनगर में भ्रष्ट तंत्र की मिली भगत से ये अत्याचार क्यों ? *याद रखिए:* इस धरती पर जब-जब ज़ुल्म ज्यादती अन्याय उत्पीड़न का चरम पार हुआ, किसी न किसी रूप में जनक्रांति पैदा हुई। रावण और कंस जैसे "तीनों लोक के विजेता" भी नहीं टिके फिर ये सामंतवादी सोच क्या चीज है ? *मांग:* ADV INVENTION ACADEMY को तत्काल मान्यता दें। अवैध सीलिंग हटाएं।नहीं तो 2027 में जनता हिसाब लेगी। *#YogyataKisiKiBapautiNahi #ADVInventionAcademy #AbhayKumarPrajapati #ShikshaSabkaHaq #SantKabirNagar #HighCourtKaFaisla #ManuwadHatao #AtipichhdaEkta #YogiJiSangyanLe* @myogiadityanath @CMOfficeUP @DmSantKabirNgr @BasicShikshaUP @UPGovt @EduMinOfIndia @PMOIndia
*हाईकोर्ट का तमाचा: "योग्यता किसी एक जाति की बपौती नहीं"* फैसला उसी जज का है जिसके समक्ष वर्तमान में एडीवी इन्वेंशन एकेडमी पुतसर का मामला विचाराधीन है। *प्रयागराज, इलाहाबाद हाईकोर्ट* *न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की टिप्पणी* *कोर्ट ने कहा:* `सार्वजनिक धन से संचालित शिक्षण संस्थानों का प्रबंधन किसी एक जाति, परिवार या गुट का माध्यम नहीं बन सकता। लंबे समय तक एक ही जातीय समूह का प्रभुत्व संविधान की समानता के विपरीत है।` *अब सवाल संतकबीरनगर के DM और BSA से:* 1. *ADV INVENTION ACADEMY पुतसर* को फर्जी शिकायत पर क्यों सील किया ? 2. *अभय कुमार प्रजापति* - एक कुम्हार/शिल्पकार का बेटा, UPSC की तैयारी कर रहा छात्र, जब शिक्षा सुधार हेतु आगे आया तो अवैध रूप से विद्यालय सील करके मान्यता आवेदन क्यों रिजेक्ट किया गया और किसके इशारे पर जबकि अगल बगल दर्जनों विद्यालय संचालित है ? 3. *क्यों ?* क्योंकि मनुवादियों को डर है कि अगर वंचित का बच्चा पढ़-लिखकर आगे बढ़ गया तो उनकी दुकाने बंद हो जाएगी। *हाईकोर्ट ने साफ कर दिया:* शिक्षा पर किसी एक जाति का कब्जा नहीं चलेगा। फिर संतकबीरनगर में भ्रष्ट तंत्र की मिली भगत से ये अत्याचार क्यों ? *याद रखिए:* इस धरती पर जब-जब ज़ुल्म ज्यादती अन्याय उत्पीड़न का चरम पार हुआ, किसी न किसी रूप में जनक्रांति पैदा हुई। रावण और कंस जैसे "तीनों लोक के विजेता" भी नहीं टिके फिर ये सामंतवादी सोच क्या चीज है ? *मांग:* ADV INVENTION ACADEMY को तत्काल मान्यता दें। अवैध सीलिंग हटाएं।नहीं तो 2027 में जनता हिसाब लेगी। *#YogyataKisiKiBapautiNahi #ADVInventionAcademy #AbhayKumarPrajapati #ShikshaSabkaHaq #SantKabirNagar #HighCourtKaFaisla #ManuwadHatao #AtipichhdaEkta #YogiJiSangyanLe* @myogiadityanath @CMOfficeUP @DmSantKabirNgr @BasicShikshaUP @UPGovt @EduMinOfIndia @PMOIndia
- साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली बड़ी राहत, मेहदावल साइबर सेल ने वापस कराए 30 हजार रुपये मोबाइल फोन गुम होने के बाद खाते से निकाले गए थे 51,900 रुपये, त्वरित कार्रवाई से पीड़ित को वापस मिली धनराशि संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में संचालित 'क्रैक साइबर क्राइम' अभियान के तहत साइबर अपराधों की रोकथाम एवं पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने के लिए जनपद पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 30,000 रुपये की धनराशि वापस कराकर बड़ी राहत प्रदान की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मेहदावल क्षेत्र के ग्राम एवं पोस्ट सांडे खुर्द निवासी जयनाथ पुत्र रामायन का मोबाइल फोन गुम हो गया था। मोबाइल फोन गुम होने के बाद अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर बैंक खाते से 51,900 रुपये की धनराशि धोखाधड़ी कर निकाल ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसकी शिकायत संख्या 23103260042828 पंजीकृत की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल थाना मेहदावल की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरक्षी संदीप कुमार गौतम एवं आरक्षी सौरभ कुमार ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से धोखाधड़ी की गई धनराशि को होल्ड कराया। आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत पीड़ित के खाते में 30,000 रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित ने संतकबीरनगर पुलिस एवं साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना की। पीड़ित एवं उनके परिजनों ने थाना मेहदावल पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। इस सराहनीय कार्यवाही में प्रभारी निरीक्षक थाना मेहदावल राकेश कुमार सिंह, प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक संजय कुमार वर्मा, आरक्षी संदीप कुमार गौतम, आरक्षी सौरभ कुमार तथा रिक्रूट आरक्षी अमित कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जनता से अपील : जनपद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल अथवा संदेश पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति रिश्तेदार या मित्र बनकर धनराशि की मांग करे तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें। साइबर अपराधी अक्सर आवाज बदलकर अथवा भावनात्मक दबाव बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की शिकायत तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।1
- गोसेवा को जनआंदोलन बना रही योगी सरकार, संतकबीरनगर की 12 गोशालाओं में 1369 निराश्रित गोवंश सुरक्षित-महेश शुक्ला सीसीटीवी निगरानी, गोपालकों को आर्थिक सहायता और पारदर्शी व्यवस्था से मजबूत हो रहा गो-संरक्षण अभियान संतकबीरनगर।। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गो-संरक्षण अभियान जनपद संतकबीरनगर में लगातार प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए जिले में व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। वर्तमान में जनपद की 12 गो-आश्रय स्थलों में 1369 निराश्रित गोवंश का सुरक्षित संरक्षण किया जा रहा है।जिला प्रशासन के अनुसार गो-आश्रय स्थलों पर गोवंश को नियमित चारा, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सकीय सुविधाएं तथा सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार प्रत्येक निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की दर से धनराशि उपलब्ध करा रही है। 22 सीसीटीवी कैमरों से हो रही 24 घंटे निगरानी गोशालाओं के संचालन को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिले की 12 गोशालाओं में 22 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे गोवंश की सुरक्षा, देखभाल और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। गोपालकों को भी मिल रहा आर्थिक सहयोग मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत जिले में 229 गोवंश को 139 इच्छुक एवं जिम्मेदार गोपालकों को सुपुर्द किया गया है। सरकार इन गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये प्रतिदिन प्रति पशु की सहायता राशि सीधे गोपालकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है। इससे गोपालकों की आय बढ़ने के साथ-साथ गो-संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। गोवंश की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोवंश की सुरक्षा के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गो-तस्करी और गोवंश से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अफवाह फैलाकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि गो-संरक्षण से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर प्रशासन को अवगत कराएं। सरकार गोसेवा को सामाजिक सहभागिता और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए निरंतर कार्य कर रही है।1
- बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर सहजनवा में पैदल मार्च, 90 दिनों में दोषियों को फांसी देने की उठाई मांग सहजनवा, गोरखपुर। बहन-बेटियों और मासूम बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे हत्या एवं दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों के विरोध में शनिवार को दलित शोषित कल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सहजनवा में जनजागरण पैदल मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लेकर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। पैदल मार्च भीटी चौराहे से प्रारंभ होकर सहजनवा थाना होते हुए पूरे सहजनवा बाजार में निकाला गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महिला सुरक्षा के समर्थन में नारे लगाए तथा लोगों को जागरूक किया। मार्च के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि बहन-बेटियों और बच्चों के साथ हत्या, दुष्कर्म तथा अन्य जघन्य अपराध करने वाले दोषियों को 90 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों में कानून का भय पैदा हो और भविष्य में ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सहजनवा, खजनी, चित्रकूट सहित देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार सामने आ रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई से ही समाज में न्याय का विश्वास मजबूत होगा। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने एक स्वर में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपराधियों को शीघ्र एवं कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।4
- सूर्यांश न्यूज़ 24 हर खबर पर नजर आपका अपना लोकप्रिय चैनल1
- 📚 जिलाधिकारी ने वड्डूपुर स्थित डिजिटल लाइब्रेरी का किया निरीक्षण जनपद अम्बेडकर नगर की जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत भवन वड्डूपुर में संचालित डिजिटल लाइब्रेरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां अध्ययन कर रही छात्राओं से बातचीत कर उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन सामग्री तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को डिजिटल लाइब्रेरी में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शिक्षा और डिजिटल संसाधनों से सशक्त होगा युवा भविष्य। 📖💻1
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- नील गाय का बढ़ता आतंक, किसान परेशान निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। नेवास गोरखपुर। पाली क्षेत्र में नीलगायों का बढ़ता आतंक किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हासपार्टी, सजनापार, नेवास, गोविंदपुर, तिवरान, पनिका और इटार समेत कई गांवों में नीलगायों के झुंड खेतों में घुसकर धान और अन्य फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही रात होती है, नीलगायों के झुंड खेतों में पहुंच जाते हैं। फसल बचाने के लिए किसान टॉर्च, डंडे और शोर-शराबे के सहारे पूरी रात खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद फसलों को बचा पाना मुश्किल हो रहा है। किसान विनोद, महेश, रामलखन, कन्हैया, गोविंद, कमल और बिनय कपूर सहित कई किसानों ने बताया कि नीलगायों के कारण आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि नीलगायों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और उनकी मेहनत बर्बाद होने से बच सके।1